-निर्मल कुमार शर्मा
वर्तमान राजनैतिक सत्ता के कर्णधार हिटलर के प्रचार मंत्री गोयबल्स के उस ऐतिहासिक बदनाम और कुप्रसिद्ध कथन कि ‘एक झूठ को सौ बार बोलने पर वह सत्य जैसे लगने लगता है ‘,के पक्के अनुयायी हैं और वे उसी के नक्शेकदम पर चलकर संपूर्ण देश से प्रतिदिन नये-नये झूठ बोलने के नये-नये विश्व कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं ! मसलन अभी पिछले दिनों इसी देश में दवाओं,मेडिकल उपकरणों तथा ऑक्सीजन के अभाव में लाखों लोगों को जबरन मौत के मुँह में धकेलकर यह ऐतिहासिक निर्लज्ज व बीभत्स बयान देकर इस देश और सारी दुनिया को आश्चर्यचकित,बिस्मित व हतप्रभ कर दिया कि ‘भारत में ऑक्सीजन की कमी से एक भी व्यक्ति की भी मौत नहीं हुई !’इसी प्रकार अपनी फसलों की जायज तथा लागत मूल्य तक भी न मिलने की वजह से पिछले दो-ढाई दशकों में इसी देश में लगभग 4 लाख से भी ज्यादे किसानों ने सल्फास की गोली खाकर या अपने खेत के कीकड़ या बबूल के पेड़ पर गले में गमछा बाँधकर लटक जाने को बाध्य हुए हैं ! इस पर बीजेपी का एक बेशर्म और छिछोरा नेता अपना यह बयान देकर कि ‘भारतीय किसान प्रेम में असफल होकर खुदकुशी करते हैं !

‘सारी इंसानियत,मानवता, करूणा,सहृदयता,दया आदि सभी मानवीय संवेदना आधारित मूल्यों पर सरेआम कालिख पोत देता है ! इस प्रकार झूठ,असंवेदनशीलता, क्रूरता,बीभत्सता,बर्बरता आदि के बेताज बादशाह मोदीजी और उनके अन्य सिपहसालार अपने कुकृत्यों से इतिहास में सबसे बदनाम हिटलर जैसे तानाशाह के नक्शेकदम पर दृढ़तापूर्वक चलने को प्रतिबद्ध हैं !
देश की विडम्बना देखिए कि एक तरफ जहाँ इसी देश के लाखों किसान इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं,क्योंकि वर्तमान सरकार के प्रधासेवक सहित,सभी कथित चाटुकार अर्थशास्त्रियों का यह दृढ़ मत है कि किसानों को ईमानदारी से उनके फसलों के लागत मूल्य से डेढ़ गुना मूल्य मतलब एमएसपी या न्यूनतम समर्थन मूल्य देने से मुद्रास्फीति बढ़ जायेगी ? जबकि इसी देश में और इसी मोदी ऐंड कंपनी की सरकार के कार्यकाल में खाद्य पदार्थों,पेट्रोलियम पदार्थों,दवाइयों,रसोई गैस आदि की कीमत अनाप-शनाप बढ़ाने,रेलभाड़ा,बस का किराया,बच्चों के स्कूलों की फीस,अस्पतालों की मनमानी और बेतहाशा लूट आदि से,एनपीए के चोर दरवाजे से आम जनता की खून-पसीने की गाढ़ी कमाई को अपने पूँजीपति दामादों के खरबों रूपये गुप-चुप माफ कर देने से मुद्रास्फीति मानो रूकी हुई रहती है ! उक्तवर्णित कुकर्मों और चोरी करने से बिल्कुल नहीं बढ़ती ! मुद्रास्फीति केवल किसानों के फसलों के उचित मूल्य देने से ही बढ़ जाती है ! गजब पैशाचिक और आमजनविरोधी तर्क है ! इसी देश में उत्तर प्रदेश,मध्यप्रदेश आदि बीजेपी शाषित राज्यों के कथित योगी और कथित मामा के मुख्यमंत्रित्व के कथित सुराज और रामराज्य में हजारों नवजात शिशुओं को वहाँ के कमीशनखोरों द्वारा जानबूझकर दवा और ऑक्सीजन रोक देने से मौत के घाट उतार दिया जाता है ! इसी देश में उत्पादन का चालीस प्रतिशत तक खाद्यान्न जानबूझकर सड़ा-गला देने वाले देश के कर्णधार इसी देश के अपने पाँचवे हिस्से की आबादी को रात में भूखे सो जाने पर बाध्य कर देते हैं !भूखमरी में अपना रिकॉर्ड स्थापित करने,बगैर भवन के अपने स्कूलों में एक खरब रूपये डिजीटल बोर्ड बनाने में खर्च करने वाले देश में सेना के पराक्रम और शहादत को अपने चुनावी प्रचार में बेशर्म प्रदर्शन करने वाले सत्तारुढ़ दल के निर्लज्ज कर्णधारों के बेहयाई पूर्ण प्रदर्शन और दूसरी तरफ निर्लज्जता पूर्वक अपने सबसे लम्बे चुनावी नाटक को 2019 में आयोजन कर सकता है !चुनावी खर्च के मामले में महाबली अमेरिका को भी पीछे छोड़ने वाला यह गरीब देश,जहाँ सबसे ज्यादे कालेधन जैसे धनबल का,अपने बाहुबल यानी साधारण शब्दों में गुँडागर्दी का और बूथ मैनेजमेंट का मतलब स्थानीय गुँडों से बूथ पर हेराफेरी करने,जबरन वोट डलवाने और न डलवाने का बेशर्म और घिनौना प्रयास आदि करवाने का एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहा हो ! और इसके बावजूद अपने चमचे और चाटकार तथा भांड़ मिडिया से दिन-रात इसे रामराज्य का सुशासन कहने के घिनौने झूठ के प्रचार के लिए खरबों रूपये खर्च कर देता हो,तो इससे बड़े बेशर्मपना का और क्या उदाहरण हो सकता है ?
-निर्मल कुमार शर्मा ,गाजियाबाद





