इंदौर और नमकीन की कल्पना एक दूसरे से जुदा होकर नहीं की जा सकती. चटपटे और नमकीन मसाले से बनी मिक्सर नमकीन का लोगों को इतना शौक है कि इसके बिना खाना अधूरा रहता है. लेकिन, तेल में तला और मसालेदार होने की वजह से बहुत से लोग इससे दूरी बना लेते हैं. इसी को देखते हुए एक स्टार्टअप ने पूरा कांसेप्ट ही बदल दिया. अब बेसन और मैदे के बजाय मिलेट्स की नमकीन बन रही है, वो भी बिना तले.
इंदौर के KMR ग्रूप ने रिसर्च कर रागी, ज्वार और बाजरे को नमकीन के लिए इस्तेमाल किया और इसे रोस्ट कर उसमें स्पेशल मसाले डाले, ताकि इसमें इंदौरी फ्लेवर भी बना रहे. सेहत को नुकसान भी न पहुंचे. मृगेंद्र तिवारी ने बताया, आलू, मैदा और बेसन को छोड़कर हमने मिलेट्स को रोस्ट कर हमारे प्रोडक्ट्स बनाए हैं. इसमें बाजरे से बनी खट्टी-मीठी नमकीन बनाई जाती है, जबकि ज्वार से तीखी नमकीन बनती है.
हार्ट पेशेंट के लिए भी नमकीन
वहीं बच्चों और हार्ट की समस्या वाले मरीजों के लिए रागी से बनी नमकीन भी है. ठंड में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड रहती है, क्योंकि सर्दियों में इन्हें खाना फायदेमंद रहता है. शरीर में गरमाहट भी बनी रहती है. तला नहीं होने के कारण यह सेहतमंद भी है. आज यह मध्य प्रदेश के हर खाद्य केंद्र पर KMR ग्रूप के बनाए नमकीन उपलब्ध हैं, जो लोग तला-गला खाना पसंद नहीं करते, लेकिन नमकीन खाना चाहते हैं उनके लिए यह पहली पसंद है.
600 रुपये किलो रेट
आगे बताया, मोटे अनाज नमी को जल्दी सोखते हैं, जिससे वे नरम पड़ सकते हैं. इस समस्या को हल करने के लिए हमने मॉडर्न पैकेजिंग का सहारा लिया है जो लंबे समय तक कुरकुरापन बनाए रखती है. क्योंकि यह मोटे अनाज से बना हैं, इसलिए इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है. आपको 250 ग्राम का एक पैकेट 150 रुपए में मिलेगा यानी करीब 600 रुपये किलो में आपको रागी, बाजरा या ज्वार से बनी बिना तली नमकीन मिल जाएगी. ये खाने में एकदम दूसरी नमकीन की तरह ही लगती है.





