एक्ज़िट पॉलिसी को लेकर लोकायुक्त एंव ईओडब्ल्यू में शिकायत “
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“सरकार को करोड़ों का नुक़सान पहुँचाने का एक्ज़िट पॉलिसी प्लान”
—————इंदौर,शिवराज सरकार के मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा एंव उघोग विंभाग के जिला महाप्रबंधक एस एस मंडलोई ने मिलकर कौड़ियों के दाम लीज़ पर आवंटित की गई सरकारी ज़मीनों को अब उघोगपतियो को मुँह माँगे दाम पर बेचने की अनुमति देने के लिए एक्ज़िट पॉलिसी लागू की जा रहीं हैं।

दरअसल यह एक्ज़िट पॉलिसी करोड़ों की राशि भ्रष्टाचार के रूप में प्राप्त करने के बाद अब सरकार की करोड़ों की ज़मीन को फ़्री में ही बंद पढ़े उघोगपतियो को सौंप कर जमीन बेचने के अधिकार दिये जा रहें हैं।सरकारी ख़ज़ाने में करोड़ों की चपत लगाने की तैयारी शिवराज सरकार के मंत्री और नौकरशाहों ने की हैं।

म.प्र.कांग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि चुनावी चंदे की वसूली के लिए कौड़ियों के दामों में दी गई 50 एकड़ से 100 एकड़ औघोगिक भूमि पर प्लॉट बनाकर डिफ़ॉल्टर उघोगपतियो को जमीन देना ही आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।

केबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा और कुछ भू माफियाओं ने मिलकर करोड़ों का घोटाला करने के लिए एक्ज़िट पॉलिसी प्लान बनाया है।
प्रदेशसचिव यादव के अनुसार उघोग विभाग द्वारा लीज़ पर दी गई भूमि को बेचने के अधिकारी देना ही अवैध प्रक्रिया हैं।किसी भी उघोगपति ने अगर उघोग स्थापित नहीं किया हैं तो आवंटित भूमि उघोग विभाग को वापस लौटाने का नियम निर्धारित हैं।
लेकिन उघोग विभाग स्यंम के स्वामित्व की ज़मीन लूटाने के लिए तैयार हो गया हैं।निश्चित ही एक बड़े भ्रष्टाचार की तैयारी हैं।

औधौगिक उपयोग के लिए नगर एंव ग्राम निवेश से स्वीकृत नक्क्षे का उल्लंघन करके नियमानुसार बड़े प्लॉट के पार्टीशन नहीं किये जा सकते हैं।
इसके पश्चात भी असंवैधानिक तरीक़े से एक्ज़िट पॉलिसी बनाकर ले आउट बदलने की योजना ग़ैर क़ानूनी हैं।
उघोग विभाग की ज़मीन पर 175 इकाइयाँ विवादित हैं।लगभग 500 करोड़ से ज़्यादा मूल्यों की ज़मीन का घोटाला करने की तैयारी हैं।
उघोग विभाग से कौड़ियों के दाम प्राप्त ज़मीनों पर न उघोग लगाये गये न ही नाम मात्र की सरकारी लीज़ जमा करायी गई।


उघोग विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने उघोगपतियो के साथ मिलकर सालों से कोर्ट के माध्यम से इन ज़मीनों को अटका कर रखा हैं।जबकि विभाग का स्पष्ट नियम है की अगर आवंटन से एक वर्ष में उघोग शुरू नहीं होता हैं तो आवंटन स्वतः निरस्त होकर उघोग विभाग को ज़मीन का पजेशन स्वतः ही प्राप्त हो जाएगा।


आवंटन के पूर्व समस्त एग्रीमेंट और शर्तों पर हस्ताक्षर कराने के बाद ही भूमि उघोगपतियो को दी जाती हैं।


मुख्यमंत्री को तत्काल कार्यवाही करते हुए इस भ्रष्टाचारी योजना एक्ज़िट पॉलिसी पर पाबंदी लगाकर उघोग विभाग की ज़मीन भू माफियाओ से बचना चाहिए।यह भी तब संभव हैं जब मुख्यमंत्री का संरक्षण भू माफियाओ को न मिले।


लेकिन भ्रष्ट उघोग मंत्री और भ्रष्ट नौकरशाहों ने मिलकर भू माफियाओ से करोड़ों की डील करके एक्ज़िट पॉलिसी बनायी हैं।
बेहद आश्चर्य का विषय है की अयोग्य और लुटेरे उघोगपतियो को उघोग विभाग स्यंम की ज़मीन से मुनाफ़ा दिलाने की योजना बनाकर पीएम मोदी के सपनों को साकार करने के लिए आठवा अजूबा करके दिखा रहा हैं।
मध्यप्रदेश में अनलिमिटेड खुले भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण सामने हैं।


प्रदेशसचिव यादव ने सारे मामले को लेकर लोकायुक्त,ईओडब्ल्यू सहित प्रधानमंत्री को सप्रमाण शिकायत पहुँचाकर केबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा को बर्खास्त करने की मॉंग के साथ उघोग विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफ़आइआर दर्ज करने की मॉंग की हैं।







