डॉ. ज्योति
दुनिया में सांप को की 3000 से ज्यादा प्रजातियां है. भारत में 320 प्रकार की प्रजातियां हैl यहाँ हम आपको दो मुंहे वाले से लेकर उड़ने वाले सांपों से जुडी अंधविश्वास और सच्चाई बताएंगेl
सांप किसी भी घटना को याद नहीं रख सकते. कहीं भी तो मुंह वाले सांप नहीं होते है. सांपों को कभी भी दूध नही पिलाना चाहिए. सांप एक मांसाहारी जीव है यह दूध नहीं पचा सकता. दूध की वजह से उस को निमोनिया हो जाता है जिससे वह मर सकता है.
दुनिया में तीन हजार से ज्यादा प्रकार के सांप पाए जाते हैं. भारत में 320 प्रकार के सांप पाए जाते हैं जिनमें से सिर्फ 60 प्रकार के साप ही ऐसे हैं जिनके काटने ने से मृत्यु हो सकती है.
आज भी हमारे गांव में ऐसा अंधविश्वास फैला हुआ है कि कोई साप काटले तो लोग उसे किसी देता के पास ले जाते हैं और वहां बो बच जाता है. लोग ऐसा सोचते हैं कि उसे देवता ने बचा लिया.
पर ऐसा नहीं होता क्योंकि हमारे आसपास पाए जाने वाले ज्यादातर सांपो के काटने से मृत्यु नहीं होती.
अगर सांप के द्वारा काटे गए व्यक्ति को कहीं भी ना ले जाया जाए तो भी वह बच जाएगा क्योंकि उसको जिस साप ने काटा है उसके जहर से मृत्यु नहीं होती. हम इसे अज्ञान बस किसी देखता का चमत्कार मान लेते है.
कोबरा ,रसैल वाईपर ,करैत ,स्केल्ड वाईपर यह सांपों की ऐसी प्रजातियां है जिनके खाने से कोई मनुष्य बच नहीं सकता. इनमें से रसैल वाईपर ऐसा सांप है जिसकी एक जहर की बूंद 500 मनुष्यों की जान ले सकती है.
अगर कोई देवता है जो इनके काटने पर बचा ले तो हम उसे माने. पर ऐसा नहीं होता.
पुरानी मान्यता है कि कुछ सांप मणि धारी होते हैं पर विज्ञान यह सब नहीं मानता क्योंकि अभी तक किसी भी रिसर्च में ऐसे सांपो के बारे में पता नहीं चला है.
कोबरा सांप जब फन फैलता है तो उसके फन के ऊपर एक चमकीला निशान दिखाई देता है. अंधेरे में जब इसके ऊपर प्रकाश पड़ता है तो यह चमकता है. भूलवश लोग इसे मणि मान लेते हैं.
इच्छाधारी सांप जैसी बातें सिर्फ कहानियों में प्रचलित है. वास्तविकता में ऐसा कोई साप नहीं होता है. इस संबंध में अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है.
सांपों की कई तरह की प्रजातियां है. इनमें से कई सांप ऐसे हैं जिनकी पूछ नुकीली मोटी होकर मुंह की तरह दिखाई देती है. ऐसे सांप आगे पीछे एक समान दिखते हैं.
जानकारी के अभाव में हम ऐसे सांपों को दो मुंह का सांप मान लेते हैं ऐसे सांप सामान्य सांपों से एकदम अलग होते हैं. इसके संबंध में भ्रम फैला हुआ है कि इन का उपयोग पुरुषों की शक्ति बढ़ाता है. इसीलिए इनकी तस्करी होती है जबकि यह सच नहीं है ऐसा कोई साफ नहीं होता है.
क्या उड़ने वाले सांप भी होते हैं? -जी हां कुछ सांप ऐसे भी होते हैं जो उड़ने की कला जानते हैं. इन्हें क्रीसोपेलिया प्रजाति का कहा जाता है.
लेकिन यह सब पक्षियों की तरह नहीं उड़ सकते है. उड़ने वाले सांप ऊपर से नीचे हवा में लहराते हैं. यह अपने शरीर को फैलाकर चौड़ा कर लेते हैं जो ऊपर से नीचे आते समय उड़ते हुए दिखाई देते हैं.
ऐसे सांप नीचे से ऊपर की ओर नहीं उड़ सकते उन्हें उड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ना होता है. ऐसे सांप भारत के उड़ीसा और आंध्रप्रदेश राज्य में पाए जाते हैं.
क्या नाग नागिन अपने साथी की मौत का बदला लेते हैं? -नहीं ये बात सच नहीं है क्योंकि साप किसी भी घटना को याद ही नहीं रख सकते है.
इनके दिमाग में वह हिस्सा होता ही नहीं है जहां यह पुरानी यादों को रख सकें.
सांप बार-बार अपनी जीत को बाहर निकालते हैं. इस दौरान पर एक विशेष प्रकार का रसायन छोड़ते हैं जिसे दूसरे सांप ग्रहण करते हैं. इसी रसायन की मदद से सांप एक दूसरे से संवाद करते हैं.
जब कोई इंसान किसी सांप को मार देता है तो सांप एक साथ बहुत सारा रसायन छोड़ देता है जिसे सुंगकर उस क्षेत्र में मौजूद अन्य सांप वहां पहुंच जाते हैं. लोग समझते हैं कि ये सांप बदला लेने आए हैं. अगर आपने किसी सांप को मारा है और उस सांप का खून आपके कपड़ों पर लग गया है तो उस खून की गंध को सुंगते हुए अन्य साप आपका पीछा जरूर कर सकते हैं.
क्या बीन की धुन पर नाचते हैं सांप? सांप बीन की धुन पर नहीं सपेरे के मूवमेंट पर नजर रखता है. जैसे-जैसे सपेरा बीन लहराता है सांप भी उसी तरह इधर-उधर हिलता हैं जिसे लोग सांप का नाचना समझ लेते हैं.
सांप स्थिर चीजों पर रिएक्ट नहीं करता है लेकिन उसके सामने कोई चीज हिलती दिखती है तो सांप तुरंत एक्शन में आ जाता है.
क्या किसी साप की मूंछ भी होती है? नहीं ऐसा कोई साप नहीं है जिसकी मूछे हो. सपेरे सांप को पकड़कर उसके सिर पर घोड़े के बाल सिल देते हैं जिससे लगता है कि सांप कि मूछे है. सरीसृप वर्ग के जीवो के शरीर पर कभी बाल नहीं उगते है.
क्या सांप किसी को सम्मोहित भी कर सकता है?- नहीं यह बात सही नहीं है. इंसान की आंखों पर पलक होती है लेकिन सांप की आंखों पर नहीं इसी वजह से हम जब भी साप को देखते हैं. तो ऐसा लगता है कि सांप हमारी और ही देख रहा है या हमें सम्मोहित कर रहा है.






