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मणिपुर में 83 दिन बाद इंटरनेट बहाली के आदेश,मिजोरम में कुकी समर्थकों की रैली

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इंफाल

मणिपुर में 3 मई से जारी हिंसा के बीच 83 दिन बाद इंटरनेट सेवाएं आंशिक रूप से शुरू करने का आदेश जारी किया गया है। यानी राज्य में ब्रॉडबैंड सेवाएं कुछ शर्ताें के साथ शुरू की जाएंगी।

इसके पहले राज्य पुलिस ने कहा कि वह उन लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने महिला की हत्या का वीडियो मणिपुर का बताकर वायरल किया।

मणिपुर हिंसा को लेकर मिजोरम की राजधानी आइजोल में लोगों का प्रदर्शन जारी है। - Dainik Bhaskar

मणिपुर हिंसा को लेकर मिजोरम की राजधानी आइजोल में लोगों का प्रदर्शन जारी है।

पुलिस ने कहा- 24 जुलाई को केस दर्ज किया है। वीडियो में बताया है कि हथियारबंद लोग ने मणिपुर में महिला की हत्या की, जबकि यह घटना म्यांमार में हुई थी। वीडियो फैलाने का मकसद राज्य की शांति भंग करना और दंगे भड़काना था।

उधर, मणिपुर पुलिस ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के केस में सातवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। 19 जुलाई को इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था।

इस बीच, मंगलवार को मिजोरम में कुकी समुदाय के समर्थन में रैली निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसके समर्थन में ट्रांसपोर्ट सर्विस बंद की गई है और मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने सरकारी दफ्तरों को भी बंद रखने का आदेश दिया है।

मिजोरम में रैली की तीन तस्वीरें…

मिजोरम में बड़ी संख्या में लोग मणिपुर के कुकी लोगों के समर्थन में बाहर निकले। फोटो- सोशल मीडिया से।

मिजोरम में बड़ी संख्या में लोग मणिपुर के कुकी लोगों के समर्थन में बाहर निकले। फोटो- सोशल मीडिया से।

मिजोरम में लोगों ने गवर्नर के आवास तक रैली निकाली। बारिश से बचने के लिए लोग छतरी लिए रैली में शामिल हुए। फोटो- सोशल मीडिया से।

मिजोरम में लोगों ने गवर्नर के आवास तक रैली निकाली। बारिश से बचने के लिए लोग छतरी लिए रैली में शामिल हुए। फोटो- सोशल मीडिया से।

लोगों ने मणिपुर के लोगों के लिए कपड़े भी डोनेट किए। फोटो- सोशल मीडिया से

लोगों ने मणिपुर के लोगों के लिए कपड़े भी डोनेट किए। फोटो- सोशल मीडिया से

मणिपुर सरकार ने असम राइफल्स से पूछा- 2 दिन में म्यांमार के 718 नागरिक कैसे घुस आए
मणिपुर सरकार ने सोमवार देर रात असम राइफल्स से भारत में म्यांमार नागरिकों की घुसपैठ की डिटेल रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने असम राइफल्स से पूछा है कि सिर्फ दो दिनों (22-23 जुलाई) में म्यांमार के 718 नागरिक बिना पर्याप्त दस्तावेज के भारत में कैसे घुस आए। इनमें 209 पुरुष, 208 महिलाएं और 301 बच्चे हैं।

यह प्रेस रिलीज मणिपुर गृह विभाग ने 24 जुलाई शाम को जारी की है।

यह प्रेस रिलीज मणिपुर गृह विभाग ने 24 जुलाई शाम को जारी की है।

महाराष्ट्र से मणिपुर को प्याज भेजी गई
सेंट्रल रेलवे ने महाराष्ट्र के नासिक से 6 वैगन प्याज मणिपुर भेजी है। मणिपुर में जातीय हिंसा के चलते लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ गया है, इसकी वजह से राज्य में जरूरी चीजों की कमी हो गई है। इसी के चलते सेंट्रल रेलवे ने मदद करने का फैसला किया। इससे पहले 23 जुलाई (रविवार) को नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने राज्य ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की मदद से जरूरी सामान लेकर पहली मालगाड़ी मणिपुर पहुंचाई थी।

वुमन कमीशन की टीम मणिपुर पहुंची, रेप पीड़ितों से मिलेगी
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम मंगलवार को मणिपुर पहुंची। वह यहां मैतेई और कुकी समुदाय की रेप पीड़िताओं से मुलाकात करेगी। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को चुराचांदपुर में वायरल वीडियो के सर्वाइवर्स के रिश्तेदारों से मुलाकात की थी।

मंगलवार सुबह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मणिपुर वीडियो घटना की पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की।

मंगलवार सुबह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मणिपुर वीडियो घटना की पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की।

मणिपुर हिंसा का पहला मृतक 21 साल का छात्र, परिजनों को अब तक शव नहीं मिला
मणिपुर हिंसा में पहली मौत 4 मई 2023 को हुई थी। भास्कर रिपोर्टर सोमवार को इंफाल पहुंचे। पता चला कि हिंसा में पहली मौत 21 साल के स्टूडेंट हंगलालमुआन वैफेई के रूप में हुई। उसे CM बीरेन सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में 4 मई को गिरफ्तार किया गया था।

चुराचांदपुर में जब पुलिस उसे लेकर जेल जा रही थी, तभी रास्ते में 800 लोगों ने गाड़ी को रोक लिया। भीड़ देखकर पुलिसकर्मी भाग गए और भीड़ ने हंगलालमुआन की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

परिजन ने बताया कि पुलिस कह रही है कि वैफेई का शव इंफाल मॉर्च्युरी में है, लेकिन हिंसा के बीच हम इंफाल नहीं जा सके। पुलिस से कई बार गुहार के बावजूद अब तक पुलिस ने छात्र का शव नहीं सौंपा है।

मणिपुर ढाई महीने से हिंसा की आग में झुलस रहा है। इसमें अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 419 लोग घायल हुए हैं।

21 साल के स्टूडेंट हंगलालमुआन वैफेई को 4 मई को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

21 साल के स्टूडेंट हंगलालमुआन वैफेई को 4 मई को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

मणिपुर के थोरबुंग में कुकी-मैतेई भिड़े, रातभर चलीं गोलियां, फायरिंग में फंसा भास्कर रिपोर्टर
मणिपुर के हालात को कवर करने पहुंचे भास्कर रिपोर्टर शनिवार (22 जुलाई) को चुराचांदपुर के पास थोरबुंग में कुकी-मैतेई के बीच क्रॉस फायर में फंस गए। वहां वे CRPF के बंकर में छिपे। उनके पास बुलेट प्रूफ प्रोटेक्शन गियर, हेलमेट कुछ नहीं था। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें…

फायरिंग के बीच बंकर में CRPF जवानों के साथ भास्कर रिपोर्टर वैभव पलनीटकर ।

फायरिंग के बीच बंकर में CRPF जवानों के साथ भास्कर रिपोर्टर वैभव पलनीटकर ।

पूर्वोत्तर राज्यों में मणिपुर हिंसा का असर
मणिपुर की हिंसा के बाद पूर्वोत्तर के अन्य राज्य भी जातीय हिंसा की चपेट में आ गए हैं। अब असम और मणिपुर के छात्र संघ ने मिजो लोगों को असम की बराक घाटी छोड़ने की नसीहत दी है। इससे दो दिन पहले मिजो संगठनों ने मैतेइयों को मिजोरम छोड़ने का अल्टीमेटम जारी किया था।

अंडरग्राउंड मिजो नेशनल फ्रंट के मिलिटेंट्स के संगठन पीस अकॉर्ड एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन (PAMRA) ने कहा था कि मिजोरम में रहने वाले मैतेई लोगों को सुरक्षा के मद्देनजर राज्य छोड़ देना चाहिए।

डर के कारण अब तक मैतेई समुदाय के 568 लोग मिजोरम छोड़कर इंफाल आ गए हैं। इसमें ज्यादातर स्टूडेंट और प्रशासन से जुड़े लोग हैं।

Ramswaroop Mantri

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