सनातन धर्म में हर अमावस्या महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व है. इसे माघी या मौनी अमावस्या कहते हैं. इस दिन प्रयागराज के माघ मेले में सबसे बड़ा स्नान किया जाता है. इस दिन गंगाजल अमृत के समान माना जाता है. यही कारण है कि मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों विशेषकर गंगा और संगम में स्नान करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है. इस साल माघ माह की मौनी अमावस्या 18 जनवरी यानी कल मनाई जाने वाली है. कल ही इसका स्नान-दान किया जाएगा.
मौनी अमावस्या के दिन दान और मौन व्रत का बहुत महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है. अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को दान किया जाता है. ये तिथि पितरों को समर्पित की गई है, इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं. इस बार मौनी अमावस्या रविवार के दिन है. रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित किया गया है. ऐसे में मौनी अमावस्या के दिन कुछ विशेष चीजों का दान न करें. आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों का दान करना सही नहीं रहेगा?मौनी अमावस्या पर न करें इन चीजों का दान
मौनी अमावस्या दिन तामसिक चीजों का दान न करें.
इस दिन टूटी-फूटी चीजों का दान न करें.
इस दिन बासी भोजन, झूठा खाना दान न करें.
कांच का सामान और काले रंग की चीजों का दान न करें.
चमड़े से बनी चीजों का दान न करें.
नमक, सरसों का तेल, तिल, खट्टे फल और दही का दान न करें.
मौनी अमावस्या पर दान करें ये चीजें
मौनी अमावस्या पर अन्न, गुड़, वस्त्र, आंवला, कंबल, धन, जूते, झाड़ू, चांदी का सामान और तांबे से बनी चीजों का दान करें. इस दिन इन चीजों का दान बहुत शुभ माना गया है. इसके अलावा गौ सेवा करने के साथ-साथ पशु-पक्षियों को खाना खिलाएं. इससे सभी पापों का नाश होता है और पुण्य फल मिलते हैं.





