डॉ. विकास मानव
_साधारणतया लोगों का विश्वास है कि जिसने कठोर साधना के द्वारा प्राप्त सिद्धियों से चमत्कार कर लेने की क्षमता पा ली है, वही योगी है। योगियों के बारे में सबसे अधिक प्रभावित करने वाली जो बात है, वह है --उनकी अनुग्रह और निग्रह की शक्ति।_
यह कोई आवश्यक नहीं है कि योगियों में जो सिद्धियां देखी जायँ, वे नैतिक दृष्टि से सर्वथा निर्विकार हों और यह भी कोई आवश्यक नहीं है कि चमत्कार दिखाना योगी का कार्य है। उच्चकोटि के योगी चमत्कार दिखाने से हमेशा दूर ही रहते हैं।
_वे अपने-आप को भी प्रायः समाज से छिपाकर रखते हैं। इसका लाभ यह है कि उनकी साधना में कोई विघ्न नहीं पड़ता। आन्तरिक जीवन में कोई विश्रृंखलता उत्पन्न नहीं होती। योग-साधना हो या हो तंत्र-साधना--गुप्त रखने पर ही अबाध रूप से आगे बढ़ सकती है, नहीं तो बाधाएँ भी आती हैं और मार्गच्युत होने का भय भी बना रहता है।_
योग-मार्ग तलवार की धार के समान है जिस पर चलना असंभव नहीं तो कठिन अवश्य है.
*'क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्या. '*
' योग' शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत के 'युज्' धातु (क्रिया) से हुई है जिसका अर्थ है--जुड़ना या मिलना। योग-मार्ग जीवात्मा-परमात्मा के मिलन का मार्ग है।
_योगी वह व्यक्ति है जिसका आत्मा-परमात्मा से मिलन हो चुका है या मिलने का प्रयास कर रहा है। अंश-अंशी के मूल में अज्ञान है और जब तक अज्ञान है, तब तक जीव-भाव है। योग के द्वारा यह अज्ञान (अविद्या) दूर हो जाता है, जीवात्मा को परमात्मा से अपने अभेद का अनुभव हो जाता है।_
गीता कहती है-- .‘समत्वं योगमुच्यते।’
अर्थात् ‘समत्व’ को ही योग कहा जाता है। समत्व के अभ्यास से योग-मार्ग पर् चलने से सफलता मिलती है। समत्व योग की परिभाषा नहीं है, वास्तव में वह योगी का अनिवार्य गुण है। जिसमें यह गुण नहीं है, वह चाहे जो कुछ भी हो, योगी नहीं हो सकता।
समत्व वह गुण है जिसके आविर्भूत होने पर व्यक्ति के भीतर-बाहर के, संसार-शमशान के, अच्छाई-बुराई के, शान्ति-अशान्ति के, दुःख-सुख के–सारे भेद, सारे द्वन्द्व, सारे विकल्प, सारे द्वैत समाप्त हो चुके होते हैं। उसकी दृष्टि समदर्शी हो जाती है।
उसके लिए संसार क्या, श्मशान क्या, सुख क्या, दुःख क्या, घर क्या, परिवार क्या–किसी से कोई मतलब नहीं रह जाते हैं।
सब उसके लिए एक ही माया है और वह उस ‘माया’ से ऊपर उठ चुका है। वह ईश्वर्स्वरूप, शिवस्वरूप या कृष्णस्वरूप हो चुका है.
{लेखक मनोचिकित्सक, ध्यानप्रशिक्षक एवं चेतना विकास मिशन के निदेशक हैं)





