छिन्दवाड़ा जिले में एन एच 547 बनगांव चैराह, ताना नगर में दोपहर 12ः00 बजे से 03ः00 बजे तक चक्का जाम किया गया। चक्का जाम के दौरान किसानों द्वारा की गई महापंचायत को किसान कुबेर चन्द्रवंशी निवासी ग्राम बांका मुकासी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरी खानदानी जमीन 16 एकड़ है जिस पर मैने 50 रूपये किलो के भाव से आलू के बीज खरीदे थे, अभी आलू मेरे खेत में लगा है बाजार में आलू 8 रूपये किलो में बिक रहा है, मेरा आलू खेत से निकलेगा तब तक 2 रूपये किलो में बेचने पर मैं मजबूर रहूंगा, क्योकि भूटान से सरकार ने आलू आयात कर लिया है।
किसान संघर्ष समिति के वारिष्ट उपाध्यक्ष बलराम पटेल ने कहा कि तीन किसान विरोधी कानून जब तक निरस्त नही होंगे हमारा संघर्ष जारी रहेगा। ग्राम भूला से आये किसान नेता रामभरोस पटेल ने कहा कि हमारी जमीन पूरी तरीके से डूब गई है, हमें जिस जगह पर बसाया गया है वहाँ जीविका उपार्जन का कोई साधन नही है। हम गांव गांव जाकर किसानों से अनाज खरीदकर अपना जीविका उपार्जन करते है, अगर तीन किसान विरोधी कानून निरस्त नही किये गये तो अदानी हमारे रोजगार को छीन लेगा। ग्राम हीवरखेड़ी से आये किसान नेता राकेश वर्मा ने कहा कि मेरी 10 एकड़ जमीन अडानी ने अपने कब्जे में कर रखी है, मेरी जमीन के किनारे माचागोरा डेम का पानी पहुँच चुका है हमें अडानी के कब्जे से मुक्त कराओं, अगर अडानी ने हमारी जमीने वापस नही की तो हम लोग उग्र आन्दोलन करने पर मजबूर होंगे।
जूनून फाण्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गगन चैधरी ने महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार अडानी और अम्बानी को ही किसान मानती है और उनके लाभ के लिए ही तीन किसान विरोधी कानून बनाये है। इस कानून से सिर्फ अडानी और अम्बानी की ही आमदनी दुगनी होती नजर आ रही है। जय भीम सेना के जिलाध्यक्ष शिवम पहाड़े ने कहा कि तीन किसान विरोधी कानून से हरिजन एवं आदिवासी की जमीने उनके हाथ से छीन ली जायेगी। क्योकि ठेका खेती का कानून हरिजन और आदिवासी के हित में नही है। वन उपज पर भी अडानी और अम्बानी का कब्जा होगा। श्रीमती ममता वैश्नव ने महापंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि मण्डी व्यवस्था बन्द होने के पश्चात् प्राईवेट मण्डीया किसानों का शौषण करेगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर जब खरीदी नही की जा रही है तो गरीबों को मिलने वाला राशन बन्द हो जायेगा, जिसके परिणाम स्वरूप महिलाऐं तथा बच्चे कुपोषण का शिकार होंगे। महापंचायत का संचालन किसान संघर्ष समिति की प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री एड. आराधना भार्गव ने किया तथा सभा के अन्त में सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने कोरोना का बहाना लेकर संसद के पिछले दरवाजे से किसान विरोधी अध्यादेश लाया, तब से ही इस कानून का विरोध चल रहा है, उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के घटक दल भी किसान विरोधी कानून बनाने के कारण उनसे अलग हो गये है। उन्होंने कहा कि ठेका खेती के कानून में न्यायपालिका को अलग रख कर सरकार ने संविधान विरोधी कानून बनाया है। देश का संचालन विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ मिलकर होता है। ठेका खेती के कानून में न्यायपालिका कि दखल ना देने का कानून बनाकर सरकार ने यह बता दिया है कि वह अडानी और अम्बानी के साथ खड़े है। महापंचायत को सज्जे पटेल, बलराम वर्मा, श्रीकान्त वैश्नव, बुद्धिलाल पटेल, कमलेश पटेल, भूरा पटेल, दरेश पटेल, रामभरोस पटेल, रामशंकर पटेल आदि किसान नेताओं ने भी सम्बोधित किया।




