इंदौर
जबलपुर हाइकोर्ट द्वारा जूनियर डाक्टरों को 24 घंटे में हड़ताल खत्म करने का आदेश दिए जाने के बाद गुरुवार शाम को एमजीएम मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने अपनी मांगे पूरी न होने पर एकत्र होकर मेडिकल कालेज के डीन को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपा। सोमवार से पूरे इंदौर के 500 जूनियर डॉक्टरों सहित प्रदेश लगभग 3 हजार डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों ने अपनी छह सूत्री मागों को लेकर गत माह भी हड़ताल की थी
डॉक्टर पवन मोरे का कहना था कि पिछले वर्ष और इस वर्ष हमने कोरोना काल में अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई है। लेकिन 2018 में किए अपने वादे को सरकार भूल चुकी है। हम तो बीच का कोई रास्ता निकालने को तैयार थे, लेकिन सरकार बात करने को तैयार नहीं है। अब हम आगे की रणनीति बना रहे हैं।
यूनियन लीडर है सुरक्षित
डॉ पवन मोरे का कहना था कि यूनियन लीडर हमेशा द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थी ही होते हैं और यह कई सालों से चला आ रहा है। फाइनल ईयर के छात्र को पढ़ाई वह अपने अन्य प्रैक्टिस करने के लिए समय मिल सके, और छात्र हितों के लिए यूनियन लीडर हो का चयन द्वितीय वर्ष से ही किया जाता है।
मेडिकल कॉलेज डीन
कॉलेज डीन संजय दीक्षित का कहना था कि छात्रों ने गुरुवार शाम मुझे इस्तीफा दिया है और वह बात मैंने आगे पहुंचा दी है। मैं छात्रों को समझा सकता हूं उससे अधिक उनकी कोई मदद नहीं कर सकता।
वर्ष 2018 उठी थी मांग
उस समय चिकित्सा विभाग के असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी राधेश्याम जुलानिया ने जूनियर डॉक्टरों को काम पर लौटने के बाद ही चर्चा करने की बात कही थी। उस समय 5 दिनों तक चली इस हड़ताल में सरकार ने इंदौर और ग्वालियर के 8 जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त किया था। उस समय सरकार ने 300 से अधिक जूनियर डॉक्टरों पर एफआईआर की तैयारी की थी।
इतने के नामांकन रद्द
शाम को जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े भोपाल के जीएमसी सहित पांच मेडिकल कॉलेजों के डीन ने पीजी फाइनल ईयर के 467 डॉक्टरों के नामांकन रद्द कर दिए। इनमें जीएमसी भोपाल के 95, एमजीएम इंदौर के 91, गजराजा कॉलेज ग्वालियर के 71, नेताजी सुभाषचंद्र बोस कॉलेज जबलपुर के 37 और श्यामशाह कॉलेज रीवा के 173 स्टूडेंट्स हैं।
इस कार्रवाई के विरोध में 3500 मेडिकल स्टूडेंट्स ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इनमें इंदौर के 476, जबलपुर के 350, ग्वालियर के 330, रीवा के 199 छात्र शामिल हैं। डॉक्टर्स हाईकोर्ट और सरकार की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।





