इंदौर
इंदौर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एकबार फिर मध्यप्रदेश की सियासत में नए समीकरण बनने के संकेत दिए हैं। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के प्रोग्राम में एकबार फिर उनकी और BJP के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की गुड केमिस्ट्री दिखी। विजयवर्गीय मंच से नीचे बैठे थे। ये देख सिंधिया मंच से उतरे और विजयवर्गीय का हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर लाए और साथ बैठाया। विजयवर्गीय को मंच तक ले जाने और बैठाने के दौरान पूरा हॉल तालियों से गूंजता रहा।
12 दिन पहले ही सिंधिया, बेटे महाआर्यमन के साथ इंदौर में विजयवर्गीय के घर आए थे। कभी धुर विरोधी रहे सिंधिया ने कैलाश विजयवर्गीय के घर पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहते हुए सबको चौंकाया था कि पार्टी आगे जो जिम्मेदारी देगी, विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में नए जोश से काम करूंगा।
दरअसल शनिवार को MPCA का एनुअल अवॉर्ड फंक्शन शहर के एक प्राइवेट होटल में हुआ। इसमें क्रिकेटर अनिल कुंबले भी शामिल हुए। आयोजन में 4.5 करोड़ रुपए की इनामी राशि बांटी गई। इस बार की रणजी विजेता मध्यप्रदेश की टीम को 2 करोड़ रुपए दिए गए।
सिंधिया के बेटे को विजयवर्गीय ने लगाया था गले…

तस्वीर 22 अगस्त की है, जब सिंधिया अपने बेटे के साथ इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचे थे। विजयर्गीय ने सिंधिया के बेटे महाआर्यमन को गले लगा लिया था।
कभी धुर विरोधी थे दोनों
एक समय सिंधिया और विजयवर्गीय धुर विरोधी हुआ करते थे। पुरानी अदावत उस वक्त शुरू हुई थी, जब 2010 में MPCA के चुनाव में दोनों दो बार आमने-सामने थे। उस समय इस चुनाव ने एक तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था, खासकर विजयवर्गीय गुट ने। इसमें दोनों बार सिंधिया ने विजयवर्गीय को शिकस्त दी थी।
विजयवर्गीय के घर खाया था खाना
2020 में सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों की बीच की दूरियां खत्म हो गईं। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद सिंधिया जब इंदौर आए थे, तो उन्होंने विजयवर्गीय के घर खाना खाया था। इस दौरान वे काफी देर तक रुके थे। इसके भी कई राजनीतिक मायने निकाले गए थे।





