ईरान को अमेरिका के दुश्मनी के अलावा एक और वजह से जाना जाता है – सख्त इस्लामी नियम और हिजाब कानून. हालांकि इस वक्त यहां का शासन खुद ही इन नियमों को तोड़ने के मामले में घिर गया है. मामला सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सहयोगी अली शामखानी की बेटी की शादी से जुड़ा है. इससे जुड़ा हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में शामखानी की बेटी फातेमेह शामखानी शादी में पश्चिमी स्टाइल का गाउन पहने हुए हैं और हिजाब का तो कहीं पता ही नहीं है.
इस वीडियो के सामने आने के बाद ईरान में शासन के खिलाफ पाखंड और दोहरे मापदंड के आरोप लग रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि जहां आम महिलाओं को बाल दिखने तक पर गिरफ्तार किया जाता है, वहीं सत्ता के करीब लोगों के परिवारों पर कोई कार्रवाई नहीं होती. वायरल हो रहे वीडियो में खुद शामखानी अपनी बेटी को शादी के लिए ला रहे हैं और वो ऑफ शोल्डर गाउन पहने हुए है, जिसमें क्लीवेज भी दिख रहा है. सिर पर वेल है पर हिजाब कहीं नहीं है.
आलीशान शादी और पश्चिमी अंदाज
वायरल वीडियो को साल 2024 में तेहरान के एस्पिनास पैलेस होटल में हुई फातेमेह शामखानी की शादी का बताया जा रहा है. वीडियो में अली शामखानी अपनी बेटी को होटल में एस्कॉर्ट कर रहे हैं, जो स्ट्रैपलेस सफेद गाउन और नेट के पारदर्शी दुपट्टे को कैरी कर रही हैं. दिलचस्प ये है कि बेटी ही नहीं शामखनी की पत्नी भी नीले लेस वाले गाउन में बिना हिजाब के नजर आ रही हैं.
आपको बता दें कि ईरान जैसे इस्लामिक कानून का पालन करने वाले देश में हिजाब कानून का उल्लंघन अपराध माना जाता है. ऐसे में इस तरह के खुले परिधान को लेकर जनता में गुस्सा भड़क गया है.
कौन हैं शामखानी?
या जानना जरूरी हो जाता है कि अली शामखानी हैं कौन? आपको बता दें कि ये वही व्यक्ति हैं जिन्होंने ईरान में महिलाओं पर हिजाब कानून लागू कराने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की अगुवाई की थी. साल 2022 में जब देशभर में महिलाएं महसा अमीनी नाम की लड़की की हिजाब को लेकर मौत के बाद हिजाब-विरोधी आंदोलन में सड़कों पर उतरी थीं, तब शामखानी ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे. उन्होंने विरोध को दबाने का आदेश दिया था और अब उनकी ही बेटी की इस तरह की वेस्टर्न वेडिंग पर बवाल मचा हुआ है. लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा – लड़कियों को बाल तक दिखाने पर कोड़े मारे जाते हैं और इनके घरों में ऐसे कपड़े पहने जा रहे हैं.
क्या है ईरान का हिजाब कानून?
ईरान में हर महिला, चाहे वह ईरान की नागरिक हो या विदेशी पर्यटक, सार्वजनिक जगहों पर सिर ढकना अनिवार्य है. महिलाएं बालों को दुपट्टे या स्कार्फ से ढकती हैं और शरीर को ढीले कपड़ों से ढकना जरूरी होता है ताकि शरीर की आकृति न दिखे. यह कानून 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद लागू हुआ, जब आयतुल्लाह खोमैनी की अगुवाई में धार्मिक शासन स्थापित हुआ. 1983 में संसद ने आधिकारिक रूप से कानून पारित किया, जिसके तहत हिजाब न पहनने पर सजा तय की गई. जो महिलाएं सार्वजनिक स्थान पर हिजाब नहीं पहनतीं, उन्हें जुर्माना, गिरफ्तारी या 2 महीने तक की जेल की सजा होती है.





