छतरपुर
मध्यप्रदेश में सागर दौरे से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिवराज सरकार को घेरा है। उन्होंने छतरपुर में दलित के चेहरे और शरीर पर मल मले जाने की घटना पर सोमवार को ट्वीट किया। इसमें लिखा, ‘भाजपा का ‘सबका साथ’ केवल विज्ञापनों में सिमटकर एक दिखावटी नारा और PR स्टंट बनकर रह गया है। भाजपा हर दिन बाबासाहेब अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय के सपने को चूर-चूर कर रही है।’
उन्होंने लिखा, ‘मध्यप्रदेश में एक महीने में ही दलित-आदिवासी अत्याचार की दूसरी बेहद निंदनीय व पीड़ादायक वारदात हुई है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। हम मांग करते हैं कि छतरपुर जिले की इस घटना पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो।’
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट 2021 का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा, ‘भाजपा शासित मध्यप्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराधों का रेट सबसे ज्यादा है। यहां आदिवासियों के खिलाफ सबसे अधिक अपराध हुए हैं। हर दिन 7 से ज्यादा अपराध हुए। मध्यप्रदेश के हमारे दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के नागरिक दशकों से भाजपाई कुशासन में अपमान का घूंट पी रहे हैं।’
खड़गे का यह ट्वीट इसलिए भी मायने रखता है, क्योंकि 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सागर दौरा प्रस्तावित है। वे यहां 100 करोड़ की लागत से बनने जा रहे संत रविदास मंदिर निर्माण की आधारशिला रखेंगे।
खड़गे के इस बयान पर बीजेपी एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दलित ही नहीं, सभी वर्गों के लोगों के खिलाफ सबसे ज्यादा अत्याचार कांग्रेस शासन वाले राजस्थान में हो रहे हैं। खड़गे पहले वहां हालात सुधारें।

ग्रीस लगने पर हुआ विवाद, मारपीट के बाद मल लगाया
मामला छतरपुर जिले से जुड़ा है। जहां महाराजपुर थाना क्षेत्र के बिकौरा गांव में शुक्रवार को आरोपी रामकृपाल पटेल ने दलित के चेहरे और शरीर पर मानव मल लगा दिया था। पीड़ित की शिकायत पर शनिवार को महाराजपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार 21 जुलाई की दोपहर कुछ मजदूर बिकौरा में ग्राम पंचायत की नालियां बनाने का काम कर रहे थे। इनमें पीड़ित भी शामिल था। पास में ही आरोपी रामकृपाल पटेल नहा रहा था। इसी दौरान पीड़ित ने मजाक में रामकृपाल के हाथ पर ग्रीस लगाकर कहा, ‘ये लो शैम्पू। इससे नहा लो।’
रामकृपाल इस बात से नाराज हो गया। उसने पीड़ित के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद लोटे में मानव मल भरकर उसके चेहरे और शरीर पर मल दिया।
पीड़ित ने कहा- पंचायत ने मुझ पर ही जुर्माना लगा दिया

पीड़ित ने कहा- पंचायत में शिकायत की तो मुझ पर ही जुर्माना लगा दिया गया।
पीड़ित ने कहा, ‘काम करने के दौरान मेरे हाथ मे ग्रीस लग गया। इसी बीच रामकृपाल पटेल निकले तो यह उनके शरीर पर लगा। उन्होंने नाराज होकर मेरे चेहरे और शरीर पर मल लगा दिया। शुक्रवार को काम में व्यस्त होने की वजह से मैंने शनिवार को इसकी शिकायत पुलिस से की।’
उसने बताया, ‘मैंने गांव की पंचायत में इस बात की शिकायत की थी। शुक्रवार रात को गांव में ही पंचायत बैठी, जिसने मेरे ऊपर ही 600 रुपए का जुर्माना लगा दिया। इसके बाद मैं पुलिस थाने में शिकायत करने पहुंचा।’
आरोपी गिरफ्तार, बोला- मेरा उद्देश्य मल लगाना नहीं था
एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने बताया कि 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बघेल के अनुसार, आरोपी ने बताया कि उसका उद्देश्य पीड़ित को मल लगाना नहींं था।
आरोपी ने बताया, ‘मैं नहा रहा था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर मुझे परेशान कर रहा था। उसने मुझ पर धूल उड़ाई। मैंने मना किया तो सीमेंट की बोरी मुझ पर झटक दी। इसके बाद मैंने उसे गालियां दीं लेकिन वो नहीं रुका। ग्रीस लाकर मुझ पर लगा दिया। मुझे लगा कि ये ग्रीस नहीं, कीचड़ है। मुझे आसपास जो मिला, उठाया और उस पर मल दिया। वहां गोबर भी होता तो मैं वो उस पर लगा देता।’
आर्य ने कहा- दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार राजस्थान में

बीजेपी एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खड़गे के आरोपों का जवाब दिया। भोपाल में BJP ऑफिस में उन्होंने कहा, ‘खड़गे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनको यह जानकारी नहीं है कि दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार कहां हो रहे हैं? वे NCRB की रिपोर्ट देखें। कांग्रेस शासित राजस्थान में सबसे अधिक दलितों पर अत्याचार, दलित महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहे हैं।
आर्य ने कहा कि झारखंड जहां कांग्रेस सरकार में शामिल है और छत्तीसगढ़ जहां कांग्रेस की ही सरकार है..वहां अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र तक नहीं बन रहे हैं। ममता बनर्जी के राज्य में तीन हजार दलितों के मकान जलाए गए। यह सब जानकारी खड़गे जी को एकत्रित करनी चाहिए।’
सारंग बोले- राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर भी बात करें
मध्यप्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, ‘खड़गे जी मध्यप्रदेश पर बात कर रहे हैं। जब अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में अनर्गल बात की थी, तब खड़गे जी कहां गए थे? हमने आदिवासी समाज से आने वाली मुर्मू को राष्ट्रपति बनने का मौका दिया था, तब कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों किया था? कमलनाथ से पूछेंगे क्या कि सहरिया और बाकी आदिवासियों को 1 हजार रु. देने की योजना BJP सरकार ने बनाई थी, उसे कमलनाथ सरकार ने बंद क्यों किया था?
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस नेताओं को सलाह दूंगा कि वे मध्यप्रदेश के हर विषय पर बातचीत करें, कोई दिक्कत नहीं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ के आंकड़ों पर भी बात करें। राजस्थान के मंत्री ने भरी विधानसभा में महिला अत्याचार पर बात की तो कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।’





