
इंदौर
इंदौर में अग्निपथ योजना को लेकर हुए बवाल में खरगोन और महाराष्ट्र कनेक्शन सामने आया है। उपद्रवी सोशल मीडिया पर आगजनी के मैसेज और वीडियो देखकर महाराष्ट्र के ट्रक में भरकर इंदौर पहुंचे थे। वे खरगोन के रास्ते आए थे। जबकि कुछ युवक उज्जैन और आसपास से आए थे। पुलिस ने 50 से अधिक उपद्रवी छात्रों पर केस दर्ज किए गए हैं। 36 पर नामजद केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर छात्रों पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया है। जबकि कुछ की वीडियोग्राफी के आधार पर तलाश की जा रही है।
पुलिस ने महाराष्ट्र से आई गाड़ी को भी जब्त किया है। आरोपियों को खरगोन के रास्ते इंदौर लाने वाले ट्रक ड्राइवर मोहसिन को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेजा दिया गया।
षड्यंत्र रचकर ही निकले थे
पुलिस ने लसूड़िया से युवकों को पकड़ा तो कुछ ही दूरी पर आयशर ट्रक नंबर MH-18, AA-0137 भी खड़ा था। युवक उपद्रव मचाने के बाद भागकर इस ट्रक में चढ़ गए। पुलिस ने पकड़े गए युवकों से पूछा कि वे किस माध्यम से इंदौर पहुंचे। युवकों ने बताया कि सभी महाराष्ट्र के इसी ट्रक में बैठकर इंदौर आए। उन्हें पता था कि पुलिस उन्हें आगे नहीं जाने देगी। इसके बाद भी वे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रचकर आए थे।
खरगोन और उज्जैन के रहने वाले है अधिकतर युवक
पुलिस के मुताबिक बवाल करने वाले अधिकतर युवक उज्जैन और खरगोन के रहने वाले हैं। जो एक गुट बनाकर पहुंचे थे। उज्जैन से आए युवकों ने जीआरपी और लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया। बाणगंगा थाने में यहां उपद्रव करने वाले 30 से अधिक उपद्रवियों पर केस दर्ज किया है। जबकि देवास बायपास पर हंगामा करने वाले युवक ट्रक में बैठकर खरगोन से आए थे। लसूड़िया पुलिस ने इस केस में 25 से अधिक उपद्रवियों पर केस दर्ज किया है।
आग के वीडियो देखकर इकट्ठा हुए
पकड़े गए युवकों ने बताया कि एक दिन पहले उन्होंने ट्रेनों में आगजनी और नुकसान के वीडियो सोशल मीडिया पर देखे थे। इसके चलते ही वे रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे। पकड़ाए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा है।
एक दिन पहले कमिश्नर ने कोचिंग संचालकों को दी थी हिदायत
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने महू में होने वाली भर्ती को लेकर कोचिंग संचालकों को हिदायत दी थी कि छात्रों को महू ना भेजा जाए। कोचिंग संचालकों ने इस मामले में अपनी रजामंदी दे दी थी। इसके बाद भी अग्निपथ योजना को लेकर शुक्रवार सुबह से ही शहर के कई इलाकों में बवाल हुआ। इसमें इंदौर रेलवे स्टेशन, लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन और इंदौर देवास हाइवे पर जाम लगाया गया। उपद्रव बढ़ता देख यहां सभी जगह पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। इस मामले में बाणगंगा और लसूड़िया पुलिस ने करीब तीन दर्जन को आरोपी बनाया है।




