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70 साल बाद किंग चार्ल्स की ताजपोशी आज, खर्च होंगे 1 हजार करोड़ रुपए

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रूस, बेलारूस, म्यांमार, अफगानिस्तान, सीरिया, वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों को न्योता नहीं दिया गया

लंदन

ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला की आज वेस्टमिंस्टर ऐबे चर्च में ताजपोशी होगी। देश में 70 साल बाद इस समारोह का आयोजन होगा। ब्रिटेन में इससे पहले 1953 में क्वीन एलिजाबेथ की ताजपोशी हुई थी। तब वो 27 साल की थीं। चार्ल्स की उम्र उस वक्त 4 साल थी।

पिछले साल 8 सितंबर को क्वीन एलिजाबेथ का निधन हो गया था। तब वो 96 साल की थीं। उनकी मौत के बाद चार्ल्स को ब्रिटेन का महाराज घोषित किया गया था। हालांकि उनकी ताजपोशी अब होगी। एलिजाबेथ को भी उनके पिता किंग एल्बर्ट की मौत के बाद महारानी घोषित कर दिया गया था, लेकिन उनकी ताजपोशी सोलह महीने बाद जून 1953 में हुई थी।

ये फुटेज ताजपोशी पर होने वाले समारोह के रिहर्सल की है।

ये फुटेज ताजपोशी पर होने वाले समारोह के रिहर्सल की है।

सबसे पहले जानते हैं ताजपोशी के वक्त क्या-क्या होगा?
ताजपोशी के लिए किंग चार्ल्स का काफिला सुबह 10:20 बजे (ब्रिटेन के समय के मुताबिक) बकिंघम पैलेस से निकलेगा जो 11 बजे वेस्टमिंस्टर ऐबे पहुंचेगा। ताजपोशी 5 स्टेप्स में होगी…

पहला स्टेप: किंग के तौर पर पहचान
सबसे पहले चार्ल्स को बतौर किंग लोगों के सामने पेश किया जाएगा। इस दौरान वो सिंहासन के सामने ऐबे की तरफ मुंह करके खड़े होंगे। आर्कबिशप उनके महाराज बनने की घोषणा करेंगे। इसके बाद ताजपोशी में शामिल लोग ‘गॉड सेव द किंग’ कहेंगे।

दूसरा स्टेप: शपथ
आर्कबिशप शपथ से पहले वहां मौजूद सभी धर्म के लोगों को संबोधित करेंगे। वो बताएंगे कि इंग्लैंड का चर्च एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देता है जिसमें सारे धर्म के लोगों को बराबर सम्मान मिलता है। इसके बाद चार्ल्स हमेशा कानून का पालन करने और एक वफादार प्रोटेस्टेंट होने की शपथ लेंगे। इसके बाद वो पवित्र गॉस्पेल (ईसाइयों की पवित्र किताब) पर हाथ रखेंगे और वादों का पालन करने की कसम खाएंगे।

तीसरा स्टेप: अभिषेक
किंग चार्ल्स कोरोनेशन चेयर पर बैठेंगे। आर्कबिशप सोने के कलश से पवित्र तेल लेकर किंग चार्ल्स के हाथ और सिर पर डालेंगे। इस स्टेप को पूरी सेरेमनी का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है, इसलिए इसे एक स्क्रीन लगाकर छुपाया जाएगा।

चौथा स्टेप: ताजपोशी
किंग चार्ल्स को सेंट एडवर्ड का ताज पहनाया जाएगा। इसके बाद 2 मिनट तक चर्च की घंटियां बजेंगीं। पूरे ब्रिटेन में गन से सलामी दी जाएगी। टावर ऑफ लंदन में 62-राउंड में सलामी दी जाएगी। इसके अलावा एडिनबर्ग, कार्डिफ और बेलफास्ट जैसी 11 लोकेशन से 21 राउंड सलामी दी जाएगी।

पांचवां स्टेप- राजगद्दी पर बैठेंगे
सारी रस्में पूरी होने के बाद किंग चार्ल्स सिंहासन पर बैठेंगें। प्रिंस विलियम उनके सामने घुटनों पर झुककर उनका हाथ चूमेंगे और किंग को सम्मानित करेंगे। इसके बाद आर्कबिशप लोगों को राजपरिवार और नए महाराज के प्रति वफादारी की शपथ लेने को कहेंगे।

अब मैप में देखिए किंग चार्ल्स का काफिला कहां-कहां से होकर गुजरेगा…

ताजपोशी पर 1 हजार करोड़ रुपए खर्च
किंग चार्ल्स की ताजपोशी में £100 मिलियन पाउंड यानी करीब एक हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। ये पैसा ब्रिटेन के टैक्सपेयर्स की ही जेब से लिया गया है। इसमें रॉयल खजाने का इस्तेमाल नहीं हुआ है। इसे देखते हुए ब्रिटेन में कई लोग ताजपोशी समारोह का विरोध भी कर रहे हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, किंग चार्ल्स के पास सैंड्रिंघम में 75 मिलियन पाउंड यानी 771 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, कानूनी तौर पर इस समारोह की कोई जरूरत नहीं है। क्वीन एलिजाबेथ के निधन के बाद जब चार्ल्स के किंग बनने की घोषणा हुई थी, तभी वो आधिकारिक तौर पर महाराज बन गए थे।

ये फुटेज 1953 की है जब क्वीन एलिजाबेथ की ताजपोशी हुई थी।

ये फुटेज 1953 की है जब क्वीन एलिजाबेथ की ताजपोशी हुई थी।

किंग चार्ल्स की ताजपोशी उनकी मां से कैसे अलग है?
क्वीन एलिजाबेथ के समय पहली बार ब्रिटेन में किसी ताजपोशी समारोह का लाइव टेलिकास्ट हुआ था। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, करीब 2 करोड़ 70 लाख लोगों ने टीवी पर इसे देखा था। वहीं करीब 1 करोड़ लोगों ने रेडियो पर इसका ब्रॉडकास्ट सुना था।

ताजपोशी के दौरान ज्यादातर रीति-रिवाज पहले जैसे ही होंगे, लेकिन अब इसके मायने बदल गए हैं। टाइम के एक पोल के मुताबिक, जब एलिजाबेथ क्वीन थीं तब 2012 में ब्रिटेन के करीब 80% लोग राजशाही के पक्ष में थे। हालांकि 2022 में उनकी मौत के बाद ये आंकड़ा 68% पर लुढ़क गया।

क्वीन एलिजाबेथ की ताजपोशी के वक्त पूरा समारोह करीब 4 घंटे चला था। बकिंघम पैलेस के मुताबिक किंग चार्ल्स की ताजपोशी का समारोह 1 घंटे में ही खत्म हो जाएगा। सेरेमनी के दौरान केवल उस हिस्से को टेलिकास्ट नहीं किया गया था जिसमें आर्कबिशप ने क्वीन का पवित्र तेल से अभिषेक किया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि किंग चार्ल्स ये रस्म सबके सामने करवाकर परंपरा तोड़ सकते हैं।

क्वीन एलिजाबेथ के समय इस समारोह में 8,250 मेहमान शामिल हुए थे। वहीं किंग चार्ल्स की ताजपोशी के लिए केवल 2800 मेहमानों को ही न्योता भेजा गया है। हालांकि इसमें हर धर्म और जाति के प्रतिनिधियों को इनवाइट किया गया है।

वेस्टमिंस्टर ऐबे में ताजपोशी होने के बाद 16 हजार लोगों के साथ क्वीन एलिजाबेथ का काफिला 8 किलोमीटर का सफर तय करके वापस बकिंघम पैलेस पहुंचा था। इस यात्रा में करीब 2 घंटे का समय लगा था। हालांकि किंग चार्ल्स के काफिले में इससे काफी कम लोगों के शामिल होने की संभावना है। उनके काफिले के रूट को भी 2 किलोमीटर तक सीमित कर दिया गया है।

ये तस्वीर किंग चार्ल्स-क्वीन कैमिला के ताजपोशी समारोह के इन्विटेशन कार्ड की है।

ये तस्वीर किंग चार्ल्स-क्वीन कैमिला के ताजपोशी समारोह के इन्विटेशन कार्ड की है।

कौन-कौन होगा शामिल?
सेरेमनी में देश-दुनिया से कई सेलेब्रिटीज और अलग-अलग देशों के पॉलिटिकल लीडर्स शामिल हो रहे हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी ताजपोशी के लिए न्योता मिला था, लेकिन वो समारोह में शामिल नहीं होंगी। उनकी जगह वाइस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़ भारत को रिप्रेजेंट करेंगे। इसके अलावा, जापान के क्राउन प्रिंस अकिशिनो और उनकी पत्नी किको से लेकर स्पेन के किंग फिलिप VI और क्वीन लेटिजिया तक करीब सौ राष्ट्राध्यक्षों के सेरेमनी में भाग लेने की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ब्रिटेन की रॉयल फैमिली की ताजपोशी से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अपनी परंपरा जारी रखेंगे। हालांकि समारोह में फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन हिस्सा लेंगीं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ताजपोशी के लिए लंदन पहुंच चुके हैं। उनके अलावा EU प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रपति एंथनी अल्बनीज भी समारोह में शामिल होंगे।वहीं रूस, बेलारूस, म्यांमार, अफगानिस्तान, सीरिया, वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों को न्योता नहीं दिया गया है।

कौन से रॉयल सिंबल का इस्तेमाल होगा?
ब्रिटेन इकलौता ऐसा देश है जो अब भी रॉयल रिगालिया या सिंबल्स का इस्तेमाल करता है। इनमें ताज, ऑर्ब, सिंहासन, सेप्टर्स जैसी कई चीजें शामिल हैं। किंग चार्ल्स की ताजपोशी में भी इनका इस्तेमाल होगा। ताजपोशी के वक्त किंग को सेंट एडवर्ड का ताज पहनाया जाएगा। ये गोल्ड, रूबी, सिल्वर और सैफायर से बना है और इसका वजन 2.23 किलोग्राम है। इसके बाद वापस जाते वक्त किंग चार्ल्स को इम्पीरियल स्टेट क्राउन पहनाया जाएगा।

किंग चार्ल्स के अभिषेक के लिए खास कलश और रॉयल स्पून (चम्मच) का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा उन्हें 1831 की बेशकीमती अंगूठी पहनाई जाएगी। चार्ल्स को हाथ में सोने का राजदंड भी पकड़ाया जाएगा। ये उनकी ताकत का प्रतीक होता है। इस पर दुनिया का सबसे बड़ा कलिनन डायमंड लगा हुआ है। ताजपोशी में किंग सिल्क से बनी पर्पल रंग की खास रोब पहनेंगे। इसे बनाने में करीब साढ़े 3 हजार घंटे लगे हैं।

Ramswaroop Mantri

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