प्रधान मंत्री महोदय ने कहा कि फिल्म बनने के पहले गांधी जी को कोई नहीं जानता था, ये जानकर कहा,या सचमुच उन्हें जानकारी नहीं है , यह अलग विषय है।नीचे लिखे बिंदु महत्वपूर्ण हैं।
१. फिल्म बनने के कई वर्ष पहले से दुनिया के ८४ देशों में गांधी की प्रतिमाएं,उनके नाम से भवन,चौराहे,सड़कें,संस्थान बन चुके थे ।इनमें से कई देशों में ये सब भारत की आजादी के पहले हो चुका था।
२.इंग्लैंड में गांधी की छह प्रतिमाएं हैं ,जिनमे से एक संसद भवन के प्रवेश द्वार पर है।
३.इनर टेंपल जहां से गांधी ने कानून की डिग्री ली,के प्रवेश द्वार ,लाइब्रेरी में गांधी की प्रतिमाएं अलग से हैं।
४.वो दो कमरों का घर जहां गांधी गोलमेज सभा के दौरान रुके थे इंग्लैंड की सरकार ने धरोहर के रूप में सहेज रखा है।
५.साउथ अफ्रीका में गांधी की कई प्रतिमाएं हैं,उनके निवास को सत्याग्रह हाउस कहा जाता है, प्रतिदिन लगभग २००० व्यक्ति टिकट खरीद कर देखने आते हैं।
६.गांधी कभी अमेरिका नहीं गए , पर अमेरिका में उनकी प्रतिमाएं है, उनके नाम से संस्थान हैं,अमेरिका के लगभग हर प्रेसिडेंट ने शपथ ग्रहण में गांधी के प्रति आस्था और सम्मान जताया है।२ अक्टूबर अमेरिका में उत्सव जैसा मनाया जाता है।
७.गांधी इतिहास के वो व्यक्ति हैं जिन पर आज तक सर्वाधिक पुस्तकें प्रकाशित हुईं है,आज भी शोध जारी है, और औसतन हर ३ माह में एक नई पुस्तक गांधी पर प्रकाशित होती , अधिकांशतः अमेरिका के शोध कर्ताओं द्वारा।
माननीय प्रधान मंत्री जी को सादर।
साभार:
डा.अरविंद दुबे
ग्वालियर





