कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार का मतलब बेरोजगारों पर दोहरी मार है।सुप्रीम कोर्ट में आज संदेशखाली मामले पर सुनवाई, झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर राज्य में जाति-आधारित सर्वेक्षण को हरी झंडी दे दी है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार को टाल-मटोल की नीति नहीं अपनानी चाहिए और आचार संहिता लागू होने से पहले किसानों की मांगें माननी चाहिए। पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने एक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी की ओर से लगाए गए उन आरोपों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित की है
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में संदेशखाली गांव में महिलाओं के कथित उत्पीड़न को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। याचिका में मामले की जांच और उसके बाद सुनवाई पश्चिम बंगाल से बाहर कराने की मांग की गई है। वकील आलोक अलख श्रीवास्तव की तरफ से दायर याचिका में संदेशखाली के पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से न निभाने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
दो जजों की खंडपीठ में सुनवाई होगी
संदेशखाली मामले पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले रविवार को उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपियों में से एक शिबू हाजरा को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की खबर आई। तृणमूल कांग्रेस नेता शिबू हाजरा को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। शिबू को हिरासत में भेजने का फैसला बशीरहाट सबडिवीजन कोर्ट ने सुनाया। इनके खिलाफ संदेशखाली में जमीन हड़पने और महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
‘संदेशखाली को कुछ लोग तिल का ताड़ बना रहे’
पूरे घटनाक्रम और राज्य की पुलिस पर लग रहे गंभीर आरोपों को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि संदेशखाली में एक घटना घटी। पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम को भेजा गया। इसके बाद उनके मित्र भाजपा के लोग घुसे। फिर तिल का ताड़ बनाया गया। उन्होंने कार्रवाई और पीड़ितों को इंसाफ का आश्वासन देते हुए कहा, ‘मैं अफसरों को भेजूंगी, जिनकी शिकायत हो बताएं। अगर किसी ने कुछ लिया है, तो सब कुछ वापस किया जाएगा।’
क्या है मामला
बता दें कि संदेशखाली जाते वक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को रोके जाने की घटना सामने आई थी। मजूमदार पुलिस कर्मियों के साथ झड़प में घायल हो गए। संदेशखाली इलाके में बड़ी संख्या में महिलाओं के तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाए जाने के बाद से तनाव व्याप्त है।
लाल सागर में हूती विद्रोहियों पर अमेरिका के पांच बड़े हमले; यूएस सेंट्रल कमांड ने की पुष्टि

लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने यमन के हूती नियंत्रित इलाकों में पांच हमले किए। यूएस सेंट्रल कमांड ने रविवार को जारी बयान में कहा, शनिवार को तीन मोबाइल एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों, एक मानव रहित सतही जहाज और एक मानव रहित जलीय जहाज पर हमला किया गया। अमेरिकी सेना की तरफ से हमले दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे (स्थानीय समय) के बीच किए गए।इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के बीच यमन के समुद्री तटों और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले की कई खबरें सामने आ चुकी हैं। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के पांच ठिकानों को निशाना बनाया है।
पाकिस्तान में फौज ही है सब कुछ, पर उसका नहीं है कोई राष्ट्रीय चरित्र

पाकिस्तानी सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी को सत्ता में लाने की पटकथा चुनाव से पहले ही लिख दी थी। उसने अपने घनघोर आलोचक इमरान खान को जेल में डाल दिया। उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। पार्टी का चुनाव चिह्न छीन लिया गया। पार्टी को निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में अपने प्रत्याशी उतारने पड़े। इसके बावजूद उन उम्मीदवारों ने नवाज शरीफ की पीएनएल (एन) और बिलावल की पीपीपी को धूल चटा दी।पाकिस्तान में यदि कोई राष्ट्रीय चरित्र वाली पार्टी है, तो वह सेना है और दिलचस्प यह है कि उसका अपना कोई राष्ट्रीय चरित्र ही नहीं है।
भले ही नवाज शरीफ की पार्टी फिर भी सरकार बना रही है, पर अब पूरा विश्व जान गया है कि उस दल को सत्ता सौंपी गई है, जिसे जनता ने बहुमत नहीं दिया है। दरअसल पाकिस्तान में अब तक अपराजेय रही सेना साल-डेढ़ साल से अपना दबदबा कायम रखने के लिए संघर्ष कर रही है। पर कुछ समय से उसका हर दांव उल्टा पड़ रहा है।
असल में पाकिस्तान ने जब से दुनिया के नक्शे में आकार लिया, तब से एकाध अपवाद छोड़कर फौज ही हुकूमत करती रही है। संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की संक्षिप्त पारी छोड़ दें, तो कोई भी राजनेता तभी काम कर पाया, जब उसने सेना के साथ तालमेल बिठाया। हालांकि अंतिम दिनों में जिन्ना भी अपनी छवि पर दाग लगने से नहीं रोक पाए थे। यहीं से पाकिस्तान के लोकतंत्र की गाड़ी पटरी से उतर गई। फौज धीरे-धीरे निरंकुश होती गई और उसके अधिकारी अपने-अपने धंधे करते रहे। यह फौज जुल्फिकार अली भुट्टो को प्रधानमंत्री भी बनवाती और सरेआम फांसी पर लटकाती है, बहुमत से चुनाव जीतने के बाद भी बंगबंधु शेख मुजीब उर रहमान को जेल में डालती है और एक मुल्क के दो टुकड़े भी होने देती है। बेनजीर भुट्टो की हत्या भी ऐसी ही साजिश का परिणाम थी। कारगिल में घुसपैठ कराके अपनी किरकिरी कराने वाली भी यही फौज है। यानी सेना को जम्हूरियत तभी तक अच्छी लगती है, जब तक हुक्मरान उसकी जेब में रहें और उसके इशारों पर नाचते रहें। देश का पिछड़ापन और तमाम गंभीर मसले उसे परेशान नहीं करते। वह जानती है कि लोग जब तक हिंदुस्तान से नफरत करते रहेंगे, तब तक उसकी दुकान चलती रहेगी।
पाकिस्तान में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, आतंकवादी वारदातें कम नहीं हो रही हैं, उद्योग-धंधे चौपट हैं, दुनिया में पाकिस्तान की किरकिरी हो रही है और देश दिवालिया होने के कगार पर है। शाहबाज शरीफ कल भी फौज की कठपुतली थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे। आज यदि सेना इमरान को प्रधानमंत्री बना दे, तो वे फिर फौज के गीत गाने लगेंगे और शाहबाज शरीफ को सेना गद्दी से उतार दे, तो वह उसके खिलाफ धरने पर बैठ जाएंगे। यानी पाकिस्तान में फौज ही सबकुछ है।
फौज के खिलाफ आम नागरिक सड़कों पर उतर आएं, ऐसा सिर्फ एक बार हुआ है। उस समय जनरल अयूब खान को राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा ने सेना का मुखिया बनाया था। बीस दिन ही बीते थे कि अयूब खान ने सैनिक विद्रोह के जरिये मिर्जा को ही पद से हटा दिया। वे ग्यारह साल तक पाकिस्तान के सैनिक शासक रहे। इस दरम्यान अवाम कुशासन से त्रस्त हो गई थी और लोग सड़कों पर उतर आए थे। अयूब खान जब देश छोड़कर भागे, तो अपना उत्तराधिकारी जनरल याह्या खान को बना गए।
पचहत्तर साल बाद भी पाकिस्तान में कोई अखिल राष्ट्रीय पार्टी नहीं उभर पाई है। बिलावल भुट्टो की अगुआई वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी सिंध के मतदाताओं की दया पर निर्भर है, तो शरीफ बंधुओं की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) पंजाब के वोटरों के इर्द-गिर्द घूमती है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पख्तूनिस्तान और आसपास के सीमांत इलाकों में जनाधार वाली पार्टी है। बाकी कुछ सूबाई राजनीतिक दल भी चुनाव मैदान में हैं। लेकिन उनका असर इतना कम है कि उनकी नुमाइंदगी बमुश्किल दहाई में पहुंच पाती है। पाकिस्तान में यदि कोई राष्ट्रीय चरित्र वाली पार्टी है, तो वह सेना है और दिलचस्प यह है कि उसका अपना कोई राष्ट्रीय चरित्र ही नहीं है। वह कभी चुनाव मैदान में नहीं उतरती। वह केवल सियासी दलों को लड़वाने का काम करती है। वह अमेरिका से आशीर्वाद लेती है और वहां की चुनी हुई सरकार चीन के गीत गाती है। इस तरह दोनों महाशक्तियों के साथ उसका संतुलन बना रहता है।
गौतमबुद्ध नगर में 1.95 लाख करोड़ का होगा निवेश, अकेले नोएडा में तीन लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) का आगाज होगा। इसमें गौतमबुद्धनगर की सबसे अहम भूमिका होगी। अकेले गौतमबुद्ध नगर में 1.95 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतारा जाएगा। इससे करीब तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साफ है कि यूपी के निवेश इंजन के रूप में तीनों प्राधिकरण अहम भूमिका निभाएंगे।इसमें गौतमबुद्धनगर की सबसे अहम भूमिका होगी। अकेले गौतमबुद्ध नगर मेंे 1.95 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतारा जाएगा। इससे करीब तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साफ है कि यूपी के निवेश इंजन के रूप में तीनों प्राधिकरण अहम भूमिका निभाएंगे।
नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमेनी में 60-60 हजार करोड़ के निवेश को धरातल पा लाने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष नोएडा करीब 75 हजार करोड़, ग्रेनो 60,014 करोड़ रुपये और यीडा 60 हजार करोड़ के सापेक्ष करीब 80 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव उतारेगा। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 1.95 लाख करोड़ के सापेक्ष करीब तीन लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
हालांकि इसका ज्यादातर श्रेय नोएडा हवाई अड्डा परियोजना को ही जाता है। इसके बनने के बाद ही विदेशों से गौतमबुद्ध नगर में निवेश आया है। इस बार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में औद्योगिक निवेश करीब 60 फीसदी है। प्रदेश सरकार ने वैश्विक निवेश सम्मेलन में कई तरह के प्रयोग करते हुए बदलाव किए हैं। इनमें न सिर्फ अधिकारियों को निवेश लाने के लिए लगाया गया है बल्कि मंत्रियों ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।
नतीजन 33.50 लाख करोड़ रुपये का पहला प्रस्ताव मिला। इनमें 40 फीसदी के करीब गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों और यूपीसीडा को निवेश के प्रस्ताव मिले। लखनऊ में होने वाली इस सेरेमनी में बड़े निवेशकों को जमीन अलाॅट करने की प्रक्रिया की जाएगी।
यीडा सिटी में लक्ष्य से अधिक आया निवेश
लखनऊ में सोमवार को आयोजित हो रही ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में न सिर्फ प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जाएगा। बल्कि एफडीआई कॉन्क्लेव में हिस्सा लेकर यमुना प्राधिकरण के अधिकारी और निवेश लाने का प्रयास करेंगे। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यीडा सिटी में बनने जा रही फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और नोएडा हवाई अड्डे का पवेलियन बनाया गया है।
जहां इन परियोजनाओं के बारे में निवेशकों को जानकारी दी जाएगी। दरअसल, फरवरी 2023 में लखनऊ में हुए वैश्विक निवेश सम्मेलन में यीडा जीबीसी से मिले लक्ष्य से 60 हजार करोड़ अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने जा रहा है। अहम बात यह है कि इसमें फिल्म सिटी, डाटा पार्क व मिक्स लैंड यूज जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल नहीं हैं। जीबीसी के बाद निवेश के लिए आगे आईं कंपनियों की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ग्रेनो में होने वाला निवेश
- ग्रेनो प्राधिकरण ने ग्राउंड सेरेमनी में 169 परियोजनाओं को शामिल किया है
- ग्रेनो प्राधिकरण से करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा
- बिल्डर की 51 परियोजनाओं से ग्रेनो प्राधिकरण में 26 हजार करोड़ का निवेश होगा
- संस्थागत की 28 परियोजनाओं से चार हजार करोड़ के निवेश धरातल पर आएंगे
- औद्योगिक की 50 परियोजनाओं में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा
बाजार में गिरावट के साथ भी आईपीएओ में करें निवेश, इनमें लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजारों में पिछले कुछ समय से गिरावट देखने को मिल रही है। इस दौर में जहां सस्ते शेयर मिल सकते हैं, वहीं इस सप्ताह चार आईपीओ भी खुल रहे हैं। इसलिए, दो तरह के निवेश का अवसर मिल रहा है। बाजार में गिरावट के बीच आईपीओ में निवेश का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट
हाल के समय में शेयर बाजार में अच्छा खासा उतार-चढ़ाव रहा है। यह 73,000 से टूटकर 71,000 तक आ गया और फिर 72,000 के पार चला गया। बाजार के इस उतार-चढ़ाव में अच्छी खासी कंपनियों के शेयरों की भी जमकर पिटाई हुई है। एचडीएफसी बैंक का शेयर जहां एक साल के निचले स्तर को छू गया, वहीं सरकारी कंपनियों के शेयरों में भी हाल में भारी गिरावट देखी गई है। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर कुछ और गिरावट इन शेयरों में होती है तो इनमें खरीदारी का अवसर बन सकता है।
आगे और उतार-चढ़ाव की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से कई देशों में नए तनाव पैदा हो रहे हैं और वैश्विक स्तर पर स्थितियां चिंताजनक बनी है, ऐसे में आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, भारत में इस साल होने वाले आम चुनाव पर पूरे बाजार की चाल अब निर्भर हो गई है।
आईपीओ में इस हफ्ते लगा सकते हैं दांव
आईपीओ बाजार लगातार तेजी में है। हर हफ्ते छोटे और मुख्य प्लेटफॉर्म पर आईपीओ आ रहे हैं। इनमें जुपिटर होटल से जीपीटी हेल्थकेय तक शामिल हैं। इनका आईपीओ इसी हफ्ते खुलेगा। दो एसएमई आईपीओ हैं। इनके अलावा चार आईपीओ सूचीबद्ध भी होने वाले हैं। इन सभी आईपीओ को अच्छा खासा रिस्पांस मिला है।
बिजनेस साइकल फंड में करें निवेश
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार के इस उतार-चढ़ाव में उन निवेशकों को म्यूचुअल फंड के बिजनेस साइकल फंड में निवेश करना चाहिए, जो कम जोखिम में अच्छा रिटर्न चाहते हैं। इस समय अर्थव्यवस्था मजबूत है। ऐसे में बिजनेस साइकल फंड सभी सेक्टर में अवसरों का फायदा उठाते हैं। इसलिए इस फंड में निवेश कर अच्छा खासा रिटर्न बनाया जा सकता है।
जो निवेशक बिजनेस साइकल में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें लंबे समय के लिए इसमें पैसा लगाना चाहिए। इस तरह के फंडों में 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है। -प्रिंस जैन संस्थापक, मनी मैथ फाइनेंशियल
जैनमुनि आचार्य विद्यासागर ने सबसे ज्यादा 505 मुनियों को दी दीक्षा, आजीवन रहे त्याग की प्रतिमूर्ति

संलेखना कर देह त्यागने वाले जैनमुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने सबसे अधिक 505 मुनियों को दीक्षा दी थी। दिगंबर मुनि परंपरा के आचार्य विद्यासागर महाराज ऐसा करने वाले देश के अकेले आचार्य रहे। उनके बाद आचार्य श्री कुंथु सागर महाराज ने 325 मुनियों को दीक्षा दी थी।
10 अक्तूबर, 1946 को कर्नाटक के बेलगांव जिले के सदलगा गांव में जन्मे आचार्य विद्यासागर ने 22 साल की उम्र में दीक्षा ली थी। उन्होंने आजीवन नमक-चीनी, हरी सब्जी, दूध-दही, सूखे मेवे का सेवन नहीं किया। उन्होंने आजीवन तेल और चटाई का भी त्याग कर दिया था। वह एक ही करवट में सोते थे और दिन में एक बार ही पानी पीते थे। उन्हें आचार्य पद की दीक्षा आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज ने 22 नवंबर 1972 को दी थी।
आचार्य विद्यासागर महाराज ने 1980 को पहली दीक्षा छतरपुर में मुनि श्री समय सागर महाराज को दी थी। दूसरी दीक्षा सागर जिले में योग सागर और नियम सागर महाराज को दी थी। दीक्षा लेने वालों में आचार्य के गृहस्थ जीवन के भाई मुनि श्री समय सागर और मुनि श्री योग सागर हैं।
देश के लिए अपूरणीय क्षति : मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य विद्यासागर महाराज के देह त्यागने पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी का ब्रह्मलीन होना देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। लोगों में आध्यात्मिक जागृति के लिए उनके बहुमूल्य प्रयास सदैव स्मरण किए जाएंगे।
पीएम ने कहा कि आचार्य जीवनपर्यंत गरीबी उन्मूलन के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटे रहे। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे निरंतर उनका आशीर्वाद मिलता रहा। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के चंद्रगिरी जैन मंदिर में उनसे हुई भेंट मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी। तब आचार्य से मुझे भरपूर स्नेह और आशीष प्राप्त हुआ था। समाज के लिए उनका अप्रतिम योगदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
मानवता के कल्याण को दी प्राथमिकता : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, महान संत परमपूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज जैसे महापुरुष का ब्रह्मलीन होना देश और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक सिर्फ मानवता के कल्याण को प्राथमिकता दी। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं कि ऐसे युगमनीषी का मुझे सान्निध्य, स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। मानवता के सच्चे उपासक आचार्य विद्यासागर महाराज का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश में आधे दिन का राजकीय शोक…छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आचार्य के देह त्याग पर आधे दिन का राजकीय शोक रहा। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा और कोई भी सरकारी समारोह या कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए।
शंभू बॉर्डर पर बढ़ रही किसानों की भीड़ दिल्ली कूच को आमादा…निहंग भी पहुंचे, समर्थन में कई संस्थाएं

शंभू सीमा पर किसानों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। नए जुड़ने वाले किसानों में युवा ज्यादा हैं। रविवार को किसान आंदोलन के छठे दिन बाॅर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन शाम को उत्साह में कुछ नौजवानों ने रस्सी फांद कर आगे जाने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें रोक लिया गया। बाॅर्डर पर जुटे किसानों का रुख साफ है कि उनकी मांगों का हल न होने पर दिल्ली कूच किया जाएगा।
रविवार को निहंगों का जत्था भी शंभू बाॅर्डर पहुंचा। इस दैरान बोले सो निहाल के जयकारों से सारा माहौल गूंज उठा। रविवार को खराब मौसम के चलते दिन में ठंडक बढ़ने के बावजूद किसानों का जोश कम नहीं हुआ। किसानों ने महिलाओं के साथ लंगर बनाने के काम में सहयोग करने के साथ-साथ अपने भाषणों के जरिये नौजवानों में खूब जोश भरा। बाॅर्डर पर दिन भर किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
बाॅर्डर पर जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से रविवार को खीर, मीठे चावल, कढ़ी चावल, रोटी व दाल के लंगर लगाए गए। सेहत संबंधी कई समस्याएं होने के बावजूद बाॅर्डर पर पहुंचे 80 साल के किसान उजागर सिंह ने कहा कि किसान नेताओं से यही मांग है कि इस बार लिखित में केंद्र से मांगों के संबंध में वादा लिया जाए। अब आर-पार की लड़ाई लड़े बिना कुछ नहीं होगा, क्योंकि जब खेतीबाड़ी नहीं रही तो फिर किसान खुद खत्म हो जाएगा। फतेहगढ़ साहिब से पहुंचे किसान परमजीत सिंह ने कहा कि किसान नेताओं के कहने पर ही आगे कदम उठाया जाएगा, लेकिन किसान नेता भी यही चाहेंगे कि दिल्ली जाकर मांगों को लेकर लड़ाई लड़ी जाए।
समर्थन में उतरीं कई समाजसेवी संस्थाएं
शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में समाजसेवी संस्थाएं भी उतर गई हैं। खालसा एड, जेएसडब्ल्यू, पहरेदार कई प्राइवेट अस्पतालों के डाक्टर व उनके स्टाफ सहित कई अन्य समाज सेवी संस्थाएं किसानों को पीने के पानी, दवाइयां, उनकी सेहत जांच के लिए लगाए जा रहे कैंप, दूध, जूस, बिस्कुट, लस्सी, 24 घंटे लंगर की व्यवस्था सहित अन्य जरूरत की हर चीज मुहैया करवा रही हैं।
किसान रहे शांत तो सुरक्षा बलों ने भी नहीं दागे आंसू गैस के गोले
शंभू बॉर्डर पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। शुरुआती दो दिनों के मुकाबले अब यहां माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है। अर्धसैनिक बलों ने रविवार को कोई कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन कर रहे किसान भी आगे बढ़ने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। किसान नेताओं के बार-बार आग्रह के बाद हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग से 50 मीटर की दूरी पर लगी रस्सी के पीछे ही बैठे रहे। बुजुर्ग किसानों ने युवाओं को आगे जाने से रोकने के लिए कुछ देर के लिए रस्सी के पास जाकर पहरा भी दिया। किसान नेताओं के मंच पर बड़ी तादाद में महिलाएं भी शंभू बॉर्डर पर किसानों का साथ देने पहुंचीं। इस दौरान कुछ युवा लंगर में ड्यूटी निभाते दिखे तो कुछ वहां मौजूद लोगों की सेवा करते दिखाई दिए।
दो दिन में बैरिकेड्स नहीं हटे तो खाप खुद हटाएंगी
जींद जिले की खाप और किसान संगठनों की रविवार को गढ़ी थाने में पुलिस प्रशासन के साथ बैठक हुई। इसमें एसपी सुमित कुमार भी शामिल हुए। इस दौरान खाप प्रतिनिधियों ने चार मुद्दों पर चर्चा करते हुए फैसला लिया कि अगर दो दिन में बैरिकेड्स नहीं हटाए गए तो वह खुद हटाएंगे। कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश, बारह खाप जुलाना से बसाऊ राम लाठर और आजाद पालवां ने कहा कि 10 दिन से इंटरनेट बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नौकरी के निकले फार्म भी नहीं भरे जा रहे हैं, इसलिए नेट को जल्द चालू करवाया जाए। प्रशासन ने जिले में कई जगह बैरिकेड्स कर रास्ते बंद कर दिए हैं। इससे लोगों को कई किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
किसान को सरकार से मांग करने का हक
माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर संधू और प्रवक्ता समुंद्र फोर ने कहा कि एमएसपी की मांग किसान अपनी सरकार से कर रहे हैं। आंदोलन में जो किसान आए हैं वह पाकिस्तान से नहीं है। उन्हें अपनी सरकार से मांग करने का हक है। यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया और मांगें नहीं मानीं तो हरियाणा के सभी वर्ग मिलकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग पर पर हाइड्रोजन से दौड़ेगी ट्रेन, प्रक्रिया तेज

विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग पर जल्द हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी। नैरोगेज पर दौड़ने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पहली ट्रेन होगी। कालका-शिमला नैरोगेज लाइन पर रेलवे बोर्ड ने हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए ट्रायल शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने 2024-25 के बजट में उत्तरी रेलवे के हेरिटेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाइड्रोजन ट्रेन को शामिल किया है।
कालका-शिमला रेलवे खंड पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने के लिए कालका, शिमला और बड़ोग स्टेशनों पर हाइड्रोजन ईंधन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन तीन स्टेशनों पर पानी से हाइड्रोजन निकालकर ईंधन में बदलने के प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए कालका-शिमला रेल खंड का सर्वे भी किया जा चुका है। मौजूदा समय में इस रेल खंड पर डीजल इंजन से ही ट्रेनें चल रही हैं।
हाइड्रोजन को प्रदूषण रहित स्वच्छ ईंधन माना जाता है। हाइड्रोजन ईंधन के इस्तेमाल से हानिकारक गैसों का शून्य उत्सर्जन होता है और सिर्फ जल वाष्प निकलते हैं, जो हरित आवरण में स्वच्छ और पर्यावरण के लिए अनुकूल माने जाते हैं। रेलवे का लक्ष्य डीजल से चलने वाले लोकोमोटिव (इंजन) को हाइड्रोजन इंजन में बदलना है, ताकि हरित ईंधन आधारित ट्रेनें उपलब्ध कराई जा सकें। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह ट्रेन सेट के रूप में शुरू करने की योजना है।
नैरोगेज लाइन पर चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पहली ट्रेन होगी। कालका- शिमला रेलमार्ग पर ट्रेन के संचालन के लिए तीन हाइड्रोजन गैस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसका शुरुआती चरण में कार्य चल रहा है। -मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला मंडल
अब बीएचयू परिसर को गंगाजल से धोएंगे कांग्रेसी, भाजपा पर लगाया काशी को कलंकित करने का आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बाद गोदौलिया चौक को गंगाजल से धोने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया गया है। साथ ही तय किया गया कि कांग्रेस नेता बीएचयू परिसर में उस स्थान को गंगाजल से धुलेंगे, जहां आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। यह कहना है महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे का।इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया गया है। साथ ही तय किया गया कि कांग्रेस नेता बीएचयू परिसर में उस स्थान को गंगाजल से धुलेंगे, जहां आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। यह कहना है महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे का।
कांग्रेस नेता रविवार को मैदागिन स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा के साथ लापरवाही की गई। मंदिर प्रशासन की ओर से अर्चक की व्यवस्था नहीं की गई। गर्भगृह में राजेंद्र तिवारी बबलू को पूजा कराने की अनुमति दी गई। राहुल के जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़कों को गंगाजल से धुल रहे थे। यह ठीक नहीं है। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य अनिल श्रीवास्तव अन्नू ने कहा कि भाजपाइयों ने गोदौलिया चौराहे को गंगाजल से धोकर अपनी खराब मानसिकता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने गोदौलिया चौराहे को गंगाजल से धोकर बनारस की मर्यादा कलंकित की है। इससे काशी शर्मसार हुई है। इस अशोभनीय कृत्य के लिए भाजपा नेतृत्व को काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए। युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मनीष उपाध्याय ने कहा यह घटना निंदनीय है। भाजपा इस के लिए माफी मांगे।
निंदनीय है घटना, करेंगे विरोध
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह घटना निंदनीय है। काशी में इसका व्यापक रूप से विरोध किया जाएगा। प्रशासन की ओर से अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगी।
बेंगलुरु में एक इत्र के गोदाम में लगी आग, तीन लोगों की हुई मौत
कर्नाटक के बेंगलुरु शहर के रायसंद्रा के पास एक इत्र के गोदाम में भीषण आग लग गई है। इस हादसे में अभी तक तीन की मौत हो गई जबकि पांच लोग घायल हो गए।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमल नाथ ने पार्टी छोड़ने के बारे में कुछ नहीं सोचा- सज्जन सिंह वर्मा
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमल नाथ से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि मेरी उनसे चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि अभी उनका फोकस इस बात पर है कि 29 लोकसभा सीटों पर जातिगत समीकरण कैसे होंगे मध्य प्रदेश में। उन्होंने कहा कि कमल नाथ ने पार्टी छोड़ने के बारे में कुछ भी नहीं सोचा है।
कांग्रेस के नेतृत्व से निराश हूं- गुलाम नबी आजाद
एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डीपीएपी के अध्यक्ष गुलाम नबी आज़ाद का कहना है कि मैं कांग्रेस के नेतृत्व से निराश हूं, यह वरिष्ठ नेताओं को पार्टी छोड़ने पर मजबूर कर रहा है। मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं को खोने से परेशान हैं।
आर्चाय विद्यासागर को याद करते हुए भावुक हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी आचार्य विद्यासागर जी को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आर्चाय विद्यासागर जी विचार आगे भी प्रेरणा देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि देश का संकल्प विराट होगा। उन्होंने कहा कि हमें अबकी बार 370 का माइलस्टोन पार करना होगा। भारत को विकसित बनाना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि हमें विकसित भारत की लंबी छलांग लगानी है।
वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा, ”हम पिछले कुछ समय से मानव-पशु संघर्ष के कारण आने वाली इन त्रासदियों का सामना कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में इनकी संख्या अधिक हो गई है…इसलिए मैं यहां उन लोगों से बात करने आया हूं जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है। हमने प्रशासन से कहा है कि उन्हें बिना देरी किए हुए मुआवजा देना चाहिए।हमने एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करने और उसका परीक्षण करने पर भी विचार करने का सुझाव दिया है…”
भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के निधन पर एक मिनट का मौन रखा।





