Breaking News In Hindi LIVE (09 नवंबर 2023): तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की एथिक्स कमिटी आज मिलेगी। अपनी रिपोर्ट में समिति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से महुआ की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश कर सकती है। संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में कमिटी ने लगभग 500 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। सुप्रीम कोर्ट आज दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ गुरुवार को फैसला सुनाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार पूरी सरकार अयोध्या में रामलला के दरबार में नतमस्तक होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक अयोध्या में होगी। पहली बार प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग अयोध्या में होगी। साल 2019 में कैबिनेट की बैठक प्रयागराज में हो चुकी है।
कैश फॉर क्वेरी मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं। निशिकांद दुबे ने तृणमूल कांग्रेस सांसद के खिलाफ 21 अक्टूबर को भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल के पास शिकायत दी थी।
कश्मीर ज़ोन पुलिस ने ट्वीट किया, ‘शोपियां के कथोहलान इलाके में मुठभेड़ हुई। प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीआरएफ से जुड़े एक आतंकवादी को मार गिराया गया। हथियार और गोला-बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। तलाश जारी है।’
मानव तस्करी में NIA के 10 राज्यों में छापे, 44 अरेस्ट
मानव तस्करी मामले में एनआईए ने देश के 10 राज्यों में 55 ठिकानों पर छापेमारी की। इन जगहों से 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो अवैध रूप से देश में घुसपैठ कराने समेत अन्य गैर कानूनी कार्यों में शामिल थे। एनआईए ने बताया कि इस मामले में बुधवार सुबह से ही छापेमारी शुरू कर दी गई थी। छापेमारी की यह कार्रवाई त्रिपुरा, असम, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, हरियाणा, पुडुचेरी, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में की गई।
सीरिया में IS का हमला, 21 लड़ाकों का मौत
बेरूत: इस्लामिक स्टेट समूह ने पूर्वी सीरिया में मंगलवार रात सरकार समर्थक लड़ाकों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 21 लड़ाके मारे गए। यह जानकारी सरकार समर्थक मीडिया और एक विपक्षी युद्ध निगरानी संस्था ने बुधवार को दी। शाम एफएम रेडियो ने बताया कि सरकार समर्थक नेशनज डिफेंस प्लेसेज के लड़ाकों पर मध्य सीरियाई रेगिस्तान में सरकार के नियंत्रण वाले होम्स और रक्का शहर के बीच स्थित अल-कौम गांव में घात लगाकर हमला किया गया। वहीं युद्ध निगरानी संस्था ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने भी हमले के लिए आईएस को दोषी ठहराया, लेकिन मरने वालों की संख्या अधिक बताई और कहा कि इसमें 34 लड़ाके मारे गए हैं। ऐसे हमलों के बाद हताहतों की संख्या अलग-अलग होना आम बात है।
लड़खड़ाते पैरों को हाथों से थामा… शाह, राजनाथ के साथ जन्मदिन की महफिल जमाने आडवाणी के घर पहुंचे PM मोदी
बीजेपी के दिग्गज और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी आज 96 साल के हो गए हैं। चुनावी प्रेशर के बीच पीएम नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह के साथ उनके घर पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें हाथ पकड़कर बाहर लेकर भी आए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को ईमानदारी और समर्पण का प्रतीक बताते हुए, जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दी। आडवाणी के जन्मदिन के मौके पर देश के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि उनके ( लालकृष्ण आडवाणी) दूरदर्शी नेतृत्व ने राष्ट्रीय प्रगति और एकता को आगे बढ़ाया है।
ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत, मोदी सरकार पर साधा निशाना

आयोग के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा को हार से बचाने के लिए ईडी कार्रवाई कर रही है लेकिन भाजपा ईडी का सहारा लेकर भी राज्य में अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर पाएगी। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप कर मोदी सरकार के इशारे पर हो रही ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया कि ईडी भाजपा के चुनाव विभाग की तरह काम कर रहा है। चुनावी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ईडी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार देर शाम को आयोग से मुलाकात की।
आयोग के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा को हार से बचाने के लिए ईडी कार्रवाई कर रही है लेकिन भाजपा ईडी का सहारा लेकर भी राज्य में अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के चुनाव से पहले आयोग से मिलने का समय मांगा था लेकिन समय नहीं मिला। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को शिकायत भी दी है।
ये है शिकायत
इसमें कहा गया है कि 18 महीने पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने महादेव एप मामले की जांच शुरू की थी। करीब 500 गिरफ्तारियां हुई, सैकड़ों मोबाइल फोन, लैपटॉप और अकाउंट बरामद किए गए। छह महीने पहले मुख्यमंत्री ने आरोपियों की गिरफ्तारी और एप को बैन करने की भी मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने तब कुछ नहीं किया। अब चुनावी समय में ईडी राजनीतिक दबाव में राज्य में नई-नई चीजें सामने ला रहे हैं।
चुनाव के समय ईडी लगा रही आरोप: कांग्रेस
कांग्रेस ने सवाल किया कि केंद्र ने पहले महादेव एप पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई। उन्हें प्रदेश सरकार की पूर्व अनुमति क्यों चाहिए थी? ईडी कहती है कि गैरकानूनी काम हो रहा है, छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए बाहर से पैसा आ रहा है। ईडी ने चुनाव से पहले जांच शुरू नहीं की और चुनाव के समय आरोप लगाया ताकि चुनाव में कांग्रेस का नुकसान हो। ईडी ने जिन लोगों के नाम लिए हैं, चार्जशीट में उनकी भूमिका साफ नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री के कई अफसरों पर आरोप लगाया है लेकिन चार्जशीट में उनका संबंध महादेव एप से नहीं बताया है।
स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी ख्याल रखेगा ‘मंडिया रा भोज’

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मंडी जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) मंडी ने जिले के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का गिफ्ट पैक तैयार किया है, जिसे ‘मंडिया रा भोज’ नाम दिया है।ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मंडी जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) मंडी ने जिले के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का गिफ्ट पैक तैयार किया है, जिसे ‘मंडिया रा भोज’ नाम दिया है। इसमें स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे कोदो के बिस्कुट और लड्डू, पंचगव्य दीये, सोयाबीन की बर्फी, शहद और हल्दी जैसे उत्पाद शामिल किए हैं। इस तरह इन उपहारों में स्वाद और सेहत के साथ महिला सशक्तिकरण का भी संदेश निहित है।
दिवाली के लिए तैयार इन खास गिफ्ट पैक को डीआरडीए मंडी के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा इन्हें मंडी की इंदिरा मार्केट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खुली दुकान में भी बिक्री के लिए रखा गया है। अतिरिक्त उपायुक्त मंडी निवेदिता नेगी ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने और उनके द्वारा निर्मित श्रेष्ठ उत्पादों को व्यापक पहचान और मार्केट देने का सराहनीय प्रयास है।
इस बार दिवाली के लिए प्रारंभिक तौर कुछ ही गिफ्ट पैक तैयार किए हैं। लोगों की प्रतिक्रिया और मांग को देखते हुए आगे सामान्यतः उपहार देने में उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर इस प्रकार से गिफ्ट पैक तैयार करने की योजना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों, कॉर्पोरेट घरानों को भी इसमें जोड़ने की योजना है, ताकि वे विविध आयोजनों में उपहार देने के लिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के ‘गिफ्ट पैक’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित हों। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने में भागीदारी करें। इससे महिलाओं के स्वावलंबन के प्रयासों को नई गति और ऊर्जा मिलेगी।
डीआरडीए मंडी के परियोजना अधिकारी जीसी पाठक ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 8,142 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनमें 62,414 परिवारों की महिलाओं को जोड़ा गया है। उधर, डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों के गिफ्ट पैक बनाने तथा उन्हें व्यापक पहचान व मार्केट उपलब्ध कराने पर बल दिया जा रहा है ताकि वे सामाजिक-आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
झगड़े के बाद दबंगों ने तीन लोगों को पिटबुल से कटवाया, एफआईआर दर्ज, जांच जारी

इससे भी मन नहीं भरा तो चाचा-भतीजे समेत तीनों को पिटबुल कुत्ते से कटवा दिया। सभी घायलाें को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कोतवाली फेज-2 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नोएडा में सड़क पर चलने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने तीन लोगों के साथ डंडों से मारपीट की। इससे भी मन नहीं भरा तो चाचा-भतीजे समेत तीनों को पिटबुल कुत्ते से कटवा दिया। सभी घायलाें को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में कोतवाली फेज-2 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने पुजारियों की नियुक्ति पर अपने पुराने आदेश को रद्द करने से किया इनकार, जानें मामला

शीर्ष अदालत ने अब याचिकाओं पर आगे की सुनवाई 25 जनवरी, 2024 को तय की है और कहा है कि वह इसी तरह के मुद्दे पर मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष लंबित कार्यवाही पर रोक नहीं लगाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में ‘अगामिक’ परंपरा से शासित मंदिरों में ‘अर्चकों’ या पुजारियों की नियुक्ति पर अपने पुराने आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत के 25 सितंबर के आदेश में तमिलनाडु सरकार से नियुक्ति में मौजूदा शर्तों को बरकरार रखने को कहा गया था।
शोपियां में मुठभेड़ शुरू, पुलिस और सेना के जवान मोर्चे पर
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में मुठभेड़ की खबर है। कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट कर बताया है कि शोपियां के कथोहलान इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है. पुलिस और सेना के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं।
8 साल में सालाना 13.63 फीसदी रिटर्न, पहले बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 30 नवंबर को होगी पूरी

परिपक्वता अवधि या बॉन्ड के भुनाने का दाम सोने के 999 शुद्धता के पिछले हफ्ते (सोमवार से शुक्रवार) के औसत बंद भाव पर होता है। इस कीमत को इंडियन बुलियन एवं जूलरी एसोसिएशन जारी करता है।सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली परिपक्वता अवधि 30 नवंबर को पूरी होगी। आठ वर्षों में इस बॉन्ड ने 13.63% की दर से रिटर्न दिया है। परिपक्वता अवधि की कीमत को आरबीआई इसी महीने जारी करेगा। इतना ज्यादा फायदा इसलिए मिला, क्योंकि इस अवधि में सोने की कीमतों में दोगुना से ज्यादा उछाल आया।
आरबीआई ने पहली बार गोल्ड बॉन्ड की शुरुआत नवंबर, 2015 में की थी।
परिपक्वता अवधि या बॉन्ड के भुनाने का दाम सोने के 999 शुद्धता के पिछले हफ्ते (सोमवार से शुक्रवार) के औसत बंद भाव पर होता है। इस कीमत को इंडियन बुलियन एवं जूलरी एसोसिएशन जारी करता है। आरबीआई ने हाल में 2017-18 के बॉन्ड से समय से पहले भी निकासी की घोषणा की थी।
इसकी कीमत 6,116 रुपये प्रति ग्राम तय की गई थी। ऐसे में पहले बॉन्ड की कीमत इसी के आस पास हो सकती है। पहले चरण की कीमत 2,684 रुपये प्रति ग्राम तय की गई थी। गोल्ड बॉन्ड में शुरुआती निवेश पर सालाना 2.75 फीसदी की दर से तय ब्याज मिलता है। ब्यूरो
ऐसे समझें रिटर्न का गणित
- निवेश की कुल रकम : 99,308 रुपये
- प्रति ग्राम सोने का भाव : 6,130 रुपये
- निकासी के समय राशि : 2,26,810 रुपये
- छमाही आधार पर ब्याज : 1,365 रुपये
- कुल वास्तविक रिटर्न : 128 फीसदी
- चक्रवृद्धि ब्याज : 10.88 फीसदी
- रिटर्न : 13.6% (10.88+2.75%)
(गणना 37 ग्राम सोने की 2,684 रुपये प्रति ग्राम कीमत के आधार पर की गई है।)
पीएम नेतन्याहू ने कहा- बंधकों को छोड़े बगैर नहीं होगा युद्धविराम, गाजा में 24 घंटे में 214 की मौत

सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में गाजा में अब तक 10,569 फलस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। जबकि इस्राइल में 1,400 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है। इस्राइल और हमास के बीच गाजा में पिछले एक महीने से संघर्ष जारी है। इस्राइली सेना गाजा के रिहायशी इलाकों में लगातार बमबारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गाजा में इस्राइल की बमबारी में 214 लोगों की मौत हुई है। इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में युद्धविराम की किसी भी संभावना को एक बार फिर खारिज कर दिया है। युद्धविराम पर बातचीत की खबरों पर नेतन्याहू ने कहा, मैं सभी तरह की झूठी अफवाहों पर विराम लगाना चाहता हूं। मैं एक बात स्पष्ट रूप से दोहराना चाहता हूं कि इस्राइली बंधकों की रिहाई के बिना कोई युद्धविराम नहीं होगा।
उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव बोले- चुनाव सामूहिक नेतृत्व में…मुख्यमंत्री पर फैसला लेगा हाईकमान

सिंहदेव ने कहा भूपेश भाई (मुख्यमंत्री भूपेश बघेल) हमारे कप्तान हैं। स्वाभाविक है दूसरे कार्यकाल के लिए पहला चेहरा भी वही हैं, लेकिन अंतिम फैसला विधायक दल और हाईकमान लेगा।बाबा के नाम से मशहूर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री त्रिभुनेश्वर शरण सिंहदेव ने कहा है कि दो तिहाई से अधिक सीटें जीतकर कांग्रेस लगातार दूसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। पांच साल सत्ता में रहकर कांग्रेस ने ऐतिहासिक काम किया है। आज तक अपने राजनीतिक कॅरिअर में किसी भी पार्टी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बुनियादी स्तर पर इतना काम होते नहीं देखा। रणनीति के तहत हम सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। भूपेश भाई (मुख्यमंत्री भूपेश बघेल) हमारे कप्तान हैं। स्वाभाविक है दूसरे कार्यकाल के लिए पहला चेहरा भी वही हैं, लेकिन अंतिम फैसला विधायक दल और हाईकमान लेगा। टीएस सिंहदेव से नीरज तिवारी की विशेष बातचीत के प्रमुख अंश…
सत्ता विरोधी लहर में दूसरी बार वापसी कैसे करें?
देखिए, जब आप सत्ता में रहते हैं तो आपके साथ दो पहलू जुड़े होते हैं। एक वह जिसे आप कर पाए और दूसरा जिसे आप नहीं कर पाए। इन बातों के बीच कह सकता हूं कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसी पार्टी के कार्यकाल में मैंने इतना काम होते नहीं देखा। पांच साल में बुनियादी स्तर पर किए कामों के दम पर ही सत्ता में वापसी करेंगे।
वापसी का आधार क्या होगा, क्या बताएंगे जनता को?
40 लाख लोग गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचे। यह रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसी नीति आयोग की है। सरकार के कामकाज को परखने का इससे बेहतर पैमाना और क्या हो सकता है। वहीं आरबीआई के अनुसार, भाजपा के 15 साल में देश के सर्वाधिक 39.94 लाख गरीब छत्तीसगढ़ में थे। ये आंकड़ा झारखंड से भी अधिक था।
पहले भूपेश है तो भरोसा है, अब भरोसे की सरकार?
जून में केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक में ही फैसला ले लिया था कि यह चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेंगे। तय हुआ था कि मुख्यमंत्री होने के नाते नेतृत्व भूपेश बघेल करेंगे। स्वाभाविक रूप से टीम के कप्तान भूपेश भाई ही हैं। वैसे भी हम चेहरे पर नहीं, बल्कि पार्टी की नीतियों और जनहित पर चुनाव लड़ रहे हैं।
यानी सत्ता में वापसी पर भूपेश दूसरी पारी खेलेंगे?
बात ऐसी है कि आप कोई मैच या शृंखला जीतते हैं तो कप्तान को ही पहले अवसर मिलना चाहिए। पहली पंक्ति में भूपेश हैं तो उन्हें ही पहला मौका मिलना चाहिए। हालांकि,अगली शृंखला का कप्तान चुनने से पहले चयन समिति की बैठक में एक से ज्यादा विकल्पों पर विचार होता है। इसमें देखा जाता है कि पार्टी की भविष्य की योजनाओं के लिहाज से कौन फिट बैठेगा। इसके बाद अंतिम फैसला होता है। इन बातों के बाद भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले कप्तान पर सबसे पहले विचार होता ही है।
चार धड़ों में ज्यादा सीटें जीतने वाले गुट का अगुवा सीएम बनेगा?
मैंने पहले भी कहा कि मुख्यमंत्री हाईकमान विधायकों की सहमति से तय करता है। कई बार जिनके साथ दो विधायक थे, वह मुख्यमंत्री बन गए। सामूहिक नेतृत्व को ऐसे समझिए कि कम समय में सभी 90 सीटों पर नहीं पहुंचा जा सकता। इसलिए बड़े नेताओं की जिम्मेदारी तय की है। अपने क्षेत्र पर विशेष फोकस रखते हुए जिसे जहां समय मिल रहा है, वो वहां पहुंच भी रहा है।
भाजपा के घोषणापत्र पर आप क्या कहेंगे?
भाजपा ने हमारे घोषणापत्र की नकल की है। जनता का जीवनस्तर संवारने वालीं हमारी घोषणाओं को वह रेवड़ी बताते थे। आज उसी रास्ते पर हैं। मैं तो इसे अपनी पार्टी की रणनीतिक जीत मान रहा हूं कि भाजपा को हमारी नीतियों को अपनाने पर मजबूर होना पड़ा। इस चुनाव में हम दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य 75 से अधिक सीटों का है।
भ्रष्टाचार पर सीएम भाजपा के निशाने पर हैं?
प्रदेश में जो भी हो रहा है, वह भाजपा की फासिस्टवादी नीति का एक और प्रमाण है। ये पार्टी हमेशा दुष्प्रचार और कानाफूसी करती रही है। केंद्र में यूपीए की सरकार में बड़े घोटालों का लगाने वाली भाजपा की अब साढ़े नौ साल से सरकार है। मजाल है, एक भी आरोप साबित कर पाई हो। भाजपा अब यही काम छत्तीसगढ़ में कर रही है। सामने वाले की छवि खराब कर अपना राजनीतिक हक साधना उद्देश्य है।
छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग में अपनों को नौकरियां देने से बेरोजगार नाराज हैं?
सीजीपीएससी में हुई भर्तियों पर सवाल उठाने वाला व्यक्ति यह साबित ही नहीं कर पाया कि गलती कहां हुई। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि कौन किसका रिश्तेदार है, लेकिन वह कुछ भी नहीं बता पाया। भाजपा प्रदेश की जनता, खासकर युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने यही कहा है कि भर्तियों में कोई कमी या भ्रष्टाचार सामने आए तो हम जांच के लिए तैयार हैं।
सरगुजा समेत कई इलाकों में धर्मांतरण को सरकार नजरंदाज कर रही?
धर्मांतरण से जुड़ा मुद्दा है ही नहीं। आरएसएस से कुछ संगठन अल्पसंख्यक समुदाय को मुर्दे दफनाने से रोक रहे हैं। संघ के लोगों का तरीका असांविधानिक था। इसकी वजह से कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती खड़ी हुई थी। हमारी सरकार ने मामले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी कानून-व्यवस्था न तोड़ने पाए। ऐसे करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के भी आदेश दिए गए थे।
उत्तराखंड, कश्मीर और हिमाचल में बढ़ेगी सर्दी, आज पंजाब-हरियाणा में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार नौ नवंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे वातावरण में छाई धुंध से छुटकारा मिल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में नौ और 10 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश तथा ऊंची पहाड़ियों पर हिमपात होने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों तथा उत्तराखंड के निचले इलाकों में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है, जिसके कारण तापमान में कमी आएगी तथा सर्दी का सितम बढ़ेगा।
धनतेरस: वाहन बिक्री का टूटेगा रिकॉर्ड, हर सेगमेंट में सकारात्मक वृद्धि, 90 फीसदी एसयूवी की हिस्सेदारी

फाडा अध्यक्ष ने बताया, कुल बुकिंग में शहरी मांग का योगदान 60 फीसदी है। ग्रामीण इलाकों से भी 40 फीसदी बुकिंग मिली है, जो उम्मीद से कम है। उन्होंने बताया कि बेहतर इन्वेंट्री की वजह से इस साल वाहनों की वेटिंग अवधि घटकर चार-छह महीने रह गई है।वाहनों की बुकिंग और खुदरा बिक्री के लिहाज से इस साल का धनतेरस शानदार रहने वाला है। देशभर के बाजारों में खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ दिख रही है। वाहनों के हर सेगमेंट में सकारात्मक वृद्धि दिख रही है। नवरात्र की तरह इस बार धनतेरस पर भी वाहन बिक्री का रिकॉर्ड टूट सकता है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बताया कि एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) के प्रति बढ़ते आकर्षण की वजह से यह धनतेरस वाहन उद्योग के लिए खास रहेगा। वाहनों की रिकॉर्ड बुकिंग हुई है। कुल बुकिंग में एसयूवी की हिस्सेदारी 90 फीसदी है। हालांकि, हैचबैक और सेडान कारों की बुकिंग में गिरावट देखी जा रही है।
फाडा अध्यक्ष ने बताया, कुल बुकिंग में शहरी मांग का योगदान 60 फीसदी है। ग्रामीण इलाकों से भी 40 फीसदी बुकिंग मिली है, जो उम्मीद से कम है। उन्होंने बताया कि बेहतर इन्वेंट्री की वजह से इस साल वाहनों की वेटिंग अवधि घटकर चार-छह महीने रह गई है। पिछले साल इन्वेंट्री में कमी से लोगों को वाहनों की डिलीवरी के लिए दो साल तक इंतजार करना पड़ा था।
दोपहिया में भी तेजी
दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेजी की उम्मीद है। फाडा का कहना है कि अब तक बुकिंग के आंकड़े अच्छे रहे हैं। धनतेरस पर दोपहिया वाहनों की बिक्री का असर नवंबर के वाहनों की बिक्री के आंकड़ों पर सकारात्मक दिखेगा।
ईवी : मांग है, पर बनाना होगा किफायती
इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) की मांग अच्छी दिख रही है, लेकिन वृद्धि स्थिर है। इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की पहुंच दो फीसदी और ई-दोपहिया वाहनों की पांच फीसदी पर स्थिर है। ईवी की पहुंच बढ़ाने के लिए इन्हें किफायती बनाना होगा।
ऑफर पिछले साल से ज्यादा
पिछले धनतेरस से इस बार ज्यादा ऑफर और फाइनेंस स्कीम उपलब्ध हैं। हैचबैक-सेडान कारों पर 5-10 फीसदी तक छूट मिल रही। एसयूवी पर छूट कम है। एक्सचेंज बोनस व कॉरपोरेट छूट जैसे कई अन्य ऑफर भी मिल रहे हैं। -मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष, फाडा
कैट का दावा, दो लाख करोड़ का होगा खुदरा कारोबार
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि धनतेरस-दिवाली के लिए सजे बाजारों में उम्मीद से ज्यादा भीड़ दिख रही है। माहौल अच्छा दिख रहा है। इस बार देशभर के खुदरा बाजारों में करीब दो लाख करोड़ रुपये तक कारोबार होने की उम्मीद है। पिछले साल धनतेरस-दिवाली पर खुदरा बाजारों में 1.50 लाख करोड़ का कारोबार हुआ था।
50,000 करोड़ की धनतेरस पर होगी खरीद और बिक्री
सिर्फ धनतेरस पर देशभर के खुदरा बाजारों में 50,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है। इसमें सोने के आभूषणों का 3,500 करोड़ का योगदान होगा। इसके अलावा, 1,000 करोड़ रुपये के बर्तन और 1,000 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बिकने की उम्मीद है।
चीन को एक लाख करोड़ की चपत
खंडेलवाल ने कहा, आत्मनिर्भर भारत और वोकल ऑफ लोकल अभियान का उपभोक्ताओं पर काफी असर पड़ा है। इस बार भारतीय कारोबारियों ने धनतेरस-दिवाली से जुड़ी किसी भी वस्तु का चीन से आयात नहीं किया। इससे चीन को एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले साल भी पड़ोसी देश को 75,000 करोड़ की चपत लगी थी।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में 6 फीसदी तेजी की उम्मीद: राई
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (राई) के सीईओ कुमार राजगोपालन ने बताया कि इस बार पिछले साल से कम उत्साह दिख रहा है। फिर भी, खुदरा बिक्री पिछले साल के मुकाबले 5-6 फीसदी तक बढ़ सकती है। हालांकि, उम्मीद 10-12 फीसदी वृद्धि की जताई जा रही थी। उन्होंने कहा, बुकिंग और पूछताछ के अब तक आंकड़ों को देखें तो इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री 6 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। फुटवियर में भी 5 फीसदी तक तेजी रह सकती है। लेकिन, कपड़ों की खरीदारी को लेकर उत्साह कम दिख रहा है।
राजगोपालन ने बताया, पिछले साल कोरोना के बाद लोग पहली बार त्योहारों में खरीदारी करने निकले थे। 2022 में दिवाली के आसपास ही शादियों का सीजन शुरू हो गया था। इसलिए, पिछले धनतेरस-दिवाली पर लोगों ने जमकर खरीदारी की थी। इस बार शादियों का सीजन देर से शुरू हो रहा है।
जो जैसा धान कूटेगा, वह वैसा चावल पाएगा, कई मामलों में एक से हैं कांग्रेस-भाजपा

अपने तीन कार्यकाल में ‘चाउर वाले बाबा’ ने इसे आगे बढ़ाया। उनके बाद ‘कका’ दो कदम आगे निकल गए। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ने रेवड़ी संस्कृति को और ऊंचाइयां देने का संकल्प दोहरा दिया है। धान के कटोरे में मुद्दों की फसल काटने की होड़ भी कम नहीं है
नक्सलवाद से जूझते 23 साल के जवान छत्तीसगढ़ को रेवड़ी संस्कृति बुढ़ापे की ओर धकेल रही है। अपने तीन कार्यकाल में ‘चाउर वाले बाबा’ ने इसे आगे बढ़ाया। उनके बाद ‘कका’ दो कदम आगे निकल गए। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ने रेवड़ी संस्कृति को और ऊंचाइयां देने का संकल्प दोहरा दिया है। धान के कटोरे में मुद्दों की फसल काटने की होड़ भी कम नहीं है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धान काटते हुए फोटो सामने आने के बाद चुनावी चर्चाओं में यह जुमला आम है…जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही। मतलब जो जैसा धान कूटेगा, वह वैसा चावल पाएगा।
रेवड़ियों और मुद्दों की खिचड़ी बनाए जाने के बीच हकीकत यह है कि प्रदेश को तरक्की की राह पर ले जाने के लिए नया हाईवे बनाना तो दूर, पहले से खस्ताहाल राजमार्ग को सुधारने तक का वादा किसी ने नहीं किया। इस मामले में बस्तर और सरगुजा संभाग की हालत सबसे खराब है। दोनों दलों के चुनावी घोषणापत्रों पर मतदाताओं की निराशा साफ नजर आती है। पंडरी बस स्टैंड स्थित चाय की दुकान पर दवा कंपनियों के कुछ प्रतिनिधि कांग्रेस की ओर से कर्जमाफी जारी रखने के साथ जातिगत गणना और केजी से पीजी तक मुफ्त पढ़ाई की घोषणा को भाजपा से अतिरिक्त मान रहे थे।
एक मल्टीनेशनल कंपनी में दवा प्रतिनिधि आरएस पटेल का मानना था, कर्जमाफी से किसानों को राहत मिलती रहेगी। मुफ्त शिक्षा से गरीबों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी। पर जातिगत गणना से हमें क्या लाभ? सत्तारूढ़ दल ने विकास को मुद्दा ही नहीं समझा। एक अन्य दवा प्रतिनिधि मुनेश शर्मा ने कहा, भाजपा ने राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) बनाने, एम्स जैसेर अस्पताल, तकनीकी शिक्षा संस्थान, निचले तबके के लिए आवास जैसी अच्छी घोषणाएं की हैं। सड़क नेटवर्क सुधारने या फिर नए हाईवे बनाने की बात बेहतर होती। उन्होंने कहा, बड़े शहरों को छोड़ दें तो कई जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति बहुत ही खराब है।
युवाओं की फिक्र सिर्फ वोट हासिल करने के लिए
प्रतियोगी छात्र अजीत ठाकुर बोले, हमारी फिक्र तो वोट के लिए दिखाई जाती है। लेकिन, बेरोजगारी दूर करने के वादे पर कोई भी खरा नहीं उतरता। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग तक में धांधली चल रही है। विकास का मुद्दे छेड़ने पर उन्होंने कहा, कभी हमारे शहर आइए। कहने को नगर निगम है पर चलने को ढंग की सड़क नहीं है। अंबिकापुर की दूरी हमारे यहां से लगभग पौने दो सौ किमी है, लेकिन बस का सफर आठ से नौ घंटे में पूरा होता है।
सड़क संपर्क अच्छा होने पर ही आएगा निवेश
वरिष्ठ पत्रकार शशांक शर्मा का कहना है कि रेवड़ियां बांटने में सत्तारूढ़ दल कहीं आगे मिलता है। विकास के मसले पर भाजपा ने कई घोषणाएं की हैं। प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने की भी पहल की है। निवेश तो तभी आएगा, जब सड़क संपर्क अच्छा होगा। चुनावी रेवड़ियां बांटने की होड़ में दोनों दलों ने ध्यान नहीं दिया। पिछले 20 सालों की सरकारों में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा बेहतर रही।
दोनों दलों की ये घोषणाएं लगभग समान
कांग्रेस
- धान का एमएसपी 3,200 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीद
- भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, गैस सिलिंडर पर 500 रुपये सब्सिडी
- 17.5 लाख गरीब परिवारों को मिलेंगे आवास, 10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त।
- युवाओं को उद्योग लगाने के लिए 50 फीसदी सब्सिडी पर कर्ज
भाजपा
- धान का एमएसपी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद
- भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार और शादीशुदा महिलाओं को 12 हजार, 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर
- पीएम आवास योजना में लंबित 18 लाख आवासों का निर्माण पूरा कराएंगे, आयुष्मान भारत योजना में हर परिवार को 5 से 10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
- उद्योगों स्थापना पर 50 फीसदी सब्सिडी के साथ बिना ब्याज के कर्ज
भाजपा के पास नया क्या
प्रदेश में 500 नए जनौषधि केंद्र खोलने की बात कही है। इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ की शुरुआत, रायपुर, नया रायपुर, भिलाई और दुर्ग को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के गठन और हर संभाग में आईआईटी की तर्ज पर सीआईटी व एम्स जैसे सिम्स की स्थापना का वादा किया है। जीपीएससी की भर्तियों में पारदर्शिता लाने और पीसीएस भर्ती घोटाले की जांच का एलान किया है।
कांग्रेस के पास नया क्या
लघु और कुटीर उद्योगों के लिए सात सौ नए ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का वादा किया है। सभी सरकारी विद्यालयों को स्वामी आत्मानंद स्कूल में तब्दील करने, सरकारी स्कूल-कॉलेजों में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, परिवहन व्यवसायियों और महिला स्वसहायता समूहों के कर्ज माफ करने का वादा किया है। इसके अलावा जातिगत गणना का एलान भी किया है।
पटाखों से ज्यादा जानलेवा दीयों से जलना, दिल्ली एम्स के चिकित्सकों के अध्ययन आए सामने

साल 2022 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से कुल नौ मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जिनमें से सात लोगों की उपचार के दौरान मौत हुई। दिवाली पर हर साल आतिशबाजी की वजह से बच्चों और वयस्कों के जलने की घटनाएं होती हैं, लेकिन नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों का कहना है कि आतिशबाजी के साथ लक्ष्मी पूजन और दीपमालिका के समय भी लोगों को खास ध्यान देने की जरूरत है। एम्स के प्रारंभिक चिकित्सा अध्ययन में यह पुष्टि हुई है कि पटाखों से ज्यादा दीयों की वजह से लोगों की अधिक मौतें हुई हैं।
इस त्योहार पर लोगों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि वह कैसे कपड़े पहनकर दीपमालिका करें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े बहुत जल्दी आग को पकड़ लेते हैं। डॉ. शिवांगी ने कहा कि एहतियात और सावधानी के साथ त्योहार मनाना जरूरी है।
झुलसे मरीजों में 93% दृष्टि की आंशिक अस्थायी हानि के शिकार
दिल्ली एम्स के ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र (आरपी सेंटर) के डॉक्टरों ने 2016 से 2018 के बीच दिवाली के आसपास एक महीने तक भर्ती होने वाले 3,374 मरीजों पर अध्ययन किया। इसमें से 83 ऐसे मरीजों को चुना गया, जो सीधे आतिशबाजी की वजह से घायल हुए। इनमें 85.11% पुरुष और 14.45% महिलाएं थीं। 72.37% दिल्ली के निवासी थे। इनमें 30.76% की उम्र 10 वर्ष से कम और 47.37% की 10 से 20 वर्ष के बीच थी। 3.95% की आयु 50 वर्ष से अधिक थी।
चिकित्सा दस्तावेज से पता चला कि 93 फीसदी मरीजों को आतिशबाजी की वजह से दृष्टि की आंशिक अस्थायी हानि हुई। यह स्थिति तब है, जब नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस के अनुसार, भारत में अंधेपन की व्यापकता करीब 1.1% है, जो आतिशबाजी की तुलना में कम है। बच्चों और पुरुषों की बात करें तो कुल 2.3% में पटाखों के कारण आंखों की चोटें पाई गईं।
राजस्थान में बागियों के कारण 52 सीटें फंसीं, पूर्व मंत्री-स्पीकर पार्टी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे
दो दशक में पहली बार न तो वसुंधरा राजे को सीएम चेहरा घोषित किया गया और न ही टिकट बंटवारे में वसुंधरा की पूरी तरह चली। राजे के बेहद करीबियों के टिकट पर पार्टी ने पूरी तरह कैंची चला दी है।
राजस्थान में पिछले पांच साल से कांग्रेस में गहलोत और पायलट गुट के बीच संघर्ष चल रहा है, जबकि भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व और वसुंधरा के बीच टकराव नहीं थम रहा है। अब टिकट कटने और न मिलने पर दावेदारों ने अपनी पार्टी से बगावत करके ताल ठोंक दी है। राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से 52 सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बागी चुनाव मैदान में हैं। अब बृहस्पतिवार के बाद ही पता चलेगा कि कितने प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले रहे हैं। ज्यादातर बागी दोनों ही पार्टियों में बड़े नेताओं के बेहद करीबी है। इनमें से कई ऐसे नेता है, जो बाजी पलट तो नहीं पाएंगे, लेकिन अपनी पार्टी प्रत्याशी का सियासी खेल जरूर बिगाड़ देंगे।
भाजपा के बागी चेहरे
शाहपुरा-भीलवाड़ा से कैलाश मेघवाल विधायक और पूर्व स्पीकर, झोटवाड़ा से पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, चित्तौड़गढ़ से वर्तमान विधायक चंद्रभान सिंह, लाडपुरा से पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत, खंडेला से पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया, बाड़मेर से पूर्व विधायक गंगाराम की पोती हैं प्रियंका चौधरी, सूरतगढ़ से पूर्व राजेंद्र भांदू, डीडवाना से पूर्व मंत्री यूनुस खान, अजमेर उत्तर से नगर परिषद के पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत, कामां से पूर्व मंत्री मदन मोहन सिंगला, बयाना से जिला अध्यक्ष की पत्नी डॉक्टर रितु बनावत, झुंझुनू से पूर्व प्रत्याशी जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र, पिलानी से पूर्व प्रत्याशी व पूर्व विधायक के बेटे कैलाश मेघवाल, सीकर से उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, फतेहपुर से पालिका अध्यक्ष मधुसूदन भिंडा, कोटपूतली से मुकेश, बांसवाड़ा से हकरू मईडा पूर्व प्रत्याशी, बस्सी से जितेंद्र मीणा पूर्व दर्जाधारी मंत्री, आसींद से पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर, गंगापुर सिटी से छोटे लाल सैनी, माली समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, लक्ष्मणगढ़ से महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अल्का शर्मा, बागीदौरा से एसटी मोर्चा के पूर्व महामंत्री खेमराज गरासिया और गढ़ी से लक्ष्मण डिंडोर, पूर्व प्रधान, डग विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रामचंद्र सुनारीवाल, सांचौर में पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी।

कांग्रेस से बगावत करने वाले
सरदारशहर से नगर परिषद के मौजूदा सभापति राजकरण चौधरी, मसूदा से पूर्व विधायक ब्रह्म देव कुमावत, हिंडौन सिटी से नगर परिषद सभापति पूर्व विधायक के बेटे बृजेश जाटव, बांदीकुई से पूर्व जिला प्रमुख विनोद शर्मा, मनोहर थाना से पूर्व विधायक कैलाश मीणा, बड़ी सादड़ी से पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, पीपल्दा से देहात जिला अध्यक्ष सरोज मीणा, छबड़ा से नरेश मीणा आरयू के पूर्व अध्यक्ष, कामां से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता खुर्शीद अहमद, डूंगरपुर से प्रधान बिछीवाड़ा देवता राम रोत, लूणकरणसर से पूर्व गृहराज्य मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल, नागौर से पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, चौरासी से पीसीसी महासचिव महेंद्र बरजोड़,खींसवर से पूर्व प्रत्याशी रहे दुर्ग सिंह चौहान, अजमेर दक्षिण से पीसीसी सदस्य हेमंत भाटी, पुष्कर से पूर्व विधायक श्रीगोपाल, केकड़ी से पूर्व विधायक बाबूलाल सिंघारिया, गंगापुर सिटी से रेलवे में अधिकारी रहे रघुवीर सिंह, नगर से तीन बार के जिला अध्यक्ष डॉक्टर गोविंद शर्मा, शाहपुरा से वर्तमान विधायक आलोक बेनीवाल, सूरसागर से पूर्व मेयर रामेश्वर दाधीच, सिवाना से राजसीको के पूर्व अध्यक्ष सुनील परिहार, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से मौजूदा विधायक जोहरी लाल मीणा, फलौदी से सरपंच कुंभ सिंह पालावत और सागवाड़ा से सरपंच संघ जिला संरक्षक पन्नालाल डोडियार।
टिकट बंटवारे में उपेक्षित वसुंधरा समर्थक बगावत की राह पर
दो दशक में पहली बार न तो वसुंधरा को सीएम चेहरा घोषित किया गया और न ही टिकट बंटवारे में वसुंधरा की पूरी तरह चली। राजे के बेहद करीबियों के टिकट पर पार्टी ने पूरी तरह कैंची चला दी है। वसुंधरा के बेहद खास माने जाने वाले पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का जयपुर की झोटवाड़ा से पहली लिस्ट में ही टिकट कट गया। अब वह भाजपा प्रत्याशी राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के खिलाफ चुनावी मैदान में है। टिकट न मिलने पर पूर्व मंत्री युनूस खान भी डीडवाना से निर्दलीय मैदान में है। वसुंधरा सरकार में मंत्री रहे पूर्व मंत्री बंशीधर बाजिया बगावत करके खंडेला से मैदान में है।
भीलवाड़ा के शाहपुरा से विधायक कैलाश मेघवाल को पहले ही पार्टी से बाहर कर दिया गया था। 89 साल मेघवाल वसुंधरा के पक्ष में खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं और मैदान में हैं। लाडपुरा से पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत बागी प्रत्याशी है। जयपुर के आदर्श नगर सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, सिविल लाइंस से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को टिकट नहीं मिला। राजे की ही करीबी और सांगानेर से विधायक अशोक लाहोटी का भी पहली लिस्ट में ही टिकट कट गया था। चित्तौड़गढ़ से बागी प्रत्याशी वर्तमान विधायक चंद्रभान सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के बीच पुरानी अदावत है। चंद्रभान ने आरोप लगाया था कि जोशी ने उनका टिकट कटवा दिया।
दिल्ली में स्कूल 18 तक बंद, दूसरे राज्यों की एप आधारित टैक्सियों पर भी प्रतिबंध

सभी स्कूलों को 9 से 18 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही, दूसरे राज्यों में पंजीकृत एप आधारित टैक्सियों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, 13 से 20 नवंबर के बीच घोषित सम-विषम योजना को भी अभी टाल दिया गया है।
प्रदूषण के गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में दिसंबर में पड़ने वाला शीतकालीन अवकाश नवंबर में ही घोषित कर दिया है। सभी स्कूलों को 9 से 18 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही, दूसरे राज्यों में पंजीकृत एप आधारित टैक्सियों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, 13 से 20 नवंबर के बीच घोषित सम-विषम योजना को भी अभी टाल दिया गया है।





