दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार दोपहर 3 बजे के आसपास भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 रही। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी को ‘असली’ शिवसेना के रूप में मान्यता देने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधते हुए कहा कि ”चोरों के गिरोह” को मान्यता देकर संविधान को कुचल दिया गया है। केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर और सूरत को देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में चुना गया वहीं नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा। सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक की अंतरिम जमानत छह महीने के लिए बढ़ा दी। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि छुट्टियों के दौरान लोगों की भीड़-भाड़ और दुनियाभर में फैल रहे वायरस के नए स्वरूप के कारण पिछले महीने संक्रमण के मामले बढ़े।
यूपीआई बेहद सफल, हर महीने 100 अरब से ज्यादा का लेनदेन, गवर्नर बोले- एप के विस्तार पर अन्य देशों से चर्चा
आरबीआई गवर्नर ने कहा, यूपीआई पहले से ही एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बन चुका है। इसकी मदद से देश में डिजिटल लेनदेन को काफी बढ़ावा मिला है। खासकर ग्रामीण भारत के इलाकों में। वास्तव में इसे और बढ़ना है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से विकसित यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) बेहद सफल रहा है। यह दुनिया की सबसे अच्छी भुगतान प्रणाली है। इस भुगतान एप में विस्तार की अधिक गुंजाइश है और यह विश्व में अग्रणी बन सकता है।
दास ने बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में कहा, देश में यूपीआई के जरिये मासिक लेनदेन कई महीने पहले ही 100 अरब का आंकड़ा पार कर गया है। देश में भारी सफलता के बाद आरबीआई अब अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों के साथ इसके विस्तार पर चर्चा कर रहा है। सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कुछ देशों में पहले से ही यूपीआई का इस्तेमाल हो रहा है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, यूपीआई पहले से ही एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बन चुका है। इसकी मदद से देश में डिजिटल लेनदेन को काफी बढ़ावा मिला है। खासकर ग्रामीण भारत के इलाकों में। वास्तव में इसे और बढ़ना है। मैं कहूंगा…यह दुनिया की अब तक की सबसे अच्छी भुगतान प्रणाली है। मैं चाहता हूं कि यह विश्व में भी अग्रणी बने। एजेंसी
दिवालिया कानून में सुधार की जरूरत
शक्तिकांत दास, गवर्नर, आरबीआई ने कहा कि दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत वसूली की दर 32 फीसदी है। पर, कानून में सुधार की जरूरत है। आईबीसी की प्रमुख आलोचना दो मोर्चों पर है…समाधान में लगने वाला समय और कर्जदाताओं को बकाया वसूली पर होने वाला नुकसान।
एनपीसीआई का प्रतिद्वंद्वी होने से गुरेज नहीं
दास ने उस आलोचना को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया कि यूपीआई पर एनपीसीआई का एकाधिकार हो गया है। उन्होंने कहा, एनपीसीआई का प्रतिद्वंद्वी होने से आरबीआई को कोई गुरेज नहीं है। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए आवेदन मंगाए थे। अभी तक जो भी प्रस्ताव आए हैं, उनमें से किसी में भी कुछ नया नहीं है।
क्रिप्टो नियमों पर दूसरों का नहीं करेंगे अनुसरण
दास ने कहा, केंद्रीय बैंक क्रिप्टोकरेंसी नियमों पर दूसरों का अनुकरण नहीं करेगा। जो दूसरे बाजार के लिए अच्छा है, जरूरी नहीं कि वह हमारे लिए भी अच्छा हो। इसलिए, आरबीआई और व्यक्तिगत रूप से हमारे विचार वही रहेेगे। उनका यह बयान अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की ओर से अमेरिका में बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के निर्माण के लिए बदलावों को मंजूरी देने के बाद आया है। सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) पर एक सवाल के जवाब में दास ने कहा, आरबीआई डिजिटल रुपये की ‘प्रोग्रामेबिलिटी’ पर काम कर रहा है ताकि इसका इस्तेमाल सरकारी सब्सिडी या नकदी जैसे विशिष्ट भुगतानों के लिए किया जा सके।
सिंगापुर से सीधे खाते में धन पा सकते हैं भारतीय : एनपीसीआई
एनपीसीआई ने कहा, भारतीय अब यूपीआई के साथ एसबीआई, आईसीआईसीआई, एक्सिस और अन्य बैंकों के एप से तत्काल समय में सिंगापुर से अपने खातों में धन प्राप्त कर सकते हैं। उपयोगकर्ताओं के लिए यह सुविधा सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध है।
जीएम सरसो: ‘जीईएसी ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर क्यों विचार नहीं किया’, केंद्र से सुप्रीम कोर्ट का सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल किया कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसलों की जैव सुरक्षा पर अदालत की ओर से नियुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति (टीईसी) की रिपोर्ट पर जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) ने ध्यान क्यों नहीं दिया। इस मामले पर सुनवाई 16 जनवरी को फिर शुरू होगी।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से पूछा कि क्या जीईएसी या विशेषज्ञों की उपसमिति ने ट्रांसजेनिक सरसों संकर डीएमएच-11 को पर्यावरणीय स्तर पर जारी किए जाने की मंजूरी देने के 25 अक्तूबर, 2022 के फैसले से पहले टीईसी की रिपोर्टों पर कभी विचार किया था। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि एक वैधानिक निकाय होने के नाते जीईएसी को इन रिपोर्टों पर विचार नहीं करना चाहिए, लेकिन हर वैज्ञानिक निष्कर्ष पर विचार किया गया है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा, हम ऐसा क्यों पूछ रहे हैं इसका कारण यह है कि जीईएसी शून्य में काम नहीं कर रहा था। यह अनियंत्रित नहीं है। ये रिपोर्टें हैं जिनमें अदालत को इस मुद्दे पर सौंपी गई एक असहमति रिपोर्ट भी शामिल है।
पूछा, दस्तावेज पर विचार नहीं करना तो रिपोर्टों को क्यों महत्व दिया जाना चाहिए
पीठ ने पूछा, यदि जीईएसी को इन दस्तावेज पर विचार नहीं करना है तो इन रिपोर्टों को क्या महत्व दिया जाना चाहिए? वेंकटरमणी ने कहा कि टीईसी की सिफारिशों और केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि जीएम फसलों के पर्यावरणीय जोखिम मूल्यांकन के लिए एक व्यापक, पारदर्शी और विज्ञान-आधारित ढांचा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2012 से नियामकीय व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। ट्रांसजेनिक सरसों हाइब्रिड डीएमएच-11 को दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर जेनेटिक मैनिपुलेशन ऑफ क्रॉप प्लांट्स (सीजीएमसीपी) द्वारा विकसित किया गया है। सरकार ने वर्ष 2002 में व्यावसायिक खेती के लिए अबतक केवल एक जीएम फसल – बीटी कपास – को मंजूरी दी है।
अब आदित्य को भी मानना पड़ेगा शिंदे गुट का व्हिप, उद्धव गुट के कई विधायक बदल सकते हैं पाला

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अपने फैसले में शिंदे की शिवसेना के विधायक भारत गोगवले को विधानसभा में सचेतक के तौर पर मंजूरी दी है। इसलिए अब शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों पर बड़ा संकट मंडराने वाला है। गोगावले की ओर से जारी व्हिप का पालन नहीं करने पर उन विधायकों पर अयोग्यता की तलवार लटकी रहेगी।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के ऐतिहासिक नतीजे के बाद, जहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राहत मिली है, वहीं अब उद्धव ठाकरे और उनके समर्थकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उद्धव ठाकरे ने एक पार्टी और तीर-धनुष के प्रतीक के रूप में शिवसेना को खो दिया है। लेकिन अब उनके सामने भविष्य में भी मुश्किलों के पहाड़ खड़े हैं। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में राहत की किरण ढूंढनी होगी। अब तो ये भी संकेत मिल रहे हैं कि उद्धव गुट के कुछ विधायक पाला बदलकर शिंदे की असली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
आदित्य ठाकरे को भी असली शिवसेना का ही व्हिप मानना पड़ेगा
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अपने फैसले में शिंदे की शिवसेना के विधायक भारत गोगवले को विधानसभा में सचेतक के तौर पर मंजूरी दी है। इसलिए अब शिवसेना (यूबीटी) के विधायकों पर बड़ा संकट मंडराने वाला है। गोगावले की ओर से जारी व्हिप का पालन नहीं करने पर उन विधायकों पर अयोग्यता की तलवार लटकी रहेगी, जो उद्धव ठाकरे के साथ हैं। यही नहीं, उद्धव के पुत्र पूर्व मंत्री विधायक आदित्य ठाकरे को भी असली शिवसेना का ही व्हिप मानना पड़ेगा। अब विधानसभा में ठाकरे गुट की ताकत भी कम हो गई है।
इसलिए विधायकों के मतों से विधान परिषद जाने के इच्छुक उम्मीदवार भी अब उद्धव ठाकरे से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते। इसके अलावा, चूंकि ठाकरे समूह के विधायक अपात्र नहीं हुए हैं, इसलिए उनमें से कुछ शिंदे गुट की ओर आकर्षित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास अब पार्टी का नाम और तीर-धनुष चिह्न है। विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि 1999 के बाद शिवसेना का संशोधित संविधान भी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं है।
उद्धव को कई मोर्चों पर लड़नी होगी जंग
उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगियों को अब कई मोर्चों पर लड़ाई लड़नी होगी। हालांकि उद्धव ठाकरे विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं, लेकिन नतीजा आने में अभी तीन से दस महीने का समय लग सकता है। तब तक विधानसभा का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा। तकनीकी मुद्दों पर पार्टी को पूरी तरह से खड़ा करना होगा। अब उद्धव ठाकरे ने मशाल का चुनाव चिह्न अपना लिया है। इसी मशाल चुनाव चिह्न पर रितुजा लटके अंधेरी विधानसभा उपचुनाव में चुनी गई हैं। लेकिन यह अस्थायी था क्योंकि समता पार्टी का भी चुनाव चिह्न मशाल है। इसके चलते पार्टी चुनाव चिह्न की समस्या भी उद्धव ठाकरे को सुलझानी होगी।
स्वामी जी का वो ऐतिहासिक भाषण, जिसने शिकागो धर्म संसद में बजाया था भारत का डंका
आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। आज उस महान शख्सियत की जयंती को भी मनाने का दिन है जिन्होंने दुनियाभर में भारतीय संस्कृति-विचारों का डंका बजाया था। 12 जनवरी, 1863 को बंगाल में जन्मे स्वामी विवेकानंद धर्म, कला, दर्शन, साहित्य में कुशल थे। शिकागो में आयोजित धर्म संसद में जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो वहां मौजूद लोग हतप्रभ रह गए।
स्वामी जी ने भारतीय संस्कृति और विरासत की ऐसी प्रस्तुति दी जो इतिहास में अंकित हो गया, सदियां बीत जाने के बाद आज भी विश्वभर में इसकी चर्चा की जाती है।
शिकागो में आयोजित धर्म संसद में भारत के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद को बोलने का अवसर दिया गया, यह उस वक्त किसी भारतीय के लिए बड़ी उपलब्धि थी। 11 सितंबर 1893 को जब स्वामी जी मंच पर पहुंचे और अपना संबोधन शुरू किया, तो वहां मौजूद लोग भारत की अनमोल संस्कृति के मुरीद हो गए।
अमेरिका में स्वामी जी ने अपने भाषण की शुरुआत लोगों को हिंदी में संबोधित करते हुए की। संबोधन की शुरुआत करते हुए जैसे ही उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के भाइयों और बहनों’ उनकी वाणी की ऊर्जा ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

हिंदी में संबोधन से की भाषण की शुरुआत
अमेरिका में स्वामी जी ने अपने भाषण की शुरुआत लोगों को हिंदी में संबोधित करते हुए की। संबोधन की शुरुआत करते हुए जैसे ही उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के भाइयों और बहनों’ उनकी वाणी की ऊर्जा ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वामी विवेकानंद ने कहा-
अमेरिका में मेरे भाइयों और बहनों मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के सताए लोगों को शरण में रखा है। मैं आपको अपने देश की प्राचीन संत परंपरा की तरफ से धन्यवाद देता हूं। आपको सभी धर्मों की जननी की तरफ से भी धन्यवाद देता हूं और सभी जाति, संप्रदाय के लाखों, करोड़ों हिंदुओं की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। मेरा धन्यवाद कुछ उन वक्ताओं को भी जिन्होंने इस मंच से यह कहा कि दुनिया में सहनशीलता का विचार सुदूर पूरब के देशों से फैला है।

आगे संबोधन में स्वामी जी ने कहा- ”मुझे इस बात का गर्व है कि मैं ऐसे धर्म से हूं जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया और हम सभी धर्मों को स्वीकार करते हैं। जिस तरह अलग-अलग जगहों से निकली नदियां, अलग रास्तों से होकर समुद्र में मिलती हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य भी अपनी इच्छा से अलग रास्ते चुनता है। ये रास्ते दिखने में भले ही अलग-अलग लगते हैं लेकिन ये सभी ईश्वर तक ही जाते हैं।”
आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो, स्वामी विवेकानंद के भाषण के बाद दो मिनट तक तालियों से गूंजता रहा। इतिहास में यह दिन भारत के लिए गर्व और सम्मान के तौर पर दर्ज कर लिया गया।
सुरक्षा उपायों में असमानता से बढ़ रहा साइबर खतरा, दावा- 10 में से आठ कारोबार असुरक्षित

सुरक्षा उपायों में असमानता से वैश्विक स्तर पर साइबर खतरे बढ़ रहे है। यह दावा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने बृहस्पतिवार को ग्लोबल साइबर सिक्युरिटी आउटलुक 2024 जारी रिपोर्ट में किया है। एक्सेंचर के सहयोग से तैयार की गई रिपोर्ट में गलत जानकारी फैलाने या सार्वजनिक धारणा में हेरफेर करने के लिए एआई जनित डीपफेक से उत्पन्न खतरों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही बाताया गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में दुनिया के 10 में 8 कारोबार साइबर सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। यह रिपोर्ट तब सामने आई है, जब दुनिया के 45 से ज्यादा देशों में चुनाव होने वाले हैं।रिपोर्ट में कहा, एआई जनित सामग्री से चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है। इसके अलावा चुनावों की अखंडता पर संदेह पैदा करने के लिए सोशल मीडिया के जरिये संगठित गिरोह गलत सूचना अभियान चला सकते हैं
संगठित गिरोह गलत सूचना अभियान चला सकते हैं
रिपोर्ट में कहा, एआई जनित सामग्री से चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है। इसके अलावा चुनावों की अखंडता पर संदेह पैदा करने के लिए सोशल मीडिया के जरिये संगठित गिरोह गलत सूचना अभियान चला सकते हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट में एआई के जरिये बड़ी मात्रा में गलत सूचना उत्पन्न करने और फैलाने के लिए की चेतावनी भी दी गई है। एजेंसी
रिपोर्ट के नतीजों पर दुनियाभर के नेता 15 जनवरी से शुरू होने वाली डब्ल्यूईएफ की पांच दिवसीय वार्षिक बैठक में चर्चा करेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर साइबर असमानता में तेज वृद्धि हुई है। 90 फीसदी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि साइबर सुरक्षा के मुद्दों को तत्काल हल करने की जरूरत है, लेकिन कई जगह इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
कोई भी देश साइबर अपराध से बचा नहीं
रिपोर्ट को लेकर इंटरपोल के महासचिव जुर्गन स्टॉक ने कहा कि कोई भी देश या संगठन साइबर अपराध से बचा नहीं है। इसके बाद भी कई देश और संगठन इन खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसकी वजह से इन खतरों से निपटने की वैश्विक प्रतिक्रिया भी सुस्त हो जाती है। यह बहुत जरूरी है कि इन खतरों से सभी एक साथ मिलकर निपटें और प्रभावी उपायों में वैश्विक स्तर पर कहीं कोई कमजोर कड़ी नहीं रहे।
निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, सम्मेलन हालिया विधानसभा चुनावों से मिले अनुभवों और सीख को साझा करने के अलावा चुनावों की योजना, खर्चों के निगरानी तंत्र, मतदाता सूचियों, आईटी के इस्तेमाल, डाटा मैनेजमेंट और ईवीएम पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है।

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (सीईओ) को मार्च से मई के बीच होने वाले लोकसभा चुनाव बेदाग तरीके से कराने का निर्देश दिया है। राजीव कुमार बृहस्पतिवार को राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के सीईओ के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सीईसी ने कहा कि चुनाव की सभी तैयारियां पुख्ता हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में आम चुनाव की घोषणा हो सकती है।
कुमार ने कहा कि आगामी चुनावों का मुख्य जोर मतदाताओं के लिए बेहतरीन अनुभव सुनिश्चित करना है। सम्मेलन में उन सीईओ ने विस्तृत प्रस्तुति दी जिनके राज्यों में अभी हाल में चुनाव संपन्न हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, सम्मेलन हालिया विधानसभा चुनावों से मिले अनुभवों और सीख को साझा करने के अलावा चुनावों की योजना, खर्चों के निगरानी तंत्र, मतदाता सूचियों, आईटी के इस्तेमाल, डाटा मैनेजमेंट और ईवीएम पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट को भी रीलॉन्च किया।
पंकज त्रिपाठी ने आइकन का पद छोड़ा
अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने चुनाव आयोग के राष्ट्रीय आइकन का पद छोड़ दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी पर बन रही फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में मुख्य भूमिका निभाने के कारण उन्होंने यह निर्णय किया।
पहली बार अंटार्कटिक के पास मिला बर्ड फ्लू, ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने स्तनधारियों में वायरस को पहचाना

एच5एन1 का संदेह पहली बार अक्तूबर में दक्षिण जॉर्जिया के उत्तर-पश्चिमी तट के एक द्वीप पर तब हुआ था जब कई भूरे स्कुआ पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके बाद हाथी और सीलें भी मरने लगे। वैज्ञानिकों ने कहा, हाथी फर सील, भूरे स्कुआ, केल्प गल्स का टेस्ट भी सकारात्मक निकला है।एच5एन1 का संदेह पहली बार अक्तूबर में दक्षिण जॉर्जिया के उत्तर-पश्चिमी तट के एक द्वीप पर तब हुआ था जब कई भूरे स्कुआ पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके बाद हाथी और सीलें भी मरने लगे। वैज्ञानिकों ने कहा, हाथी फर सील, भूरे स्कुआ, केल्प गल्स का टेस्ट भी सकारात्मक निकला है।
ब्रिटेन की पशु-पादप स्वास्थ्य एजेंसी (एपीएचए) ने कहा है कि उप-अंटार्कटिक में स्तनधारियों के भीतर पहली बार बर्ड फ्लू मिला है। इससे वायरस फैलने की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में अन्य वन्यजीवों की बड़ी आबादी भी खतरे में है। उसने कहा, रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा दक्षिणी अटलांटिक क्षेत्र के दक्षिण जॉर्जिया द्वीप पर हाथी व फर सील में पाया गया है।
‘एपीएचए’ गत वर्ष पहली बार शक होने के बाद से क्षेत्र में स्तनधारियों में बर्ड फ्लू का परीक्षण कर रही थी। वैज्ञानिक इयान ब्राउन ने कहा, अंटार्कटिक एक अनोखा और विशेष जैव विविधता वाला हॉटस्पॉट है, इसलिए इस क्षेत्र में स्तनधारियों में बीमारी फैलती देखना दुखद है।
कई पक्षी, स्तनधारी मारे गए
गत वर्ष यूरोप, अमेरिका, जापान और दक्षिण अमेरिकी देशों में एवियन फ्लू का प्रकोप हुआ, जिसमें हजारों पक्षी व स्तनधारी मारे गए। इसके प्रसार को रोकने के लिए पिछले वर्षों में लाखों जानवरों को भी मार दिया गया। इन्हें लेकर अब भी शक है।
अमेरिका के प्रवासी पक्षी एक कारण
एच5एन1 का संदेह पहली बार अक्तूबर में दक्षिण जॉर्जिया के उत्तर-पश्चिमी तट के एक द्वीप पर तब हुआ था जब कई भूरे स्कुआ पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके बाद हाथी और सीलें भी मरने लगे। वैज्ञानिकों ने कहा, हाथी फर सील, भूरे स्कुआ, केल्प गल्स का टेस्ट भी सकारात्मक निकला है।
ऑक्सफोर्ड में निपाह वायरस टीके का मानव परीक्षण शुरू
ऑक्सफोर्ड विवि ने कहा, उसने मस्तिष्क में सूजन लाने वाले निपाह वायरस के खिलाफ एक प्रायोगिक टीके का मानव परीक्षण शुरू कर दिया है। भारत के केरल व एशिया में इसका प्रकोप हुआ था।
मायावती के सामने खुद और बसपा के रसूख की चिंता, जल्दी ले सकती हैं फैसला

बसपा का यह वोट प्रतिशत पूरे देश में 1996 के लोकसभा चुनाव से तेजी से बढ़ा (1.61 से सीधे 4.2)। 2009 में यह सबसे अधिक 06.17 प्रतिशत था, लेकिन इसके बाद से गिरना शुरू हुआ। इसी तरह से उ.प्र. विधानसभा चुनाव में 2007 में सबसे अधिक 30.17 प्रतिशत वोट मिले थे। 2022 से तुलना करें तो यह वोट प्रतिशत 17.29 प्रतिशत तक गिर चुका है।
चाहे लोकसभा के चुनाव हों या फिर विधानसभा के चुनाव, तारीख नजदीक आने के कुछ महीने पहले मायावती के सचिवालय में सरगर्मी बहुत बढ़ जाती थी। अब वो बात नहीं है। बसपा के एक पुराने नेता कहते हैं कि टिकट मांगने वालों की लाइन तो तभी लगती है, जब राजनीति का बाजार चढ़ा हो। इस समय मायावती के सचिवालय में मेवा लाल गौतम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी महासचिव भी हैं। मेवा लाल गौतम हर रोज बसपा प्रमुख का सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित कर देते हैं। बसपा के एक मौजूदा सांसद को भी लोकसभा चुनाव में पार्टी के भावी रणनीति का इंतजार है और चिंता भी।
सूत्र का कहना है कि 2019 में चुनाव जीत गए थे, लेकिन 2024 में चुनाव लड़ने का आत्मबल नहीं बन पा रहा है। पूर्वांचल के सांसद का कहना है कि केवल बसपा के मूल वोटों के बैंक से लोकसभा चुनाव जीतना मुश्किल है। इसके लिए बसपा को तीन-चार प्रतिशत अन्य बिरादरी के मतों की जरूरत पड़ती है।
बसपा के नेता का कहना है कि अभी यह तीन-चार प्रतिशत अतिरिक्त वोटों का गणित नहीं समझ में आ रहा है। कांग्रेस, सपा और रालोद के साथ गठबंधन के बारे में सूत्र का कहना है कि यह फैसला तो बसपा प्रमुख को लेना है। मुझे नहीं पता कि वह इस बारे में क्या करने जा रही हैं। 15 जनवरी को बसपा प्रमुख मायावती का जन्मदिन है। मुझे भी इस दिन का इंतजार है।
अभी बसपा की ताकत कितनी बची है?
लोकसभा चुनाव 2019 में बसपा को उ.प्र. में 19.3 प्रतिशत वोट मिले थे। पूरे देश में यह वोट प्रतिशत 3.67 प्रतिशत (2014 के लोकसभा चुनाव से 0.53 प्रतिशत कम वोट) था। यानी राज्य के तीसरे नंबर की पार्टी थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में यह वोट 12.88 प्रतिशत था। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा को सपा और रालोद के साथ गठबंधन में 10 सीटें मिली थीं।
2022 में पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा और सिर्फ एक सीट जीत सकी थी। उ.प्र. विधान परिषद में बसपा का एक सदस्य है और उसका भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उत्तराखंड विधानसभा में बसपा का एक सदस्य, राजस्थान में 02 और पंजाब विधानसभा में एक सदस्य है। मैजूदा समय में उसके लोकसभा में 08 सदस्य और देश भर की विधानसभाओं में 5 सदस्य भर हैं।
इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को पूरे देश में 4.2 प्रतिशत वोट मिले थे। भाजपा और कांग्रेस के बाद बसपा वोट के मामले में देश की तीसरी बड़ी पार्टी थी। लेकिन बसपा को लोकसभा की एक भी सीट नहीं मिली थी। जबकि मायावती उ.प्र. की चार बार (12वीं,13वीं,14वी और 15 वीं विधानसभा) मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनका आखिरी कार्यकाल 2007-2012 का और राज्य की पूर्ण बहुमत की सरकार का था।
बसपा का यह वोट प्रतिशत पूरे देश में 1996 के लोकसभा चुनाव से तेजी से बढ़ा (1.61 से सीधे 4.2)। 2009 में यह सबसे अधिक 06.17 प्रतिशत था, लेकिन इसके बाद से गिरना शुरू हुआ। इसी तरह से उ.प्र. विधानसभा चुनाव में 2007 में सबसे अधिक 30.17 प्रतिशत वोट मिले थे। 2022 से तुलना करें तो यह वोट प्रतिशत 17.29 प्रतिशत तक गिर चुका है।
मायावती की मजबूरी, आखिर क्यों गठबंधन है जरूरी?
चुनावी गणित और प्रचार अभियान पर काम कर रहे प्रशांत कुमार कहते हैं कि मायावती के पास अब आखिर बचा क्या है? प्रशांत कहते हैं कि बसपा इस बार लोकसभा चुनाव में अगर अकेले उतरती हैं तो उनके सीटें जीत पाने की संभावना 2014 के चुनाव जैसी है। बहुत हद तक संभव है कि उसके वोटों में भी 1-1.5 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिले। बसपा के पास दूसरी चुनौती भी है। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपने उत्तराधिकारी और मुख्य भूमिका में लांच किया है।
प्रशांत कुमार कहते हैं कि बसपा ही एकमात्र पार्टी है जिसके पास अपना वोट गठबंधन के दलों के पास स्थानांतरित करने की क्षमता है। दूसरे दलों में यह क्षमता काफी कम है। इसलिए उ.प्र. के राजनीतिक दल उससे गठबंधन करने के इच्छुक रहते हैं। प्रशांत कहते हैं कि यदि दूसरे दलों या जातियों के मतदाताओं का वोट बसपा के साथ जुड़ जाए तो उसके सीटों की संख्या ठीक ठाक बढ़ जाती है। इसलिए अब मायावती की पार्टी को भी उ.प्र. में गठबंधन की खास जरूरत बनती जा रही है।
सुशील कुमार दूबे समाजवादी पार्टी के सचिव हैं। जमीनी नेता हैं। सुशील कुमार दूबे कहते हैं कि गठबंधन करना या न करना मायावती और उनकी पार्टी के विवेक पर निर्भर है। हमारे अध्यक्ष अखिलेश यादव मायावती का सम्मान करते हैं। कल उन्होंने अपनी राय रख दी है। दूबे कहते हैं कि इंडिया गठबंधन में मायावती आना चाहें तो इसमें बुरा क्या है? इससे तो विपक्ष की ताकत ही बढ़ेगी। इसलिए बसपा का स्वागत है।
संजय गांधी के जमाने के कांग्रेसी प्रदीप पाठक कहते हैं कि उ.प्र. के राजनीतिक गणित को समझने की कोशिश कीजिए। बसपा के भाजपा के साथ जाने की संभावना न के बराबर है। भाजपा उ.प्र. में 2024 में 70 सीटों को जीतने का सपना देख रही है। पूरे देश में उसने 400 से अधिक लोकसभा सीटों का लक्ष्य रखा है। इसमें बसपा को कहां जगह मिलने वाली है। इसलिए बसपा भी नहीं चाहेगी वह लगातार कमजोर होती चली जाए। पाठक कहते हैं कि बसपा में संजीवनी लाने का एकमात्र तरीका यही है कि वह भी इंडिया गठबंधन में शामिल हो।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा- इस साल दुनियाभर में बढ़ेगी बेरोजगारी, महंगाई के चलते बदतर होंगे हालात

इस साल दुनियाभर में बेरोजगारी बढ़ेगी। 20 लाख से अधिक लोगों के पास काम नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के मुताबिक, बेरोजगारी और रोजगार परक कामकाज में मौजूदा खाई की दर वैश्विक महामारी से पूर्व के स्तर से कुछ कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद वैश्विक बेरोजगारी दर के बढ़ने की आशंका है।आईएलओ ने कहा, 2023 में अधिकांश जी-20 देशों में वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई है, क्योंकि वेतन वृद्धि महंगाई के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई। ऐसे में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.1% से बढ़कर इस साल 5.2% पर पहुंचने का अनुमान है।
आईएलओ ने कहा, 2023 में अधिकांश जी-20 देशों में वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई है, क्योंकि वेतन वृद्धि महंगाई के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई। ऐसे में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.1% से बढ़कर इस साल 5.2% पर पहुंचने का अनुमान है। साल 2022 में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत थी जो कि पिछले साल थोड़ी बेहतर होकर 5.1 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा 2023 में वैश्विक स्तर पर रोजगार परक कामकाज में खाई और श्रमिक बाजार में भागीदारी की दर भी कुछ बेहतर हुई है।
श्रम बाजार में बढ़ा असंतुलन
आईएलओ ने कहा कि बढ़ती असमानताएं और सुस्त उत्पादकता चिंता के कारण हैं। अध्ययन में ताजा श्रम बाजार रुझानों का आकलन किया गया है। इसमें बेरोजगारी, रोजगार सृजन, श्रम बल की भागीदारी और काम के घंटे शामिल हैं, फिर उन्हें उनके सामाजिक नतीजों से जोड़ा जाता है।
चीन, रूस और मेक्सिको में गत वर्ष दिखी सकारात्मक वेतन वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार चीन, रूस व मेक्सिको ने 2023 में सकारात्मक वास्तविक वेतन वृद्धि दिखी। जी-20 के अन्य देशों में वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई। ब्राजील (6.9%), इटली (5%) व इंडोनेशिया (3.5%) में सबसे तेज गिरावट देखी गई।
मप्र में लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी का मंथन
मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर को सातवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला। इस बार इंदौर के साथ सूरत को भी यह तमगा मिला है। इंदौर को स्वच्छ शहर का खिताब मिलते ही लोगों ने जश्न मनाया। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में वर्ष 2023 का सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार इंदौर शहर को प्रदान किया। गार्बेज फ्री शहर में सात-स्टार रेटिंग के साथ इंदौर ने लगातार सातवीं बार यह उपलब्धि हासिल की है। सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में द्वितीय स्थान का पुरस्कार भी मध्य प्रदेश को प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में टीम मध्य प्रदेश ने पुरस्कार ग्रहण किए। इंदौर को स्वच्छ शहर घोषित किए जाने के बाद यहां लोग नाचने-गाने लगे और अपनी खुशी का इजहार किया। मिठाई बांटी गई। स्वच्छता के अभियान में लगने वाले कर्मचारी इस उपलब्धि से इतने खुश थे कि हाथों में झाडू लेकर नाचे और अपनी खुशी का इजहार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों, जनप्रतिनिधियों और स्वच्छता मित्रों को बधाई देते हुए उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर का लगातार सातवीं बार स्वच्छता के शिखर पर पहुंचने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन को जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश स्वच्छता के संकल्प को साकार करने में निरंतर अपना योगदान देता रहेगा और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी सर्वेक्षण में प्रदेश और बेहतर प्रदर्शन करेगा। कार्यक्रम में भोपाल शहर को स्वच्छ शहरों की सूची में गार्बेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रेटिंग के साथ पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 15,000 से 20,000 जनसंख्या वाले शहरों में बुधनी को पश्चिम जोन के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में नौरोजाबाद और अमरकंटक को फास्ट मूविंग सिटी श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान मिला है। महू ने सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड का खिताब हासिल किया है।
मध्य प्रदेश में भाजपा का लोकसभा चुनाव को लेकर मंथन
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए नेताओं को जिम्मेदारी देने के साथ 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आयोजन की सूचना घर-घर तक पहुंचाने पर मंथन किया। राज्य में लोकसभा की 29 सीटें हैं और पिछले चुनाव में भाजपा ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इस बार पार्टी ने सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए भाजपा ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा लोकसभावार जिम्मेदारी सौंपने पर भी विचार कर रही है और संभावना है कि यह काम जल्दी ही पूरा हो जाएगा। राजधानी के नजदीक स्थित सीहोर जिले में पार्टी ने विशेष बैठक बुलाई। कहा जा रहा है कि इस बैठक से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी के साथ भी बैठक हुई और इसमें लोकसभा चुनाव से लेकर 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मौके पर जन-जन की हिस्सेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा की लोकसभा चुनाव को लेकर हुई बैठक में वे सीटें सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में रही, जहां भाजपा को विधानसभा चुनाव में पिछड़ना पड़ा है। साथ ही उन दो सीटों पर भी जहां के सांसदों को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में उतारा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भाजपा की बैठक के मंच पर पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, केन्द्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य डॉ. सत्यनारायण जटिया आसीन थे। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री हितांनद, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक, फग्गन सिंह कुलस्ते, महाराष्ट्र के सह प्रभारी जयभान सिंह पवैया, प्रदेश के उप मुख्यमंत्रीद्वय, प्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्री, पूर्व मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष एवं नेतागण आदि उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा में नाथ परिवार बना श्रीराम महोत्सव का हिस्सा, भाजपा ने ली चुटकी
अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को भले ही कांग्रेस के नेताओं ने ठुकरा दिया हो] मगर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अन्य मौके पर अयोध्या जाने की बात कह चुके है। इतना ही नहीं उनका परिवार छिंदवाड़ा में चल रहे श्रीराम महोत्सव का हिस्सा बना। इस पर भाजपा ने चुटकी ली और कहा कि कमलनाथ आप विभीषण क्यों बन रहे है।
कांग्रेस के उन नेताओं में कमलनाथ की गिनती होती है] जो हिंदुत्व और सनातन की बात करने में पीछे नहीं रहते । इसके साथ ही वे धार्मिक अनुष्ठान भी करते है। छिदवाड़ा के सिमरिया में तो उन्होंने हनुमान की विशालकाय प्रतिमा स्थापित कराई है। अब उनका श्रीराम महोत्सव में हिस्सा लेना चर्चाओं में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व सांसद नकुलनाथ ने सिद्ध सिमरिया धाम पहुंचकर संकट मोचन हनुमान के दरबार में पहुंचकर माथा टेका। उसके बाद मंदिर परिसर में मारुति नंदन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री राम महोत्सव के कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। कमलनाथ व नकुलनाथ ने कार्यक्रम के मंच से पवित्र राम नाम पत्रकों पर 108 बार राम नाम लिखने के उपरांत पत्रक आयोजन समिति के उपस्थित सदस्य को सौंपा। विदित हो कि महोत्सव में पत्रकों पर राम नाम लेखन, राम नाम जाप, भंडारा व राम रक्षा स्त्रोतम का वितरण किया जा रहा है। इस महोत्सव में चार करोड़ 31 लाख राम नाम लेखन किया गया है।
भोपाल में सामूहिक सूर्य नमस्कार में हिस्सा लेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव
स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस शुक्रवार को मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के समस्त विद्यालयों में सामूहिक सूर्य नमस्कार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर में विद्यार्थियों के साथ योग करेंगे।
युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश के समस्त शिक्षण संस्थाओं में सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम, स्वामी विवेकानंद के रिकॉर्डेड ऑडियो, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का प्रसारण होगा। इसके बाद सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम सम्पन्न होगा। कार्यक्रम आकाशवाणी के प्रदेश के सभी प्रसारण केन्द्रों से एक साथ प्रसारित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन सभी शिक्षण संस्थाओं में एक साथ एक संकेत पर किया जाएगा। जिलों में आयोजित होने वाले सामूहिक सूर्य नमस्कार में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, समितियों एवं गणमान्य नागरिक भी शामिल होंगे। इस आयोजन में कक्षा छठी से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं स्वैच्छिक रूप से शामिल होंगे। प्राथमिक शाला में कक्षा पहली से कक्षा पांचवी तक के बच्चे सूर्य नमस्कार करने में शामिल नहीं होंगे, लेकिन, वे दर्शक के रूप में उपस्थित रह सकेंगे।
छिंदवाड़ा से अयोध्या भेजे जाएंगे 4.31 करोड़ बार ‘भगवान राम’ लिखे कागज
कांग्रेस सांसद नकुलनाथ ने कहा कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठता के उपलक्ष्य में सामूहिक रूप से 4.31 करोड़ बार ‘राम’ लिखे कागज 22 जनवरी को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से दो बसों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या भेजे जाएंगे। कोरे कागजों पर भगवान राम का नाम लिखने की यह पहल सिमरिया धाम में आयोजित किए जा रहे ‘श्री राम महोत्सव’ का हिस्सा है और इसका आयोजन मारुति नंदन सेवा समिति द्वारा किया जाता है जो हनुमान मंदिर का प्रबंधन देखती है।बुधवार को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने अपने बेटे नकुलनाथ के साथ सिमरिया के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कागजों पर 108 बार भगवान राम का नाम लिखा। छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नकुलनाथ ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “यह छिंदवाड़ा के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा। हम लोगों के बीच कागज वितरित करेंगे, जिस पर प्रत्येक व्यक्ति 108 बार भगवान राम का नाम लिखेगा। सामूहिक रूप से 4.31 करोड़ बार लिखे गए नाम वाले कागज एकत्र किए जाएंगे और फिर उन्हें 22 जनवरी को दो बसों में अयोध्या भेजा जाएगा।” कांग्रेस के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को “सम्मान पूर्वक अस्वीकार” कर दिया। पार्टी ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए इसे “राजनीतिक परियोजना” बनाने का आरोप लगाया और कहा कि धर्म एक “व्यक्तिगत मामला” है।
दौर को सातवीं बार स्वच्छ शहर का खिताब मिलने पर जश्न
मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर को सातवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला। इस बार इंदौर के साथ सूरत को भी यह तमगा मिला है। इंदौर को स्वच्छ शहर का खिताब मिलते ही लोगों ने जश्न मनाया। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में वर्ष 2023 का सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार इंदौर शहर को प्रदान किया। गार्बेज फ्री शहर में सात-स्टार रेटिंग के साथ इंदौर ने लगातार सातवीं बार यह उपलब्धि हासिल की है। सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में द्वितीय स्थान का पुरस्कार भी मध्य प्रदेश को प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में टीम मध्य प्रदेश ने पुरस्कार ग्रहण किए। इंदौर को स्वच्छ शहर घोषित किए जाने के बाद यहां लोग नाचने-गाने लगे और अपनी खुशी का इजहार किया। मिठाई बांटी गई। स्वच्छता के अभियान में लगने वाले कर्मचारी इस उपलब्धि से इतने खुश थे कि हाथों में झाडू लेकर नाचे और अपनी खुशी का इजहार किया।

भोपाल: मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ ने अपना असर दिखना शुरू कर दिया है। अधिकांश प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। बुधवार-गुरुवार की रात को तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। इस ठंड के सीजन में ऐसा पहली बार हुआ है जब तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का सिलसिला शुक्रवार से थम सकता है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब कहीं भी बारिश का कोई अनुमान नहीं है।
प्रदेश के सभी जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। वहीं, कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उज्जैन जिले में दक्षता घटकर 200 से 800 मीटर रह सकती है, जबकि भोपाल, सतना, सागर और चंबल संभाग के जिलों के साथ ही जबलपुर, इंदौर, रतलाम, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जिलों में घना कोहरा छाए रह सकता है। इन जगहों पर दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह सकती है।
कैसा था गुरुवार का मौसम
गुरुवार सुबह भी कई जिलों में कड़ाके की ठंड महसूस की गई और कई जगहों पर घना कोहरा छाया रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा और ठंड पड़ने की आसार हैं। मध्य प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान शिवपुरी में 4.4 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.8 ग्वालियर में 5.5 अशोकनगर में 6.02 और छतरपुर में 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जबकि अधिकतम तापमान की बात की जाए तो सीहोर जिले में सबसे कम अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस सतना में 17.2 रायसेन में 17.4 जबलपुर में 17.5 और कटनी में 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कैसा था प्रमुख शहरों का तापमान
प्रमुख शहरों के तापमान की बात की जाए तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 13.6 जबकि अधिकतम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ ग्वालियर में न्यूनतम 5.5 अधिकतम 20.8 इंदौर में न्यूनतम 15.4 अधिकतम 25 जबलपुर में न्यूनतम 14.7 अधिकतम 24 रीवा में न्यूनतम 8.4 अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
इसमें कोई अचरज की बात नहीं… कांग्रेस के निमंत्रण ठुकराने पर मीनाक्षी लेखी का जवाब
कांग्रेस द्वारा राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के निमंत्रण को अस्वीकार करने पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘जिन लोगों के लिए भगवान राम काल्पनिक हैं या जिनको ना विश्वास है, ना भरोसा है और वो लोग दूर रहना चाहते हैं तो इसमें कोई अचरज की बात नहीं है…लेकिन जब चुनाव के समय वे मंदिर जाते हैं, तो उसे जनता को याद रखना होगा।’
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर खुशखबरी दी है कि जम्मू-कश्मीर के कटरा शहर को 1 लाख से कम आबादी वाले केंद्र शासित प्रदेशों में “सबसे स्वच्छ शहर” घोषित किया गया है। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर कटरा को यह सम्मान मिला है। यह गर्व का विषय है।”
अधूरे मंदिर में मूर्ति रखना अशुभ होता है… प्राण प्रतिष्ठा के पहले दिग्विजय सिंह ने उठाया सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह का निमंत्रण अस्वीकार करने पर पार्टी सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘कितने आमंत्रित व्यक्तियों ने निमंत्रण स्वीकार किया है? किसी भी स्थापित धर्म गुरु ने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया है,उन्होंने आपत्ति जताई है। धर्म शास्त्र के अनुसार जिस मंदिर का निर्माण अधूरा हो, वहां किसी भी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती, यह अशुभ माना जाता है। कांग्रेस ही नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दल जिन्हें निमंत्रण मिला है – शिवसेना, राजद, जद (यू), टीएमसी, सीपीआई, सीपीआई (एम)- कौन इसमें भाग ले रहा है? भगवान राम सबके हैं। हमें मंदिर जाकर खुशी होगी लेकिन पहले निर्माण पूरा हो जाए। उन्होंने तो इसे भाजपा का एक आयोजन बना दिया है।
दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार और अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को अयोध्या राम मंदिर के ‘प्राणप्रतिष्ठा’ समारोह का निमंत्रण दिया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, ”मैं परिवार के साथ अयोध्या धाम आऊंगा…”
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके
दिल्ली-एनसीआर समेत जम्मू-कश्मीर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। कश्मीर के पुंछ में भी झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली से सटे नोएडा में भी झटकों के कारण लोग घरों के बाहर आ गए। गौरतलब है कि हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके लगातार आ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर सिस्मिक जोन 4 में है। जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। रिक्टर स्केल की भूकंप की तीव्रता 6.3 थी। अफगानिस्तान के फैजाबाद में था भूकंप का केंद्र।
स्वच्छता मामले में इंदौर फिर बना नंबर-1, क्या बोले सीएम मोहन यादव?
7वीं बार स्वच्छ रैंकिंग में इंदौर के नंबर 1 पर बरकरार रहने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “…मैं सभी प्रदेश वासियों को बधाई देना चाहूंगा कि स्वच्छता नगर का पुरस्कार इंदौर नगर निगम को मिला है… यह संदेश देता है कि हमें देश में स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए…”
RJD सांसद मनोज झा ने कहा, “…मेरे और श्री राम के बीच सीधा ताल्लुक है। गांधी मंदिर जाकर राम भक्त नहीं बनते थे, वह अवधारणा अंदर थी इसलिए स्वर्ग गए और हे राम कहते हुए गए…आप हैं कौन?… मेरे और मेरे ईश्वर के बीच यह जो ठेकेदारी का सिस्टम विकसित किया गया है वह हिंदू धर्म का भी कभी स्वभाव नहीं रहा है।”
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने साधा पंडित नेहरू पर निशाना
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा,” जब सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तो जवाहरलाल नेहरू जी ने 24 अप्रैल, 1951 को उस समय सौराष्ट्र के प्रमुख को लिखा था कि ‘इस कठिन समय में इस समारोह के लिए दिल्ली से मेरा आना संभव नहीं है। मैं इस पुनरुत्थानवाद से बहुत परेशान हूं, मेरे लिए बहुत कष्टकारक है कि मेरे राष्ट्रपति, मेरे कुछ मंत्री और आप सोमनाथ के इस समारोह से जुड़े हुए हैं और मुझे लगता है कि ये मेरे देश की प्रगति के अनुरूप नहीं है, इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।..”




