प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाले पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) व महानिरीक्षकों (डीआईजी) के तीन दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की बेटी और युवजन श्रमिक रायथू तेलंगाना पार्टी (वाईएसआरटीपी) की संस्थापक वाई. एस. शर्मिला बृहस्पतिवार को यहां कांग्रेस में शामिल हो गईं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए गिरफ्तार करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के परिवार के एक सदस्य की ओर से ‘कांसुलर संपर्क’ संबंधी याचिका को खारिज कर दिया।
शिव की नगरी भी जगमगाएगी 22 को, मुस्लिम महिलाएं अयोध्या से काशी लाएंगी रामज्योति, घरों में जलाएंगी

शिव की नगरी काशी 22 जनवरी को अयोध्या की रामज्योति से जगमगाएगी और यह ज्योति गंगा जमुनी तहजीब की नजीर भी बनेगी। रामज्योति की लौ सिर्फ हिंदू घरों में ही नहीं, बल्कि काशी के मुस्लिम घरों में भी रोशन होगी।
राममंदिर से राम ज्योति को लाने का जिम्मा श्रीराम की भक्त डॉ. नाजनीन अंसारी व डॉ. नजमा परवीन उठाएंगी। रामज्योति के साथ मिट्टी और सरयू का पवित्र जल भी लाएंगी। मुस्लिम महिला मंच की नेशनल सदर डॉ. नाजनीन अंसारी व भारतीय आवाम पार्टी की नेशनल सदर डॉ. नजमा परवीन राम ज्योति के लिए शनिवार को अयोध्या रवाना हो रही हैं।
अयोध्या में साकेत भूषण श्रीराम पीठ के पीठाधीश्वर महंत शंमू देवाचार्य डॉ. नाजनीन अंसारी को राम ज्योति देंगे। रविवार को राम ज्योति लेकर वह काशी आएंगी। काशी लौटते समय जौनपुर में डॉ. नौशाद अहमद समेत कई मुस्लिम परिवार इन मुस्लिम महिलाओं का स्वागत करेंगे। काशी में 150 मुस्लिम इसी रामज्योति से दीप जलाएंगी।
2006 से भक्ति में लीन
काशी की तहजीब की मिसाल नाजनीन और नजमा ने 2006 में संकट मोचन मंदिर में बम विस्फोट के बाद काशी में शांति स्थापित करने का जिम्मा उठाते हुए 70 मुस्लिम महिलाओं के साथ संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
उन्होंने अयोध्या में राममंदिर बनने की हमेशा से वकालत की। डॉ. नाजनीन ने 2016 में अयोध्या जाकर राम मंदिर के पक्षकार रहे हाशिम अंसारी से मिलकर अपनी ये ख्वाहिश भी रखी थी। हालांकि इन सबमें दोनों को ही बराबर आतंकी संगठनों की धमकियां मिलती रहीं, लेकिन वो अपनी रामभक्ति से कभी नहीं डिगीं।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह : भव्य मंदिर में रामायण काल के ऋषि-महर्षि होंगे विराजमान…बरसाएंगे श्रीराम पर कृपा

राम जन्मभूमि परिसर में रामायणकालीन ऋषि-महर्षि भी विराजमान होंगे और रामलला पर कृपा बरसाते नजर आएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम जन्मभूमि में ऐसे ऋषि-महर्षियों का मंदिर बनाने की तैयारी है, जिनका भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रभाव रहा है। परिसर में महर्षि वशिष्ठ, वाल्मीकि, विश्वामित्र व अगस्त्य के भी मंदिर बनेंगे।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम जन्मभूमि में ऐसे ऋषि-महर्षियों का मंदिर बनाने की तैयारी है, जिनका भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रभाव रहा है। परिसर में महर्षि वशिष्ठ, वाल्मीकि, विश्वामित्र व अगस्त्य के भी मंदिर बनेंगे।
इनका निर्माण राममंदिर के लोकार्पण के बाद शुरू होगा। ऋषि वाल्मीकि ने राम की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया था। वाल्मीकि के मंदिर के जरिये श्रीराम के समरसता का संदेश देने की भी कोशिश है।
इससे पहले 30 दिसंबर को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम भी बदलकर महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट कर दिया गया है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूजित अक्षत वितरण अभियान का शुभारंभ भी वाल्मीकि बस्ती से ही किया गया था। भगवान राम के कुल गुरु वशिष्ठ के काल में जितनी महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, वे रामराज्य में सहायक बनीं। एक तरह से वे रामराज्य रूपी महल के संबल रहे।
भगवान राम के जीवन में जिन चार गुरुओं का अहम प्रभाव रहा, उनका मंदिर राम जन्मभूमि परिसर में बनाए जाने की योजना है। इनके मार्गदर्शन में ही श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम बन पाए थे।
-डॉ. अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
तीनों लोकों की मंगल कामना से रामलला को जगाएंगे, प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 को, अनुष्ठान 17 से

प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी को शय्याधिवास के बाद रामलला को त्रैलोक्य यानी तीनों लोकों की मंगल कामना से जगाया जाएगा। काशी के कर्मकांडी ब्राह्मण आवाहन करेंगे…प्रभु उठिये और त्रैलोक्य का मंगल कीजिए। इसके साथ ही विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा के अंतिम दिन के विधान आरंभ होंगे। रामलला के विराजमान होने के साथ ही भारत के भाग्य का भी उदय होगा।काशी के कर्मकांडी ब्राह्मण आवाहन करेंगे…प्रभु उठिये और त्रैलोक्य का मंगल कीजिए। इसके साथ ही विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा के अंतिम दिन के विधान आरंभ होंगे। रामलला के विराजमान होने के साथ ही भारत के भाग्य का भी उदय होगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा सर्वाधिक शुभ मुहूर्त में होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह शुभ संयोग भारत के लिए भी हितकारी होगा। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी का कहना है कि धर्म के विग्रह श्रीराम ही टेंट में थे, इसलिए भारत का भाग्य प्रकाशित नहीं हो रहा था। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही भारत की कीर्ति, यश, वैभव सर्वोच्च शिखर पर होगा।
प्रभु श्रीराम जब राजा के रूप में अयोध्या में स्वयं विराजमान होंगे, तो धर्म की ध्वजा विश्व में फहराएगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अभिजीत मुहूर्त देने वाले पं.गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ का मानना है कि इससे रामजी की राज्यवृद्धि होगी अर्थात नीति के अनुसार शासन कार्य चलेगा।
पंच संकल्प
काशी विद्वत परिषद ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पंच संकल्प करने की सलाह दी है। इसमें राष्ट्ररक्षा, मानव कल्याण, विश्वशांति, सनातन धर्म की ध्वजा शिखर पर फहराने और भारत को विश्वगुरु बनने का संकल्प लिया जाएगा।
17 से शुरू होंगे अनुष्ठान
कर्मकांडी पंडित लक्ष्मीकांत द्विवेदी के अनुसार, समारोह के अनुष्ठान प्रायश्चित संस्कार के बाद शुरू होंगे। 17 को नगर भ्रमण, 18 को सभी देवताओं का स्थापन, विद्वानों का वरण, कुटीर कर्म के बाद भगवान का जलाधिवास होगा। 19 को अरणी मंथन से यज्ञ की अग्नि प्रज्ज्वलित होगी। इसके बाद नवग्रह होम होगा। राममंदिर की वास्तु शांति होगी। 81 कलशों के जल से शुद्धिकरण होगा। 20 को घृताधिवास, 21 को सहस्त्रछिद्र कलश से स्नान के बाद श्रीराम की दिव्य दृष्टि खोली जाएगी व नेत्रोमिलन संस्कार होगा। शोभायात्रा के बाद शय्याधिवास कराया जाएगा। 22 को 84 सेकंड के शुभ मुहूर्त में भगवान गर्भगृह में विराजमान होंगे।
चंपत राय बोले- अचल मूर्ति 22 को ही होगी सार्वजनिक
भक्तों को रामलला की अचल मूर्ति का दर्शन 23 जनवरी से ही प्राप्त होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साफ कहा है कि प्राण प्रतिष्ठित होने वाली अचल मूर्ति 22 जनवरी को ही सार्वजनिक की जाएगी। जिस विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होनी है उसका चयन कर लिया गया है।
- नगर भ्रमण में अचल मूर्ति का दर्शन होगा या नहीं, चंपत राय ने कहा, जनता-जनार्दन को 23 जनवरी से रामलला के दर्शन प्राप्त होंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी अंतिम चरण में है। मंदिर के दरवाजाें पर सोने की परत चढ़ाने का काम पूरा हो चुका है। भगवान के कपड़े तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामजन्मभूमि परिसर के 70 फीसदी भाग में हरियाली होगी।
ब्रिटिश अभिनेत्री ग्लाइनिस जॉन्स का निधन; अमेरिका के स्कूल में गोलीबारी से छात्र की मौत, पांच घायल

ब्रिटिश अभिनेत्री ग्लाइनिस जॉन्स का गुरुवार को लॉस एंजिल्स में निधन हो गया। उनके प्रबंधक ने इसकी पुष्टि की। वह दर्जनों फिल्मों में दिखाई दीं और एक कुशल थिएटर कलाकार भी थीं। उनके मैनेजर मिच क्लेम ने एक बयान में कहा कि उनकी मौत हॉलीवुड के लिए एक दुखद दिन है। जॉन्स ने 1964 की क्लासिक डिज्नी म्यूजिकल मैरी पोपिन्स में डेम जूली एंड्रयूज के साथ अभिनय किया, जिसने पांच ऑस्कर जीते।ग्लाइनिस के प्रबंधक ने मीडिया को बताया कि वह अमेरिका से सेवानिवृत्त हो गईं। अपने अंतिम वर्ष हॉलीवुड में एक सहायता प्राप्त घर में बिताए, जहां उनकी शांतिपूर्वक मृत्यु हो गई। अक्तूबर में उनके 100वें जन्मदिन से पहले, लेबर सांसद क्रिस ब्रायंट ने जॉन्स को नाइट की उपाधि देने का आह्वान किया था।
सांसद क्रिस ब्रायंट ने भी दी श्रद्धांजलि
ग्लाइनिस के प्रबंधक ने मीडिया को बताया कि वह अमेरिका से सेवानिवृत्त हो गईं। अपने अंतिम वर्ष हॉलीवुड में एक सहायता प्राप्त घर में बिताए, जहां उनकी शांतिपूर्वक मृत्यु हो गई। अक्तूबर में उनके 100वें जन्मदिन से पहले, लेबर सांसद क्रिस ब्रायंट ने जॉन्स को नाइट की उपाधि देने का आह्वान किया था। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘बहुत दुखद। महान ब्रिटिश अभिनेताओं में से एक जिन्हें उपाधि दी जानी चाहिए थी।’ अभिनेत्री के परिवार में उनके पोते थॉमस फोरवुड, जो पेरिस में रहते हैं, और उनके तीन परपोते हैं। उन्हें ब्रिटेन में उनके पिता के बगल में दफनाया जाएगा।
अमेरिका के स्कूल में गोलीबारी में एक की मौत, पांच घायल
अमेरिका में एक बार फिर गोलीबारी की घटना सामने आई है। यहां आयोवा प्रांत के एक स्कूल में 17 वर्षीय लड़के द्वारा की गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना में छठी कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी मृत पाया गया। साथ ही उसके शरीर पर गोलियों के निशान भी मिले हैं।
राजोरी और पुंछ में घर के भेदियों का पता लगाएंगी सुरक्षा एजेंसियां, जल्द शुरू होगा एक बड़ा अभियान

राजोरी-पुंछ में आतंकी संगठनों की सुरक्षा एजेंसियों के भी कुछ लोगों द्वारा मदद करने का शक है। इनका पता लगाने के लिए जल्द ही एक बड़ा ऑपरेशन लांच होगा। सुरक्षा एजेंसियां घर के भेदियों का पता लगाएगी। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा एजेंसियों के कुछ लोग जैश-ए मोहम्मद द्वारा संचालित पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट की मदद कर रहे हैं। इनकी मदद से आतंकियों को पहले ही पता चल जाता है कि उनके खिलाफ कहां पर ऑपरेशन होने वाला है। इनका पता लगाने के लिए जल्द ही एक बड़ा ऑपरेशन लांच होगा। सुरक्षा एजेंसियां घर के भेदियों का पता लगाएगी। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा एजेंसियों के कुछ लोग जैश-ए मोहम्मद द्वारा संचालित पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट की मदद कर रहे हैं।
यही कारण है कि पिछले तीन साल से आतंकी घात लगाकर हमला करते हैं और वहां से फरार हो जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि जैसे कश्मीर में आतंकियों का सफाया करने के लिए आपरेशन ऑलआउट लांच किया गया था। इसी तर्ज पर राजोरी-पुंछ में भी कार्रवाई होगी। सुरक्षा एजेंसियां घर के भेदियों का पता लगाएंगी। पिछले तीन वर्ष से राजोरी-पुंछ में सेना के 30 जवान बलिदान हो चुके हैं। जब जब सेना पर हमला हुआ।
जवाब में एक भी आतंकी नहीं मारा गया और आतंकी मौके से फरार हो गए। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ जब भी सेना ने ऑपरेशन लांच किया। उसमें पुलिस और सीआरपीएफ भी शामिल रही, लेकिन नुकसान सेना को ही हुआ। आतंकियों को ऑपरेशन की पहले ही जानकारी मिल रही है। आतंकियों को सेना की मूवमेंट की जानकारी मिलना एक बड़ी परेशानी का सबब है।
वर्दी पहने लोगों का वीडियो जारी किया
बता दें कि आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे एक वर्दीधारी उनकी मदद कर रहा है। वह गाड़ी में बैठकर हमले का वीडियो बना रहा है। यहां तक कि उनको एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की मदद कर रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह किया जा रहा
सूत्रों का कहना है कि कुछ लोग सुरक्षा एजेंसियों में रहकर सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह कर रहे हैं। पहले उन्हें आतंकियों की जानकारी दी जाती है, बाद में जानकारी को आतंकियों तक पहुंचा दिया जाता है। ऐसे लोगों की पहचान के लिए जल्द ही एक बड़ा ऑपरेशन लांच किया जाएगा।
शोपियां में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, पुलिस-सेना और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा

शोपियां में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि स्थानीय पुलिस के साथ सेना और सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल रखा है। स्थानीय पुलिस के साथ सेना और सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल रखा है।
रांची पहुंची अमेरिकी महिला हॉकी टीम, पारंपरिक नृत्य करने वाले कलाकारों के साथ थिरके खिलाड़ी

अमेरिकी टीम एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर से पहले गुरुवार को रांची पहुंची। अमेरिकी टीम के स्वागत में पारंपरिक नृत्य आयोजित किया गया। पारंपरिक नृत्य देख अमेरिकी खिलाड़ी खुद को रोक नहीं पाए और वे भी धुन पर थिरकने लगे।
अमेरिका महिला हॉकी टीम रांची पहुंच गई है। अमेरिकी टीम एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर से पहले गुरुवार को रांची पहुंची। अमेरिकी टीम के स्वागत में पारंपरिक नृत्य आयोजित किया गया। पारंपरिक नृत्य देख अमेरिकी खिलाड़ी खुद को रोक नहीं पाए और वे भी धुन पर थिरकने लगे।
उत्तर भारत में हाड़ कंपाने वाली ठंड, तापमान गिरने से बढ़ी कंपकपी, अगले हफ्ते राहत की उम्मीद

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। गुरुवार को कोल्ड डे की गंभीर स्थिति देखी गई और अधिकतम तापमान 12-18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो मौसम के हिसाब से सामान्य से कई डिग्री कम है। मौसम विभाग ने कहा कि दिन में लगातार बादल छाए रहने और सूरज के नहीं दिखाई देने के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है। मौसम विभाग ने कहा कि दिन में लगातार बादल छाए रहने और सूरज के नहीं दिखाई देने के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगर अधिकतम तापमान मौसम के हिसाब से सामान्य से 4.5-6.4 डिग्री नीचे गिरता है तो ठंडा दिन घोषित किया जाता है। यदि तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री कम हो तो गंभीर ठंडा दिन घोषित किया जाता है। दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में गुरुवार को अधिकतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.8 डिग्री नीचे है। हरियाणा के हिसार में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य से 6.8 डिग्री कम है। पंजाब के पटियाला में तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.1 डिग्री कम है। मध्य प्रदेश के भोपाल में अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.3 डिग्री कम है।
अगले सप्ताह राहत मिलने की उम्मीद
मौसम विभाग ने बताया कि गर्म और नम दक्षिण-पश्चिमी हवाओं से रविवार के बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह की शुरुआत में हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे की भी भविष्यवाणी की है।
घने कोहरे से ट्रेन-विमान संचालन प्रभावित
घने कोहरे के चलते कम दृश्यता होने के कारण गुरुवार को दिल्ली आने वाली कम से कम 26 ट्रेनें देरी से चल रही थीं। इसके अलावा विमानों का संचालन भी प्रभावित हुआ। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को जम्मू शहर में अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा क्योंकि खराब मौसम की वजह से उनका विमान जम्मू हवाई अड्डे पर नहीं उतर सका और विमान को पठानकोट की ओर मोड़ दिया गया।
इराक के बगदाद में एयरस्ट्राइक में मारा गया मिलिशिया नेता, अमेरिका ने सैनिकों पर हमलों का लिया बदला
पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एयरस्ट्राइक में मुश्ताक जवाद काजिम अल जवारी को निशाना बनाया। जवारी हरकत अल नुजाबा संगठन का नेता था, जो अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल था।

पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एयरस्ट्राइक में मुश्ताक जवाद काजिम अल जवारी को निशाना बनाया। जवारी हरकत अल नुजाबा संगठन का नेता था, जो अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल था। पेंटागन के प्रवक्ता मेजर जनरल पैट्रिक राइडर ने इसे आत्मरक्षा में किया गया हमला बताया और कहा कि हमले में हरकत अल नुजाबा का एक अन्य सदस्य भी मारा गया। उन्होंने कहा कि हमले में किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। किसी भी बुनियादी ढांचे या सुविधाओं पर हमला नहीं किया गया। राइडर ने कहा कि हमले में जिस व्यक्ति को निशाना बनाया गया वह ईरानी प्रॉक्सी समूह का नेता था, जो अमेरिकी सैनिकों पर हमलों के लिए जिम्मेदार था।
गौरतलब है कि अक्तूबर में इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से इराक और सीरिया में अमेरिकी सेना पर रॉकेट और ड्रेन से करीब 100 बार हमले किए गए हैं। इराक में अमेरिका के 2,500 सैनिक और पड़ोसी देश सीरिया में 900 सैनिक हैं। इराक और सीरिया में ईरान-गठबंधन मिलिशिया समूह गाजा में इस्राइल के सैन्य अभियान का विरोध करते हैं और गाजा युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार मानते हैं।
इससे पहले इराकी पुलिस सूत्रों ने कहा था कि एक ड्रोन ने नुजाबा मिलिशिया समूह के पूर्वी बगदाद स्थित मुख्यालय पर कम से कम दो रॉकेट दागे। मिलिशिया सूत्रों ने कहा कि रॉकेट परिसर में एक वाहन से टकराए, जिसमें एक मिलिशिया कमांडर और उसके एक सहयोगी सहित चार लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य सूत्रों ने भी मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है।
इराकी प्रधानमंत्री ने की मिलिशिया समूह पर अमेरिकी हमले की निंदा
वहीं, इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सूडानी के सैन्य प्रवक्ता ने मिलिशिया समूह पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। इसे इराक के सुरक्षा तंत्र पर हमला करार दिया है। इराकी प्रधानमंत्री सूडानी को ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों को समर्थन हासिल है। जिसके कारण उन्हें एक साल पहले इराक की सत्ता में आने में मदद मिली थी।
इराकी मिलिशिया कमांडरों ने बदला लेने की कसम खाई
स्थानीय इराकी मिलिशिया कमांडर अबू अकील अल-मौसावी ने कहा कि हम जवाबी कार्रवाई करेंगे और अमेरिका को इस हमले पर पछतावा करने पर मजबूर कर देंगे।
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने ट्वीट किया, “मुझे आज नई दिल्ली में कांग्रेस नेता और भाई राहुल गांधी से उनके आवास पर मिलकर खुशी हुई। मैंने सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने तमिलनाडु में हाल ही में आई बाढ़ को लेकर चिंता व्यक्त की। हमने राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष लोकाचार की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन की प्रगति पर संक्षेप में चर्चा की।”
देशभर के छात्र कर सकेंगे गुजरात स्थित विद्यालय का दौरा
शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि देश भर के स्कूली छात्रों को गुजरात के वडनगर शहर में स्थित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्कूल में सात दिवसीय अध्ययन दौरे पर जाने का मौका मिलेगा। मंत्रालय ने कार्यक्रम में पंजीकरण के इच्छुक कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। मंत्रालय के अनुसार पूरे साल हर सप्ताह 10 लड़कियों और 10 लड़कों समेत 20 छात्रों का एक समूह कार्यक्रम में भाग लेगा। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, “प्रेरणा: एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम” का उद्देश्य सभी प्रतिभागियों को एक सार्थक, अद्वितीय और प्रेरक अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें नेतृत्व गुणों के साथ सशक्त बनाना है।’ मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘प्रेरणा भारतीय शिक्षा प्रणाली के सिद्धांतों और मूल्य-आधारित शिक्षा के दर्शन को एकीकृत करने की मजबूत प्रतिबद्धता से प्रेरित है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की आधारशिला है।” यह कार्यक्रम गुजरात के वडनगर में 1888 में स्थापित वर्नाक्युलर स्कूल से संचालित किया जाएगा। स्कूल से प्रधानमंत्री मोदी ने भी पढ़ाई की है।
- उदयनिधि स्टालिन ने दिया पीएम मोदी को खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन का न्योतातमिलनाडु के खेल विकास एवं युवा मामलों के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 19 जनवरी को चेन्नई में होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने ट्वीट में बताया कि प्रधानमंत्री से तमिलनाडु सरकार की ओर से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा अनुरोध किए गए बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत, बहाली और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से तत्काल धनराशि जारी करने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, उदयनिधि स्टालिन ने प्रधानमंत्री के साथ तमिलनाडु के लिए लोक महत्व के विभिन्न विषयों, विशेष रूप से राज्य में खेलों के बहुआयामी विकास पर भी चर्चा की।

ई़डी ने बताया झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और बिहार में कहां-कहां हुई छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 03.01.2024 को झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और बिहार राज्यों में स्थित 12 परिसरों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी ली। इन परिसरों में अभिषेक प्रसाद “पिंटू” (झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार) राम निवास यादव (साहिबगंज जिले के डीसी) और राजेंद्र दुबे के आवास शामिल हैं (DSP of Sahibganj). यह कार्रवाई झारखंड के साहिबगंज में प्रचलित अवैध पत्थर खनन के एक मामले से संबंधित है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के अपराध की आय है। ईडी ने इसकी जानकारी दी
नौसेना के नए वाइस चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने आज नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। वाइस एडमिरल त्रिपाठी आज ही इस पद को संभालने के लिए नियुक्त हुए हैं।
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 2.0, नाम क्या है, कब से होगी शुरू?
नई दिल्ली: 2024 का चुनाव यानी सत्ता के फाइनल मुकाबले से पहले कांग्रेस ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ निकालने जा रही है। कांग्रेस की यह यात्रा 6,700 किमी. से ज्यादा की दूरी तय करेगी। यात्रा 67 दिनों तक चलेगी जिसमें 110 जिले, 100 लोकसभा सीटें और 337 विधानसभा सीटें कवर की जाएंगी। कांग्रेस की इस न्याय यात्रा की शुरुआत 14 जनवरी को मणिपुर से होगी जो 20 मार्च को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर समाप्त होगी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की मदद से पूरा रुट मैप समझाया है। बता दें कि यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा 20 जिले कवर किए जाएंगे। कांग्रेस का यूपी में सबसे खराब प्रदर्शन रहा है।
विवादित बयान पर जितेंद्र आव्हाड ने मांगी माफी
एनसीपी शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने अपने विवादित बयान पर माफी मांगी है। आव्हाड ने कहा कि यदि मेरे बयान से किसी की भावना को ठेस पहुंची हो तो वह माफी मांगते हैं। मालूम हो कि अव्हाड ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने भगवान राम को मांसाहारी बताया था। आव्हाड ने कहा कि कभी-कभी गलती हो जाती है।
केजरीवाल, सोरेन की गिरफ्तारी सबसे बड़ी गलती होगी : संजय राउत
मुंबई में शिवसेना (यूबीटी गुट) के नेता संजय राउत का कहना है कि जिस तरह से सरकार अत्याचारी हो रही है और केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर रही है, मेरा मानना है कि हर कोई इस पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि… यदि आपके पास ताकत और समर्थन है तो ईवीएम के बजाय मतपत्र के माध्यम से चुनाव कराएं। तभी आप ताकतवर माने जाएंगे। राउत ने कहा कि …अगर आप मौजूदा सीएम अरविंद केजरीवाल या हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करने जा रहे हैं तो यह आपकी राजनीति की सबसे बड़ी गलती होगी और फिर आपको यह देखने के लिए इंतजार करना चाहिए कि देश क्या करेगा।
कासिम सुलेमानी…..अमेरिका के लिए आतंकी, ईरान के लोगों के लिए हीरो…
जनरल कासिम सुलेमानी की चौथी बरसी पर बुधवार को ईरान में दो बड़े धमाके हुए। इनमें 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। कासिम सुलेमानी जहां ईरान के लोगों के हीरो थे तो अमेरिका के लिए आतंकी। सुलेमानी ने ईरान की ताकत को बढ़ाने के लिए बहुत काम किया।

ईरान के करमान शहर में बुधवार को दो धमाकों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। तमाम घायल हो गए। जनरल कासिम सुलेमानी की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में ये धमाके हुए। 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हो गई थी। वह रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स एलीट कुद्स फोर्स के प्रमुख थे। करमान में उन्हें दफनाया गया था। उनकी कब्र वही पर है। अमेरिका के लिए सुलेमानी आतंकी थे तो ईरान के लोगों के लिए हीरो। ईरानी शासन के समर्थकों के बीच उन्हें राष्ट्रीय नायक के रूप में सम्मान दिया जाता है। उनकी मौत के बाद दुनिया पर युद्ध का खतरा मंडराने लगा था। उनके जनाजे में शामिल होने के लिए मानों पूरा ईरान ही सड़क पर उतरा आया था। आइए, यहां उनके बारे में सबकुछ जानते हैं।
गोरा रंग। लंबा कद। हल्की सफेद दाढ़ी। कुछ यही था कासिम सुलेमानी का हुलिया। उनका जन्म 11 मार्च 1957 को हुआ था। करमान में वह कंस्ट्रक्शन का काम करते थे। बाद में वह करमान वॉटर ऑर्गनाइजेशन में ठेकेदार बन गए। अपने खाली वक्त में वह स्थानीय जिम में वर्जिश और वेट लिफ्टिंग करते थे। 1979 में सुलेमानी ने इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ज्वाइन कर ली।
ईरान की सैन्य शक्ति में किया इजाफा
सुलेमानी ईरान की क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के रणनीतिकार थे। ईरान की सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए उन्होंने जमकर काम किया। मिडिल ईस्ट में भी सुलेमानी ने ईरान की ताकत में इजाफा किया। इसके चलते सुलेमानी अमेरिका की आंखों की किरकिरी बन गए। करीब 20 साल तक इजरायल और अरब देश सुलेमानी को मारने की कोशिश करते रहे। यह और बात है कि वह हर बार बच निकलते।
सुलेमानी ने 2011 में अरब क्रांति के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद के खिलाफ प्रदर्शनों और फिर गृह युद्ध में भी सीरियाई राष्ट्रपति की मदद की। 2003 में इराक पर अमेरिकी हमले से पहले सुलेमानी अपने देश में भी अनजान शख्स थे। उनकी लोकप्रियता तब बढ़ी जब अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने आतंकवादियों को सड़क के किनारे अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने में मदद की। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सुलेमानी की मदद से किए गए हमलों में उसके कई अमेरिकी सैनिक मारे गए जबकि कई अन्य घायल हुए।
जनाजे में मच गई दी थी भगदड़
करीब डेढ़ दशक के बाद सुलेमानी ईरान के सबसे जाने-माने कमांडर के तौर पर उभरें। हालांकि, उन्होंने राजनीति में आने के आह्वान को नजरअंदाज कर दिया। लेकिन, असैन्य नेतृत्व से ज्यादा नहीं तो कम से कम बराबर ताकतवर थे। जनरल कासिम सुलेमानी को पता था कि ईरान की जनता अमेरिका को बिल्कुल नापसंद करती है। सुलेमानी की सभी नीतियां अमेरिका के खिलाफ होती थीं। इस्लामिक स्टेट के आतंक से बचाने के लिए उन्हीं के नेतृत्व में ईरान समर्थित फोर्स का गठन किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर किए गए ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हो गई थी। यह हमला विश्व शक्तियों और ईरान के बीच हुए परमाणु समझौते से अमेरिका के 2018 में एकतरफा तरीके से हटने के बाद बढ़ते तनाव का नतीजा था। सुलेमानी के मारे जाने के बाद बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले गए थे। 2020 में उनके जनाजे में भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई थी। 200 से ज्यादा घायल हो गए थे।




