आज भारत आएंगे नासा प्रमुख बिल नेल्सन, अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग गहरा करने पर करेंगे चर्चाबीते पांच दिनों से दिल्ली स्मॉग की चादर में लिपटी है। लोगों का दम घुट रहा है। प्रदूषण की वजह से सांस लेने में लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रदूषण से राहत की एकमात्र उम्मीद सोमवार को होने वाली बारिश पर टिकी है। बारिश से बचकर रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश की यह बूंदें अपने साथ काफी बड़ी मात्रा में प्रदूषकों को लेकर आएंगी। इसकी वजह से सर्दी के साथ त्वचा और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए सोमवार को बाहर निकलें तो ऐसा इंतजाम करके जाएं कि बारिश में न भीगना पड़े।
आज भारत आएंगे नासा प्रमुख बिल नेल्सन, अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग गहरा करने पर करेंगे चर्चा
नासा ने बताया कि अंतरिक्ष में मानव मिशन और पृथ्वी विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों पर भी बातचीत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से दोनों देशों के बीच उभरती और प्रमुख तकनीकों पर सहयोग की पहल के तहत यह दौरा हो रहा है।अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रशासक बिल नेल्सन की भारत और यूएई की यात्रा सोमवार से शुरू होने जा रही है। वह भारत में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के प्रमुखों से मिलेंगे। इस दौरान नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का साझा मिशन निसार उपग्रह बातचीत के केंद्र में रहेगा। दोनों देश इनोवेशन और शोध के लिए द्विपक्षीय सहयोग गहरा करने पर जोर देंगे।
नासा ने बताया कि अंतरिक्ष में मानव मिशन और पृथ्वी विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों पर भी बातचीत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से दोनों देशों के बीच उभरती और प्रमुख तकनीकों पर सहयोग की पहल के तहत यह दौरा हो रहा है।
नेल्सन बंगलूरू स्थित निसार मिशन के परीक्षण स्थल जाएंगे। यह मिशन साल 2024 में प्रक्षेपित होगा। निसार यानी नासा इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार दोनों के बीच पहला उपग्रह मिशन है, जो पृथ्वी की बदलती जलवायु, सतह, हिम से ढके क्षेत्रों, जंगलों को मापेगा, प्राकृतिक आपदाओं से लेकर बढ़ते समुद्र स्तर व घटते भूजल स्तर की जानकारियां देगा। इनके जरिये जलवायु परिवर्तन के खतरे कम करने व कृषि को नुकसान घटाने के प्रयास होंगे।
आखिर कैसे होगा प्रदूषण पर नियंत्रण, 50% पद खाली, राज्यों को नोटिस भेजकर एनजीटी ने किया जवाब तलब

देश के कमोबेश सभी प्रदेशों और केंद्रित शासित राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बने बोर्ड और कमेटियों में 50 फीसदी से अधिक पद खाली पड़े हैं। प्रदूषण की जांच के लिए बनीं प्रयोगशालाएं भी मानकों को पूरा नहीं करतीं। दो तिहाई से अधिक लैब को सक्षम एजेंसियों से प्रमाणित तक नहीं कराया गया है। एक ओर प्रदूषण बेकाबू हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ देश के कमोबेश सभी प्रदेशों और केंद्रित शासित राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बने बोर्ड और कमेटियों में 50 फीसदी से अधिक पद खाली पड़े हैं। प्रदूषण की जांच के लिए बनीं प्रयोगशालाएं भी मानकों को पूरा नहीं करतीं। दो तिहाई से अधिक लैब को सक्षम एजेंसियों से प्रमाणित तक नहीं कराया गया है।
एक ओर प्रदूषण बेकाबू हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ देश के कमोबेश सभी प्रदेशों और केंद्रित शासित राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बने बोर्ड और कमेटियों में 50 फीसदी से अधिक पद खाली पड़े हैं। प्रदूषण की जांच के लिए बनीं प्रयोगशालाएं भी मानकों को पूरा नहीं करतीं। दो तिहाई से अधिक लैब को सक्षम एजेंसियों से प्रमाणित तक नहीं कराया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण की खराब हालत पर अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा यूपी, पंजाब, दिल्ली सहित 36 प्रदेश और केंद्र शासित राज्यों को नोटिस जारी किया है। सभी राज्य सरकारों से ट्रिब्यूनल ने प्रशासनिक और तकनीकी पदों के अलावा प्रयोगशालाओं में मौजूद संसाधनों पर जवाब देने के लिए आदेश किया है।
एनजीटी ने इस हालात पर स्वत: संज्ञान लिया है। चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, विशेषज्ञ सदस्य डाॅ. ए सेंथिल वेल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार अपनी रिपोर्ट में बताएं कि संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अथवा कमेटी और उनकी लैब में स्वीकृत स्टाफ और तैनाती के अलावा क्या संसाधन उनके पास उपलब्ध हैं।
अत्यधिक प्रदूषण वाले हॉट-स्पॉट को चिह्नित करने के लिए किन उपकरणों और संसाधन की जरूरत है। इसके साथ ही पिछले दो वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में मिले बजट और खर्च की जानकारी भी रिपोर्ट में देनी होगी। आठ सप्ताह में यह रिपोर्ट एनजीटी को देनी होगी। एनजीटी इस प्रकरण में दो फरवरी 2024 को सुनवाई करेगा।
कई राज्यों में आधे से भी कम कर्मचारी
एनजीटी का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिम्मेदार बोर्ड और कमेटियों में 11969 स्वीकृत पद हैं। इनमें से केवल 5877 पद पर ही तैनाती है। 6092 पद खाली पड़े हुए हैं। यूपी, गुजरात, बिहार, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम जैसे राज्यों में तो 50 फीसदी से भी कम पर स्टाफ की तैनाती है।
लैब में भी 194 में केवल 12 को ईपीए और 41 को एनएबीएल से प्रमाणित हैं। यानी, 141 लैब एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट के मुताबिक नहीं संचालित किए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में तो कोई लैब ही मौजूद नहीं है।
रावी नदी से रेत निकालने पर नौ ट्रैक्टरों के चालान
चंबा थाना की टीम ने थाना प्रभारी संजीव चौधरी की अगुवाई में रविवार को उदयपुर में रावी नदी के किनारे दबिश देकर नौ ट्रैक्टरों के चालान काटे। पुलिस ने रावी नदी में अवैध रूप से खनन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में चंबा थाना की टीम ने थाना प्रभारी संजीव चौधरी की अगुवाई में रविवार को उदयपुर में रावी नदी के किनारे दबिश देकर नौ ट्रैक्टरों के चालान काटे। ये सभी ट्रैक्टर अवैध रूप से रावी नदी से रेत निकाल रहे थे।
कोरोना से सबक: आने से पहले ही खत्म कर दिया जाएगा नया वायरस, विशेष टीम रखेगी नजर

कोरोना जैसा नया वायरस फिर दस्तक न दे, इसके लिए यहां पर न्यू इन्फेक्शन वायरस पर रिसर्च की जाएगी। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में जितने भी मरीज आएंगे, उन पर एक टीम अलग से नजर रखेगी कोरोना से सबक लेने के बाद अब देश में नए वायरस को आने से पहले ही खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए श्री लाल बहादुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मंडी स्थित नेरचौक को भी सौंपी गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने प्रदेश के इस संस्थान को देशभर के दस मेडिकल कॉलेजों में शामिल किया है, जो इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। यह संस्थान नए वायरस के लक्षण दिखते ही उसे खत्म करने पर काम करेंगे।
कोरोना जैसा नया वायरस फिर दस्तक न दे, इसके लिए यहां पर न्यू इन्फेक्शन वायरस पर रिसर्च की जाएगी। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में जितने भी मरीज आएंगे, उन पर एक टीम अलग से जांच रखेगी। नया वायरस आने से पहले ही उसके ऊपर कार्य करना शुरू कर दिया जाएगा, ताकि उसे खत्म किया जा सके।
इसके अलावा केरल, कर्नाटक, मिजोरम, मणिपुर, असम, झारखंड, बिहार, उड़ीसा, गुजरात के मेडिकल कॉलेजों में भी यह रिसर्च की जाएगी। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) इस कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज को 16 लाख प्रति वर्ष देगी। यह कार्य तीन वर्षों तक पहले दौर में चलेगा।
लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज को पूरे देश के 10 मेडिकल कॉलेज में चुना गया है। केंद्र से पहली किस्त आते ही इस पर पूर्ण रूप से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। – डॉ. डीके वर्मा, प्रिंसिपल, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक
इस तरह से काम करेंगे मेडिकल कॉलेज
भारतीय चिकित्सा अनुशासन परिषद इस कार्य को देखेगी और उसके निर्देशों पर मेडिकल कॉलेज काम करेंगे। कुछ डॉक्टर नए वायरस वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगे। कोई भी नया लक्षण दिखते ही उसके ऊपर कार्य करना शुरू कर दिया जाएगा। सभी संस्थान साझा कार्य करेंगे। वायरस को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द कार्य किया जाएगा, ताकि उसे फैलने से रोका जा सके।
अब सेना तैयार… सुरंग के अंदर मैनुअल ड्रिलिंग में करेगी मदद, इस काम में महारथ टीम के पास

भारतीय सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के जवान व अधिकारी तकनीकी में महारथ रखते हैं। यह सभी मैनुअल ड्रिलिंग के काम में हाथ बंटाएंगे जिससे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक 800 मिमी पाइपों से एस्केप पैसेज तैयार करने का काम पूरा किया जा सकेगा। सिलक्यारा सुरंग के अंदर मैनुअल ड्रिलिंग के काम में भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर मदद करेगी। रविवार सुबह सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट मद्रास इंजीनियर ग्रुप (एमईजी) की एक टुकड़ी सिलक्यारा पहुंच गई है जो यहां मैनुअल ड्रिलिंग का जिम्मा संभालेगी।
दरअसल, सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम किया जा रहा था। करीब 47 मीटर तक ड्रिलिंग कर मलबे में 800 मिमी के पाइप डाल दिए गए थे कि बीते शुक्रवार शाम को ऑगर मशीन के ब्लेड सरियों में फंस कर टूट गए जिसके बाद से ही मशीन से ड्रिलिंग का काम ठप हैं।
वहीं फंसे हुए ऑगर को बाहर निकालने के लिए लेजर, प्लाज्मा व गैस कटर से कटिंग का काम जारी है। ऑगर को बाहर निकालने के बाद मैनुअल ड्रिलिंग की जाएगी। इसके लिए खासतौर पर भारतीय सेना की मद्रास इंजीनियर ग्रुप की टुकड़ी को बुलाया गया है।
भारतीय सेना में एक इंजीनियरिंग रेजीमेंट
सूत्रों के अनुसार इस टुकड़ी में 30 जवान व अधिकारी शामिल हैं। जो कि तकनीकी में महारथ रखते हैं। यह सभी मैनुअल ड्रिलिंग के काम में हाथ बंटाएंगे। जिससे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक 800 मिमी पाइपों से एस्केप पैसेज तैयार करने का काम पूरा किया जा सकेगा। राहत एवं बचाव कार्य के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल का कहना है कि भारतीय सेना मैनुअल ड्रिलिंग के काम में मदद करती है तो यह बहुत अच्छा रहेगा।
चीन में फैल रही बीमारी को लेकर सरकार अलर्ट, बच्चों में निमोनिया की पहचान करने का निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षण कोरोना वायरस से काफी समानता रखते हैं। ऐसे में सभी राज्य कोरोना संक्रमण को लेकर पहले से जारी दिशानिर्देशों का पालन करें। उन्होंने राज्यों से एक्शन रिपोर्ट जल्द साझा करने की अपील भी की है।चीन के उत्तरी क्षेत्र में तेजी से फैल रहे एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 के मामलों और बच्चों में सांस की बीमारी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। राज्यों को लिखे पत्र में मंत्रालय ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों में निमोनिया के मामलों का तत्काल पता लगाने का निर्देश दिया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन व बेड की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है।
मंत्रालय ने इन्फ्लूएंजा व गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों की रिपोर्ट जल्द भेजने को कहा है। मंत्रालय ने साफ कहा कि देश में कहीं भी एच9एन2 के मामले की पुष्टि नहीं हुई है। संदिग्ध मरीजों को लेकर भी कोई सूचना नहीं है। स्थिति घबराने जैसी नहीं है, लेकिन एहतियात के लिए जिला और राज्य स्तर पर नजदीक से निगरानी रखने की जरूरत है। केंद्र लगातार निगरानी कर रहा है। अस्पतालों में नजर रखी जाए कि क्या किसी क्षेत्र में निमोनिया के मामलों में बढ़ोतरी तो नहीं हुई है। बच्चों के साथ-साथ किशोरों में भी निमोनिया के मामलों का पता लगाया जाए।
कोरोना के दिशा-निर्देशों का करें पालन
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इन्फ्लूएंजा संक्रमण के लक्षण कोरोना वायरस से काफी समानता रखते हैं। ऐसे में सभी राज्य कोरोना संक्रमण को लेकर पहले से जारी दिशानिर्देशों का पालन करें। उन्होंने राज्यों से एक्शन रिपोर्ट जल्द साझा करने की अपील भी की है।
चीन के इसी इलाके से फैला था कोरोना संक्रमण
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को भेजे ई-मेल में कहा कि चीन में फैले संक्रमण से बचाव के तरीके कोरोना जैसे ही हैं। डब्ल्यूएचओ ने चीन से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि चीन के इसी इलाके से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी, जो दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंच गया था।
‘भारत और इस्राइल दोनों देशों का एक है डीएनए’, राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में बोले इस्राइली दूत

मुंबई में ब्रम्हा रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए, शोशानी को हमले के ठिकानों में से एक नरीमन हाउस का दौरा याद आया। वे वहां गए और 26/11 हमले में जान गंवाने वालों के लिए एक स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों और बलिदानियों की याद में रविवार को देशभर की आंखें नम थीं। देश के कोने-कोने से लोगों ने उन सभी को श्रद्धांलि दी। इसी सिलसिले में इस्राइली महावाणिज्य दूत, कोबी शोशानी ने भी रविवार को मुंबई के दर्द पर शोक जताया। उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत और इस्राइल का डीएनए दोनों देशों के बीच मजबूत बंधन की नींव है। इसके अलावा शोशानी ने बताया कि वे न केवल आतंकवाद बल्कि फर्जी खबरों से भी लड़ रहे हैं।
स्मारक पर की पुष्पांजलि अर्पित
मुंबई में ब्रम्हा रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए, शोशानी को हमले के ठिकानों में से एक नरीमन हाउस का दौरा याद आया। वे वहां गए और 26/11 हमले में जान गंवाने वालों के लिए एक स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
शोशानी ने कहा कि मुद्दा सिर्फ सुरक्षा चिंताओं का नहीं बल्कि आर्थिक समस्याओं का भी है। चुनौतियों के बावजूद, शोशानी ने आतंकवाद और भय से मुक्त एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए इस्राइल की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुंबई हमले की इस्राइल पर अटैक से की तुलना
वह बोले कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए भारत और इस्राइल दोनों का डीएनए दोनों देशों के बीच मजबूत बंधन की नींव है। इसके साथ ही, उन्होंने मुंबई में 26/11 के हमले की तुलना हमास के हाल ही में 7 अक्तूबर को इस्राइल पर किए गए हमले से भी की।
भारत के समर्थन को स्वीकार करते हुए, शोशानी ने विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण समय के दौरान सहायता के लिए देश को धन्यवाद दिया। उन्होंने आगे कहा, ‘भारत को बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत से हमें जो समर्थन मिलता है वह हमारे दिलों को छू जाता है। युद्ध के पहले दिन, अमेरिकियों और, आपकी अनुमति से, अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन ने दो वाहक और एक परमाणु पनडुब्बी भेजी। हम इसे कभी नहीं भूलेंगे’।
तेलंगाना में सीएम योगी ने दूसरे दिन कहा : एआईएमआईएम-कांग्रेस-बीआरएस के बीच का फेवीकोल का जोड़ है, छूटेगा नहीं

तेलंगाना में हो रहे विधानसभा चुनाव में रविवार को दूसरे दिन प्रचार करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), कांग्रेस और एआईएमआईएम पर जमकर निशाना साधा।तेलंगाना में हो रहे विधानसभा चुनाव में रविवार को दूसरे दिन प्रचार करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), कांग्रेस और एआईएमआईएम पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनता से भाजपा को जिताने के साथ ही इस बार चुनाव में बीआरएस को वीआरएस देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम कांग्रेस और बीआरएस के बीच फेविकोल का काम कर रहा है। यह सभी एक है, जल्दी साथ नहीं नहीं छोड़ेंगे। योगी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के विकास के लिए केन्द्र से दी जा रही धनराशि केसीआर व बीआरएस के लोग खा जा रहे हैं।
तेलंगाना के कई विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के लिए आयोजित रैली, रोड शो और सभाओं में योगी ने कहा कि तेलंगाना में बेरोजगारी चरम पर है, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। जबकि यूपी में भाजपा सरकार ने साढ़े छह साल में छह लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों जवानों ने आहुति देकर तेलंगाना का निर्माण किया। पहले कांग्रेस उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करती रही और अब केसीआर के नेतृत्व में बीआरएस सरकार ने उनके सपनों को धूलधूसरित कर दिया। योगी ने कहा कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो महबूबनगर का नाम बदलकर पालामुरू किया जाएगा। उन्होंने तेलंगाना की जनता को अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने का निमंत्रण देते हुए कहा कि अगर आपको आना होगा तो विशेष ट्रेन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महबूबनगर (पालामुरू) क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी एपी मिथुन कुमार रेड्डी, देवरकद्रा से प्रशांत रेड्डी, कोडांगल से बंटू रमेश, शदनगर से अंडे बाबैया, जडचेरला से चितरंजन दास, नारायणपेट से रतंग पाडुं रेड्डी, मक्थल से जलंधर रेड्डी को विधानसभा भेजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवारवाद, तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार ने तेलंगाना को खोखला बना दिया है। यहां खनन, भूमाफिया, पशु, संगठित अपराध में संलिप्त माफिया हैं। 2017 के पहले यूपी में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। आम नागरिक की सुनवाई नहीं होती थी पर डबल इंजन की भाजपा सरकार में नो कर्फ्यू-नो दंगा है, इसलिए वहां सब चंगा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय ही आतंकवादियों ने देश पर सबसे बड़ा मुंबई हमला (26 नवंबर) किया था। कांग्रेस के समय आतंकी घुसपैठ होती थी। अब नहीं होती, क्योंकि आतंकियों के आकाओं को पता है कि यदि छेड़ोगे तो भारत छोड़ेगा नहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने तेलंगाना चुनाव प्रचार के दूसरे दिन रोड शो व आखिरी सभा कुथबुल्लापुर विधानसभा क्षेत्र में की। यहां भाजपा प्रत्याशी कुना श्रीसिलम गौड़ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसमर्थन को वोट में बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत विकसित देश बन रहा है, लेकिन तेलंगाना भ्रष्टाचार का शिकार हो रहा है। आप हर ओर कमल खिलाइए, तेलंगाना को माफिया मुक्त कराइए। लैंड, सैंड माफिया के अवैध साम्राज्य पर यूपी का बुलडोजर चलेगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनेगी तो मुस्लिम आरक्षण समाप्त कर एससी-एसटी व ओबीसी को इसका लाभ मिलेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग भारत को बड़े सम्मान के साथ देख रहे हैं। कांग्रेस शासन में मुंबई जैसे हमले होते थे, लेकिन मोदी जी के शासन में आतंकवाद के खिलाफ एयर व सर्जिकल स्ट्राइक होती है।
ऊपर से भी खोदाई शुरू, बाधा न आई तो श्रमिकों तक पहुंचने में लगेंगे दो दिन

यदि कोई बाधा नहीं आई, तो दो दिन में श्रमिकों तक पहुंच सकते हैं।सिलक्यारा सुरंग में 15 दिन से फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग भी रविवार को शुरू कर दी गई। यदि कोई बाधा नहीं आई, तो दो दिन में श्रमिकों तक पहुंच सकते हैं। वहीं, 800 एमएम के पाइप में फंसे ऑगर मशीन के ब्लेड को हैदराबाद से मंगाए प्लाज्मा और लेजर कटर से काटा जा रहा है।
पाइप से मशीन के मलबे को निकालने के बाद मैनुअल खोदाई भी शुरू की जाएगी। पाइप के जरिये बनाए जा रहे रास्ते में लगभग 10 मीटर तक ही खोदाई बाकी है, जिसके बाद श्रमिकों तक पहुंचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लि. के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने सिलक्यारा में मीडिया को बताया कि अब तक 24 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग हो चुकी है और कुल 86 मीटर की खोदाई करनी है। सुरंग के ऊपर व दूसरे छोर से काम में तेजी लाने के लिए और टीमें बुलाई गई हैं। ओएनजीसी की एक टीम आंध्रप्रदेश के राजामुंदरी से पहुंची है।
मैनुअल ड्रिलिंग के लिए सेना पहुंंची : बचाव कार्य में मदद के लिए भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर के एक समूह मद्रास सैपर्स की एक इकाई रविवार को सिलक्यारा पहुंची। इसमें 30 सैन्यकर्मी हैं, जो नागरिकों के साथ मिलकर हाथ, हथौड़े और छेनी से सुरंग के अंदर के मलबे को खोदेंगे। फिर पाइप को उसके अंदर बने प्लेटफॉर्म से आगे की ओर धकेलेंगे। वायुसेना भी मदद में जुटी है। वायुसेना ने रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन से कई महत्वपूर्ण उपकरण भेजे हैं।
चार रास्तों से पहुंच रहे मजदूरों के पास
सुरंग में फंसे 41 मजदूरों तक जल्द पहुंचने की आस फिर बंध गई है। रविवार से चार रास्तों से मजदूरों तक पहुंचने का काम शुरू हो गया है। हैदराबाद से आए लेजर कटर व चंडीगढ़ से आए प्लाज्मा कटर से पाइप में फंसे ऑगर मशीन के ब्लेड को काटा जा रहा है। इस रास्ते पर अब मैन्युअल ड्रिलिंग होगी। वहीं सुरंग के ऊपर व दूसरे छोर से ड्रिलिंग के लिए और टीमें बुलाई गई हंै। उधर, सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला सिल्कायारा पहुंच रहे हैं।
फंसे मजदूरों के पास बजने लगी बीएसएनएल की घंटी
सुरंग में मजदूरों के पास रविवार को पहली बार बीएसएनएल की घंटी बजी। बीएसएनएल ने छह इंच के पाइप से अपनी लाइन पहुंचाने के साथ ही एक लैंडलाइन फोन भी पहुंचा दिया है।
सुरंग धंसने की जांच हो : डिक्स
बचाव कार्य में जुटे अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ ऑर्नोल्ड डिक्स ने कहा, सुरंग का धंसना असामान्य घटना है। इसकी जांच होनी चाहिए। जो क्षेत्र ढहा, वह पहले कभी नहीं ढहा था।
आज से हाथ से शुरू हो सकती है खोदाई
नोडल अधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया, ऑगर मशीन के बचे हुए 13.9 मीटर ब्लेड को काटने का काम रातभर चलेगा। सोमवार से हाथ से खोदाई शुरू करने की योजना है।
बारिश डाल सकती है खलल
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में सोमवार को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश हुई, तो बचाव कार्य बाधित हो सकता है।
रावी नदी को प्रदूषित करने पर पीसीबी सख्त, नगर परिषद और जल शक्ति विभाग से सात दिन में मांग जवाब

रावी नदी को प्रदूषित करने को लेकर प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड (पीबीसी) सतर्क हो गया है। पीसीबी ने जल शक्ति विभाग और नगर परिषद चंबा को पत्र लिखकर रावी नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।रावी नदी को प्रदूषित करने को लेकर प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड (पीबीसी) सतर्क हो गया है। पीसीबी ने जल शक्ति विभाग और नगर परिषद चंबा को पत्र लिखकर रावी नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात दिनों के भीतर पत्र पर जवाब मांगा है।
राष्ट्रपति बोलीं- अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के माध्यम से हो जजों की नियुक्ति, पिछड़ा वर्ग भी होगा मजबूत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति योग्यता आधारित होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है। बता दें, भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति कॉलेजियम की सिफारिश के आधार पर होती है, जिस पर कई बार सवालिया निशाना लगाए जा चुके हैं। ऐसे में राष्ट्रपति का यह सुझाव चर्चा का विषय बन चुका है।
एआईजेएस प्रतिभाशाली युवाओं का चयन करे
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि जिस तरह आईएएस-आईपीएस सहित तमाम अधिकारी पदों के लिए अखिल भारतीय परीक्षा होती है, वैसे ही एआईजेएस प्रतिभाशाली युवाओं का चयन करे। इससे देश के प्रति वफादार, ऊर्जावान, प्रतिभाशाली उम्मीदवार का चयन हो सकेगा। इसके अलावा, मुर्मू ने अदालती कार्यवाही के लाइव वेबकास्ट के पहल की सराहना की। विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में निर्णय प्रदान करने के पहल को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये पहल समाज को मजबूत करता है।
न्यायपालिका में प्रतिभाओं को लाने के और प्रयास हों
राष्ट्रपति ने कहा, उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रतिभाशाली बच्चों को न्यायपालिका में आसानी से प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें केंद्रीय और राज्य के विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम में जाने और बच्चों के साथ बातचीत करने का मौका मिला है। इन संस्थानों में बहुत प्रतिभाशाली युवा हैं। इनमें से कई न्यायपालिका में भी आना चाहते हैं।
डॉ. आंबेडकर की 7 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सर्वोच्च न्यायालय परिसर में डॉ. बीआर आंबेडकर की 7 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा एक वकील के गाउन से सजी हुई है और उसके हाथ में संविधान की एक प्रति है।
देव दीपावली पर आज काशी में गंगा तट पर उतरेगा देवलोक, पांच घाटों पर सजेगा राम लला का दरबार

देव दीपावली पर इस बार काशी से ”सभी सनातनी एक जाति एक पंथ” का संदेश पूरी दुनिया को जाएगा।कार्तिक पूर्णिमा की शाम आसमान से गंगा के तट पर देवलोक उतरेगा। देव दीपावली पर इस बार काशी से ”सभी सनातनी एक जाति एक पंथ” का संदेश पूरी दुनिया को जाएगा। दुनिया के 70 देशों के राजदूतों के सामने 84 घाटों पर होने वाले आयोजनों के जरिये एक भारत श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और सशक्त भारत का स्वरूप प्रदर्शित होगा।
बनारस के गंगा घाटों पर होने वाली देव दीपावली इस बार कई मायने में बेहद खास है। सात समंदर पार तक ख्याति प्राप्त कर चुकी देव दीपावली के जरिये दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी सनातन धर्म के साथ ही वसुधैव कुटंबकम का भी संदेश देगी। दुनिया के 70 देशों के 150 डेलीगेट्स देव दीपावली का वैभव देखेंगे। रंगोली व दीपों से अर्धचंद्राकार घाटों पर कहीं रामदरबार सजेगा तो कहीं गुरुनानक, बुद्ध और महावीर के संदेश दिया जाएगा।
रामघाट व गायघाट पर सजने वाली देव दीपावली छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित होगी। बूंदी परकोटा घाट की देव-दीपावली भगवान बुद्ध को समर्पित रहेगी। जैन घाट की देव दीपावली भगवान महावीर स्वामी को समर्पित होगी। इसके अलावा पंचगंगा पर संत कबीर तो रविदास व राजघाट संत रविदास की भक्ति धारा का संदेश भी गंगा के तट पर प्रवाहमान होगा। रंगोली के जरिये घाटों को नशामुक्त करने की अपील की जाएगी। रविवार को गंगा के घाटों पर देव दीपावली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
पांच घाटों पर होगा रामलला का दरबार
देव दीपावली में इस बार काशी के घाटों पर भगवान शिव के आराध्य भगवान राम का दरबार सजेगा। दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा, दुर्गाघाट, अस्सी और सिंधिया घाट पर रामलला का दरबार रंगोली व दीयों से सजाया जाएगा। अयोध्या में रामलला के विराजने से पहले काशी राममय होगी। रामलला के नाम पर दशाश्वमेध घाट पर देव दीपावली महोत्सव में होने वाली महाआरती में 21 हजार दीप जलेंगे। भारत के अमर वीर योद्धाओं को भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित भी किया जाता है। शहीद परिवार जनों को सहायतार्थ धनराशि एक लाख की राशि प्रदान की जाएगी।
महाआरती में दिखेगी नारी शक्ति की झलक
देव दीपावली पर मां गंगा की महाआरती में नारी शक्ति की झलक नजर आएगी। रामलला के विराजने से पहले 51 देव कन्याएं आरती उतार कर विश्वप्रसिद्ध देव दीपावली महोत्सव की शुरुआत करेंगी।
प्रज्ज्वलित होगी अमर जवान ज्योति
दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की प्रतिकृति तैयार कराई जा रही है। 39 जीटीस., एयर ऑफिसर कमॉडिंग, 4 वायु सेना प्रवरण बोर्ड, 95 बटालियन, सीआरपीएफ, 11वीं वाहिनी, एनडीआरएफ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रिथ लेइंग करेंगे। 39 जीटीसी के जवान लास्ट पोस्ट व गार्ड ऑफ ऑनर भी देंगे।
108 किलो की मां गंगा की मूर्ति का 108 लीटर दूध से होगा अभिषेक
प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की ओर से मां गंगा की आरती में 108 किलोग्राम की अष्टधातु की मां गंगा की प्रतिमा के दर्शन होंगे। आरती का नेतृत्व 42 कन्याएं करेंगी। गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं किशोरी रमण दुबे और सचिव पंडित दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि आरती के दौरान 108 डमरू वादक उद्घोष करेंगे। आरती के बाद सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे।
अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर से होगी पहचान
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साल के आखिर तक इसे लागू करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र भी भेजा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
केंद्र ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ रखा है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलने के लिए एक पत्र भेजा है।
मणिपुर में शांति समझौता जल्द : CM
मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार इंफाल घाटी के एक उग्रवादी ग्रुप से बात कर रही है। जल्द एक शांति समझौते पर साइन होंगे। उन्होंने संगठन का नाम नहीं लिया। सूत्रों ने कहा था कि सरकार प्रतिबंधित संगठन ‘यूनाइटेड नैशनल लिबरेशन फ्रंट’ (UNLF) के एक धड़े से बात कर रही है।
राम मंदिर: फर्श पर पत्थर लगना शुरू
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के गर्भगृह की फर्श का निर्माण पूरा होने के बाद अब पूरी फर्श पर संगमरमर के पत्थरो को लगाने का काम तेजी से चल रहा है। फर्श पर खूबसूरत रंगीन डिजाइन भी बनाई जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक मंदिर की फर्श का काम दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसी के साथ ही प्राण प्रतिष्ठा के लिए आवश्यक सभी निर्माण कार्यो को भी पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2023 की डेडलाइन तय कर दी गई है।
रूस बोला, यूक्रेन का ड्रोन अटैक फेल किया
रूस ने दावा किया कि उसने पांच रीजन में यूक्रेन के ड्रोन अटैक को नाकाम किया है। अकेले मॉस्को में 20 ड्रोन नष्ट किए गए। अजोव सागर के ऊपर भी दो यूक्रेनी मिसाइलें नष्ट की हैं। एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन पर इस जंग में अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया था। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को, तुला, कलुगा और ब्रांस्क सहित पांच क्षेत्रों में यूक्रेनी ड्रोनों को गिराया गया। तुला में एक शख्स घायल हुआ है। इन हमलों के कारण मॉस्को के हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हुई या रद्द करनी पड़ीं।
14 इजरायली बंधकों और तीन विदेशी नागरिक बंधकों को रेड क्रॉस में स्थानांतरित कर दिया गया है: इज़राइल रक्षा बल
चीन में रहस्यमय बीमारी से सरकार अलर्ट, राज्यों को पत्र लिख कहा- सतर्कता बढ़ाएं, तैयार रहें
हाल के हफ्तों में उत्तरी चीन में बच्चों में सांस की बीमारी में वृद्धि का संकेत देने वाली हालिया रिपोर्टों के मद्देनजर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अत्यधिक सावधानी के तौर पर श्वसन संबंधी बीमारियों के खिलाफ तैयारियों के उपायों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। मौजूदा इन्फ्लूएंजा और सर्दी के मौसम को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप सांस संबंधी बीमारी के मामलों में वृद्धि हो रही है। भारत सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और संकेत दिया है कि किसी भी अलार्म की जरूरत नहीं है।
उत्तरकाशी, उत्तराखंड: सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
उत्तरकाशी, उत्तराखंड: सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अतिरिक्त सचिव तकनीकी, सड़क और परिवहन महमूद अहमद ने कहा, “… हमें उम्मीद है कि अगले दो दिन बाद से यानी 28 नवंबर से इसकी ड्रिलिंग शुरू होगी। यह एक लंबी प्रक्रिया है… हमारे पास 15 दिनों का लक्ष्य है… हम एक ड्रिफ्ट टनल भी बनाना चाहते हैं, डिजाइन बना लिया गया है और मंजूरी दे दी गई है… हम इन विभिन्न पक्षों पर काम कर रहे हैं… बड़कोट की ओर से ड्रिलिंग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है…”
मन की बात में पीएम मोदी के 5 बड़े संदेश
पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश में जाकर शादी करने वालों से आज मन की बात में सवाल पूछा। मोदी ने कहा कि क्या विदेश में जाकर शादी करना जरूरी है क्या? मैं बीते महीनों में देख रहा हूं कि लोग देश छोड़कर लोग विदेशों में जाकर शादी कर रहे हैं।
तेलंगाना में पीएम मोदी का एक तीर से दो निशाना, केसीआर और राहुल गांधी पर बोला हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के तूप्रान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘तेलंगाना के मुख्यमंत्री इसे(तेलंगाना) अपनी जागीर मानते हैं। KCR को आखिर दूसरी सीट पर चुनाव लड़ने की जरूरत क्यों पड़ी? वहां क्यों जाना पड़ा? कांग्रेस के राहुल गांधी को भी अमेठी छोड़कर केरल में भागना पड़ा था, KCR को भी भागना पड़ा है। इसका एक कारण भाजपा के कद्दावर उम्मीदवार एटाला राजेंदर हैं और दूसरा कारण किसानों और गरीबों का गुस्सा है।’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन में उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए श्वसन संबंधी बीमारियों के खिलाफ तैयारियों की समीक्षा करने का सक्रिय रूप से निर्णय लिया है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल तैयारियों की समीक्षा करें। सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को ‘COVID-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति के लिए परिचालन दिशानिर्देश’ लागू करने होंगे। जिला और राज्य निगरानी द्वारा ILI/SARI के रुझानों की बारीकी से निगरानी की जाएगी। श्वसन संबंधी बीमारी में वृद्धि मुख्य रूप से सामान्य कारणों जैसे इन्फ्लूएंजा, मायकोप्लाज्मा न्यूमोनिया, SARS-CoV-2 के कारण होती है। स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर करीब से नज़र रखे हुए है; चिंता की कोई जरूरत नहीं है





