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ताजा समाचार – शीतलहर की चपेट में आया आधा भारत,मंगल पर भारतीय महिला: नए साल में भी जारी है इस्राइल हमास संघर्ष,जापान में भीषण भूकंप और सुनामी की चेतावनी

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दिल्ली से लेकर मुंबई तक आतिशबाजी से नए साल का आगाज हुआ। वहीं दिल्ली-एनसीआर में ठंड और कोहरे का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने आज दिल्ली में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। उधर जापान में नए साल के पहले दिन 7.6 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे जापान को हिलाकर रख दिया। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी को देखते हुए भारतीय दूतावास ने जापान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए है। वहीं भारत सरकार ने नए साल के पहले दिन कुख्‍यात गैंगस्‍टर गोल्डी बराड़ पर बड़ा एक्‍शन लिया है। गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के फरार साथी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भारत सरकार ने आतंकी घोषित कर दिया है।

नए साल की शुरुआत हाड़ को कंपा देने वाली ठंड से हुई है। सोमवार को सुबह छह बजे के आसपास पंजाब, उत्तरी राजस्थान, हरियाणा से लेकर दक्षिणी उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के उपहिमालयी क्षेत्र घने कोहरे की चपेट में नजर आए, लेकिन दिन निकलने के साथ धीरे-धीरे कोहरा कुछ कम हुआ तो बर्फीली हवाओं के चलते पूरा आधा भारत शीतलहर की चपेट में आ गया। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर स्थानों में पहले से ही शून्य से नीचे चल रहा पारा और गिर गया है। पंजाब और हरियाणा के कई क्षेत्र भी पारा माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशख मृत्युंडय महापात्र ने सोमवार को बताया कि जनवरी में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, लेकिन इसके अलावा देश के ज्यादातर हिस्से में इसके सामान्य से ऊपर ही रहने का अनुमान है। वहीं, आईएमडी ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में अगले दो दिन कोल्ड डे से गंभीर कोल्ड डे की स्थिति जारी रह सकती है। वहीं, अगले तीन दिनों तक उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। जनवरी से मार्च के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक मौसमी वर्षा होने का अनुमान है, लेकिन सुदूर दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र, सुदूर उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।

कश्मीर में डल झील समेत जलस्रोत जमे
सबसे बुरा हाल जम्मू-कश्मीर का है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से केंद्र शासित प्रदेश जमा देने वाली ठंड की चपेट में है। श्रीनगर में ऐतिहासिक डल झील समेत लगभग सभी जल स्रोत जम गए हैं। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। रात के समय लगभग सभी जगह माइनस 5.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही दर्ज किया गया। ठंड के साथ ही घने कोहरे ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि, ठंड और बर्फबारी का आनंद लेने के लिए दूसरे प्रदेशों से आए सैलानियों के लिए नए साल की अच्छी शुरुआत हुई और उन्होंने मौसम के बदले मिजाज का जमकर मजा लिया। मौसम विभाग का कहना है कि इस हफ्ते न्यूनतम तापमान के माइनस 1 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में घने कोहरे का येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में छह जनवरी तक घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने मैदानी क्षेत्रों के लोगों से सुबह और शाम के समय एहतियात के साथ घरों से निकलने की अपील की है।

मौसम विभाग का कहना है कि इस हफ्ते उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम ही रहने की उम्मीद है, जबकि अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री से नीचे ही बना रह सकता है।

उड़ानें और ट्रेनें प्रभावित
घने कोहरे के कारण रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जम्मू एयरपोर्ट पर सोमवार को पहुंचने वाली सात उड़ानें देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। इसमें कई उड़ानें दिल्ली से जम्मू और वाया श्रीनगर के लिए जानी थीं। वहीं जम्मू आने वाली नौ ट्रेनें भी देरी से पहुंचीं। इनमें पूजा एक्सप्रेस सबसे ज्यादा 11 घंटे की देरी से आई। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 3 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा।

चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 11.8 डिग्री
पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच अंतर घटकर बहुत कम रह गया है। दिन के तापमान में गिरावाट से भीषण ठंड पड़ रही है। सोमवार को दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री कम रहा।दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम  तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 6 डिग्री कम है। सुबह न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री दर्ज किया गया था।

 धार्मिक स्थलों से 100 मीटर दूर खुल सकेंगी मांस की दुकानें, एमसीडी ने विरोध के बाद उठाया यह कदम

Meat shops can be opened 100 meters away from religious places

एमसीडी ने धार्मिक स्थलों के पास मांस की दुकान खोलने के लिए न्यूनतम दूरी को 150 मीटर से घटाकर 100 मीटर करने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने यह कदम मांस विक्रेताओं के विरोध के बाद उठाया है। एमसीडी ने धार्मिक स्थलों के पास मांस की दुकान खोलने के लिए न्यूनतम दूरी को 150 मीटर से घटाकर 100 मीटर करने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने यह कदम मांस विक्रेताओं के विरोध के बाद उठाया है। दिल्ली मीट मर्चेंट्स एसोसिएशन ने कहा था कि इससे मांस की 6,000 दुकानें बंद हो जाएंगी और इनकी रोजी रोटी छिन जाएगी। नियमों में बदलाव नहीं करने पर अदालत जाने की बात कही थी।

एमसीडी ने 28 दिसंबर को हुई सदन की बैठक में आप पार्षद सुल्ताना आबाद और अमीन मलिक के इस संबंध में लाए गए संशोधित प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी है, जिसमें मांस की दुकानों और धार्मिक स्थलों के बीच न्यूनतम दूरी को कम करने की बात कही गई थी। इसमें मांस की दुकानों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव शामिल थे, जिसे निगम ने स्वीकार कर लिया है। मांस की दुकान के लिए पहले लाइसेंस फीस 7,000 रुपये रखी गई थी, जिसे घटाकर 5,000 रुपये किया गया है।

मंगल पर भारतीय महिला: लाल ग्रह पर अक्षता ने रचा इतिहास,

भारत की बेटी ने लाल ग्रह पर इतिहास रच दिया है। मंगल ग्रह पर रोवर संचालित करने वाली नासा से जुड़ी डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अक्षता ने भारत ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की है। यहीं से उनका चयन नासा के लिए हुआ।अक्षता ने अपनी उपलब्धि पर कहा, अपने सपने को पूरा करने के लिए खुद पर भरोसा रखिए और लगातार लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करते रहना चाहिए। अक्षता नासा में प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और मिशन विज्ञान चरण लीड हैं। वह नासा में गत पांच वर्षों से वह काम कर रही हैं। 

अक्षता ने अपनी उपलब्धि पर कहा, अपने सपने को पूरा करने के लिए खुद पर भरोसा रखिए और लगातार लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करते रहना चाहिए। अक्षता नासा में प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और मिशन विज्ञान चरण लीड हैं। वह नासा में गत पांच वर्षों से वह काम कर रही हैं।

13 वर्ष पहले पहुंचीं थीं अमेरिका
अक्षता, नासा में काम का सपना लेकर 13 वर्ष पूर्व अमेरिका पहुंचीं। कई लोगों ने उनसे कहा यह नामुमकिन है, क्योंकि उनके पास विदेशी वीजा है। अतः वह प्लान-बी तैयार रखें या फिर कॅरिअर की दिशा बदल लें पर वह डटी रहीं।

अक्षता ने लिखा, एमआईटी में पीएचडी करने से लेकर नासा में नौकरी पाने तक कुछ भी आसान नहीं था। यहां तक पहुंचने के लिए कई बार लोगों ने उनका मनोबल भी तोड़ा, लेकिन उन्होंने अपने सपने को टूटने नहीं दिया और काम करती गईं।

ओआरओपी का करोड़ों रुपये कहां गया, जांच की जाएः कैप्टन शक्ति

Where did crores of rupees of OROP go, investigation should be done: Captain Shakti

पूर्व सैनिकों ने नववर्ष शुभ अवसर पर दुखी मन से, बाजुओं पर काली पट्टी बांध और हाथों में काले झंडे लिए काला दिवस मनाया है। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। यदि केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों की पीड़ा नहीं समझी, तो आने वाले दिनों में सांसदों का काले झंडों से स्वागत किया जाएगा। इसलिए आज नववर्ष के पहला दिन काला दिवस के रूप में मनाया है। यह बात संयुक्त मोर्चा आफ एक्स सर्विसमैन जेसीओ एवं ओआर हिमाचल प्रदेश के आह्वान पर एमसी पार्क ऊना में किए रोष प्रदर्शन के दौरान कैप्टन शक्ति चंद ने कही।

उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के लिए दिया करोड़ों रुपये कहां गए, इस पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे। दोषियों पर कार्रवाई करे। पूर्व सैनिकों ने नववर्ष शुभ अवसर पर दुखी मन से, बाजुओं पर काली पट्टी बांध और हाथों में काले झंडे लिए काला दिवस मनाया है। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

इस दौरान कैप्टन शक्ति चंद, राजेंद्र शर्मा, पूर्व भारतीय वायु सैनिक संगठन से हरीश चंद्र शर्मा सहित कई पूर्व सैनिकों ने सर्वप्रथम एमसी पार्क ऊना के शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कैप्टन शक्ति चंद ने बताया कि फरवरी 2023 से पूर्व सैनिक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्व सैनिकों ने देश के कोने-कोने से उपायुक्तों के माध्यम से रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को अपने ज्ञापन भेजकर समस्याओं से अवगत कराने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान दिल्ली में शांति पूर्ण रैली की। सांसदों से मिले, मगर अभी तक किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी। कोई असर नहीं हुआ। हमारी केंद्र सरकार से एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के तीन सेवानिवृत्त जजों की कमेटी से जांच तो करवाए कि सरकार की ओर से वन रैंक वन पेंशन के लिए दिया करोड़ों रुपये कहां गया।

शक्ति चंद ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि केंद्र सरकार हमारी समस्याओं का समाधान आवश्य करेगी। हमें न्याय मिलेगा, फिर भी यदि सरकार हमारी पीड़ा नहीं समझती, तो विचार विमर्श के बाद शांति पूर्ण तरीके से सांसदों का काले झंडों से स्वागत किया जा सकता है। इस अवसर पर शक्ति चंद, स्वदेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, मलूक चंद, श्याम लाल शर्मा, सुरजीत सिंह, रमेश चंद, अमरीक सिंह, कश्मीरी लाल, राम सिंह, दिलबाग सिंह, महेंद्र सिंह, हरीश चंद शर्मा, बलवीर सिंह राणा, राजेश शर्मा आदि पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

‘इन लोगों को जनता से कोई मतलब नहीं’, राम मंदिर के मुख्य पुजारी का उदित राज पर पलटवार

Ayodhya Ram Mandir Chief priest of Ram temple hit back at Udit Raj

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, ‘मतलब पांच सौ वर्ष बाद मनुवाद की वापसी हो रही है।अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर को लेकर एक विवादित टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, ‘मतलब पांच सौ वर्ष बाद मनुवाद की वापसी हो रही है।’ कांग्रेस नेता उदित राज के ट्वीट पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास महाराज ने पलटवार किया है। 

कांग्रेस नेता उदित राज के ट्वीट पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास महाराज ने कहा, ‘पीएम जो कर रहे हैं वह ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। वे (कांग्रेस) सत्ता में आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कोई सत्ता नहीं मिलने वाली है। क्योंकि जनता सत्ता देती है और इन लोगों को जनता से कोई मतलब नहीं है। ये सिर्फ प्रधानमंत्री की आलोचना करने में लगे हैं। कुछ भी काम नहीं आने वाला। ये तय है कि 2024 में एक बार फिर भाजापा सरकार बनाएगी और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे।’

नए साल में भी जारी है इस्राइल हमास संघर्ष, नए चरण में पहुंचा युद्ध, मार गिराया हमास कमांडर

Israel Hamas War Israel war in new phase Hamas commander killed Mesmah was murderer of 135 people

इस्राइली सेना बोली, एदेल मेस्माह ने किबुत्ज बेरी व किबुत्ज निरिम पर हमला कर साझा रूप से 135 इस्राइलियों का नरसंहार किया था। सेना के अधिकारी ने माना कि गाजा में सैन्य कटौती से कुछ आरक्षित सैनिकों को नागरिक जीवन में लौटने का मौका मिलेगा। 

नए साल पर युद्ध में नियोजित सैन्य कटौती से पहले इस्राइली टैंक गाजा के कुछ जिलों से हट गए, लेकिन अन्य क्षेत्रों में बमबारी बढ़ा दी। इस बीच, एक हवाई हमले में हमास कमांडर एदेल मेस्माह को मार गिराया। दीर अल-बलाह की नजाबा कंपनी का यह कमांडर कई हमलों का जिम्मेदार था। सेना को एक मस्जिद से कई हथियार भी मिले। 

इस्राइली सेना बोली, एदेल मेस्माह ने किबुत्ज बेरी व किबुत्ज निरिम पर हमला कर साझा रूप से 135 इस्राइलियों का नरसंहार किया था। सेना के अधिकारी ने माना कि गाजा में सैन्य कटौती से कुछ आरक्षित सैनिकों को नागरिक जीवन में लौटने का मौका मिलेगा। इससे इस्राइल की युद्ध-ग्रस्त अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा। साथ ही लेबनान के ईरान-समर्थित हिजबुल्ला के साथ उत्तर में व्यापक संघर्ष की स्थिति में इकाइयों को मुक्त किया जा सकेगा।  

नेतन्याहू मंत्रिमंडल की पूर्व सदस्य ने माफी मांगी
इस्राइली मंत्रिमंडल की पूर्व सदस्य गलित डिस्टेल अत्बार्यन ने देश में आंतरिक विभाजन में योगदान देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, इस आतंरिक विभाजन ने हमास आतंकियों को 7 अक्तूबर का हमला करने के लिए बढ़ावा दिया। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की सांसद अत्बार्यन ने पहली बार हमले से पहले के ध्रुवीकरण वाले माहौल के लिए जिम्मेदारी ली है। 

भारतीय शोधकर्ताओं ने अन्य ट्यूमर के लिए शुरू किया शोध, घातक है स्वदेशी सीएआर-टी थेरैपी

Indian researchers start research for other tumours indigenous CAR-T therapy is helpful

Health: भारतीय शोधकर्ताओं ने अन्य ट्यूमर के लिए शुरू किया शोध, घातक है स्वदेशी सीएआर-टी थेरैपी Indian researchers start research for other tumours indigenous CAR-T therapy is helpful

ब्लड कैंसर के बाद जल्द ही स्वदेशी तकनीक से बड़े ट्यूमर को भी नष्ट किया जा सकेगा। भारतीय शोधकर्ताओं ने चिमेरिक एंटीजन रिसेप्टर यानी सीएआर-टी सेल थेरैपी पर शोध शुरू किया है। इसमें आईआईटी बॉम्बे और टाटा कैंसर अस्पताल सहित देश के कई संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं। इस शोध को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएसओ) की ओर से भी प्रारंभिक अनुमति दी गई है।

लिम्फोमा और ल्यूकेमिया ब्लड कैंसर में सफल इम्युनो एक्ट के सह-संस्थापक शिरीष आर्य ने बताया कि पिछले साल 12 अक्तूबर को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएसओ) ने मुंबई स्थित टाटा कैंसर अस्पताल के क्लीनिकल ट्रायल परिणामों के आधार पर सीएआर-टी सेल थेरैपी को देश के अस्पतालों तक पहुंचने की अनुमति दी। अब तक करीब 15 अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की गई है। उत्तर भारत में मैक्स हेल्थकेयर के साथ करार किया गया है। अभी तक यह तकनीक सिर्फ लिम्फोमा और ल्यूकेमिया रोगियों के लिए है, लेकिन आगामी दिनों में कैंसर के अन्य मरीजों के इलाज में भी इस्तेमाल हो सकती है। इसमें ब्रेन कैंसर से लेकर ठोस ट्यूमर तक शामिल हैं।

अभी खर्च लाखों में, लेकिन सस्ती होगी
मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के चेयरमैन डॉक्टर हरित के. चतुर्वेदी ने कहा कि जब भी कोई नई तकनीक आती है तो उसकी कीमत काफी अधिक रहती है, लेकिन जैसे-जैसे तकनीक आम होने लगती है उसकी कीमत भी गिरती है। इसी तरह सीएआर-टी थेरैपी के भी अगले कुछ वर्षों में सस्ते होने की उम्मीद की जा सकती है। बहरहाल मौजूदा समय में इस थेरैपी की कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये हो सकती है।

इम्यून सेल्स पर आधारित है तकनीक
यह तकनीक कैंसर मरीज के इम्यून सेल्स पर आधारित है। इसमें मरीज के सेल्स को कैंसर से लड़ने लायक बनाते हैं। इसमें टी कोशिकाओं नामक विशिष्ट प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं मदद करती हैं। एक बार सेल्स कैंसर से लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं तो उन्हें वापस अस्पताल में भर्ती मरीज में प्रवेश करा दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के करीब दो से तीन सप्ताह में रिकवरी देखने को मिलती है। वैज्ञानिक साक्ष्य बताते हैं कि 80 फीसदी से ज्यादा मरीजों में यह थेरैपी सफल रही है और कैंसर से मुक्ति मिली है।

पांच साल में भारत को मिली सफलता
अध्ययन बताते हैं कि सीएआर-टी थेरैपी को लेकर दुनिया में पहला प्रयास अमेरिकी वैज्ञानिकों ने वर्ष 2009 से 2010 के बीच शुरू किया। हालांकि, इसे सरकारी अनुमति 2018 में दी गई और उसी दौरान भारतीय शोधकर्ताओं ने इस पर अपना अध्ययन शुरू किया। भारत ने महज पांच साल के भीतर इस तकनीक को अस्पतालों तक उपलब्ध कराया है। अमेरिका और भारत के अलावा यह तकनीक स्पेन, जर्मनी और चीन के पास है।

देश में पहली बार औषधीय पौधों का होगा सर्वे, वैश्विक आपूर्ति का चलेगा पता

Medicinal Plant Survey For the first time in the country

केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ने सह सर्वेक्षण व अध्ययन का फैसला लिया है, जिसे लेकर संस्थानों से प्रस्ताव मांगा है। बोर्ड का मानना है कि दुनिया भर में हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ने से औषधीय पौधों की औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है।

साल के पहले दिन केंद्र सरकार ने देश के औषधीय पौधों का सर्वे करने का फैसला लिया है। साथ ही औषधीय पौधों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग व आपूर्ति का पता लगाने के लिए अध्ययन भी किया जाएगा। हिमाचल से पूर्वोत्तर राज्यों तक के दुर्गम स्थानों पर मौजूद औषधियों व जड़ी बूटियां भी शामिल हैं।

केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ने सह सर्वेक्षण व अध्ययन का फैसला लिया है, जिसे लेकर संस्थानों से प्रस्ताव मांगा है। बोर्ड का मानना है कि दुनिया भर में हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ने से औषधीय पौधों की औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है। इन पौधों से कॉस्मेटिक उत्पाद और हर्बल पोषण बनाए जा रहे हैं। हालांकि औषधीय पौधों, उनके औषधीय उपयोग और भौगोलिक विस्तार को लेकर भारत के पास बेहद सीमित जानकारी उपलब्ध है। खासतौर पर इन पौधों की मांग और खपत के बारे में राष्ट्रीय स्तर पर सही डाटा भी मौजूद नहीं है। ऐसे में सरकार ने नए सिरे से अध्ययन कराने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

प्रदूषित वातावरण विकास में बाधा

environment of insecurity can limit children's ability to play polluted environment hinders development

शोधकर्ताओं के अनुसार शहरी जीवन की तेज तर्रार प्रकृति अक्सर माता-पिता और देखभाल करने वालों को बच्चों की परवरिश के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं करा पाती है। इसकी वजह से समग्र रूप से स्वस्थ शिशु विकास के लिए महत्वपूर्ण चीजों का अभाव उनके भविष्य के लिए नुकसानदायक है।वायु और ध्वनि प्रदूषण, भीड़भाड़ तथा सीमित हरियाली वाली जगह जीवन के शुरुआती दौर में बच्चों के सामग्र विकास पर विपरीत असर डाल रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की अगुवाई में किए अध्ययन में 41 देशों के 235 शोधों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें बचपन में विकास को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय खतरों के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।

शोधकर्ताओं ने पब्लिक हेल्थ रिसर्च एंड प्रैक्टिस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा कि बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण अन्य खतरों में वातावरण, रासायनिक और धातु संबंधित खतरे, पड़ोस में निर्मित माहौल, सामुदायिक समर्थन, आवास और रहने का वातावरण शामिल है। शोध के अनुसार जीवन के पहले 2000 दिन या शून्य से पांच वर्ष के बाद के जीवन को शारीरिक, ज्ञान संबंधी, सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर असर डालने वाली एक महत्वपूर्ण अवधि के रूप में पहचाना जाता है। अध्ययन में शहरी जीवन से संबंधित जिन चिंताओं की सबसे अधिक जांच की गई उनमें से एक वायु प्रदूषण था।

तेज तर्रार शहरी जीवन भी विकास में बाधक
शोधकर्ताओं के अनुसार शहरी जीवन की तेज तर्रार प्रकृति अक्सर माता-पिता और देखभाल करने वालों को बच्चों की परवरिश के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं करा पाती है। इसकी वजह से समग्र रूप से स्वस्थ शिशु विकास के लिए महत्वपूर्ण चीजों का अभाव उनके भविष्य के लिए नुकसानदायक है।

सुरक्षित स्थानों की कमी सामाजिक विकास में बाधक
सुरक्षा संबंधी चिंताएं, बच्चों की खोज करने और स्वतंत्र रूप से खेलने की क्षमता को सीमित कर सकती हैं, जिससे उनकी स्वतंत्रता और सामाजिक विकास की भावना प्रभावित होती है। शहरीकरण डिजिटल निर्भरता को बढ़ाता है, जिससे अत्यधिक स्क्रीन समय और आमने-सामने की बातचीत कम हो जाती है। यह स्थिति बच्चों के संचार कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता को प्रभावित करती है।

स्वास्थ्य व कल्याण की दिशा में बच्चों के अनुकूल वातावरण की जरूरत
प्रमुख शोधकर्ता एरिका मैकइंटायर के अनुसार शहरी योजनाकारों और नीति निर्माताओं को उस भूमिका को पहचानने की जरूरत है जो रोजमर्रा के शहरी वातावरण स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में बच्चों के अनुकूल हो। इसके तहत अधिक हरियाली वाली जगहों की वकालत करना, शोर और प्रदूषण कम करने के उपाय शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों के पैदल चलने योग्य जगहों का विकास करना जो शारीरिक गतिविधि को प्रोत्साहित करती हैं, ऐसे कुछ उपाय हैं जो बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में मदद करते हैं। पेरेंटिंग कक्षाएं, प्लेग्रुप और सामुदायिक केंद्र प्रदान करने वाले कार्यक्रम पेरेंटिंग की चुनौतियों से निपटने में बढ़ावा दे सकते हैं।

डिब्बा बंद उत्पादों पर विनिर्माण तारीख और प्रति इकाई बिक्री मूल्य देना अनिवार्य, नए नियम लागू

Consumer Affairs It is mandatory to give manufacturing date and selling price per unit on canned products

पैकेज्ड वस्तुओं पर उसके बनने की तारीख व पैकेट में प्रति इकाई बिक्री मूल्य छापना अनिवार्य हो गया है। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, सोमवार से नियम लागू हो गया है।केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए खरीफ सीजन के 25,000 टन प्याज की खरीद की है। रोहित कुमार सिंह ने कहा, सरकार इसलिए प्याज खरीद रही है ताकि कीमतों को रोका जा सके व बाजार में प्याज की आपूर्ति की जा सके। 

नए नियम के तहत पैकेट पर अब प्रति किलोग्राम की दर से कीमत छापनी होगी। साथ ही, अधिकतम कीमत (एमआरपी) भी छापनी होगी। कोई पैकेट एक किलो से कम है तो उस पर एमआरपी के साथ प्रति ग्राम की कीमत छापनी होगी।

पहले कंपनियों को बनाने की तारीख या आयात की तारीख या पैकेजिंग की तारीख को छापने का विकल्प दिया गया था। अब उनके लिए जरूरी कर दिया गया है कि वे केवल बनाने की तारीख पैकेट पर छापें। साथ ही, बिक्री मूल्य भी छापें। पैकेज्ड सामग्री अलग-अलग वजन में होती हैं, इसलिए ग्राहकों की जानकारी के लिए उसकी कीमत छापना जरूरी है। 

केंद्र सरकार ने खरीदे 25,000 टन प्याज
केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए खरीफ सीजन के 25,000 टन प्याज की खरीद की है। रोहित कुमार सिंह ने कहा, सरकार इसलिए प्याज खरीद रही है ताकि कीमतों को रोका जा सके व बाजार में प्याज की आपूर्ति की जा सके। 2023-24 में सात लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य है। इसमें पिछले साल रबी सीजन से पांच लाख टन और खरीफ से दो लाख टन खरीदी कर रही है।

 द्वारका जिले की कल्याणपुर तहसील के रण गांव में बोरवेल में गिरी 2.5 साल की बच्ची को भारतीय सेना के जवानों और एनडीआरएफ टीम ने सफलतापूर्वक बचाया।

नए साल के अवसर पर सोलंग नाला में पर्यटकों ने एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद लिया।

 नए साल 2024 के मौके पर कनॉट प्लेस में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

सड़क से लेकर मेट्रो स्टेशन तक, साल के पहले दिन दिल्ली-NCR का सिस्टम हैंग, देखें वीडियो

कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली-एनसीआर के लोगों ने पूरी गर्मजोशी के साथ नए साल का स्वागत किया। दिल्लीवालों के जोश का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि सोमवार को दिल्ली में सड़कों से लेकर मेट्रो स्टेशन तक, कहीं पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। रात तक दिल्लीवाले भयंकर जाम में फंसे रहे। मेट्रो स्टेशन का आलम भी डराने वाला था। मेट्रो स्टेशन के बाहर हजारों लोगों की भीड़ टिकट के इंतजार में खड़ी नजर आई। भीड़ को काबू करने के लिए दिल्ली पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जनवरी को तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। जिसके मद्देनजर तैयारियां की गई हैं।

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता साध्‍वी निरंजन ज्‍योति ने कहा, “राजनीतिक सोच वाले लोगों को राम मंदिर का निर्माण हज़म नहीं हो रहा है उन्हें हज़म नहीं हो रहा कि ये राम मंदिर कैस बन रहा है? जो भगवान राम को नकारते रहें, राम सेतु को नकारते रहें और हमें बोलते रहें कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे और अब तो तारीख भी बता दिया है…ऐसे लोगों को भगवान सद्बुद्धि दें…”

अयोध्या की बाबरी और दिल्ली की सुनहरी मस्जिद का जिक्र, औवैसी की मुस्लिम युवाओं से भड़काऊ अपील,

अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार है। 22 जनवरी को मंदिर के अंदर रामलला विराजमान होंगे। मंदिर उद्घाटन से पहले असदुद्दीन ओवैसी का भड़काऊ बयान सामने आया है। ओवैसी ने बाबरी मस्जिद को लेकर कहा कि हमने एक मस्जिद खो दी है। वहां क्या हो रहा है क्या आप नहीं देख रहे हैं? और कहीं ऐसा न हो कि हम सारी मस्जिदें खो दें। दिल्ली की सुनहरी मस्जिद का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि तीन-चार मस्जिदें ऐसी हैं जो गिराई जा सकती है। उन्होंने मुस्लिम युवाओं को भड़काते हुए कहा कि वह अपनी ताकत को बरकरार रखें। ओवैसी मदरसा-ए-अरबिया अनवर-उल-उलूम, भवानी नगर, हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

गाज़ियाबाद: कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “… एक वो लोग होते हैं जो सबके कल्याण की बात करते हैं और दूसरे वो जो अशांति की बात करते हैं… इसी तरह से कुछ अधर्मी और असत्य के साथ खड़े लोग हैं… भगवान इन्हें सद्बुद्धि दें… राम राज्य की पुनर्स्थापना का समय है ऐसे में इस तरह की नकारात्मक बात करके भारत की गौरव गाथा पर सवालिया निशान लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।”

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया, सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में है मास्टर माइंड

भारत सरकार ने नए साल के पहले दिन कुख्‍यात गैंगस्‍टर गोल्डी बराड़ पर बड़ा एक्‍शन लिया है। गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के फरार साथी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को भारत सरकार ने आतंकी घोषित कर दिया है। भारत सरकार ने UAPA में गोल्डी बरार को आतंकी घोषित किया है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गोल्डी बराड़ मास्टर माइंड है। मूसेवाला हत्याकांड का आरोपी बराड़ कनाडा में छिपा है। बराड़ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा है। बराड़ के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी जैसे कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर चुका है। सिंतबर महीने में गोल्डी बराड़ के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी बराड़ के जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।

जापान में भीषण भूकंप और सुनामी की चेतावनी के बीच भारतीय दूतावास का अलर्ट, अपने नागरिकों के लिए जारी किए नंबर

जापान में नए साल के पहले दिन 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे जापान को हिलाकर रख दिया। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी को देखते हुए भारतीय दूतावास ने जापान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए है। इसके अलावा दूतावास ने एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ‘दूतावास ने एक जनवरी 2024 को आए भूकंप और सुनामी के संबंध में किसी से भी संपर्क करने के लिए एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया है। किसी भी सहायता के लिए इन इमरजेंसी नंबरों और ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है।’

Ramswaroop Mantri

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