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ताजा समाचार -पाकिस्तान में त्रिशंकु नतीजे:भारतीय वायुसेना के लिए महिंद्रा बनाएगी विमान,बीमा कंपनियों पर गीर सकती हैं आयकर विभाग की गाज

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संसद के दोनों सदनों में आज अयोध्या के राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पेश हो सकता है। बीजेपी ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया है। उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले की घटना को देखते हुए जिले में शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला। जुमे की नमाज के समय मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात रहा। मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जारांगे आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर सकते हैं।

पाकिस्तान में त्रिशंकु नतीजे: सेना के आशीर्वाद के बाद भी शरीफ को बहुमत नहीं

पाकिस्तान में नतीजों की स्थिति अब लगभग साफ हो चुकी है। अब तक आए नतीजों के अनुसार, नेशनल असेंबली में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया है। त्रिशंकु नतीजों के कारण जोड़-तोड़ की संभावनाएं बढ़ गईं हैं। एक तरफ जहां नवाज शरीफ ने सभी दलों से गठबंधन सरकार बनाने का आह्वान किया है। वहीं, बिलावल खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। उम्मीद है कि वह जल्द ही शरीफ से मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रात एक बजे तक पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ समर्थक 98 सीट जीत चुके हैं। वहीं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज 69 तो पीपीपी 51 सीट जीत चुकी है। अभी करीब 20 सीटों के नतीजों की घोषणा होना बाकी है।पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी के रूप में जीत की घोषणा की। नवाज शरीफ निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ समझौता कर रहे हैं। शरीफ ने लाहौर स्थित पार्टी कार्यालय में कहा कि हमारे पास खुद सरकार चलाने के लिए बहुमत नहीं है।

नवाज बोले- हमारे पास बहुमत नहीं
पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी के रूप में जीत की घोषणा की। शरीफ निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ समझौता कर रहे हैं। शरीफ ने लाहौर स्थित पार्टी कार्यालय में कहा कि हमारे पास खुद सरकार चलाने के लिए बहुमत नहीं है। इसलिए हम अन्य पार्टियों और उम्मीदवारों को हमारे साथ काम करने के लिए आमंत्रित करते हैं। पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शरीफ की पार्टी को बहुमत मिलने की संभावना थी, क्योंकि पीएमएलएन को ही सेना का आशीर्वाद मिला है। 

नतीजों में धांधली के आरोप, पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन 
पाकिस्तान में नतीजों की घोषणा में देरी के कारण सैन्य प्रतिष्ठानों पर धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं। शांगला में विरोध प्रदर्शन के दौरान, शुक्रवार को दो पीटीआई समर्थकों की मौत हो गई। वहीं, 20 से अधिक घायल हो गए। नतीजों में कथित धांधली के आरोपों के खिलाफ पेशावर और क्वेटा में भी प्रदर्शन हुए। पेशावर में करीब 2000 पीटीआई समर्थक शामिल हुए। इस दौरान एक दुकानदार ने दावा किया कि हमारे नतीजों को बदल दिया गया। हम जीत रहे थे। लेकिन धांधली कर हमें पछाड़ने की कोशिश की जा रही है। सरकार को हमारे सभी वोटों की दोबारा गिनती करनी चाहिए। लाहौर में 19 साल के मोहम्मद जुबैर ने कहा कि पीटीआई समर्थक पीएमएल-एन की जीत को स्वीकार नहीं करेंगे।

नवाज से मिल सकते हैं बिलावल-जरदारी
नतीजों के बीच, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने लाहौर में बैठक की। उम्मीद है कि पीपीपी नेता पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ से मुलाकात कर सकते हैं और गठबंधन पर चर्चा कर सकते हैं। बता दें, चुनाव प्रचार के दौरान बिलावल भुट्टो ने शरीफ के खिलाफ काफी जुबानी हमले किए थे।

इमरान खान ने समर्थकों को दी बधाई
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई देते हुए कहा कि चुनाव नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। पीटीआई की तरफ से एक्स पर पोस्ट किए गए एआई-जनरेटेड भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री खान ने समर्थकों से कहा कि आपने अपना वोट डालकर हकीकी आजादी की नींव रखी है और मैं आपको आम चुनाव 2024 में जीत के लिए बधाई देता हूं। खान ने कहा कि आपके वोट के कारण ‘लंदन योजना’ विफल हो गई है। 

पड़ोसियों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश 
पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्तों में वर्षों से खटास है। इस बीच शरीफ ने कहा कि वह पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश करेंगे। नवाज के इस बयान को लोग भारत के साथ जोड़कर देख रहे हैं कि नवाज भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। नवाज ने आगे कहा कि हम दुनिया और अपने पड़ोसियों के साथ संबंध सुधारेंगे और पड़ोसियों के साथ सभी मुद्दों को हल करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से पूछा कि क्या वे उनकी राय से सहमत हैं, जिसका सैकड़ों समर्थकोंम ने समर्थन किया। 

घरेलू यूपीआई बाजार में खत्म हो सकता है विदेशी फिनटेक कंपनियों का वर्चस्व, संसदीय समिति ने सौंपी रिपोर्ट

Dominance foreign fintech companies end domestic UPI market parliamentary committee submits report

यूपीआई बाजार में घरेलू फिनटेक कंपनियों को बढ़ावा देने व फोनपे और गूगल पे जैसे विदेशी एप का वर्चस्व खत्म हो सकता है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में विदेशी फिनटेक एप की अधिक हिस्सेदारी पर चिंता जताई है। घरेलू एप को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।

समिति ने कहा है कि विदेशी फिनटेक कंपनियां, एप, फोनपे और गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्म भारतीय यूपीआई क्षेत्र पर हावी हैं। साथ ही, कई फिनटेक कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी हो रहा है, जो चिंताजनक है। उधर, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने अगले साल से यूपीआई लेनदेन की संख्या के आधार पर घरेलू बाजार में फिनटेक एप की हिस्सेदारी अधिकतम 30 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया है।

मनी लॉिन् ड्रंग के लिए इस्तेमाल पर जताई चिंता
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, कई फिनटेक कंपनियों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी किया जा रहा है। इसे रोकने के लिहाज से विदेशी कंपनियों की तुलना में भारतीय फिनटेक एप पर नियामकीय निगरानी रखना आरबीआई और एनपीसीआई के लिए अधिक व्यवहार्य होगा।

यूपीआई अच्छा उदाहरण, पर हिस्सेदारी कम
रिपोर्ट में समिति की सिफारिश है कि फिनटेक जगत में घरेलू कंपनियों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। स्वदेशी विकसित भीम यूपीआई इसका अच्छा उदाहरण है। हालांकि, यूपीआई बाजार में इसकी हिस्सेदारी बहुत कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत मेक इन इंडिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसलिए, समिति की राय है कि फिनटेक क्षेत्र में घरेलू संस्थाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

अपनी याददाश्त पर सफाई देते हुए मेक्सिको के राष्ट्रपति का नाम तक भूल बैठे बाइडन

US President Joe Biden even forgot the name of President of Mexico

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घटती याददाश्त के आरोपों का खंडन करने के लिए प्रेस वार्ता की, लेकिन वह कई गलतियां कर बैठे। जब गाजा पर उनसे सवाल पूछा, तो वे हमास का नाम भूल गए। वह बोले, उनकी स्मृति ठीक है और उम्र मुद्दा नहीं है। इसी दौरान मेक्सिको के राष्ट्रपति का नाम भूल गए और मिस्र के नेता अब्देल फतह अल-सिसी को मेक्सिको का राष्ट्रपति बता बैठे। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे फ्रांस के फ्रास्वां व जर्मनी के हेलमुट कोल से मिले, जबकि दोनों नेता कई वर्ष पहले ही मर चुके हैं। 

मेक्सिको के राष्ट्रपति का नाम भूल गए और मिस्र के नेता अब्देल फतह अल-सिसी को मेक्सिको का राष्ट्रपति बता बैठे। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे फ्रांस के फ्रास्वां व जर्मनी के हेलमुट कोल से मिले, जबकि दोनों नेता कई वर्ष पहले ही मर चुके हैं। 

पत्रकार पर ही भड़क उठे
वहीं, एक और रिपोर्टर ने पूछा कि क्या उनकी स्मृति का स्तर घट रहा है, तो बाइडन ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं हुआ है। इसी दौरान एक रिपोर्टर ने बाइडन से कहा, 4 माह पूर्व उनकी स्मृति पर सवाल उठे थे, तो बाइडन ने भड़ककर  कहा कि यह उसकी निजी राय है, प्रेस ऐसा नहीं सोचती, यहां उन्होंने पब्लिक (लोगों) की जगह प्रेस बोला। राष्ट्रपति की इस स्थिति पर विपक्षी रिपब्लिकन व उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

बाइडन को पता था कि यह अपराध है फिर भी अपने पास रखे गोपनीय दस्तावेज
एक रिपोर्ट कहा गया कि उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद बाइडन ने सामान्य नागरिक के तौर पर भी जानबूझकर गोपनीय दस्तावेजों को अपने पास रखा, जबकि वे जानते थे कि यह अपराध है। उन्होंने दस्तावेजों की जानकारी अन्य लोगों के सामने भी रखी। इनमें अफगानिस्तान में सैन्य, विदेश नीति की गोपनीय जानकारियां थीं।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक से लेनदेन में 15 फीसदी गिरावट, अन्य भुगतान विकल्पों का भी रुख कर रहे ग्राहक-व्यापा

15 percent decline in transactions from Paytm Payments Bank users turning to other payment options

आरबीआई की कार्रवाई के बाद से पेटीएम पेमेंट्स बैंक के जरिये लेनदेन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। 29 फरवरी के बाद बैंक का क्या होगा, इसे लेकर ग्राहकों में अब भी अनिश्चितता है। सूत्रों के मुताबिक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक से लेनदेन के वॉल्यूम में 15 फीसदी तक गिरावट आई है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक में 30 करोड़ से अधिक खाते या डिजिटल वॉलेट हैं। करीब चार करोड़ व्यापारी बैंक के क्यूआर कोड या भुगतान एप का इस्तेमाल करते हैं। ग्राहकों की संख्या घटने का कारण यह भी है कि लोगों व व्यापारियों के पास कई भुगतान विकल्प हैं। ऐसे में वे पेटीएम पेमेंट्स बैंक से दूसरे मंचों का रुख कर रहे हैं।

पेटीएम ने सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में एक समूह सलाहकार समिति के गठन की शुक्रवार को घोषणा की। समिति नियामकीय मामलों पर कंपनी को सलाह देगी। समिति में आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष एमएम चितले एवं आंध्रा बैंक के पूर्व चेयरमैन-एमडी आर रामचंद्रन भी शामिल हैं। 

दामोदरन की अगुवाई में बनी सलाहकार समिति
पेटीएम ने सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में एक समूह सलाहकार समिति के गठन की शुक्रवार को घोषणा की। समिति नियामकीय मामलों पर कंपनी को सलाह देगी। समिति में आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष एमएम चितले एवं आंध्रा बैंक के पूर्व चेयरमैन-एमडी आर रामचंद्रन भी शामिल हैं।

पेटीएम ई-कॉमर्स का नाम अब पाई प्लेटफॉर्म्स
पेटीएम ई-कॉमर्स ने अपना नाम बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स कर लिया है। साथ ही, ऑनलाइन खुदरा कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बिट्सिला का अधिग्रहण किया है। यह ओएनडीसी पर विक्रेता मंच है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया, कंपनी ने तीन महीने पहले नाम बदलने के लिए आवेदन किया था। 8 फरवरी को उसे कंपनी रजिस्ट्रार से मंजूरी मिली है। कंपनी रजिस्ट्रार की अधिसूचना के अनुसार, इस प्रमाणपत्र की तारीख से कंपनी का नाम पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लि. से बदलकर पाई प्लेटफॉर्म्स प्रा. लि. कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया, कंपनी ने अब इनोबिट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लि. (बिट्सिला) का अधिग्रहण कर लिया है। इसे 2020 में पेश किया गया था। यह ‘फुलस्टैक ओमनीचैनल’ और ‘हाइपरलोकल कॉमर्स’ क्षमता के साथ ओएनडीसी विक्रेता मंच के रूप में काम करता है।

 बीमा कंपनियों को मार्च अंत तक 25,000 करोड़ का टैक्स नोटिस भेज सकता है आयकर विभाग, पढ़ें पूरी खबर

Income Tax Department can send tax notice of Rs 25000 crore to insurance companies by the end of March

आयकर विभाग मार्च अंत तक कई बीमा कंपनियों को कुल 25,000 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। यह नोटिस उन कंपनियों को भेजा जाएगा, जिन्होंने उच्च कमीशन का भुगतान किया है और एक अप्रैल, 2023 से पहले की अवधि के लिए कटौती का दावा किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) एक अप्रैल, 2023 से पहले के कुछ वर्षों में बीमा कंपनियों की ओर से किए गए कर भुगतान का फिर से आकलन कर रहा है। इसके बाद अगले माह के आखिर तक बीमा कंपनियों को नोटिस भेज दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, जांच इसलिए हो रही है क्योंकि उस चीज पर कटौती की मंजूरी दी गई थी, जिसे आय के रूप में दिखाना चाहिए था। अगर कोई कंपनी इसे विज्ञापनों पर खर्च के रूप में दावा करती है, तो यह एक लागत है, जबकि कमीशन आय है। बीमा कंपनियों पर अकाउंटिंग में धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया गया है।

अदालत ने पूछा- तारीख बदले बिना क्या संविधान की प्रस्तावना में संशोधन संभव था, पढ़िए क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जानना चाहा कि क्या तारीख को बदले बिना संविधान की प्रस्तावना में संशोधन किया जा सकता था? शीर्ष अदालत ने यह सवाल पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की तरफ से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया जिसमें भारतीय संविधान की प्रस्तावना से समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द हटाने की मांग की गई है।

पीठ ने संविधान की प्रस्तावना का जिक्र करते हुए कहा कि यह शायद एकमात्र प्रस्तावना है, जो तारीख के साथ है। पीठ के समक्ष दलील दी गई कि इसके मूल रूप से समाजवादी और पंथनिरपेक्ष दोनों शब्द नहीं थे। एक वकील ने तर्क दिया कि यह प्रस्तावना एक विशिष्ट तिथि के साथ आई है।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसा नहीं है कि प्रस्तावना में संशोधन नहीं किया जा सकता। इस मामले पर अकादमिक दृष्टिकोण से विचार किया जा सकता है, क्योंकि प्रस्तावना को पहले संशोधित किया गया था (1976 में 42वें संशोधन अधिनियम के जरिये), जिसमें संविधान को स्वीकार करने की तारीख 29 नवंबर, 1949 को बरकरार रखते हुए समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों को शामिल किया गया था। कोर्ट की टिप्पणी पर स्वामी और अन्य वकीलों ने कहा कि बिल्कुल यही मुद्दा है।

पीठ ने संविधान की प्रस्तावना का जिक्र करते हुए कहा कि यह शायद एकमात्र प्रस्तावना है, जो तारीख के साथ है। पीठ के समक्ष दलील दी गई कि इसके मूल रूप से समाजवादी और पंथनिरपेक्ष दोनों शब्द नहीं थे। एक वकील ने तर्क दिया कि यह प्रस्तावना एक विशिष्ट तिथि के साथ आई है। स्वामी ने कहा कि संशोधन अधिनियम आपातकाल (1975-77) के दौरान पारित किया गया था।

29 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध
पीठ ने इससे जुड़े मामले (बलराम सिंह व अन्य बनाम भारत संघ) के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुरोध पर मामले को 29 अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। याचिका में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में 1976 के 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्दों को शामिल करने को चुनौती दी गई है। याचिका में दलील-आंबेडकर ने किया था विरोध : याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि इस तरह का सम्मिलन अनुच्छेद 368 के तहत संसद की संशोधन शक्ति से परे था और संविधान निर्माताओं का कभी भी लोकतांत्रिक शासन में समाजवादी या पंथनिरपेक्ष अवधारणाओं को पेश करने का कोई इरादा नहीं था। यह भी कहा जाता है कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने इन शब्दों के शामिल करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

 पाकिस्तान का चुनावी प्रहसन, जनादेश सैन्य प्रतिष्ठान के लिए चुनौती

Pakistan Election Result common voters confidence in Imran Khan PTI backed candidates challenge to military

लगता है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद भी राजनीतिक संकट जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। अब तक घोषित नतीजों के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ समर्थित उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी दूसरे स्थान पर है, जबकि बिलावल भुट्टो के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी तीसरे नंबर पर है। एक से अधिक सीटों से चुनाव लड़ रहे नवाज शरीफ को नेशनल एसेंबली की 15 नंबर सीट से हार का सामना करना पड़ा है और वहां इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थित उम्मीदवार की जीत हुई है। नेशनल एसेंबली की 233 सीटों पर हुए चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल करने के लिए 166 सीटों की जरूरत होगी।पाकिस्तान के आम मतदाता पीटीआई उम्मीदवारों पर भरोसा जताते दिख रहे हैं, जो सैन्य प्रतिष्ठान के लिए चुनौती है। ऐसे में अगर सेना रातों-रात कोई खेल कर दे, तो आश्चर्य नहीं।

पाकिस्तान के लोग इस राजनीतिक प्रहसन को इलेक्शन (चुनाव) के बजाय सेलेक्शन (चयन) बता रहे हैं, जबकि मानवाधिकार पर्यवेक्षकों ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि चुनाव न तो स्वतंत्र था और न ही निष्पक्ष। अमेरिका स्थित गैलप पोलिंग कंपनी ने पाया कि पाकिस्तान के लोग आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से हतोत्साहित हैं, जो उनके मुल्क की स्थिरता को खतरे में डालती हैं, और मतदान से पहले ही असंतोष रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।

गैलप के सर्वेक्षण में कहा गया कि पाकिस्तान का राजनीतिक माहौल उतना ही निराशाजनक है, जितना आर्थिक माहौल। दस में से सात पाकिस्तानियों को इस चुनाव की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है। और हाल ही में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हमलों और पीओके एवं गिलगित बाल्टिस्तान में बढ़ते असंतोष ने सैन्य प्रतिष्ठान को हिलाकर रख दिया है।

असंख्य खतरों से निपटने के लिए पाकिस्तान ने 6,50,000 से अधिक सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों को हजारों मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात किया। और यह सुनिश्चित किया कि सैन्य प्रतिष्ठान अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है। मतदान के दिन देश भर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं, जिसके खिलाफ विपक्षी दलों एवं लोगों में भारी नाराजगी दिखी। पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान ने इमरान खान की किस्मत पर ताला जड़ दिया है। लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान के आम मतदाता पीटीआई उम्मीदवारों पर इस चुनाव में भरोसा जताते हुए दिख रहे हैं, वह पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के लिए एक नई चुनौती है। सेना इमरान खान को समर्थन देगी, इसकी कोई संभावना नजर नहीं आती। इमरान खान ने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप भी लगाया है। ऐसे में अगर पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान रातों-रात कोई खेल कर दे, तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इस बात की पूरी संभावना है कि मियां नवाज शरीफ सेना द्वारा ‘चयनित’ प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

पाकिस्तान के चुनाव में सभी दावेदारों का कहना है कि वे मुल्क को उस गंदगी से बाहर निकालेंगे, जो सेना के लालच और पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार ने पैदा की है। लेकिन क्या वे ऐसा कर सकते हैं? नवाज शरीफ ने चुनाव में चाहे जो भी वादे किए हों, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सकते हैं। उन्होंने भारत और अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने का भी वादा किया है, लेकिन तुरंत उनसे कुछ खास उम्मीद नहीं की जा सकती है।

पाकिस्तानी सेना चाहे जिसे भी अपनी कठपुतली के रूप में अगला प्रधानमंत्री चयनित करे, वहां सामाजिक और जातीय विभाजन इतना गहरा गया है कि कोई भी राजनीतिक मैच फिक्सिंग इसे ठीक करने में सक्षम नहीं होगी। और यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कर्ज और राहत पैकेज पर टिकी अर्थव्यवस्था के साथ आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाने से आपदा ही आएगी।

पाकिस्तान के चुनाव में धांधली के आरोपों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के आम चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच अमेरिका ने कहा कि वह समय पर पूरे नतीजे आने की उम्मीद कर रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक बयान में कहा कि हम समय पर नतीजे घोषित किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो पाकिस्तानी लोगों की राय को दर्शाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक दल से ऊपर उठकर अगली पाकिस्तानी सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका व्यापार और निवेश के जरिये पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का समर्थन करके अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए तत्पर है।

भारतीय वायुसेना के लिए महिंद्रा बनाएगी विमान सी-390, ब्राजील की कंपनी से हुआ करार

Mahindra will make C-390 aircraft for Indian Air Force agreement signed with Brazilian company

वायुसेना के लिए मध्यम परिवहन विमान की खरीद परियोजना के लिए दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी संबंधी समझौता ज्ञापन पर ब्राजील के दूतावास में हस्ताक्षर किए गए। ये विमान भारतीय वायुसेना के पुराने परिवहन विमान एएन32 के बेड़े की जगह लेंगे। वायुसेना 40 से लेकर 80 तक मध्यम श्रेणी के परिवहन विमानों की खरीद करने की तैयारी में है। 

वायुसेना के लिए मध्यम परिवहन विमान की खरीद परियोजना के लिए दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी संबंधी समझौता ज्ञापन पर ब्राजील के दूतावास में हस्ताक्षर किए गए। ये विमान भारतीय वायुसेना के पुराने परिवहन विमान एएन32 के बेड़े की जगह लेंगे। वायुसेना 40 से लेकर 80 तक मध्यम श्रेणी के परिवहन विमानों की खरीद करने की तैयारी में है। विकल्प के लिए एंब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी का सी-390 मिलेनियम, एयरबस डिफेंस एंड स्पेस का ए-400एम विमान विमान प्रबल दावेदार हैं।

क्यों खास है सी-390
सी-390 विमान हवा से हवा में ईंधन भरने की क्षमता रखता है। यह कम परिचालन लागत के साथ ज्यादा उत्पादकता और विविधतापूर्ण संयोजन में उपयोग की बेजोड़ गतिशीलता प्रदान करता है। अभी तक विमान को ब्राजील, पुर्तगाल, हंगरी, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य और दक्षिण कोरिया ने इस्तेमाल के लिए चुना है।

अयोध्या यात्रा को लेकर क्या बोले श्रीलंकाई सांसद नमल राजपक्षे

अपनी राम मंदिर यात्रा पर, श्रीलंकाई सांसद नमल राजपक्षे ने कहा, “हमें यहां आकर खुशी हुई…खासकर एक श्रीलंकाई होने के नाते, जो रामायण से जुड़ा हुआ है…यहां आना मेरे और मेरी पत्नी के लिए बहुत सम्मान की बात है और हम यहां आकर धन्य महसूस कर रहे हैं।”

आज संसद में राम मंदिर पर धन्यवाद प्रस्ताव

संसद के दोनों सदनों में शनिवार को अयोध्या के राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पेश हो सकता है। नियम 193 के तहत पहले लोकसभा में, फिर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव लाने की तैयारी है। बीजेपी ने अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया है। इस सरकार के कार्यकाल में शनिवार को संसद सत्र का आखिरी दिन है। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाना बीजेपी का चुनावी वादा था। संसद सत्र के आखिरी दिन राम मंदिर पर धन्यवाद प्रस्ताव के जरिए बीजेपी सरकार अपने इस वादे के पूरे होने का जिक्र कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को करीब पांच बजे लोकसभा के आखिरी सत्र के आखिरी दिन भाषण देंगे। बीजेपी ने अपने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को व्हिप जारी करते हुए 10 फरवरी को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है।

योगी आदित्यनाथ का घेराव करेंगे: जमायत-ए-उलेमा के नेता

ज्ञानवापी के तहखाने में पूजा शुरू किए जाने के खिलाफ कोलकाता में आक्रोश। जमात-ए-उलमा के नेता सिद्दिकुला ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर कोलकाता आएंगे तो उनका घेराव किया जाएगा। ध्यान रहे कि कोर्ट के आदेश पर वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में 1993 से रुकी पूजा फिर से शुरू करवा दी है। इसे लेकर मुस्लिम समुदाय का कट्टरपंथी तबका जहरीले बयान दे रहा है।

वो भी एक दिन था.. जब कांग्रेस दफ्तर में नहीं लाने दिया गया नरसिम्हा राव का शव

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने आज देश में आर्थिक उदारीकरण के सूत्रधार पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने राव को कभी वो सम्मान नहीं दिया जिसके वो हकदार थे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने अपने पिता से बातचीत पर आधारित किताब में भी इसका जिक्र किया है।

उत्तराखंड : डीएम ने कहा- विशेष परिसंपत्ति को टारगेट नहीं

उत्तराखंड के हल्द्वानी में नैनीताल की डीएम वन्दना सिंह का कहना है कि होई कोर्ट के आदेश के बाद हल्द्वानी में जगह-जगह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई।.सभी को नोटिस और सुनवाई के अवसर दिए गए…कुछ ने होई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, कुछ को समय दिया गया, जबकि कुछ को समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जहां समय नहीं दिया गया वहां पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की ओर से डिमोलिशन अभियान चलाया गया। यह कोई पृथक गतिविधि नहीं थी और किसी विशेष परिसंपत्ति को टारगेट करके की गई गतिविधि नहीं थी। डीएम ने कहा कि आप वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस बल किसी को उकसा और मार नहीं रहा है या किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि ये काफी लंबे समय से हल्द्वानी के अंतर्गत सरकारी परिसंपत्तियों को अलग-अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चल रहा है। उसी क्रम में खाली संपत्ति में दो संरचनाएं हैं, जो धार्मिक संरचना के रूप में पंजीकृत नहीं है और न ही कोई मान्यता प्राप्त है। कुछ लोग इस संरचना को मदरसा कहते हैं और कुछ लोग पूर्ण नमाज स्थल कहते हैं… इसको हमने खाली कराया।

पाकिस्तान में किसकी बनेगी सरकार?

पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद बहुप्रतीक्षित अनौपचारिक और अपुष्ट नतीजे आने शुरू हो गए हैं। ताजा रुझानों में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के उम्मीदवार बड़ी बढ़त बनाते हुए दिख रहे हैं। हालांकि, पीटीआई उम्मीदवार इस बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। जेल में बंद इमरान खान ने अपनी पार्टी की जीत का दावा किया है। उधर उनकी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग जानबूझकर वोटों की गिनती में देरी कर रही है, ताकि धांधली की जा सके।

इंडिया गठबंधन से अब AAP नाराज!

इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे में देरी से अब आम आदमी पार्टी भी नाराज बताई जा रही है। पार्टी ने पंजाब में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारा खत्म कर चुकी है। पर दिल्ली में अभी कांग्रेस और आप के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी है। इस बीच, अब 13 फरवरी को AAP के पीएसी की बैठक होने वाली है। इस बैठक में गोवा, हरियाणा और गुजरात की लोकसभा सीटों पर कैंडिडेट का फैसला किया जाएगा।

मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी

मौनी अमावस्या के अवसर पर उत्तर प्रदेश में श्रद्धालुओं ने संगम तट पर पूजा की और स्नान किया। उत्तराखंड के हरिद्वार में भी मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में पावन स्नान किया। इससे पहले मौनी अमावस्या के अवसर पर पूजा-अर्चना करने और पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम घाट पहुंचे। मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में स्नान किया और पूजा की।

Ramswaroop Mantri

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