अग्नि आलोक
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ताजा समाचार-सूर्य को आज ‘हेलो’ बोलेगा भारत का आदित्य एल-1,टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मैच 9 जून को; GDP ग्रोथ 7.3% रहने का अनुमान, IIT-BHU गैंगरेप के आरोपी पोर्न एडिक्ट

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने शुक्रवार को हमला कर दिया। अधिकारी राशन वितरण घोटाले की जांच के संबंध में शाहजहां के उत्तर 24 परगना जिला स्थित आवास पर छापा मारने पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी को 89वें जन्मदिन पर बधाई दी और उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों में ‘घटिया’ दवाओं की आपूर्ति के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले के संबंध में धन शोधन मामले की जांच के तहत शुक्रवार को बारामती एग्रो और उससे जुड़ी कंपनी के परिसरों पर छापेमारी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू होने वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ अगले महीने छत्तीसगढ़ के सात जिलों से होकर गुजरेगी।

आज के प्रमुख इवेंट्स

1. ISRO का सोलर मिशन आदित्य L1 सूरज और पृथ्वी के सिस्टम में मौजूद लैगरेंज पॉइंट पर पहुंचेगा। जो धरती से 15 लाख किमी दूरी पर है।

2. जयपुर दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी 58वीं डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए मोदी हर राज्य के डीजीपी से मुलाकात करेंगे।

3. दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल 3 दिन के गुजरात दौरे पर जाएंगे। कई शहरों में सम्मेलन और जनसभाएं करेंगे, जेल में बंद AAP विधायक से भी मिलेंगे।

गेहूं को पीला रतुआ रोग से बचा सकती है खट्टी लस्सीः

Sour lassi can protect wheat from yellow rust disease

आत्मा परियोजना ऊना की सहायक तकनीकी प्रबंधक सोनिया शर्मा ने कहा कि गेहूं की फसल के दौरान हल्की बारिश एवं ठंडा मौसम पीला रतुआ के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करते हैं। इस रोग की वजह से गेहूं के पौधों की पत्तियों पर धारियों में पीले धब्बे दिखाई देने लगते हैं। कभी-कभी ये धब्बे पत्तियों या डंठलों पर भी दिखाई देते हैं। इन संक्रमित पत्तियों को हाथ से छूने, सफेद कपड़े और नेपकीन से छूने से पीले रंग का पाउडर लग जाता है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने गेहूं के खेत की लगातार निगरानी रखें। अगर खेत में पीला रतुआ का प्रभाव लगे तो बचाव के लिए एक पंप में 500 से 700 मिलीलीटर सात से आठ दिन पुरानी खट्टी लस्सी और बाकी पानी मिलाकर पांच दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। ऐसा करने से गेहूं की फसल को पीला रतुआ के संक्रमण से बचाया जा सकता है।
बता दें शुरू में यह बीमारी 10 से 15 पौधों पर ही दिखाई देती है। मगर बाद में हवा, पानी के माध्यम से पूरे खेत व क्षेत्र में फैल जाती है। इस पीला रतुआ रोग को फैलाने में नमी की मात्रा व औसतन 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान सहायक होते हैं। आमतौर पर पीला रतुआ रोग नमी वाले क्षेत्रों में, छाया में, वृक्षों के आसपास व पापुलर पेड़ों वाले खेतों में सबसे पहले देखा जाता है। पीला रतुआ की रोकथाम के लिए कृषि विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर कई जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।

दिल्ली में गिरते पारे से दिमाग की नसें हो रही हैं ब्लॉक, फटने का भी खतरा, यह है डॉक्टरों की सलाह

Due to falling mercury in Delhi, nerves of the brain are getting blocked, there is a danger of bursting.

वह अचानक जमीन पर गिर गया। उसे तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां जांच करने से पता चला कि ब्रेन स्ट्रोक के कारण अचानक गिर गया था। 26 साल का युवक सुबह घर से सैर करने निकला, कुछ दूर ही चला होगा कि अचानक उसके आंखों के सामने अंधेरा छा गया। वह अचानक जमीन पर गिर गया। उसे तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां जांच करने से पता चला कि ब्रेन स्ट्रोक के कारण अचानक गिर गया था। 

यह अकेला मामला नहीं है। इन दिनों डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ऐसे रोजाना पांच से छह मामले आ रहे हैं। यह आंकड़ा सामान्य दिनों के मुकाबले करीब दोगुने हैं। ऐसा ही हाल सफदरजंग, एम्स सहित अन्य बड़े अस्पतालों का है। जबकि दिल्ली सरकार के छोटे अस्पतालों में ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में करीब 20% का इजाफा देखा गया है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में गिरे पारे से दिमाग की नसें ब्लॉक हो सकती हैं। इनके फटने का भी खतरा बना रहता है। ठंड के कारण धमनियों में खून का धक्का बनने की स्थिति बढ़ जाती है। इसके अलावा अनियंत्रित रक्तचाप, मधुमेह, तनाव, चिंता, नशा, धूम्रपान, मोटापा, दैनिक क्रियाओं का अभाव, ज्यादा खाना सहित अन्य कारणों ने इसे और बढ़ा दिया है। डॉक्टरों की सलाह है कि ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज होने से 10-12 दिन पहले लक्षण दिखने लगते हैं। यदि उन लक्षणों को पहचान कर तुरंत जांच करवाते हैं तो किसी भी बड़ी समस्या से बच सकते हैं। 

डॉक्टरों की सलाह है कि शरीर में कुछ भी अलग महसूस हो हो तो तुरंत बड़े अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर ऐसे लोग जिनके घर में पहले कभी ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज के मामले सामने आए हों।  

युवाओं में बढ़ रहा मामला 
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 15 सालों में यह देखने को मिल रहा है कि ब्रेन स्ट्रोक का मामला युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। पहले यह 50 से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलता था, लेकिन बीते कुछ सालों से यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है, जबकि पश्चिमी देशों में यह घट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। इस समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।  

इस कारण से बढ़ती है समस्या : ठंड में सिकुड़ जाती हैं रक्त धमनियां, ठंड में लोग पीते हैं कम पानी, रक्तचाप में होता है उतार-चढ़ाव, दैनिक क्रियाएं हो जाती हैं कम।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 15 सालों में यह देखने को मिल रहा है कि ब्रेन स्ट्रोक का मामला युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। पहले यह 50 से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलता था, लेकिन बीते कुछ सालों से यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है, जबकि पश्चिमी देशों में यह घट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है। इस समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।  

मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के निदेशक प्रो. डॉ. राजिंदर के धमीजा ने कहा कि यदि किसी मरीज को ब्रेन स्ट्रोक आया है तो उसे चार घंटे के अंदर उपचार मिल जाना चाहिए, नहीं तो ऐसे मरीजों में लकवा होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं।

इन्हें होता है ज्यादा खतरा 

  • अनियंत्रित रक्तचाप या मधुमेह 
  • खराब जीवन शैली
  • जेनेटिक 
  • नशा, धूम्रपान करने वाले 
  • मोटापा 
  • अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल व लिपिड

लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क  
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योति गर्ग ने बताया कि बात करते समय अचानक मुंह टेढ़ा हो जाए, बोलने में कठिनाई हो, हाथ न उठे, संतुलन बिगड़ जाए तो सावधान हो जाना चाहिए। यह ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसे मरीजों को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। समय से उपचार होने पर मरीज में होने वाला नुकसान कम हो सकता है। उनका कहना है कि ठंड बढ़ने पर अस्पताल में इन दिनों ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। 

प्रेस पंजीकरण नियमों पर जनता से मांगे सुझाव, चार फरवरी तक देनी होगी राय

Ministry of Information and Broadcasting Suggestions sought from public on press registration rules

प्रेस व पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम के अधिसूचित होने के बाद नियमों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित मसौदा जनता की रायशुमारी के लिए पेश किया है।जनता और हित धारक प्रेस और पत्रिका पंजीकरण अधिनियम-2023 पीआरपी के तहत पंजीकरण नियम-2024 के लिए 4 फरवरी तक सुझाव दे सकेंगे। प्रेस व पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम के अधिसूचित होने के बाद नियमों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित मसौदा जनता की रायशुमारी के लिए पेश किया है। इसके तहत प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम-2023 के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम प्रस्तावित हैं।

सरल और डिजिटल होगा पत्रिकाओं का पंजीकरण
यह कानून समाचार पत्रों, और अन्य पत्रिकाओं के पंजीकरण को सरल और डिजिटल बनाएगा। इसके तहत पंजीकरण से जुड़े मामलों के समाधानों के लिए एक अपील बोर्ड की स्थापना का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, प्रेस रजिस्ट्रार जनरल (पीआरजी) किसी पत्रिका के खिलाफ शिकायत मिलने पर कई तरह की जानकारियों, संदर्भ और प्रसार आंकड़ों के प्राप्त होने की स्थिति में उनके भौतिक सत्यापन के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों को अधिकृत कर सकता है। पीआरजी को सशक्त किए जाने का प्रावधान किया गया है।

दिल्ली में पिछली सर्दी में 34 फीसदी ज्यादा रहा प्रदूषण, गर्मियां रहीं बेहतर

CSE Study: Pollution was 34 percent more in Delhi last winter

सांसों में घुलता जहर बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ हर उम्र के लोगों को परेशान कर रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के अनुसार 2023 में जाड़ों के महीने जनवरी, नवंबर और दिसंबर 2022 की तुलना में 12 से 34% ज्यादा प्रदूषित रहे। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के अनुसार 2023 में जाड़ों के महीने जनवरी, नवंबर और दिसंबर 2022 की तुलना में 12 से 34% ज्यादा प्रदूषित रहे।

मार्च से जून 2023 में गर्मियों के महीने 2022 में इन महीनों की तुलना में कहीं ज्यादा साफ रहे। आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान प्रदूषण 14 से 36% कम रहा। फरवरी, जुलाई, सितंबर और अक्तूबर को देखें तो उस दौरान वायु गुणवत्ता में बहुत ज्यादा अंतर नहीं देखा गया। मानसून के महीने भी सामान्य से अधिक साफ रहे। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के महीन कणों पीएम 2.5 के स्तर में गिरावट का जो सिलसिला 2015-17 में शुरू हुआ था वो 2023 में सर्दियों के दौरान थम गया। विश्लेषण में इसके लिए मौसम संबंधी कारकों को जिम्मेदार माना है। ब्यूरो

गर्मी-मानसून में ज्यादा साफ रहा मौसम   
दिल्ली-एनसीआर में असामान्य परिस्थितियों के चलते प्रदूषण का स्तर ऊंचा रहा। 2023 के दौरान गर्मी व मानसून का मौसम सामान्य से कहीं ज्यादा साफ रहा। सर्दियों में इस साल उत्तरी राज्यों में पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण पिछले वर्षों की तुलना में कम रहा। हवा असामान्य रूप से सुस्त थी। नवंबर 2023 के दौरान दिल्ली में हवा की रफ्तार 9.8 मीटर/सेकंड थी, जो छह वर्षों में सबसे कम रही। इससे इस क्षेत्र में सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर में इजाफा दर्ज किया गया।

सीएसई के अनुसार, दिल्ली में 2015-17 के बाद से पीएम 2.5 के स्तर में गिरावट आई है। हालांकि यह प्रवृत्ति 2023 में रुक गई। इस दौरान पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 100.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

  भारत एक और इतिहास रचने के करीब, सूर्य को आज ‘हेलो’ बोलेगा आदित्य एल-1, खुलेंगे कई महत्वपूर्ण रहस्य

चांद पर उतरने के बाद भारत एक और इतिहास रचने के बेहद करीब है। सूर्य मिशन पर निकला भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का आदित्य एल-1 शनिवार शाम चार बजे अपनी मंजिल लैग्रेंज प्वाइंट-1 (एल1) पर पहुंचने के साथ अंतिम कक्षा में स्थापित हो जाएगा। यहां आदित्य 2 वर्ष तक सूर्य का अध्ययन करेगा और महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाएगा। भारत के इस पहले सूर्य अध्ययन अभियान को इसरो ने 2 सितंबर को लॉन्च किया था।इसरो का सूर्य अध्ययन मिशन आदित्य एल-1 आज शाम चार बजे अपनी मंजिल पर पहुंच जाएगा। यह दो वर्ष तक सूर्य का अध्ययन करेगा। इसरो ने इसे दो सितंबर को लॉन्च किया था। इसरो के इस अभियान को पूरी दुनिया में उत्सुकता से देखा जा रहा है, क्योंकि इसके सात पेलोड सौर घटनाओं का व्यापक अध्ययन करेंगे।  

एल-1 प्वाइंट के आसपास के क्षेत्र को हेलो ऑर्बिट के रूप में जाना जाता है, जो सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के बीच मौजूद पांच स्थानों में से एक है, जहां दोनों पिंडों का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के बीच साम्यता है। मोटे तौर पर ये वे स्थान हैं, जहां दोनों पिंडों की गुरुत्व शक्ति एक दूसरे के प्रति संतुलन बनाती है। पृथ्वी और सूर्य के बीच इन पांच स्थानों पर स्थिरता मिलती है, जिससे यहां मौजूद वस्तु सूर्य या पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में नहीं फंसती है।

एल-1 बिंदु पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। यह पृथ्वी और सूर्य के बीच की कुल दूरी का केवल 1 फीसदी है। दोनों पिंडों की कुल दूरी 14.96 करोड़ किलोमीटर है। इसरो के एक वैज्ञानिक के अनुसार हेलो ऑर्बिट सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के घूमने के साथ-साथ घूमेगा।

पहली बार ऐसा प्रयास
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स के निदेशक अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम के मुताबिक अंतिम कक्षा में पहुंचना काफी चुनौतीपूर्ण है और यह पहली बार है कि इसरो इस तरह का प्रयास कर रहा है। वहीं, आदित्य एल-1 अभियान की अंतरिक्ष मौसम और निगरानी समिति के अध्यक्ष और सौर भौतिक विज्ञानी दिब्येंदु नंदी कहते हैं कि यह बेहद अहम है कि अंतरिक्ष यान की गति और प्रक्षेप पथ को बदलने के लिए थ्रस्टर्स की अचूक फायरिंग की जाए। क्योंकि, पहले प्रयास में इच्छित कक्षा हासिल नहीं हुई, तो बाद में सुधार के लिए कई बार थ्रस्टर फायरिंग की जरूरत होगी।

उत्सकुता से देख रही दुनिया
इसरो के इस अभियान को पूरी दुनिया में उत्सुकता से देखा जा रहा है, क्योंकि इसके सात पेलोड सौर घटनाओं का व्यापक अध्ययन करेंगे और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को डाटा मुहैया कराएंगे, जिससे सभी सूर्य के विकिरण, कणों और चुंबकीय क्षेत्रों का अध्ययन कर पाएंगे। अंतरिक्ष यान में एक कोरोनोग्राफ है, जो वैज्ञानिकों को सूर्य की सतह के बहुत करीब देखने और नासा व यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सौर और हेलिओस्फेरिक वेधशाला (एसओएचओ) मिशन के डाटा को पूरक डाटा मुहैया कराएगा। क्योंकि, आदित्य एल-1 अपनी स्थिति में स्थित एकमात्र वेधशाला है।

आखिरी पड़ाव बेहद महत्वपूर्ण
आदित्य एल-1 15 लाख किमी के लंबे सफर के आखिरी पड़ाव में पहले ही पहुंच चुका है यह बेहद महत्वपूर्ण है। शनिवार शाम आदित्य अपनी मंजिल पर पहुंच जाएगा। थ्रस्टर्स की मदद से आदित्य एल-1 को हेलो ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा, ताकि अलग-अलग कोण से सूर्य को देखा जा सके। एल-1 बिंदु पर रहने से यह पृथ्वी के लगातार संपर्क में रहेगा। – एस सोमनाथ, इसरो प्रमुख

18 सितंबर से शुरू कर दिया काम
शुक्रवार को आदित्य एल-1 को अंतरिक्ष में सफर करते हुए 126 दिन पूरे हो गए। अपनी यात्रा शुरू करने के 16 दिन बाद यानी 18 सितंबर से आदित्य ने वैज्ञानिक डाटा एकत्र करना और सूर्य की इमेजिंग शुरू कर दी थी। वैज्ञानिकों को अब तक एल-1 से सौर ज्वालाओं के हाई-एनर्जी एक्स-रे, फुल सोलर डिस्क इमेज मिल चुके हैं। पीएपीए और एएसपीईएक्स के सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर सहित चार उपकरण फिलहाल सक्रिय हैं और अच्छी तरह से काम कर रहे हैं। हेलो आर्बिट में पहुंचने के बाद सूईट पेलोड सबसे पहले सक्रिय होगा।

सात पेलोड हैं तैनात
आदित्य पर सात वैज्ञानिक पेलोड तैनात किए गए हैं। इनमें विजिबल एमिशन लाइन कोरोनोग्राफ (वीईएलसी), सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (सूइट), सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (सोलेक्सस), हाई-एनर्जी एल1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (हेल1ओएस) शामिल हैं, जो सीधे तौर पर सूर्य को ट्रैक करें। वहीं, तीन इन-सीटू (मौके पर) मापने वाले उपकरण हैं, जिनमें आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एएसपीईएक्स), प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य (पीएपीए), और एडवांस थ्री डाइमेंशनल हाई रिजोल्यूशन डिजिटल मैग्नेटोमीटर (एटीएचआरडीएम) शामिल हैं।

अमेरिकी और यूरोपीय अभियानों से बेहतर
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के प्रोफेसर आर रमेश ने बताया कि भारत का आदित्य एल 1 अमेरिका और यूरोप के सौर अध्ययन अभियानों से बेहतर है। खासतौर पर कोरोना के अध्ययन के लिहाज से यह काफी उन्नत है। अमेरिकी और यूरोपीय अभियान कोरोना से आने वाली धुंधली रोशनी का अध्ययन करने में सक्षम नहीं थे, क्योंकि इसके लिए एक खास अकल्ट डिस्क की जरूरत थी, जिससे फोटोस्फेयर को अवरुद्ध किया जा सके। पहली बार आदित्य एल1 मिशन के साथ, ऐसी अकल्ट डिस्क लगाई गई है, जिससे कोरोना की धुंधली रोशनी का करीब से अध्ययन किया जाएगा।

मामूली सा चढ़ा पारा मगर नहीं मिली ठंड से राहत, कई जगह कोल्ड डे, यातायात प्रभावित

Weather Report: The temperature rose slightly but there was no respite from the cold.

जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिली है। न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई है, इसके बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई है। देश में कई जगह कोल्ड डे के हालात रहे। न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई है, इसके बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई है। देश में कई जगह कोल्ड डे के हालात रहे। 

घने कोहरे के कारण देश के कई हिस्सों में कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा तो कई विलंब हुईं। ट्रेन संचालन भी प्रभावित हुआ और दिल्ली आने-जाने वाली 22 ट्रेनें देर से चलीं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक कोल्ड डे तब होता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे हो और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम हो। 

निजी क्षेत्र की एयरलाइंस इंडिगो ने बताया कि घने कोहरे के कारण जयपुर, पटना और अमृतसर से उसके उड़ानों का आवागमन प्रभावित हुआ। उसे चार उड़ानें रद्द करनी पड़ी और कई में देरी हुई। उत्तर रेलवे ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाली ट्रेनें देर से चल रही थीं। इनमें अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस, बंगलोर-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस, जम्मू तवी-नई दिल्ली राजधानी शामिल हैं।

सबसे ठंडा रहा पहलगाम
जम्मू-कश्मीर में पहलगाम न्यूनतम तापमान माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। श्रीनगर में माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हरियाणा में फतेहाबाद और पंजाब में गुरदासपुर सबसे ठंडा रहा। फतेहाबाद में 5.3 और गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

दो दिन बाद राहत की उम्मीद…आईएमडी के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले दो दिनों तक कोल्ड डे से गंभीर कोल्ड डे की स्थिति जारी रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में कहीं घना तो कहीं अत्यधिक घना कोहरा छाया रह सकता है। अगले तीन दिनों के दौरान मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है।

पंजाब, राजस्थान सहित कई शहरों में घना कोहरा
घने कोहरे के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान में कई जगहों पर दृश्यता बहुत कम रह गई। दिल्ली के पालम में दृश्यता गिरकर 50 मीटर पर आ गई थी। वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली में 25 मीटर, बहराइच और गोरखपुर में 50-50 मीटर, हरियाणा के अंबाला में 25 मीटर, पंजाब के अमृतसर में 50 मीटर, पूर्वी मध्य प्रदेश के सागर में 25 मीटर दृश्यता दर्ज की गई। राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर प्रत्येक जगह दृश्यता 50 मीटर रही।

दिल्ली में कड़ाके की सर्दी
देश की राजधानी दिल्ली में भी कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। हालांकि न्यूनतम तापमान बहुत नीचे नहीं है लेकिन उधिकतम तापमान में गिरावट और पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने दिल्लीवालों के पस्त किया हुआ है। कुछ दिनों से सूरज के दर्शन भी नहीं हुए हैं। अभी ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। 

भारत की कूटनीतिक जीत: चीन के जासूसी जहाजों पर श्रीलंका की रोक, अगले एक साल तक चीनी पोत नहीं कर सकेंगे प्रवेश

India diplomatic victory Sri Lanka bans Chinese spy ships

श्रीलंका ने जासूसी करने वाले चीन के जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब श्रीलंकाई जल क्षेत्र में चीनी पोत एक वर्ष तक प्रवेश नहीं कर पाएंगे। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निलुका कडुरुगामुवा ने शुक्रवार को बताया कि रोक सभी देशों के लिए है। विशेषज्ञों ने फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत बताया है।श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निलुका कडुरुगामुवा ने शुक्रवार को बताया कि रोक सभी देशों के लिए है। विशेषज्ञों ने फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत बताया है। 

भारत ने जासूसी की आशंका जताते हुए श्रीलंका से चीनी जहाजों पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। पिछले वर्ष अक्तूबर में, चीनी अनुसंधान जहाज शियान-6 कई दिनों तक कोलंबो, जबकि 2022 में  युआन वांग-5 दक्षिणी श्रीलंका के हंबनटोटा में रुका था। 

अरब सागर में रात 9:52 बजे रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया है। नैशनल सेंटर फॉर सिसमोलॉजी ने इसकी जानकारी दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

स्वाति मालीवाल: IT की पढ़ाई, फिर केजरीवाल की बनीं खास, महिला आयोग में बटोरीं सुर्खियां, अब राज्यसभा का मिला गिफ्ट

नई दिल्ली: स्वाति मालीवाल राज्यसभा जाने वाली हैं। दिल्ली और पंजाब के सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने स्वाति मालीवाल को संसद के उच्च सदन का सदस्य बनाने का फैसला किया है। राज्यसभा के लिए नामंकन दाखिल करने से पहले दिल्ली स्थित महिला आयोग के दफ्तर में इमोशनल सीन रहा। स्वाति मालीवाल इस्तीफा देते वक्त भावुक हो गईं। यही नहीं उनके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी आंसू पोछते नजर आए और अपनी अध्यक्ष को गले लगकर इमोशनल विदाई दी। इसके बाद सभी स्टाफ के सदस्य स्वाति मालीवाल को बाहर गेट तक छोड़ने भीआए। स्वाति अभी दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष थीं। इस पद पर रहते हुए स्वाति लगातार चर्चा बटोरती रही हैं। वो महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काफी सक्रिय रहती हैं और उनकी चुस्ती-फुर्ती की तारीफ होती है तो आलोचना भी। कई बार उनके दावों पर उंगलियां भी उठ चुकी हैं तो कुछ बयानों पर उन्हें कड़ी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर कहें तो स्वाति मालीवाल येन-केन प्रकारेण खबरों में रहती हैं और दिल्ली की सियासत और शासन-प्रशासन की काफी जाना-माना चेहरा हैं।

स्वाति मालीवाल: IT की पढ़ाई, फिर केजरीवाल की बनीं खास, महिला आयोग में बटोरीं सुर्खियां, अब राज्यसभा का मिला गिफ्ट

नई दिल्ली: स्वाति मालीवाल राज्यसभा जाने वाली हैं। दिल्ली और पंजाब के सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने स्वाति मालीवाल को संसद के उच्च सदन का सदस्य बनाने का फैसला किया है। राज्यसभा के लिए नामंकन दाखिल करने से पहले दिल्ली स्थित महिला आयोग के दफ्तर में इमोशनल सीन रहा। स्वाति मालीवाल इस्तीफा देते वक्त भावुक हो गईं। यही नहीं उनके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी आंसू पोछते नजर आए और अपनी अध्यक्ष को गले लगकर इमोशनल विदाई दी। इसके बाद सभी स्टाफ के सदस्य स्वाति मालीवाल को बाहर गेट तक छोड़ने भीआए। स्वाति अभी दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष थीं। इस पद पर रहते हुए स्वाति लगातार चर्चा बटोरती रही हैं। वो महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काफी सक्रिय रहती हैं और उनकी चुस्ती-फुर्ती की तारीफ होती है तो आलोचना भी। कई बार उनके दावों पर उंगलियां भी उठ चुकी हैं तो कुछ बयानों पर उन्हें कड़ी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर कहें तो स्वाति मालीवाल येन-केन प्रकारेण खबरों में रहती हैं और दिल्ली की सियासत और शासन-प्रशासन की काफी जाना-माना चेहरा हैं।

टी-20 वर्ल्ड कप 1 जून से, भारत-पाकिस्तान 9 जून को न्यूयॉर्क में भिड़ेंगे

टी-20 वर्ल्ड कप 2024 का शेड्यूल जारी हो गया है। टूर्नामेंट 1 से 29 जून तक वेस्टइंडीज और अमेरिका में आयोजित होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला 9 जून को न्यूयॉर्क में खेला जाएगा। वहीं फाइनल मैच 29 जून को वेस्टइंडीज के बारबाडोस शहर में होगा।

इस वर्ल्डकप में पहली बार: इस बार के टी-20 वर्ल्ड कप में पहली बार 20 टीमें शामिल की गई हैं। वहीं पिछले दो सीजन में 16-16 टीमें थीं। टूर्नामेंट में 20 टीमों के बीच 29 दिन तक कुल 55 मैच खेले जाएंगे, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार ही होगा।

भारत-पाक के सभी मैच अमेरिका में होंगे: टी-20 वर्ल्ड कप में 5-5 टीमों को 4 ग्रुप में बांटा गया। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है। भारत और पाकिस्तान अपने सभी मैच अमेरिका में ही खेलेंगे। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 5 जून को आयरलैंड, दूसरा मुकाबला 9 जून को पाकिस्तान, 12 जून को तीसरा मुकाबला अमेरिका और 15 जून को चौथा मुकाबला कनाडा से खेलेगी।

कनाडा-अमेरिका के बीच ओपनिंग मैच
टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच कनाडा और होम टीम अमेरिका के बीच खेला जाएगा। मुकाबला एक जून को डालास में ही होगा। क्रिकेट इतिहास का पहला मुकाबला भी अमेरिका और कनाडा के बीच ही 1844 में खेला गया था।

वेस्टइंडीज अपना पहला मैच 2 जून को पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ गयाना में खेलेगा। टूर्नामेंट में 20 टीमों के बीच 29 दिन तक कुल 55 मैच खेले जाएंगे, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार ही होगा।

1 से 17 जून तक ग्रुप स्टेज के 40 मैच होंगे। 19 से 24 जून तक सुपर-8 स्टेज के 12 मुकाबले खेले जाएंगे। 26 जून को गयाना में पहला सेमीफाइनल और 27 जून को त्रिनिदाद में दूसरा सेमीफाइनल मैच होगा। 29 जून को बारबाडोस में फाइनल मैच खेला जाएगा।

वेस्टइंडीज में 41, अमेरिका में 14 मुकाबले होंगे
टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी वेस्टइंडीज और अमेरिका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। वेस्टइंडीज के 6 शहरों में कुल 41 मुकाबले होंगे, यहीं तीनों भी नॉकआउट मैच होंगे। जबकि अमेरिका के न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और डालास शहर में बाकी 14 मुकाबले होंगे। वेस्टइंडीज के 6 शहर त्रिनिदाद, गयाना, बारबाडोस, एंटीगुआ, सेंट विंसेंट और सेंट लुसिया हैं।

भारत और पाकिस्तान के सभी मैच अमेरिका में होंगे
टी-20 वर्ल्ड कप में 5-5 टीमों को 4 ग्रुप में बांटा गया। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है। इसी ग्रुप में आयरलैंड, कनाडा और अमेरिका भी हैं। भारत और पाकिस्तान अपने सभी मैच अमेरिका में ही खेलेंगे।

भारत के शुरुआती 3 मैच न्यूयॉर्क और चौथा मैच फ्लोरिडा में होगा। टीम अपना पहला मुकाबला 5 जून को आयरलैंड, दूसरा मुकाबला 9 जून को पाकिस्तान, 12 जून को तीसरा मुकाबला अमेरिका और 15 जून को चौथा मुकाबला कनाडा से खेलेगी।

राजस्थान में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा: CM के पास गृह, दीया को वित्त
राजस्थान में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। गृह विभाग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद अपने पास रखा है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी को वित्त मंत्री के साथ छह विभाग दिए हैं। दूसरे डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को परिवहन के साथ चार विभागों का जिम्मा सौंपा गया हैं।

सांसदी छोड़ विधायक बनने वालों को क्या मिला: सांसद पद छोड़कर विधायक बने किरोड़ीलाल मीणा को कृषि और ग्रामीण विकास,आपदा प्रबंधन और जन अभाव अभियोग सहित चार विभाग दिए गए हैं। वहीं केंद्र से राज्य सरकार में मंत्री बने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को वाणिज्य एवं उद्योग और खेल समेत 5 विभाग मिले हैं।

राजस्थान सरकार में कुल 22 मंत्री: राजस्थान में भजनलाल सरकार ने 30 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। कुल 22 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 12 कैबिनेट और 5 राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार), 5 राज्य मंत्री हैं। 17 चेहरे ऐसे हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं।

भारतीय नौसेना का सफल ऑपरेशन, हाईजैक जहाज से सुरक्षित निकाले 15 भारतीय

फुटेज में भारतीय नौसेना की बोट हाईजैक हुए जहाज के करीब जाती दिख रही है।

फुटेज में भारतीय नौसेना की बोट हाईजैक हुए जहाज के करीब जाती दिख रही है।

अरब सागर में सोमालिया तट के पास हाईजैक हुए जहाज पर भारतीय नौसेना का ऑपरेशन पूरा हो गया है। 15 भारतीयों समेत सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। नौसेना के मार्कोस कमांडो ने जहाज की सर्चिंग की। इस दौरान समुद्री लुटेरे जहाज पर नहीं मिले।

डेढ़ महीने में 5वां जहाज हाईजैक: पिछले डेढ़ महीने में ऐसा 5वीं बार हुआ है जब भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाज पर हमला हुआ है। इसके पहले 23 दिसंबर को हिंद महासागर में भारत आ रहे मालवाहक जहाज केम प्लूटो पर हमला हुआ था। इसमें 21 भारतीय और एक वियतनामी क्रू मेंबर थे। 24 दिसंबर को लाल सागर में एक ऑयल टैंकर M/V साईंबाबा पर ड्रोन से हमला हुआ था। इसमें 25 भारतीय क्रू मेंबर थे। 14 दिसंबर को समुद्री लुटेरों ने माल्टा का जहाज हाईजैक किया था। 19 नवंबर को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से एक कार्गो शिप गैलेक्सी लीडर को हाइजैक कर लिया था।

IIT-BHU गैंगरेप के आरोपी पोर्न एडिक्ट, मोबाइल में पोर्न वेबसाइट्स के लिंक मिले
IIT-BHU गैंगरेप के आरोपियों कुणाल, आनंद उर्फ अभिषेक और सक्षम को जेल भेजने के बाद पुलिस अब चार्जशीट तैयार कर रही है। इस बीच, छानबीन में सामने आया कि तीनों पोर्न एडिक्ट हैं। उनके मोबाइल में पोर्न वीडियो और हिस्ट्री में पोर्न वेबसाइट्स के लिंक मिले हैं।

गिरफ्तारी से पहले डिलीट किया छात्रा का वीडियो: यह भी सामने आया कि 1 नवंबर को गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने के बाद सभी मध्य प्रदेश चले गए। लेकिन जब पुलिस का दबाव बढ़ा, तब तीनों ने अपने-अपने मोबाइल से BHU की छात्रा का वीडियो डिलीट कर दिया था। पुलिस का मानना है कि डेटा रिकवर हो जाएगा।

इलेक्ट्रानिक सबूत में अहम मोबाइल डेटा: पुलिस मोबाइल को इलेक्ट्रॉनिक सबूत के तौर पर पेश करेगी। पुलिस की एक टीम BHU परिसर और आस-पास इन आरोपियों से कभी ‘ईव-टीजिंग’ की शिकार हुईं छात्राओं या युवतियों की तलाश कर रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि इन सबूतों के आधार पर जिला जेल में तीनों आरोपियों की टीआईपी (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) होगी।

FY24 में 7.3% की दर से बढ़ सकती है इकोनॉमी, NSO ने जारी किया एडवांस एस्टीमेट

​​​​भारत की इकोनॉमी 31 मार्च को खत्म होने वाले मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 7.3% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इस बात की जानकारी 5 जनवरी को नेशनल स्टेटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने एडवांस एस्टीमेट रिपोर्ट जारी करते हुए दी।

RBI के अनुमान से 0.3% ज्यादा: NSO की ओर से जारी किया गया ग्रोथ का पहला एडवांस एस्टीमेट भारतीय रिजर्व बैंक यानी, RBI के हाल ही में जारी किए गए संशोधित अनुमान से भी अधिक है। RBI ने पिछले महीने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 7% कर दिया था।

GDP क्या होती है: ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है।

Ramswaroop Mantri

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