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ताजा समाचार – समर्थन खो रहा है इस्राइल, यूएन महासभा में युद्धविराम प्रस्ताव पारित, भारतीय न्याय संहिता विधेयक में यूएपीए के प्रावधानों को किया गया शामिल

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एमपी में मोहन यादव और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट का शपथ ग्रहण बुधवार को होगा। पहले भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी कैबिनेट दोपहर 12 बजे पद और गोपनीयता की शपथ लेगी। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में यह शपथ ग्रहण समारोह होगा। फिर रायपुर में दोपहर 2 बजे विष्णुदेव साय और उनकी कैबिनेट शपथ लेगी। दोनों ही कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सहित अन्य लोग शामिल होंगे।

जेलेंस्की ने हाउस स्पीकर जॉनसन से की मुलाकात, सीनेट अल्पसंख्यक नेता मैककोनेल से भी मिले

USA Zelensky met House Speaker Johnson also met Senate Minority Leader McConnell

माइक जॉनसन ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी अच्छी बैठक हुई। हालांकि, वह अपने रुख पर अड़े रहे कि अमेरिका को सहायता बिल पर आगे बढ़ने से पहले सीमा पर ध्यान देने की जरूरत है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन के साथ बैठक की, जो लगभग 30 मिनट तक चली। जेलेंस्की ने अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता मिच मैककोनेल से भी मुलाकात की।

रिपोर्ट के अनुसार, माइक जॉनसन ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी अच्छी बैठक हुई। हालांकि, वह अपने रुख पर अड़े रहे कि अमेरिका को सहायता बिल पर आगे बढ़ने से पहले सीमा पर ध्यान देने की जरूरत है।

जेलेंस्की मंगलवार को एक महत्वपूर्ण क्षण में वाशिंगटन पहुंचे, क्योंकि व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन को अमेरिकी सहायता जल्द ही बंद हो सकती है और कांग्रेस में नई सहायता पर बातचीत रुकी हुई है।

इसके बाद जॉनसन ने कहा, ‘शुरू से ही, जब मुझे जिम्मेदारी सौंपी गई, हमें यूक्रेन में हम यह स्पष्टता की जरूरत थी कि हम यहां क्या कर रहे हैं।’ साथ ही और हम कीमती करदाताओं के डॉलर के खर्च की उचित निगरानी कैसे करेंगे। इसके अलावा हमें सीमा पर परिवर्तनकारी परिवर्तन की आवश्यकता थी। हालांकि अब तक, हमें कुछ भी नहीं मिला।

मैककोनेल से भी मिले जेलेंस्की
अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता मिच मैककोनेल से भी मुलाकात की। जेलेंस्की के साथ लगभग 90 मिनट की बैठक के बाद, मैककोनेल ने बहुमत नेता चक शूमर की बात दोहराई और यूक्रेन के लिए तत्काल वित्त पोषण का आह्वान किया। मैककोनेल ने जोर देकर कहा कि यह एक बड़े पैकेज का हिस्सा होगा जिसमें सीमा सुरक्षा नीति में बदलाव शामिल हैं। 

मिच मैककोनेल ने कहा कि वह इसे पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे चाहे जितना भी समय लग जाए। उन्होंने कहा, ‘मैं 2014 में रूस के आक्रमण की शुरुआत से ही अपनी जमीन वापस लेने, अपने लोगों को आजाद कराने और अपना समर्थन बहाल करने, अपनी संप्रभुता बहाल करने के लिए यूक्रेन की लड़ाई का कट्टर समर्थक रहा हूं।’

यूक्रेन पर की चर्चा
इसके बाद मैककोनेल ने यूक्रेन पर चर्चा करते हुए कहा, ‘हमारे यूक्रेनी दोस्तों का मुद्दा उचित है, और अगर पश्चिम उनके साथ खड़ा रहता है, तो वे जीत सकते हैं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरक पैकेज के हिस्से के रूप में सीमा नीति में बदलाव किए बिना वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरक पैकेज के हिस्से के रूप में सीमा नीति में बदलाव किए बिना वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि हम जिन खतरों का सामना कर रहे हैं वे आपस में जुड़े हुए हैं कि रूस और चीन और उत्तर कोरिया अमेरिका और पश्चिम को कमजोर करने के लिए मिलकर काम करते हैं।

मैककोनेल ने आगे कहा कि हम जानते हैं कि यूक्रेन, इज्राइल और ताइवान की सीमाओं की तरह हमारी सीमा भी अनुल्लंघनीय होनी चाहिए। यही कारण है कि अब कई महीनों से हम हमारे सामने मौजूद सभी चार सबसे गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर पूरक कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।

विष्णुदेव साय आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेता करेंगे शिरकत

Vishnu Deo Sai will take oath as Chief Minister today

राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई राज्य के मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज नेता शामिल हो सकते हैं। इसके लिए तैयारी जोरों पर है।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता विष्णुदेव साय 13 दिसंबर यानी आज नए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। आदिवासी समाज के दिग्गज नेता विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के चौथे मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। रायपुर में शपथ ग्रहण समारोह बुधवार दोपहर दो बजे आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।   

राजस्थान के होने वाले सीएम भजन लाल का है अलीगढ़ से है नाता, ये निभाई थी जिम्मेदारी

Rajasthan future CM Bhajan Lal has connections with Aligarh

राजस्थान के नए सीएम भजन लाल शर्मा  वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में अलीगढ़ शहर सीट पर चुनाव प्रचार टोली का हिस्सा रहे और तीन दिन गलियों में घूमकर प्रचार किया। एक दिन तो वे भाजपा चुनाव कार्यालय पर ही रुके थे। एक दिन भाजपा कार्यकर्ता मानव महाजन के घर रुके थे।

भजनलाल शर्मा अलीगढ़ के भाजपाइयों के लिए नया नाम नहीं है। भजनलाल संगठन के पुराने व्यक्ति हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वे शहर सीट पर चुनाव प्रचार टोली का हिस्सा रहे और तीन दिन गलियों में घूमकर प्रचार किया।

इस विषय में उस समय के चुनाव में सक्रिय रहे भाजपा के पुराने कार्यकर्ता संजय टाइल्स बताते हैं कि वर्ष 2012 का चुनाव आशुतोष वार्ष्णेय पार्टी प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान से तमाम नेताओं की यहां ड्यूटी प्रचार के लिए लगाई थी। 

इस क्रम में तीन दिन के लिए बतौर जिलाध्यक्ष भजनलाल शर्मा यहां भेजे गए हैं। एक दिन तो वे भाजपा चुनाव कार्यालय पर ही रुके थे। एक दिन भाजपा कार्यकर्ता मानव महाजन के घर रुके थे। इस दौरान उन्होंने शहर के ब्राह्मण इलाकों में भ्रमण कर और छोटी छोटी नुक्कड़ सभाएं कर पार्टी का प्रचार किया था।

 नेतन्याहू के खिलाफ बाइडन की तीखी टिप्पणी, कहा- भारी बमबारी के वजह से वैश्विक समर्थन खो रहा इस्राइल

Joe Biden says Israel losing global support Netanyahu must change

बाइडन ने आगे कहा कि यह इस्राइल के इतिहास की सबसे रूढ़िवादी सरकार है। बेंजामिन नेतन्याहू को अब बदलना होगा। नेतन्याहू मामले को बहुत कठिन बना रहे हैं। हमारे पास क्षेत्र को एकजुट करने के अवसर हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि फलस्तीन राज्य नहीं है।

गाजा के खिलाफ भारी बमबारी के कारण इस्राइल समर्थन खो रहा है। इस्राइली प्रधानमंत्री को अब अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए। यह कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का। बाइडन का यह बयान इस्राइली प्रधानमंत्री के साथ संबंधों में दरार की ओर इशारा करता है। बाइडन का यह बयान इस्राइल को अब तक दिए गए बयानों में सबसे अधिक आलोचनात्मक था। 

अधिकांश विश्व अभी इस्राइल के साथ लेकिन अब समर्थन खो रहे नेतन्याहू
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन मंगलवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसमें चुनाव के दौरान उन्हें फंड करने वाले लोग शामिल थे। कार्यक्रम में कई यहूदी भी शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्राइल की सुरक्षा अमेरिका पर निर्भर है। इस्राइल के साथ अभी अमेरिका है। इस्राइल के साथ यूरोपीय संघ है। इस्राइल के साथ अभी यूरोप है। इस्राइल के साथ अधिकांश देश हैं। लेकिन अब इस्राइल अंधाधुंध बमबारी के कारण सभी का समर्थन खो रहा है। गाजा अधिकारियों के अनुसार, हमास के हमलों के खिलाफ इस्राइल की जवाबी कार्रवाई में 18 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 50 हजार से अधिक फलस्तीनी नागरिक घायल है। गाजा में मानवीय संकट है।   

निजी बातचीत का भी जिक्र किया
बाइडन ने इस्राइल के साथ एक निजी बातचीत का भी जिक्र किया। जिसमें इस्राइली नेता ने कहा कि आपने भी तो जर्मनी पर बमबारी की। आपने भी तो परमाणु गिराया। आपके हमलों में भी तो कई नागरिक मारे गए थे। इस्राइली नेता के इन सवालों का जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि हां इन्हीं वजह से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इन संस्थाओं को स्थापित किया गया था, जिससे यह सुनिश्चत किया जा सके कि भविष्य में दोबारा ऐसा कभी न हो, फिर कोई वही गलती न करे, जो हमने 9/11 या अफगानिस्तान में की। 

इस्राइल की सबसे रूढ़िवादी सरकार
बाइडन ने आगे कहा कि यह इस्राइल के इतिहास की सबसे रूढ़िवादी सरकार है। बेंजामिन नेतन्याहू को अब बदलना होगा। नेतन्याहू मामले को बहुत कठिन बना रहे हैं। हमारे पास क्षेत्र को एकजुट करने के अवसर हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि फलस्तीन राज्य नहीं है। हम इस्राइल को ओस्लो वाली गलती दोहराने की अनुमति नहीं दे सकते। 1990 में शांति समझौता हुआ था, जिसके तहत वेस्ट बैंक और गाजा को फलस्तीन के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी। फलस्तीनी प्रधिकरण (पीए) की स्थापना भी हुई थी। हम चाहते हैं कि गाजा में पीए का कब्जा हो। बता दें, 2007 में हमास ने गाजा में कब्जा कर लिया था। मैं गाजा में उन लोगों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे सकता, जो आतंकवाद को बढ़ाते हैं, जो आंतकवाद की शिक्षा देते हैं, जो आतंकवाद को फंड करते हैं, जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।

हिमाचल-उत्तराखंड में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में शीतलहर, पारा शून्य से नीचे पहुंचा

Cold wave in plains due to snowfall in Himachal-Uttarakhand

कश्मीर में तापमान में वृद्धि हुई लेकिन न्यूनतम तापमान अब भी शून्य से नीचे है। श्रीनगर में भी सोमवार की सुबह इस मौसम की सबसे सर्द रही। न्यूनतम तापमान माइनस 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।हिमाचल व उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह और शाम को गलन भरी ठंड है। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री में मंगलवार दोपहर बाद से ही बर्फबारी शुरू हो गई। फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, तुंगनाथ, मद्महेश्वर, हर्षिल आदि क्षेत्र भी बर्फ से ढक गए हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को पहाड़ों पर बारिश का अनुमान जताया है। केदारनाथ धाम में तापमान माइनस 7 तक पहुंच गया है।

कश्मीर में तापमान में वृद्धि हुई लेकिन न्यूनतम तापमान अब भी शून्य से नीचे है। श्रीनगर में भी सोमवार की सुबह इस मौसम की सबसे सर्द रही। न्यूनतम तापमान माइनस 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में दिसंबर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को दिन भर हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। कुल्लू और लाहौल घाटी में सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार सुबह नौ बजे तक मौसम खराब रहा। रोहतांग के साथ बारालाचा, सेवन सिस्टर पीक, हनुमान टिब्बा सहित ऊंची चोटियों में ताजा बर्फबारी हुई है।  

मौसम के बदले तेवरों के बीच सैलानियों ने भी यहां का रुख किया और बर्फ में खूब मस्ती की। इसके अलावा सिस्सू व नोर्थ पोर्टल में भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे है। नए साल और क्रिसमस के जश्न को लेकर कुल्लू व लाहौल के पर्यटन में गति मिलने की उम्मीद है। उधर, चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया साच पास मार्ग पर सोमवार सुबह हल्की बर्फबारी हुई। जनजातीय क्षेत्र पांगी की ऊपरी चोटियों सुसार हिल्स, हुड़ान भुटोरी, चस्क भुटोरी, सुराल भुटोरी, कुमार भुटोरी, हिलुटवान भुटोरी में 10.16 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई हैं। जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है। तो वहीं, कबायली क्षेत्र भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, कुगति, कवारसी में भी हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप रहा। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 22.7, सोलन में 19.5, सुंदरनगर में 19.2, कांगड़ा में 18.4, धर्मशाला में 18.0, नाहन में 17.5, मंडी में 16.8, चंबा में 15.5, शिमला में 13.4, मनाली में 12.3, कल्पा में 4.2 और केलांग में 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

हरियाणा में कड़ाके की ठंड  पांच शहरों के लिए चेतावनी
हरियाणा में लगातार दूसरे दिन कड़ाके की ठंड दर्ज की गई। सोमवार रात महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को दिन के वक्त भी भी ठिठुरन रही। मौसम विभाग ने राज्य के पांच शहरों के लिए घनी धुंध की चेतावनी जारी की है। अगले तीन दिन अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल में सुबह के वक्त धुंध छा सकती है। 16 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।

केदारनाथ धाम में पारा माइनस 7 डिग्री पहुंचा
केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री में मंगलवार दोपहर बाद से ही बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ धाम में तापमान माइनस 7 तक पहुंच गया है। वहीं, गंगोत्री-यमुनोत्री में भी पारा शून्य से नीचे चला गया है। साथ ही निचले इलाकों में बादल छाने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

समदो में माइनस 3.1 तो कल्पा में माइनस 2.4 डिग्री पहुंचा तापमान
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मौसम में आए बदलाव से रोहतांग सहित चोटियों पर फाहे गिरे। प्रदेश में 16 दिसंबर को फिर बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। सोमवार रात को समदो में न्यूनतम तापमान माइनस 3.1, कल्पा में माइनस 2.4, सुंदरनगर में 0.1, नारकंडा में 0.5, मनाली में 1.2, सोलन-भुंतर में 1.6, मंडी में 1.7, कुफरी में 2.2, शिमला में 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

पंजाब : आज से 13 जिलों में छाएगी धुंध, यलो अलर्ट जारी
पंजाब में बुधवार से दो दिन के लिए धुंध का यलो अलर्ट जारी किया गया है। सूबे के 13 जिलों में घनी धुंध छाएगी। इन जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला व एसएएस नगर (मोहाली) शामिल हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर एके सिंह के मुताबिक अगले दो दिन कई इलाकों में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक होगी। आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना है। वाहन चालकों को घनी धुंध में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

NBCC ने बढ़ाई आम्रपाली प्रोजेक्टों में कब्जे की तिथि, ड्रीमवैली में दिवाली पर मिलना था कब्जा

NBCC extended the date of possession in Amrapali projects

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी को प्रोजेक्टों को पूरा कर रहा है। एनबीसीसी ने दिसंबर, 2023 से जनवरी, 2024 तक प्रोजेक्टों को पूरा कर कब्जा देने का समय दिया था, लेकिन एक भी प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों का कब्जा मिलने का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। अब एक बार फिर एनबीसीसी ने कब्जा देने के समय में बदलाव किया है। ग्रेनो वेस्ट स्थित आम्रपाली ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट के 2,166 खरीदारों को दिवाली पर कब्जा मिला था, लेकिन अब एनबीसीसी ने जनवरी, 2024 तक कब्जा देने की नई तारीख दी है।

वहीं, अन्य चार प्रोजेक्टों में भी कब्जा देने के समय में बदलाव हुआ हैं। जिससे खरीदार मायूस हैं। ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के पांच प्रोजेक्ट हैं। इनमें ड्रीमवैली-2, सेंचुरियन पार्क, लेजर पार्क, वेरोना हाइट्स व गोल्फ होम्स प्रोजेक्ट हैं। जहां 32 हजार से अधिक खरीदार फंसे थे। इनका निर्माण अलग-अलग फेज और अलग-अलग नाम से हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी को प्रोजेक्टों को पूरा कर रहा है। एनबीसीसी ने दिसंबर, 2023 से जनवरी, 2024 तक प्रोजेक्टों को पूरा कर कब्जा देने का समय दिया था, लेकिन एक भी प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अब भी करीब 25 हजार खरीदार इंतजार कर रहे हैं।

खरीदारों ने बताया कि एनबीसीसी ने ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट के 2166 खरीदारों को दिवाली तक कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन कब्जा नहीं दिया गया। अब एनबीसीसी ने अपनी वेबसाइट पर कब्जा देने का समय बदल दिया है और इन खरीदारों को अब जनवरी, 2024 तक कब्जा मिलेगा। हालांकि खरीदारों का कहना है कि जनवरी में भी कब्जा मिलने की उम्मीद नहीं है। वहां पर अभी बिजली आपूर्ति नहीं है। साथ ही एसटीपी भी शुरू नहीं हो सका है। यह पहली बार नहीं है कि कब्जा मिलने का समय बढ़ाया गया है। पिछले वर्ष मई, सितंबर और नवंबर में भी कब्जा देने का समय दिया गया था। इसी तरह अन्य प्रोजेक्टों के खरीदारों को भी इंतजार करना पड़ेगा।

लिफ्ट की घटना भी बनी देरी का कारण
ड्रीमवैली-2 प्रोजेक्ट में लिफ्ट गिरने से 9 मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद निर्माणाधीन साइट को बंद कर दिया गया था। करीब 15 दिन तक साइट बंद रही थी। इस कारण भी प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हुई। इसके अलावा फंड, कोविड भी कारण बना है। एफएआर पर फैसला भी देरी से आया।

चांद पर भारतीयों को उतारने की तैयारी: ISRO

ISRO अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि ISRO 2040 तक चंद्रमा पर पहली बार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की अपनी योजना पर जोर-शोर से काम कर रहा है। भारतीय वायु सेना के चार परीक्षण पायलटों को मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया है।

टल गया क्वॉड सम्मेलन

अगले साल जनवरी में होने वाली क्वॉड की बैठक फिलहाल टल गई है। क्वॉड मेंबर देशों के प्रमुखों की ओर से मीटिंग के लिए कॉमन तारीख नहीं मिलने के कारण इसे बाद में करवाने का फैसला लिया गया है। सम्मेलन 25 जनवरी से होना था। अगले दिन 26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बतौर चीफ गेस्ट गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब इसकी उम्मीद नहीं है।

 यूएन महासभा में युद्धविराम प्रस्ताव पारित, भारत समेत 153 देशों ने पक्ष में किया मतदान

यूएनजीए चीफ फ्रांसिस ने कहा कि गाजा में नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। फ्रांसिस ने गाजा में तत्काल युद्धविराम के लिए समर्थन जताया।

इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की आपात बैठक में गाजा में तत्काल युद्धविराम के लिए पेश किया गया प्रस्ताव पारित हो गया है। भारत समेत 153 देशों ने गाजा में युद्धविराम के पक्ष में मतदान किया। 10 सदस्यों ने इसका विरोध किया, जबकि 23 सदस्य अनुपस्थित रहे। युद्धविराम प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने वाले देशों अमेरिका, ऑस्ट्रिया, चेक रिपब्लिक, ग्वाटेमाला, इस्राइल, लाइबेरिया, माइक्रोनेशिया, नाउरू, पापुआ न्यू गिनी और परागुआ शामिल हैं।

इससे पहले, मिस्र के राजदूत अब्देल खालेक महमूद ने गाजा में युद्धविराम के लिए यूएन महासभा में प्रस्ताव पेश किया। मिस्र ने अपने प्रस्ताव में पिछले सप्ताह सुरक्षा परिषद में युद्धविराम के आह्वान पर अमेरिका के वीटो की निंदा की। महमूद ने कहा कि युद्धविराम के आह्वान में यह प्रस्ताव बहुत स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह मानवीय आधार पर युद्धविराम मसौदा प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का गलत उपयोग किया गया था, जबकि इसे 100 से अधिक सदस्य देशों का समर्थन प्राप्त था। 

‘एकतरफा’ प्रस्ताव का समर्थन नहीं..
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम प्रस्ताव से सहमत नहीं है। हम सिर्फ गाजा में गंभीर मानव संकट और मानव नरसंहार से सहमत है। साथ ही उन्होंने सात अक्तूबर को हमास द्वारा किए गए क्रूर हमलों की निंदा के लिए एक संशोधन का प्रस्ताव रखा और अमेरिका इस बात की पुष्टि करने का समर्थन करते हैं कि दुनिया के सभी देशों की तरह इस्राइल को भी अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। अमेरिकी दूत ने युद्ध के लिए सीधे तौर पर हमास को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि हम सुरक्षा परिषद या महासभा के एकतरफा प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकते हैं, जो हम सभी के विचारों को नजरअंदाज करता है।

इस्राइल ने प्रस्ताव को किया खारिज
यूएन में इस्राइली राजदूत गिलाद अर्दान  ने कहा कि गाजा में युद्धविराम हमास के आतंकवादी एजेंडे को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि युद्ध रोकने से केवल हमास को फायदा होगा। आतंकवाद के शासन को जारी रखने और अपने शैतानी एजेंडे को साकार करने में कोई हमास की सहायता क्यों करना चाहेगा? 

महमूद ने कहा कि इस्राइली सेना के फलस्तीनियों पर बर्बर हमले और नागरिकों की हत्या को रोकने के लिए युद्धविराम ही एकमात्र तरीका है। इस्राइल के हमले से असहनीय मानवीय पीड़ा हुई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। यूएनजीए अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने कहा कि गाजा में हिंसा रुकनी चाहिए। फ्रांसिस ने कहा कि गाजा में नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून दोनों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। गाजा में हजारों लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। फ्रांसिस ने गाजा में तत्काल युद्धविराम के लिए समर्थन जताया।

यूएनजीए में चर्चा के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राजदूत ने कहा कि इस्राइल जेनोसाइड कन्वेंशन संधि के खिलाफ काम कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानून को लागू करने का आह्वान किया है। राजदूत ने कहा कि गाजा में पिछले छह हफ्तों की घटनाओं से पता चला है कि इस्राइल जेनोसाइड कन्वेंशन के संदर्भ में अपने दायित्व के विपरीत काम कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य देश के रूप में और दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की व्यवस्था के दर्दनाक अतीत के अनुभव के कारण सदस्य देशों के रूप में हम इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कार्रवाई करने का दबाव डालते हैं। 

जाली करंसी फैलाना आतंकवाद’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मंगलवार को पेश नए आपराधिक कानूनों में पहली बार आतंकवाद यानी टेरर ऐक्ट के लिए अलग से प्रावधान किया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई शख्स भारत की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा को खतरा पैदा करता है और इसके लिए जाली नोट या सिक्के स्मगल करता है, बनाता या इन्हें सर्कुलेट करता है तो वह आतंकवादी करतूत माना जाएगा।

दिल्ली में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले सभी 14 जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त किये

कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को सभी 14 जिलों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किये। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि ये पर्यवेक्षक जिला स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए पार्टी नेतृत्व के साथ समन्वय कर जमीनी स्तर पर काम करेंगे। इसमें कहा गया कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा की। लवली ने कहा कि इसी सप्ताह विभिन्न जिला कांग्रेस कमेटी और पर्यवेक्षकों की संयुक्त बैठक होगी। उन्होंने कहा कि ये पर्यवेक्षक सभी 280 ब्लॉक पर अध्यक्ष और पदाधिकारियों के अन्य पदों पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के लिए अनुशंसा करेंगे।

भजनलाल को सीएम बनाने पर क्या बोले सुशील मोदी?

भजनलाल शर्मा के राजस्थान CM चुने जाने पर भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा, ‘भाजपा ऐसी पार्टी है जहां साधारण कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री बन सकता है। छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ज़मीन से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका मिला है। मैं इन लोगों को शुभकामनाएं देता हूं।’

पीएम सुनक के लिए बड़ी राहत, ब्रिटि सांसदों ने रवांडा प्रवासन विधेयक के पक्ष में किया मतदान

British PM Rishi Sunak gets respite as UK lawmakers vote in favor of Rwanda migration bill

रवांडा प्रवासन नीति पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को बड़ी राहत मिली है। ब्रिटिश सांसदों ने रवांडा प्रवासन विधेयक के पक्ष में मतदान किया है।

नए भारतीय न्याय संहिता विधेयक में यूएपीए के प्रावधानों को किया गया शामिल, अन्य बदलाव के बारे में जानें

Certain UAPA provisions included in redrafted Bharatiya Nyaya Sanhita Bill

प्रस्तावित कानून क्रमशः भारतीय दंड संहिता, 1860, आपराधिक प्रक्रिया संहिता अधिनियम, 1898 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करना चाहते हैं। दोबारा पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं। आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के कुछ प्रावधानों को दोबारा तैयार किए गए भारतीय न्याय संहिता विधेयक में शामिल किया गया है, जिसे मौजूदा आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए दो अन्य विधेयकों के साथ लोकसभा में नए सिरे से पेश किया गया था।

संसदीय पैनल द्वारा की गई कुछ सिफारिशों को शामिल करने के लिए तीन विधेयकों को फिर से पेश किया गया। भारतीय न्याय संहिता विधेयक पहली बार 11 अगस्त को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्षरता अधिनियम विधेयकों के साथ लोकसभा में पेश किया गया था।

कम से कम किए गए पांच बदलाव
प्रस्तावित कानून क्रमशः भारतीय दंड संहिता, 1860, आपराधिक प्रक्रिया संहिता अधिनियम, 1898 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को प्रतिस्थापित करना चाहते हैं। दोबारा पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं।

दोबारा पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं। नए भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता विधेयक में आतंकवाद की परिभाषा में अब अन्य परिवर्तनों के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा और विदेशों में आतंकवादी कृत्य भी शामिल हैं।

सरकार ने 3 आपराधिक कानून बिलों में मानसिक बीमारी को अस्वस्थ दिमाग से बदला 

सरकार ने ब्रिटिश काल के भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए पुन: तैयार किए गए आपराधिक कानून बिल में संसदीय पैनल की सिफारिशों पर ‘मानसिक बीमारी’ के स्थान पर ‘विकृत दिमाग’ शब्द पेश किया है।

प्रस्तावित कानूनों में “मानसिक बीमारी” शब्द का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की धारा 2 के खंड (ए) में दिए गए अर्थ के साथ किया गया है। भाजपा सांसद बृजलाल की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की थी कि प्रस्तावित कानूनों में “मानसिक बीमारी” शब्द को “विक्षिप्त दिमाग” में बदल दिया जा सकता है क्योंकि मानसिक बीमारी का अर्थ अस्वस्थ दिमाग की तुलना में बहुत व्यापक है। ऐसा प्रतीत होता है कि इसके दायरे में मूड में बदलाव या स्वैच्छिक नशा भी शामिल है।

विधेयकों के पुन: प्रारूपित संस्करण – भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता, और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक – मंगलवार को पेश किए गए, जिसमें ‘मानसिक बीमारी’ शब्द को ‘अस्वस्थ दिमाग’ से बदल दिया गया।

पैनल की दो प्रमुख सिफारिशें – व्यभिचार को अपराध मानने वाले लिंग-तटस्थ प्रावधान को शामिल करना और एक खंड जो पुरुषों, महिलाओं, ट्रांसपर्सन के बीच गैर-सहमति वाले यौन संबंध। इसके अलावा बीएनएस में पाशविकता के कृत्यों को सरकार ने खारिज कर दिया है और संशोधित विधेयक में भी शामिल नहीं किया गया है।

377 प्रावधानों को बरकरार रखने के प्रस्ताव को किया खारिज
सरकार ने प्रस्तावित विधेयक में नाबालिगों के साथ शारीरिक संबंध और पाशविकता के कृत्यों से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 377 प्रावधानों को बरकरार रखने के पैनल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। 

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Ramswaroop Mantri

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