आईसीसी विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर छठी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप 2023 के खिताबी मुकाबले में भारत को हराते हुए अपना छठा खिताब जीत लिया। इसके साथ ही 140 करोड़ भारतीयों का दिल दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में टूटकर चूर-चूर हो गया।
महाराष्ट्र में तड़के सुबह 5 बजे आया भूकंप, 3.5 रही तीव्रता
महाराष्ट्र के हिंगोली में आज सुबह 5 बजकर 9 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिसमोलॉजी ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई है।
अहमदाबाद में भारत के खिलाफ जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 की ट्रॉफी सौंपी।
आपके साथ हमेशा खड़े… ऑस्ट्रेलिया को बधाई दे PM मोदी ने यूं बढ़ाया टीम इंडिया का हौसला
आईसीसी विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर छठी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। उधर भारत की जीत की उम्मीद के साथ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहुंचे 140 करोड़ भारतीयों का दिल टूट गया है। देश का माहौल इस वक्त काफी गमगीन है। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की आंखों में आंसू हैं। इस बीच पीएम मोदी ने भारतीय टीम को सांत्वना दिया है और ऑस्ट्रेलिया को जीत की बधाई दी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजधानी के लक्ष्मीबाई नगर, पूर्वी किदवई नगर और कालीबाड़ी इलाकों में छठ घाटों पर पहुंचे।
2022 में गर्मी से भारत में 191 अरब श्रम घंटे हुए बर्बाद; लैंसेट काउंटडाउन के नए संस्करण में दावा

गर्मी के संपर्क में आने से 2022 में 490 बिलियन संभावित श्रम घंटों का नुकसान हुआ। तुलनात्मक रूप से यह 1991 से 2000 के मुकाबले लगभग 42 प्रतिशत अधिक है। औसतन दुनिया में प्रत्येक श्रमिक ने श्रम क्षमता के 143 संभावित घंटे खो दिए।
स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन पर लैंसेट काउंटडाउन के नवीनतम संस्करण में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भीषण गर्मी का कृषि श्रमिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। इससे उनका 64 प्रतिशत समय बर्बाद हुआ और संभावित आय का 55 प्रतिशत नुकसान हुआ।
रिपोर्ट में धूप के संपर्क और व्यवसायिक कामकाजी उम्र की आबादी के बीच संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के साथ 195 देशों के लिए गर्मी से संबंधित श्रम क्षमता हानि की गणना की गई। इसका असर गरीब और विकासशील देशों के साथ-साथ अमेरिका जैसे उच्च आय वाले देशों में निर्माण कार्यों में लगे लोगों पर पड़ा है।
गर्मी के संपर्क में आने से 2022 में 490 बिलियन संभावित श्रम घंटों का नुकसान हुआ। तुलनात्मक रूप से यह 1991 से 2000 के मुकाबले लगभग 42 प्रतिशत अधिक है। औसतन दुनिया में प्रत्येक श्रमिक ने श्रम क्षमता के 143 संभावित घंटे खो दिए। इस वजह से 1.3 अरब से अधिक श्रमिकों को 39 प्रतिशत अधिक वैश्विक कार्यबल के नुकसान का सामना करना पड़ा। इनमें से 80 प्रतिशत निम्न या मध्यम मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) देश शामिल हैं।
निम्न और मध्यम देश ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 से 2014 और 2018 से 22 के बीच चरम मौसम की घटनाओं से आर्थिक नुकसान 23 प्रतिशत बढ़ गया। यह नुकसान केवल 2022 में 264 बिलियन डॉलर के बराबर हुआ, जबकि गर्मी के जोखिम के कारण वैश्विक नुकसान बढ़कर 863 बिलियन डॉलर हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम क्षमता की हानि ने निम्न और मध्यम-एचडीआई देशों को सबसे अधिक प्रभावित किया। इस वजह से संभावित आय हानि उनके सकल घरेलू उत्पाद के 6.1 प्रतिशत और 3.8 प्रतिशत के बराबर हुई।
2060 तक दोगुने से अधिक नुकसान का अनुमान
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि 2041-60 तक वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस तक सीमित भी कर लिया गया तब भी 1995-2014 की अवधि की तुलना में सालाना संभावित श्रम घंटों का दोगुने से अधिक का नुकसान होगा। आने वाले समय में इसकी चपेट में निम्न और मध्यम आय वाले देश के साथ-साथ विकासशील और उच्च आय वाले देश भी आएंगे। इसका सबसे ज्यादा असर ठंडे मुल्कों को हो सकता है, क्योंकि वहां का श्रमबल बढ़ती गर्मी के साथ तालमेल बैठाने में अपेक्षाकृत गर्म देश के मुकाबले ज्यादा कमजोर है।
यह रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के लिए पार्टियों के 28वें सम्मेलन (सीओपी 28) से पहले जारी की गई है जो मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ श्रम कार्यबल से होने वाले आर्थिक नुकसान पर केंद्रित है।
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में हवा अब भी बेहद खराब, पराली जलाने के मामले बढ़े

हालांकि दिल्ली की हवा में शनिवार की तुलना में थोड़ा सुधार हुआ है। वायु गुणवत्ता में सुधार, ग्रैप-4 की पाबंदियां हटने के बाद दिल्ली में सभी स्कूल कॉलेज सोमवार से खुल जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में हवा अब भी खराब से बेहद खराब बनी हुई है। हालांकि दिल्ली की हवा में शनिवार की तुलना में थोड़ा सुधार हुआ है। वायु गुणवत्ता में सुधार, ग्रैप-4 की पाबंदियां हटने के बाद दिल्ली में सभी स्कूल कॉलेज सोमवार से खुल जाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर में फरीदाबाद (327 एक्यूआई) सबसे अधिक प्रदूषित रहा। पंजाब में रविवार को पराली जलाने की 740 घटनाएं दर्ज की गईं। दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 301 दर्ज किया गया, जो शनिवार के मुकाबले 18 सूचकांक कम है। दिल्ली में सुबह आसमान में धुंध के साथ कोहरा देखने को मिला। दोपहर में भी धूप पूरी तरह से नहीं खिली। रात में यह स्थिति और बिगड़ गई।
दिल्ली में केवल मथुरा रोड में ही हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। बवाना, अलीपुर समेत 23 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में और 12 इलाकों में वायु प्रदूषण खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। कमोबेश यही स्थिति मंगलवार तक बनी रह सकती है। बुधवार से हवा की सेहत और बिगड़ने का अनुमान है।
फरीदाबाद में सबसे अधिक प्रदूषित हवा
सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में फरीदाबाद का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 327 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 280, ग्रेनो में 236, गुरुग्राम में 234 और नोएडा में 268 एक्यूआई दर्ज किया गया।
बेहद खराब श्रेणी में रहेगी हवा
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, रविवार को हवाएं उत्तर-पूर्व, उत्तर व उत्तर-पश्चिम दिशा से चलीं। इस दौरान हवा की गति चार किमी प्रति घंटे रही। सोमवार को चार-आठ किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम से हवाएं चलने का अनुमान। वहीं, सुबह धुंध व कोहरा रहेगा। ऐसे में हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी।
पंजाब में दो सालों की तुलना में अधिक पराली जलाने की घटनाएं
पंजाब में रविवार को पराली जलाने की 740 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें फजिल्का में 151, माेगा में 127, फिरोजपुर में 100, फरीदकोट में 68, मुक्तसर में 57 और बठिंडा में 55 मामले सामने आएं। इस तारीख को राज्य में 2021 में 448 और 2022 में 426 घटनाएं दर्ज की गई थीं। 15 सितंबर से ऐसे मामलों की कुल संख्या बढ़कर 34,459 हो गई है।
932 एफआईआर दर्ज, 1.67 करोड़ जुर्माना
विशेष पुलिस महानिदेशक अर्पित शुक्ला ने रविवार को बताया कि पंजाब पुलिस ने 8 नवंबर से अब तक पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ 932 एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि 7,405 मामलों में 1.67 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दूसरे देशों की तुलना में भारत में औसत से दोगुने साइबर हमले, नियंत्रण के लिए मिलकर करना होगा काम
नायर ने कहा कि भारतीय साइबरस्पेस में पिछले छह महीनों के दौरान औसतन 2127 बार साइबर हमलों की घटनाएं सामने आईं जो वैश्विक औसत 1108 से कहीं ज्यादा हैं।राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक एमयू नायर ने रविवार को कहा कि भारतीय साइबरस्पेस को वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुने साइबर घटनाओं का सामना करना पड़ता है। नायर ने सिनर्जिया कॉन्क्लेव 2023 में एलाइनिंग टेक्नोलॉजीज टू फ्यूचर कॉन्फ्लिक्ट्स विषय पर एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 महीनों में औसतन करीब 1.54 अरब अमेरिकी डॉलर के लिए रैंसमवेयर हमला किया गया, जो 2022 के बाद से दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा, ये तो बहुत मामूली हिस्सा मात्र है क्योंकि इनमें से कई घटनाएं तो दर्ज तक नहीं होतीं।
नियंत्रण के लिए मिलकर करना होगा काम
नायर ने कहा कि भारतीय साइबरस्पेस में पिछले छह महीनों के दौरान औसतन 2127 बार साइबर हमलों की घटनाएं सामने आईं जो वैश्विक औसत 1108 से कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि साइबरस्पेस में ऐसी घटनाओं को रोकने और नियंत्रित करने के लिए सभी देशों के मिलकर काम करने का समय आ गया है।
आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हो जाएगी महापर्व छठ की समाप्ति, घाटों पर भक्तजनों का जमावड़ा

उपवास करने वाले व्रती भी अन्न-जल ग्रहण करेंगे। आज तड़के ही लोग घाट पर एकत्रित होने लगेंगे। सूर्योदय तक छठ मइया की पूजा की जाएगी, फिर चढ़ते सूर्य को व्रती अर्घ्य देंगे।आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद भक्तजन प्रसाद ग्रहण करेंगे और इसके बाद महापर्व छठ की समाप्ति हो जाएगी। उपवास करने वाले व्रती भी अन्न-जल ग्रहण करेंगे। आज तड़के ही लोग घाट पर एकत्रित होने लगेंगे। सूर्योदय तक छठ मइया की पूजा की जाएगी, फिर चढ़ते सूर्य को व्रती अर्घ्य देंगे। इसके बाद महिलाएं अपने-अपने घरों में पूजा करेंगी और उपवास तोड़ेंगी। इस तरह चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जाएगा। दिल्ली के तमाम घाटों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी हलचल है।
कल ‘कांच के बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…’ जैसे पारंपरिक गीतों के साथ छठ व्रतधारियों ने विभिन्न घाटों पर रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान तमाम घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। अधिकतर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देने के बाद परिजनों के साथ घाटों पर ही रात बिताई। घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों भी हुए। एक हजार से अधिक स्थानों पर बने घाटों पर पर लाेगों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।
दिल्ली सरकार ने यमुना किनारेे विभिन्न स्थानों पर अस्थायी घाट बनाए हैं। सोनिया विहार, पुराना यमुना पुल, कुदसिया घाट, गीता काॅलोनी, बस अड्डा, चंदगी राम अखाड़ा, वजीराबाद घाट, आईटीओ, गीता काॅलोनी, मयूर विहार और कांलिदी कुंज श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे।
इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भलस्वा झील, जहांगीरपुरी, नरेला, उत्तम नगर, डाबड़ी, ककरौला, बदरपुर, सरिता विहार, आश्रम, जैतपुर, संगम विहार, देवली, महरौली, पालम, महावीर एंकलेव, इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन, नांगलोई, में बने घाटों पर अर्घ्य दिए।
आईपीओ की भरमार, बाजार भी गर्म, पैसा लगाने का अच्छा अवसर, वैश्विक बाजारों में भारतीय इश्यू का बढ़ता हिस्सा

मुख्य प्लेटफॉर्म की तुलना में छोटे एवं मझोले यानी एसएमई आईपीओ ने निवेशकों की झोली खूब भरी है। इनके शेयरों में सूचीबद्धता के दिन निवेश की रकम दोगुना से ज्यादा हो गई है।
इस कैलेंडर साल में आईपीओ का बाजार गरम है। सेकंडरी बाजार जिस तरह से एक बार फिर पिछले सप्ताह 66,000 के स्तर के पार चला गया था, उसी तरह से प्रारंभिक बाजार में इस हफ्ते छह आईपीओ आ रहे हैं। इनमें निवेश और इनका पूरा विवरण बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
इस सप्ताह कुल छह कंपनियों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आने हैं। इनसे कंपनियां 7,300 करोड़ जुटाएंगी। इसमें पांच मुख्य प्लेटफॉर्म के और एक एसएमई इश्यू है। इस कैलेंडर साल में अब तक 40 आईपीओ आए हैं और इस हफ्ते को मिलाकर 46 हो जाएंगे। इनमें 38 कंपनियां ऐसी हैं, जिनके निवेशकों को सूचीबद्धता के दिन ही अच्छा फायदा मिला है।
मुख्य प्लेटफॉर्म की तुलना में छोटे एवं मझोले यानी एसएमई आईपीओ ने निवेशकों की झोली खूब भरी है। इनके शेयरों में सूचीबद्धता के दिन निवेश की रकम दोगुना से ज्यादा हो गई है। जिन निवेशकों ने निवेश महीने या दो महीने तक बनाए रखा, उनका निवेश मूल्य कई गुना बढ़ गया है।
एसएमई के निर्गम में जोखिम ज्यादा
एसएमई आईपीओ में ज्यादा जोखिम है। मिले-जुले तरीके से इनके शेयरों की कीमतें बढ़ाई जाती है, जबकि मुख्य प्लेटफॉर्म के न्यूनतम निवेश 15 हजार रुपये की तुलना में यहां कम-से-कम निवेश दो लाख का है। फिर भी इन आईपीओ को 500 गुना तक रिस्पांस मिल रहा है। ऐसे में यह संदेहास्पद मामला है। सेबी इसकी जांच भी कर रहा है। एसएमई के आईपीओ छोटे होते हैं व मुख्य प्लेटफॉर्म की तुलना में आसानी से सूचीबद्ध हो जाते हैं।
वैश्विक बाजारों में भारतीय इश्यू का बढ़ता हिस्सा
भारतीय आईपीओ वैश्विक बाजारों में ज्यादा हिस्सेदारी हासिल कर रहे हैं। 2021 में वैश्विक आईपीओ बाजार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 6 फीसदी थी, जो 2022 में बढ़कर 11 फीसदी हो गई। इस साल की पहली छमाही यानी जून तक यह 13 फीसदी के पार पहुंच गई।
वित्तीय सलाहकार अर्चना पांडे के मुताबिक किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, प्रबंधन, आगे की योजना और कारोबार को जरूर देखें। साथ ही, एक औसत दर्जे का फायदा मिलने पर निकल भी जाएं।
विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक पर बंद कर दिए 10 स्टॉपेज, रेलवे ने दिया ये तर्क

कालका- शिमला हैरिटेज ट्रैक पर कनोह, कैथलीघाट, शोघी, तारादेवी स्टोपेज पर ट्रेन न रुकने से स्थानीय लोग परेशान हैं। विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली कालका शिमला एक्सप्रेस ट्रेन के दस स्टॉपेज अचानक खत्म कर दिए गए हैं। सुबह कालका से शिमला के लिए चलने वाली यह ट्रेन अब इन स्टॉपेज पर नहीं रुक रही। रेलवे का तर्क है कि ट्रेन की टाइमिंग घटाने और आगे की ट्रेन की कनेक्टिविटी के लिए यह फैसला लिया गया है। उधर, रेलवे की ओर से अचानक लिए गए इस फैसले से ट्रेन में आवाजाही करने वाले लोग परेशान हैं। इन्हें अब बसों से आवाजाही करनी पड़ रही है।
रेलवे के अनुसार सुबह 3:45 बजे कालका से शिमला के लिए चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 52457 अब कनोह, कैथलीघाट, शोघी और तारादेवी स्टॉपेज पर नहीं रुक रही है। यह ट्रेन सुबह 8:55 बजे शिमला पहुंचती है। वहीं, शिमला से जब यह ट्रेन वापस कालका के लिए सुबह 10:55 बजे रवाना होती है तो वापसी में छह स्टॉपेज कैथलीघाट, कुमारहट्टी, सनवारा, कोटि, गुम्मन और टकसाल स्टॉपेज पर यह नहीं रुकती। हिल्स क्वीन शिमला के लिए इसी ट्रेन से स्थानीय लोग सबसे ज्यादा आवाजाही करते हैं।
रेलवे के अनुसार शिमला से वापस रवाना होने वाली यह ट्रेन शाम 4:35 बजे कालका पहुंचती है। इस ट्रेन को एकता एक्सप्रेस से कनेक्टिविटी दी गई है। एकता एक्सप्रेस शाम 4:55 बजे हरियाणा के भिवानी के लिए चलती हैं। रेलवे के अनुसार सैलानियों को इससे सुविधा हो रही है। इसके अलावा स्टॉपेज खत्म करने से ट्रेन की टाइमिंग भी करीब 15 मिनट घट गई है।
स्टॉपेज खत्म होने से लोग परेशान
कालका- शिमला हैरिटेज ट्रैक पर कनोह, कैथलीघाट, शोघी, तारादेवी स्टोपेज पर ट्रेन न रुकने से स्थानीय लोग परेशान हैं। कालका से सुबह चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन कैथलीघाट के बाद अब जतोग रेलवे स्टेशन पर ही रुक रही है। इसके बीच पड़ने वाला कनोह स्टॉपेज अब खत्म कर दिया गया है। यहां ज्यादातर लोग रेल सेवा पर ही आश्रित हैं। कनोह स्टेशन के छह किलोमीटर की दूरी पर सड़क कनेक्टिविटी नहीं हैं। अन्य स्टेशनों में से सुबह के समय में रेलमार्ग से बड़ी संख्या में लोग उपचार, प्रशासनिक कार्य और ज्यादातर दूध आपूर्ति के लिए शिमला का रुख करते हैँ। स्टॉपेज खत्म होने से आम जनता को आवाजाही के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कालका से शिमला के बीच हैं 18 रेलवे स्टेशन
कालका- शिमला हैरिटेज ट्रैक पर कुल 18 स्टेशन हैं। इनमें कालका, गुम्मन, कोटि, सनवारा, धर्मपुर, कुमारहट्टी, बड़ोग, सोलन, सलोगरा, कंडाघाट, कनोह, कैथलीघाट, शोघी, तारादेवी, जतोग, समरहिल और शिमला शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर टॉय ट्रेनों को रोका जाता था लेकिन रेलवे विभाग की ओर से कई ट्रेनों के स्टॉपेज खत्म कर दिए गए हैं।
कालका शिमला हैरिटेज ट्रैक पर टॉय ट्रेनों की टाइमिंग घटाने और ट्रेनों की आगे कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए स्टॉपेज खत्म किए गए हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या कम होती है। अगर लोगों की डिमांड आती है तो इन स्टेशनों पर ट्रेनों को रोका जाएगा। – नवीन कुमार, वाणिज्य प्रबंधक अधिकारी, अंबाला मंडल।
गांव-गांव, डगर-डगर…अब कैमरों की नजर…सीसीटीवी की निगरानी में 65 फीसदी ग्राम पंचायतें

Dehradun News: हाल ही में शासन ने ग्राम पंचायतों में सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी तंत्र विकसित किए जाने का काम शुरू किया है। राजधानी के ग्रामीण इलाके भी शहरी से कदमताल कर रहे हैं। विकास योजनाओं के लाभ दिलाने के साथ ही अब ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों को हाईटेक कर सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जा रहा है। सीसीटीवी से गांवों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों, सरकारी संपत्तियों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में शासन ने ग्राम पंचायतों में सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी तंत्र विकसित किए जाने का काम शुरू किया है। रायपुर, डोईवाला, चकराता व सहसपुर विकासखंड की 174 ग्राम पंचायतों में से 117 को यानी करीब 65 फीसदी ग्राम पंचायतों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा चुका है। शेष ग्राम पंचायतों में कैमरे लगाने का कार्य चल रहा है।
17 करोड़ से ज्यादा में बिकी नेपोलियन बोनापार्ट की टोपी, बनाया नीलामी का रिकॉर्ड, जानें खास बाते

पेरिस के दक्षिण में फॉनटेनब्लियू स्थित नीलामी घर ने कहा, टोपी की अंतिम कीमत, सभी शुल्कों सहित, 600,000 से 800,000 यूरो के अनुमान से दोगुने से भी अधिक और आरक्षित मूल्य से लगभग चार गुना अधिक थी।
नेपोलियन बोनापार्ट की एक टोपी ने रिकॉर्ड बनाया है। इसकी रविवार को पेरिस में नीलामी हुई, जिसने लगभग दो मिलियन यूरो यानी 17 करोड़ से ज्यादा रुपये में बिकी है और एक नया रिकॉर्ड बना दिया। यह टोपी 1.932 मिलियन यूरो में बिकी और 2014 में उसी नीलामी घर में रखे गए नेपोलियन टोपी के 1.884 मिलियन यूरो के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
इस नेपोलियन की टोपी की खासियत है कि इसे बाइकोर्न के रूप में जाना जाता है। इसमें नेपोलियन के हस्ताक्षर वाले रंग शामिल हैं, जैसे कि फ्रांसीसी ध्वज के नीले-सफेद-लाल प्रतीक चिन्ह के साथ काला रंग।
इसका आखिरी स्वामित्व व्यवसायी जीन-लुई नोइसिएज के पास था, जिनकी पिछले साल मृत्यु हो गई थी। नॉइसिएज संग्रह से नेपोलियन की अन्य यादगार वस्तुएं भी ब्लॉक में गईं, जिनमें लीजन ऑफ ऑनर पदक और नेपोलियन के स्वामित्व वाली चांदी की एक जोड़ी शामिल है।
दोगुने से भी अधिक है इसकी कीमत
पेरिस के दक्षिण में फॉनटेनब्लियू स्थित नीलामी घर ने कहा, टोपी की अंतिम कीमत, सभी शुल्कों सहित, 600,000 से 800,000 यूरो के अनुमान से दोगुने से भी अधिक और आरक्षित मूल्य से लगभग चार गुना अधिक थी।
ऐसा माना जाता है कि नेपोलियन के पास 15 वर्षों में कुल मिलाकर लगभग 120 ऐसी टोपियां थीं, जिनमें से अधिकांश अब खो गई हैं। नीलामी घर के विशेषज्ञ जीन-पियरे ओसेनट ने बिक्री से पहले एएफपी को बताया, “टोपी अपने आप में सम्राट की छवि का प्रतिनिधित्व करती है।
युद्ध में मिला अलग रूप
नीलामी घर के अनुसार, नेपोलियन ने सम्राट के रूप में अपने कार्यकाल के मध्य में यह विशेष टोपी पहनी थी। उस समय के अधिकांश अन्य अधिकारियों के विपरीत, नेपोलियन अपनी टोपी को बगल में झुकाकर पहनते थे, जिससे वह अपने समय के अन्य लोगों से अलग दिखते थे और लड़ाई के दौरान अपने सैनिकों द्वारा उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता था। । फ्रांसीसी क्रांति के दौरान नेपोलियन प्रमुखता से उभरे और क्रांतिकारी युद्धों में एक प्रमुख व्यक्ति बन गए।
पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी रोजलिन कार्टर का निधन, विश्व शांति-मानसिक स्वास्थ्य के लिए रहती थीं समर्पित

पूर्व राष्ट्रपति और रोजलिन के पति जिमी कार्टर ने कहा कि जब तक रोजलिन इस दुनिया में थीं, मुझे हर वक्त एहसास होता था कि हां ऐसा कोई है, जो मुझे प्यार करता है और हमेशा करेगा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर की पत्नी रोजलिन कार्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 96 वर्ष की उम्र में रविवार को कार्टर का अपने घर में निधन हो गया। कार्टर मानसिक स्वास्थ्य सुधारक और समाजसेवी थीं। अमेरिकी सरकार ने बयान जारी कर निधन की जानकारी दी।
भावुक हो गए पति
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति और रोजलिन के पति जिमी कार्टर ने कहा कि मैंने आज तक जो भी हासिल किया, उसमें रोजलिन मेरे बराबर की अधिकारी है। मैं जब भी कभी निराश हुआ तो उसने ही मुझे प्रोत्साहित किया। मुझे हमेशा सलाह दी। वह मेरी बेहतरीन सलाहकार थी। जब तक रोजलिन इस दुनिया में थीं, मुझे हर वक्त एहसास होता था कि हां ऐसा कोई है, जो मुझे प्यार करता है और हमेशा करेगा। रोजलिन ने हमेशा मेरा समर्थन किया।
हर परिस्थितियों में दोनों रहे साथ
रोजलिन की संस्था कार्टर सेंटर ने बताया कि पिछले साल मई में पता चला की उन्हें डिमेशिया नाम की बीमारी है। उनका खूब इलाज कराया गया। इसके बाद फरवरी में उनके पति ने उनका इलाज घर में ही कराना शुरू कर दिया। बता दें, जिमी के कार्यकाल के दौरान इस्राइल और मिस्र के बीच शांति समझौता हुआ था, जो उस दौरान काफी टेढ़ी खीर मानी जाती थी। इस सफलता के लिए वैश्विक पटल पर उनकी खूब सराहना हुई। हालांकि, महंगाई और ईरान संघर्ष के कारण उन्हें काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। परिस्थितियां कैसी भी रही हों, रोजलिन हमेशा अपने पति के साथ खड़ीं रहीं।
नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित
बता दें, कार्टर दंपती ने विश्व शांति और मानवाधिकारों के प्रति काम करने के लिए एक सगंठन की स्थापना की, जिसका नाम कार्टर सेंटर है। दंपती ने चुनाव हारने के बाद, क्यूबा, सूडान और उत्तर कोरिया का दौरा किया था। 2002 में शांति के लिए जिमी कार्टर को नोबेल पुरस्कार से भी नवाजा गया था। 1999 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कार्टर दंपती को अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया था। क्लिंटन ने कहा था कि इन्होंने दुनिया के किसी अन्य जोड़े से कहीं अधिक शांति के लिए काम किया है।
इस्राइल के राजदूत को जान से मारने की धमकी, खुफिया विभाग को मिले इनपुट, बढ़ाई गई एंबेसी की सुरक्षा

आतंकी संगठनों ने राजदूत पर हमले की धमकी दी है। देश के खुफिया विभाग को राजदूत पर हमले के इनपुट मिले हैं। इसके अलावा इस्राइल एंबेसी को सोशल मीडिया पर भी धमकियां मिल रही हैं।इस्राइल व हमास में युद्ध के बीच भारत में तैनात इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन पर जानलेवा हमला हो सकता है। आतंकी संगठनों ने राजदूत पर हमले की धमकी दी है। देश के खुफिया विभाग को राजदूत पर हमले के इनपुट मिले हैं। इसके अलावा इस्राइल एंबेसी को सोशल मीडिया पर भी धमकियां मिल रही हैं।
केंद्रीय गृहमंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस को दो दिन पहले लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इस्राइल एंबेसी की ओर से पत्र मिला है। एंबेसी के अधिकारियों ने इस पत्र में कहा है कि इस्राइल के राजदूत पर आतंकी हमले की सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं।
गृह मंत्रालय में तैनात प्रोटोकॉल के डिप्टी चीफ सुरेश के की ओर से लिखे गए पत्र में सोशल मीडिया पर मिल रहीं धमकियों व उनकी जांच करने की बात कही है। इस पत्र में ये भी कहा है कि विभिन्न आतंकी संगठनों ने हमले की धमकी दी है। साथ ही दिल्ली पुलिस से कहा गया है इस मामले में सुरक्षा के उचित कदम उठाकर गृहमंत्रालय को सूचित किया जाए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस्राइल एबेंसी ने गृहमंत्रालय को 16 नवंबर को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से गृहमंत्रालय से इस्राइल के राजदूत की तुरंत सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। गृहमंत्रालय के पत्र के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त प्रवण तायल ने आदेश दिया है कि इस्राइल के राजदूत को सोशल मीडिया पर जो धमकियां मिल रही हैं उनकी विस्तार से जांच की जाए।
भारतीय जीत पर हुई थी दुआ-प्रार्थना, हवन-यज्ञ
विश्वकप में भारतीय टीम की जीत के लिए दुआ-प्रार्थना, हवन-यज्ञ किया था। महुआ खेड़ा स्थित अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन में बड़ी स्क्रीन पर मैच देखने वालों को खाना भी खिलाया गया था। खाने के लिए क्रिकेटर रिंकू सिंह ने भेजे थे।
ऑस्ट्रेलिया को जीत पर बधाई : बल्देव
बल्देव चौधरी सीटू ने ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप का खिताब जीतने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन प्रदर्शन कर विश्व कप अपने नाम किया।
रखे रहे पटाखे और मिठाई
भारतीय टीम की जीत के लिए आश्वस्त खेल प्रेमियों ने आतिशबाजी के लिए पटाखे दिन में ही खरीद लिए थे। मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई भी मंगा ली गई थी, लेकिन भारतीय टीम की हार पर उम्मीदों पर पानी फिर गया।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
विश्व कप फाइनल मैच खत्म होने के बाद खेल प्रेमियों ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करना शुरू कर दिया। गेंदबाजी, बल्लेबाजी और लचर क्षेत्ररक्षण को कोसा। भारतीय टीम की हार से मायूस रघुवीरपुरी में शम्मी चेले ने टीवी फोड़ दी। कांग्रेस नेती इंजी. आगा युनूस ने कहा कि भारतीय टीम ने पूरे विश्वकप में शानदार खेल दिखाया है।क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों से मिली हार पर क्रिकेट प्रशंसकों में मायूसी छा गई। चेहरे से मुस्कान गायब हो गई। भारतीय गेंदबाजी, बल्लेबाजी और लचर क्षेत्ररक्षण को कोसा गया।
खेल प्रेमी खुश हो गए और टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर अगले विकेट के गिरने का इंतजार करने लगे, लेकिन विकेट न गिरने और निरंतर रन बनने से वह मायूस होने लगे। कुछ ने टीवी बंद कर दी तो कुछ घूमने निकल गए। मैक्सवेल के विजयी रन लेते ही खेल प्रेमी मायूस हो गए। मैच खत्म होने के बाद खेल प्रेमियों ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करना शुरू कर दिया। गेंदबाजी, बल्लेबाजी और लचर क्षेत्ररक्षण को कोसा। भारतीय टीम की हार से मायूस रघुवीरपुरी में शम्मी चेले ने टीवी फोड़ दी। कांग्रेस नेती इंजी. आगा युनूस ने कहा कि भारतीय टीम ने पूरे विश्वकप में शानदार खेल दिखाया है।
भारतीय जीत पर हुई थी दुआ-प्रार्थना, हवन-यज्ञ
विश्वकप में भारतीय टीम की जीत के लिए दुआ-प्रार्थना, हवन-यज्ञ किया था। महुआ खेड़ा स्थित अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन में बड़ी स्क्रीन पर मैच देखने वालों को खाना भी खिलाया गया था। खाने के लिए क्रिकेटर रिंकू सिंह ने भेजे थे।
ऑस्ट्रेलिया को जीत पर बधाई : बल्देव
बल्देव चौधरी सीटू ने ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप का खिताब जीतने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन प्रदर्शन कर विश्व कप अपने नाम किया।
रखे रहे पटाखे और मिठाई
भारतीय टीम की जीत के लिए आश्वस्त खेल प्रेमियों ने आतिशबाजी के लिए पटाखे दिन में ही खरीद लिए थे। मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई भी मंगा ली गई थी, लेकिन भारतीय टीम की हार पर उम्मीदों पर पानी फिर गया।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
अमेरिका में महिलाओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर की छठी मैया की पूजा
आस्था का लोकपर्व छठ देश-विदेश में खुशी और उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी माता की पूजा कर अपने परिवार और देश की कुशलता की कामना की। जिस भव्यता के साथ भारत के कोने-कोने में छठ मनाया गया, ठीक उसी भव्यता और उमंग के साथ सात समंदर दूर अमेरिका में भी महिलाओं ने छठ पूजा किया और भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर छठी मैया से आशीर्वाद मांगा।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, न्यूजर्सी के मोनरो स्थित थॉमसन पार्क में छठ पूजा मनाई गई। इस दौरान अमेरिका में बसे भारतीयों ने भगवान सूर्य अर्घ्य दिया। अमेरिकी शहर एडिसन में 19 नवंबर की सुबह उगते को अर्घ्य दिया गया। भारतीय मूल के लगभग 2000 लोग उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाट पहुंचे थे।
अमेरिका में यह संगठन कराते हैं छठ का आयोजन
अमेरिका के बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका और बिहार फाउंडेशन की यूएस टीम के तत्वाधान में अमेरिका में हर साल छठ का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा, अमेरिका के सबसे बड़े भारतीय संगठन द फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (एफआईए) की भी महापर्व के आयोजन में बड़ी भूमिका रहती है।
छठ पूजा का इतिहास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा की शुरुआत महाभारत काल से मानी जाती है। दौपदी और पांडवों ने छठ पूजा का व्रत रखा था। उन्होंने अपने राज्य को वापस पाने के लिए यह व्रत रखा था। जब पांडव सारा राजपाठ जुए में हार गए, तब द्रौपदी ने छठ व्रत रखा था। इस व्रत से उनकी मनोकामना पूरी हुई थी और पांडवों को सब कुछ वापस मिल गया, इसलिए छठ के मौके पर सूर्य की पूजा फलदायी माना जाता है। इसके अलावा यदि नि: संतान महिलाएं यह पूजा करती हैं, तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। इस बात बात का प्रमाण है कि छठ पूजा की शुरुआत बिहार के मुंगेर जिले से हुई थी।
परिवार और संतान की लंबी उम्र की कामना
इस दिन व्रत रखने वाले लोग अपने परिवार और बच्चों की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से छठी माता व्रत करने वाले लोगों के परिवार और संतान को लंबी आयु और सुख समृद्धि का वरदान देती हैं





