आज के प्रमुख इवेंट्स
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर जाएंगे।
- एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ये मुकाबला कोलंबो में होगा। भारत जीता तो फाइनल की राह आसान हो जाएगी। इसके बाद टीम इंडिया बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ एक मुकाबला जीतकर भी फाइनल में पहुंच सकती है।
रूस-यूक्रेन जंग के बाद G20 का पहला साझा घोषणा पत्र, अफ्रीकन यूनियन संगठन का सदस्य बना

G20 समिट में मौजूद डिप्लोमैट्स ने तालियों के साथ घोषणा पत्र पास होने का स्वागत किया।
दिल्ली में चल रही G20 समिट के पहले दिन ही साझा घोषणा पत्र पर सहमति बन गई। रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद ये पहली बार है, जब किसी डिक्लेरेशन पर सभी सदस्य देश सहमत हुए हैं। 37 पेज के घोषणा पत्र में यूक्रेन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल, वन फ्यूचर अलायंस और बायो फ्यूल अलायंस सहित कई अहम मुद्दों का जिक्र है। वहीं भारत की पहल पर अफ्रीकन यूनियन G20 मेंबर बना।
ये नवंबर 2022 में G20 की इंडोनेशिया समिट में जारी घोषणा पत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। अफ्रीकन यूनियन को मेंबरशिप मिलने से अफ्रीका के 55 देशों को फायदा होगा। इसके साथ ही 1997 में बना G20 अब G21 हो गया है। अफ्रीकन यूनियन को G20 मेंबरशिप दिलाने के बाद भारत ग्लोबल साउथ के नेता के तौर पर उभरा है।
भारत के साथ इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाएंगे यूरोप और मिडिल ईस्ट, ये चीन को सीधा जवाब
भारत, यूरोप और मिडिल ईस्ट(खाड़ी देश) के बीच इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू करने की ऐतिहासिक डील हुई है। डील में भारत, यूनाइटेड अरब ऑफ एमीरेट्स (UAE), सऊदी अरब, यूरोपीय यूनियन (EU), इटली, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका शामिल हैं। इसे चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का जवाब माना जा रहा है।
अब मिडिल ईस्ट के देश भारत और यूरोप के साथ न सिर्फ रेल बल्कि बंदरगाह के जरिए भी सीधे जुड़ेंगे। ये प्रोजेक्ट UAE, सऊदी अरब, जॉर्डन और इजराइल सहित पूरे मिडिल ईस्ट के रेल और शिपिंग फैसिलिटीज को कनेक्ट करेगा। इससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार में 40% तक का इजाफा होगा।
फिलहाल, 8 देश इस इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा हैं। इस डील के बेशुमार फायदे हैं और इसे 10 साल में कम्प्लीट करने का टारगेट है। इकोनॉमिक कॉरिडोर की अहमियत को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साफ किया। कहा- वन अर्थ, वन फ्यूचर और वन फैमिली का फॉर्मूला प्राइम मिनिस्टर मोदी ने दिया। उनका शुक्रिया।
फिलहाल, डील में ये देश शामिल
भारत, यूनाइटेड अरब ऑफ एमीरेट्स (UAE), सऊदी अरब, यूरोपीय यूनियन (EU), इटली, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने पिछले दिनों इस डील की तरफ इशारा करते हुए कहा था- हो सकता है, जल्द ही कुछ और देश एक खास इकोनॉमिक डील का हिस्सा बनें। इनमें से कुछ नाम आपको चौंका भी सकते हैं।

भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर की डील के ऐलान के बाद प्रेसिडेंट बाइडेन, सऊदी क्राउन प्रिंस और मोदी काफी देर तक बातचीत करते देखे गए।
किसने क्या कहा
- मोदी – भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर पर समझौता बेहद अहम है। भारत सरकार ने कनेक्टिविटी को सबसे ज्यादा अहमियत दी है। ग्लोबल साउथ में कनेक्टिविटी गैप है। हम पहले इसे कम करना चाहते हैं और धीरे-धीरे इसे खत्म करने की कोशिश करेंगे। इससे नेक्स्ट जेनरेशन को फायदा होगा।
- जो बाइडेन- प्रधानमंत्री मोदी को इस पहल के लिए धन्यवाद। भारत ने जबरदस्त काम किया है। वन अर्थ, वन फैमिली और वन फ्यूचर का सुझाव प्रधानमंत्री मोदी ने ही दिया था और यही इस G20 समिट का फोकस है। ये दुनिया को जोड़ने की शानदार पहल है और फ्यूचर में गेमचेंजर साबित होने वाला है। अमेरिका अपने साथियों की मदद से इस सपने को साकार करेगा। 10 साल में हम इसे हकीकत साबित कर देंगे।
- उर्सला वॉन डेर लिन (यूरोपीय यूनियन चीफ) – ये ऐतिहासिक है। इससे रेल नेटवर्क भी बनेगा जो 40% फास्ट होगा। मोदी का यह विजन शानदार है। यह फास्टर, क्लीनर और शॉर्टर है। पहली बार दो महाद्वीप जुड़ेंगे। छोटे से छोटे और गरीब देशों काे फायदा होगा।
- एमैनुएल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति) – इस बारे में सब कुछ कहा जा चुका है। मैं नई दिल्ली में वादा करता हूं कि फ्रांस इसमें इन्वेस्टमेंट भी करेगा और शानदार टेक्नोलॉजी भी देगा। इससे कई देशों में विकास होगा, क्योंकि नया इन्फ्रास्ट्रक्चर बनेगा।

भारत-यूरोप-मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर पर लंबे वक्त से बातचीत चल रही थी। माना जा रहा है कि शुक्रवार को मोदी और बाइडेन की बातचीत के बाद इस पर आखिरी मुहर लगी। एक अमेरिकी अफसर ने भी इस तरफ इशारा किया है।
इस डील की खास बातें
- सबसे ज्यादा फायदा तीनों रीजन में पड़ने वाले गरीब और मिडिल इनकम वाले देशों को होगा। अमेरिका के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जॉन फिनर ने मीडिया से कहा- इसके नतीजों के लिए 10 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बहुत जल्द आप बहुत बड़ी तब्दीलियां देखेंगे।
- USA टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक- प्रेसिडेंट बाइडेन के लिए यह समिट बहुत खास साबित हो रही है। वो चीन के मामले में नर्म माने जाते थे, लेकिन उन्होंने जबरदस्त जवाब दिया और दुनिया को BRI का विकल्प दे दिया। इसमें भारत समेत हर ताकतवर देश अमेरिका के साथ है।
- अब मिडिल ईस्ट रीजन भारत और यूरोप के साथ न सिर्फ रेल बल्कि पोर्ट के जरिए भी सीधे जुड़ेगा। इससे हर किसी को फायदा होगा। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ऑयल इकोनॉमी को बिजनेस बेस्ड बनाना चाहते हैं। उन्हें मालूम है कि यह उनके विजन 2030 को पूरा करेगा।
- अमेरिका के डिप्टी एनएसए फिनर ने खुद कहा- यह कितनी बड़ी कामयाबी है, इसका जल्द पता चलेगा। इस डील के बारे में लोग तब ज्यादा समझ पाएंगे, जब इसका काम शुरू होगा। इससे हर क्षेत्र में तनाव भी कम होगा।
- हालिया वक्त में चीन की कोशिश रही है कि वो UAE और सऊदी अरब में दबदबा बढ़ाकर अमेरिका और भारत को यहां कमजोर करे। अब सऊदी क्राउन प्रिंस ने एक बार फिर अमेरिका के पाले में जाने की तरफ इशारा कर दिया है। ये इसलिए भी अहम है, क्योंकि कोरोना के दौर के बाद चीन की इकोनॉमी दिन-ब-दिन कमजोर हो रही है। पिछली चार तिमाही में उसका ग्रोथ रेट हर बार कम रहा है।
- इकोनॉमी के लिहाज से देखें तो इस डील में शामिल हर देश तेजी से विकास कर रहा है। अब चूंकि यूरोपीय यूनियन भी इसका हिस्सा है तो आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि कम से कम 27 देश इस डील में सिर्फ इस यूनियन से होंगे।
G20 में देश के नाम की पट्टी पर BHARAT, पहली बार इंटरनेशनल इवेंट में INDIA नाम नहीं

पिछले साल नवंबर में इंडोनेशिया के बाली में हुई G20 समिट में देश का नाम इंडिया लिखा था। इस साल इस इवेंट में देश का नाम भारत लिखा गया है।
नई दिल्ली में G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो तस्वीर सामने आई उसने सबका ध्यान खींचा। PM मोदी के आगे देश का नाम India नहीं Bharat लिखा था। ये पहली बार है जब किसी इंटरनेशनल इवेंट में प्रधानमंत्री की सीट के सामने देश का नाम INDIA नहीं लिखा गया।
कुछ दिन पहले राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए डिनर इन्विटेशन पर भी प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा था, जिसके बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार देश का नाम बदलना चाहती है। हालांकि भारत के संविधान के आर्टिकल 1 (1) के मुताबिक, हमारे देश का नाम भारत और इंडिया दोनों है। इन दोनों नामों का इस्तेमाल संवैधानिक है।
- नई दिल्ली जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की घोषणा: ‘यूक्रेन में युद्ध के संबंध में बाली में हुई चर्चा को दोहराते हुए हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा(A/RES/ES-11/1 और A/RES/ES-11/6) प्रस्तावों पर अपने राष्ट्रीय रुख को दोहराया और इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप, सभी राज्यों को किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ क्षेत्रीय अधिग्रहण की धमकी या बल के उपयोग से बचना चाहिए। परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग की धमकी अस्वीकार्य है।’

. G20 डिनर में नहीं पहुंचे राजस्थान-छत्तीसगढ़ के CM, एयर रिस्ट्रिक्शन का हवाला दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के PM ऋषि सुनक समेत 300 मेहमान 9 सितंबर की शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित डिनर पार्टी में शामिल हुए। इसमें राजस्थान के CM अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल नहीं पहुंचे। गहलोत ने कहा- गृह मंत्रालय ने उनके हेलिकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी। वहीं, बघेल ने बताया कि G20 समिट को लेकर दिल्ली और आसपास हवाई यात्रा पर बंदिशों की वजह से वे नहीं जा सके।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने डिनर में न शामिल होने की वजह गृह मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलना बताया। लेकिन गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन दावों को खारिज कहते हुए कहा कि दोनों मुख्यमंत्रियों को अनुमति दी गई थी। डिनर के लिए विदेशी मेहमानों सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को न्योता दिया गया था।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया- राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उनके हेलिकॉप्टर की उड़ान को गृह मंत्रालय की अनुमति नहीं मिलने का दावा किया है। राजस्थान CM की तरफ से सीकर सहित चार उड़ान की अनुमति मांगी गई थी, जो गृह मंत्रालय ने दे दी थी।
राजस्थान CM की फ्लाइट की किसी रिक्वेस्ट को नामंजूर नहीं किया गया। कमर्शियल एयरक्राफ्ट की सभी शेड्यूल फ्लाइट्स के अलावा राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के स्टेट प्लेन को अनुमति है। प्राइवेट चार्टर्ड को गृह मंत्रालय से विशेष मंजूरी की जरूरत होती है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से शनिवार को किया गया ट्वीट।
सीएम ने लिखा- गृह मंत्रालय ने जनता में भ्रम फैलाया
केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट पर गहलोत ने भी पलटवार किया। CM ने ट्वीट किया- कल मेरा उदयपुर से जयपुर प्लेन, जयपुर से सीकर और सीकर से निवाई हेलिकॉप्टर से जाने का कार्यक्रम था। इसके लिए हेलिकॉप्टर को एडवांस में उदयपुर से जयपुर पहुंचना था, लेकिन ऐसा बताया कि जी-20 के प्रोटोकॉल के कारण हेलिकॉप्टर या प्लेन तभी यात्रा कर सकते हैं, जब CM उसमें सवार हों।
सुबह अनुमति मांगी, शाम को मिली
गहलोत ने आगे लिखा- हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति सुबह 10.48 बजे ई-मेल कर मांगी गई। दोपहर 2.50 बजे तक अनुमति नहीं मिली। वहां इंतजार कर रही जनता को जानकारी देने के लिए दोपहर 2.52 बजे पर ट्वीट कर न आ पाने का कारण बताया। सांगलिया पीठ में ओम दास महाराज को भी कॉल कर जानकारी दी। इसके बाद दोपहर 3.58 बजे अनुमति आई। तब तक मैं उदयपुर से जयपुर के लिए प्लेन से निकल चुका था। जयपुर पहुंचकर सड़क मार्ग से निवाई गया।
गहलोत ने लिखा- जी-20 के नाम पर मुझे कोई विवाद पैदा नहीं करना था, इसलिए इसकी कोई निंदा नहीं की। केवल जनता को तथ्यों की जानकारी दी थी। मुझे अब दुख है कि गृह मंत्रालय ने गलत तथ्यों की जानकारी देकर जनता में भ्रम फैलाने का असफल प्रयास किया है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के ट्वीट पर सीएम अशोक गहलोत का पलटवार।
गहलोत ने कल कहा था- उदयपुर से सीकर हेलिकॉप्टर से जाने की अनुमति नहीं दी
CM ने 8 सितंबर को हेलिकॉप्टर को उदयपुर से उड़ने की अनुमति नहीं मिलने का हवाला देकर सीकर के सांगलिया का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। गहलोत ने शुक्रवार दोपहर बाद ट्वीट किया था- आज बाबा खींवादास महाराज की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में सांगलिया पीठ, सीकर जाने का कार्यक्रम था।
जी-20 की बैठक के कारण गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने एयर स्पेस में उदयपुर से सीकर हेलिकॉप्टर से जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण सांगलिया पीठ नहीं पहुंच पा रहा हूं। मैं जल्दी ही सांगलिया पीठ आशीर्वाद लेने आऊंगा।

सीएम गहलोत ने शुक्रवार को ट्वीट कर अनुमति नहीं मिलने की जानकारी दी थी।
नेता प्रतिपक्ष राठौड़ का पलटवार, कहा- मुख्यमंत्रीजी कब तक जनता को गुमराह करेंगे
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम अशोक गहलोत के दावे पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया है। राठौड़ ने ट्वीट किया- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह बयान देना कि गृह मंत्रालय ने जी-20 की बैठक के कारण से एयरस्पेस में उदयपुर से सीकर हेलिकॉप्टर से जाने की अनुमति नहीं दी गई है। उनका यह बयान तथ्यों से परे है। गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री जी के किसी भी अनुरोध को अस्वीकार नहीं किया है। गृह मंत्रालय को मुख्यमंत्रीजी के सीकर सहित सभी उड़ान अनुमति के लिए चार अनुरोध प्राप्त हुए और सभी को एमएचए द्वारा अनुमोदित किया गया था।

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम अशोक गहलोत के दावे पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया है।
मुख्यमंत्रीजी का यह बयान भी वैसा ही है जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीकर में आयोजित हुए कार्यक्रम से अपने भाषण को हटाए जाने को लेकर दिया था, जिसकी हकीकत सभी को पता है। मुख्यमंत्रीजी आप कब तक इस तरह की बयानबाजी के जरिए संघीय ढांचे का अपमान कर जनता को गुमराह करने की कोशिश करेंगे।
राम मंदिर में 22 जनवरी को विराजेंगे रामलला, दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश

इस समय राम मंदिर के ग्राउंड फ्लोर का फर्श बनाने का काम चल रहा है। यहां खंभों पर देव प्रतिमाओं को उकेरा जा रहा है।
अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला विराजेंगे। PM मोदी की मौजूदगी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मंदिर की दीवारों पर डिजाइन बनाने का काम अंतिम चरण में है। खंभों पर नक्काशी को फाइनल टच दिया जा रहा है। कारीगरों को दिसंबर तक मंदिर का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद रामनगरी में पर्यटक और श्रद्धालुओं की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। राम मंदिर के अलावा अयोध्या में 32 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चालू है। इनमें एयरपोर्ट, बस स्टेशन और अयोध्या जंक्शन का बजट शामिल है। अफसरों का मानना है कि मंदिर बनने के बाद यहां हर महीने 1 करोड़ श्रद्धालु आएंगे।
- कलबुर्गी, कर्नाटक: आज दिल्ली में जी20 डिनर में शामिल होने के लिए ना बुलाए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘इस पर पहले ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। हमारी पार्टी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। यह अच्छी राजनीति नहीं है।’

स्किल डेवलपमेंट स्कैम में आंध्र प्रदेश के पूर्व CM अरेस्ट, बेटे को CID ने हिरासत में लिया
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को स्किल डेवलपमेंट स्कैम में गिरफ्तार किया गया है। मामला करीब 550 करोड़ रुपए घोटाले से जुड़ा हुआ है। CID ने नायडू के बेटे नारा लोकेश को भी हिरासत में लिया है। साल 2016 में तत्कालीन CM नायडू ने बेरोजगार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के तहत आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) की स्थापना की थी।
CBI ने 9 दिसंबर, 2021 को इस मामले में FIR दर्ज की थी। जिसमें 25 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, इस FIR में नायडू का नाम नहीं था। इस साल मार्च में CID ने स्किल डेवलपमेंट घोटाले की जांच शुरू की थी। CID का दावा है कि जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके आधार पर चंद्रबाबू को गिरफ्तार किया गया है।
चंद्रबाबू को तब गिरफ्तार किया जब वे नंदयाल शहर में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद एक बस में आराम कर रहे थे। CID अधिकारी और नंदयाल जिला पुलिस, कुर्नूल रेंज DIG रघुरामी रेड्डी की अगुआई में तड़के 3 बजे उस कैंप साइट पर पहुंचे जहां नायडू ठहरे हुए थे।
वहां पहुंचकर उन्होंने नायडू को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन पार्टी समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। जब कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने कुछ को हिरासत में ले लिया।
वहीं चंद्रबाबू नायडू की रिहाई के लिए प्रार्थना करने उनकी पत्नी नारा भुवनेश्वरी मंदिर पहुंची। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू अपने परिवार के लिए नहीं, राज्य की जनता की आजादी के लिए लड़ रहे हैं। मैं चाहती हूं कि वह इस लड़ाई में जीतें।

चंद्रबाबू नायडू के मेडिकल चेकअप की तस्वीर। उन्हें अब कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विजयवाड़ा के कोर्ट में नायडू की पेशी होगी
गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए नंदयाल अस्पताल ले जाया जाना था, लेकिन उनके मना करने के बाद कैंप साइट पर ही उनका मेडिकल चेकअप किया गया। यहां से उन्हें विजयवाड़ा ले जाया गया है। जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
चंद्रबाबू के बेटे पारा लोकेश को पुलिस ने हिरासत में लिया
वहीं, आंध्र प्रदेश पुलिस ने चंद्रबाबू के बेटे पारा लोकेश को ईस्ट गोदावरी जिले से हिरासत में लिया है। लोकेश यहां पदयात्रा कर रहे थे। उन्हें विजयवाड़ा नहीं जाने दिया गया।

चंद्रबाबू के वकीलों ने कहा कि FIR में चंद्रबाबू का नाम नहीं है, ऐसे में ये गिरफ्तारी गैर-कानूनी है। उन्होंने पुलिस से आरोपों को लेकर सबूत मांगे।
CBI ने 2021 में FIR दर्ज की थी
CBI ने 9 दिसंबर, 2021 को स्किल डेवलपमेंट घोटाले मामले में FIR दर्ज की थी। इसमें 25 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, इस FIR में नायडू का नाम नहीं था। इस साल मार्च में CID ने स्किल डेवलपमेंट घोटाले की जांच शुरू की थी। CID का दावा है कि जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके आधार पर चंद्रबाबू को गिरफ्तार किया गया है।

आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदवरी जिले में नारा लोकेश को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस को TDP समर्थकों ने घेर लिया।
क्या है स्किल डेवलपमेंट घोटाला
- साल 2016 में तत्कालीन सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बेरोजगार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के तहत आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) की स्थापना की थी।
- APSSDC की 3,300 करोड़ की प्रोजेक्ट के लिए TDP सरकार ने सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया लिमिटेड और डिजाइन टेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की ग्रुप कंपनियों के साथ एक MoU साइन किया।
- इस करार के तहत सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया को स्किल डेवलपमेंट के लिए 3300 करोड़ की लागत से छह एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करना था।
- राज्य सरकार को प्रोजेक्ट के कुल लागत का 10 फीसदी भुगतान करना था, जबकि मदद के रूप में बाकी राशि सीमेंस और डिजाइन टेक को देना था।

ईस्ट गोदावरी में नारा लोकेश ने TDP कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर धरना प्रदर्शन किया।
CID ने जांच में कई खुलासे किए
CID ने अपनी जांच में पाया कि राज्य कैबिनेट से इस परियोजना को मंजूरी नहीं थी। इसके बावजूद बिना टेंडर के प्रोजेक्ट शुरू की गई। MOU के तहत सीमेंस कंपनी को अपनी तरफ से प्रोजक्ट में इन्वेस्ट करना था। हालांकि, कंपनी ने अपनी तरफ से कुछ भी निवेश नहीं किया।
इसे उलट राज्य सरकार की तरफ से आवंटित 371 करोड़ रुपये विभिन्न शेल कंपनियां- एलाइड कंप्यूटर्स, स्किलर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नॉलेज पोडियम, कैडेंस पार्टनर्स और ईटीए ग्रीन्स में बांट दीं। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
CID ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि साल 2018 में एंटी करप्शन ब्यूरो को इस घोटाले की शिकायत मिली थी। हालांकि, तब सत्ता में बैठे लोगों ने जांच रोकने की कोशिश की और राज्य सचिवालय से जरूरी डॉक्यूमेंट्स हटा दिए। वर्तमान सरकार की जांच से पहले जीएसटी इंटेलिजेंस विंग और आईटी डिपार्टमेंट भी घोटाले की जांच कर रहे थे।
इस साल CID ने सरकारी गवाह बने एक आरोपी और तीन आईएएस अधिकारी के बयान के आधार पर APSSDC के पूर्व CEO अर्जा श्रीकांत को नोटिस भी जारी किया था। चंद्रबाबू की सरकार में पूर्व इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTC) अधिकारी अर्जी श्रीकांत APSSDC के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO थे।

CID ने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
आंतरिक जांच के बाद कंपनी ने प्रोजक्ट मैनेजर को निकाला
सीमेंस ग्लोबल कॉरपोरेट ऑफिस ने आंतरिक जांच बैठाई, जिसमें पाया कि प्रोजक्ट मैनेजर ने हवाला लेनदेन के रूप में प्रोजेक्ट का पैसा शेल कंपनियों को ट्रांसफर किया था। सीमेंस ग्लोबल ने आरोपी मैनेजर को नौकरी से निकाल दिया था।

चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में TDP कार्यकर्ताओं ने तिरुपति में विरोध प्रदर्शन किया।
जन सेना अध्यक्ष पवन कल्याण बोले- उनकी गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण
चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद जन सेना पार्टी प्रेसिडेंट पवन कल्याण ने कहा कि, हम उनकी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हैं। लोकतंत्र में ऐसी चीजें होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस तरीके से एक पूर्व मुख्यमंत्री को आज गिरफ्तार किया गया वह दुखद है। जिस तरीके से सरकार के नेताओं के आदेश पर संस्थाएं और राजनीतिक दल गिरफ्तारियां कर रहे हैं, हम उसका विरोध करते हैं।
चंद्रबाबू ने जताई थी गिरफ्तारी की आशंका
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू ने 6 सितंबर को अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। अनंतपुर जिले के रायदुर्गम में लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था- वो मुझे आज या कल अरेस्ट कर सकते हैं। मुझ पर हमला भी हो सकता है। वो मुझ पर एक नहीं, कई ज़ुल्म करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। 45 साल के करियर में उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ। पूर्व CM वाई एस राजशेखर रेड्डी ने उनके खिलाफ कई मामले दर्ज कराए, लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
मोरक्को 7.2 तीव्रता का भूकंप; 2,012 लोगों की मौत, ये 120 साल का सबसे ताकतवर भूकंप

भूकंप से इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। मलबे में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने का काम अभी भी जारी है।
अफ्रीकी देश मोरक्को में शुक्रवार देर रात 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। जिसमें शनिवार देर रात तक 2,012 लोगों की मौत और 2,059 से ज्यादा लोगों की घायल होने की खबर है। ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है। ये मोरक्को में आया 120 साल का सबसे ताकतवर भूकंप है।
भूकंप के झटके पुर्तगाल और अल्जीरिया तक महसूस किए गए। UNESCO की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेश में पर्यटकों का ध्यान खींचने वाली लाल दीवारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन ने हर संभव मदद देने की बात कही है।
मोरक्को के स्टेट टेलीविजन ने बताया कि भूकंप की वजह से कई इमारतें ढह गईं हैं। सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग भागते हुए नजर आ रहे हैं।
भूकंप का एपिसेंटर एटलस पर्वत के पास इघिल नाम का गांव बताया जा रहा है, जो माराकेश शहर से 70 किलोमीटर की दूरी पर है। भूकंप की गहराई जमीन से 18.5 किलोमीटर नीचे थी। पुर्तगाल और अल्जीरिया तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।

तस्वीर माराकेश शहर की है। इसमें इमारत गिरते देखी जा सकती है।
भूकंप से इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। UNESCO की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेश में पर्यटकों का ध्यान खींचने वाली लाल दीवारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक उत्तरी अफ्रीका में भूकंप काफी दुर्लभ है। इससे पहले 1960 में अगादिर के पास 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था। तब हजारों लोगों की मौत हो गई थी।
फोटोज में देखिए तबाही….

यह माराकेश शहर की मस्जिद है। भूकंप के झटके से तबाह हो गई।

माराकेश शहर में भूकंप के कारण गिरे एक मकान के मलबे में दबी कार।

तस्वीर कासाब्लांका शहर की है। भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए।

कासाब्लांका शहर में कई लोग पूरी रात सड़क पर बैठे रहे। कइयों के घर तबाह हो गए।

यह तस्वीर राजधानी रबात की है। यहां भी लोगों ने पूरी रात सड़क पर गुजारी।

माराकेश में एक बिल्डिंग को नुकसान हुआ।
भारत, ब्रिटेन, अमेरिका मदद करेंगे
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में आए भूकंप पर दुख जताया है। उन्होंने कहा- हम इस दुख की घड़ी में मोरक्को के साथ हैं। हम हर संभव मदद देने को तैयार हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी मोरक्को को हर संभव मदद देने की बात कही है।
जाने भूकंप कैसे आता है?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। इससे जमीन में फॉल्ट लाइन्स बनती हैं।
अब तीन तरह की फॉल्ट लाइन्स के बारे में जानें…
1. रिवर्स फॉल्ट- भूकंप के दौरान जमीन का एक हिस्सा ऊपर की तरफ उठता है।
2. नॉर्मल फॉल्ट- इस फॉल्ट में जमीन का एक हिस्सा नीचे की तरफ जाता है।
3. स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट- टेक्टोनिक प्लेट्स में घर्षण होने की वजह से जमीन का एक हिस्सा आगे या पीछे की तरफ खिसकता है।
MP के CM शिवराज का ऐलान- गरीब बहनों को हमेशा 450 रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर
मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान ने खरगोन की एक जनसभा में कहा है कि वे गरीब बहनों को हमेशा 450 रुपए में गैस सिलेंडर देंगे। उन्होंने 12वीं में 60% मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट्स को अगले साल से लैपटॉप देने का भी वादा किया। शिवराज कैबिनेट की बैठक में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना’ को भी मंजूरी दी गई है।
मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर इस साल चुनाव है। वहीं ‘लाड़ली बहना आवास योजना’ के तहत उन बहनों को मकान दिए जाएंगे। जिन्हें PM आवास योजना में मकान नहीं मिल पाए थे।





