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वर्त्तमान फासीवादी खतरों से मुकाबला करने के लिए सभी साथ आयें : कुमार प्रशांत

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उदयपुर , वर्त्तमान फासीवादी सरकार की नीतियों से उत्पन्न खतरों का सामना करने के लिए लोकतंत्र
और संविधान में विश्वास करने वाली सभी शक्तियों को एक साथ आना होगा | ऐसे कठिन समय में
बोलना बेहद ज़रूरी है | जो जहाँ है वह वहीँ बोले , जो लिख सकते हैं वे लिखें | यह हमारे लिए परीक्षा
की घडी है | यदि आज नहीं बोले तो संभवतया फिर बोलने का अवसर ही न मिले | आज की सत्ता को
सबसे ज्यादा डर बोलने और लिखने वालों से ही लगता है | नागरिक शक्ति के संयोजन से ही इस
तानाशाही का मुकाबला किया जा सकता है | ये विचार जाने –मने गाँधीवादी चिन्तक और गाँधी शांति
प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने समता संवाद में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये |

उन्होंने कहा
कि देश के लिए अगले दो वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं | इस समय में यदि फासीवाद विरोधी शक्तियों की
एकजुट ताकत से दक्षिण पंथी सांप्रदायिक ताकतों को नहीं हराया गया तो बहुत कठिन परिस्थितियाँ पैदा
हो जाएगी | भाकपा माले राज्य समिति के सदस्य शंकर लाल चौधरी ने कहा कि हिंदुत्व और कार्पोरेट
ताकतों से मिल कर जो कोकटेल बना है वह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है | उन्होंने कहा कि हम
निराश नहीं हैं किन्तु निराशा हमें उस पार्टी के उदासीन रवैये से होती है जो सत्ता की दावेदारी तो करती
है पर जो सड़क पर फासीवादी सांप्रदायिक तत्वों का मुकाबला करने नहीं उतरती | शिक्षाविद प्रो संजय
लोढा ने कहा कि सांप्रदायिक फासीवाद के उभार में आपातकाल के बाद की राजनैतिक परिस्थितियों को
भी ज़िम्मेदार माना जा सकता है | उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौती का मुकाबला करने के लिए गाँधी के
मार्ग को एक साझा हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है |

डॉ. फरहत बनो ने कहा कि हमारा
माज पीछे जा रहा है | वैज्ञानिक चेतना का विघटन हो रहा है और जिस तरह से धर्म का इस्तेमाल हो
रहा है वह बहुत खतरनाक है | जनतान्त्रिक विचार मंच के प्रो हेमेन्द्र चंडालिया ने कहा कि वैकल्पिक
राजनैतिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है कि आर्थिक उदारवाद , मजदूरों से सम्बंधित कानून, बैंकों और
शिक्षा के निजीकरण , किसानो से सम्बंधित कानून आदि मूलभूत सवालों पर वैचारिक स्पष्टता स्थापित
की जाये | विमर्श में प्रसिद्द शायर आबिद अदीब , वरिष्ठ गीतकार किशन दाधीच , युगधारा के अध्यक्ष
अशोक जैन मंथन, भाकपा के महेश शर्मा आदि ने भाग लिया . कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो अरुण चतुर्वेदी
ने की तथा सञ्चालन वरिष्ठ पत्रकार हिम्मत सेठ ने किया | आभार समता संवाद की अध्यक्ष दत सर्वात
खान ने व्यक्त किया | कार्यक्रम में प्रो सुधा चौधरी , पियूष जोशी , सौरभ नरुका , ललित जैन , सुधीर
जोशी डॉ तराना परवीन अदि ने भी शिरकत की |
हेमेन्द्र चण्डालिया

Ramswaroop Mantri

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