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गया में जदयू नेता की हत्या के मामले में राजद की पूर्व विधायक कुंती देवी को उम्रकैद

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bihar  patna high court takes cognizance in case of burning minor girl alive after rape and sought r

बिहार के गया जिले में अतरी जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुमिरक यादव की हत्या के मामले में अतरी की पूर्व राजद विधायक कुंती देवी को गया के व्यवहार न्यायालय ने उमक्रैद की सजा सुनाई है। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- 3 संगम सिंह ने सजा की बिन्दु पर सुनवाई करते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर  एक साल अधिक सजा काटनी होगी।

अपर लोक अभियोजक मसूद मंजर ने कहा कि हत्या के मामले में कुंती देवी को सजा होना न्याय की जीत है। इससे लोगों का कोर्ट के प्रति सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी 2013 को अतरी के जदयू  प्रखंड अध्यक्ष सुमरिक यादव की नीमचक बथानी बाजार में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें कुंती देवी व उनके पुत्र रंजीत यादव (वर्तमान में अतरी विधायक) समेत अन्य नामजद किए  गए थे। वे अकेले ट्रायल फेस कर रही थीं। 

राजनीतिक रंजिश में की गई थी हत्या
जदयू के मंडल अध्यक्ष सुमिरक यादव हत्याकांड में सोमवार को सजा सुनाये जाने के बाद उनके बड़े बेटे संजय यादव ने एक बार फिर हत्या के कारणों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में कुंती देवी विधानसभा चुनाव हार गई थी। विधायक के परिजनों का लगा कि सुमिरक यादव के कारण ही वह चुनाव हार गई। बथानी बाजार में जदयू कार्यालय खोलकर सुमरिक संगठन को मजबूत करने में जुटे थे। यह सब देख विधायक के परिजनों को खटकता था। सुमिरक यादव रोज की भांति 26 फ़रवरी वर्ष 2013  को जदयू कार्यालय बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान विधायक कुंती देवी व उसके पुत्र ने गाली गलौज करते हुए लाठी डंडे से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। वे लोग तब तक इन्हें मारते रहे, जब तक इनकी मौत न हो गई। वे इन्हें मरा समझकर भाग गए।

विजय यादव ने भाग कर अपनी जान बचाई 
सुमिरक यादव बथानी प्रखंड के बथानी बिगहा दक्षिण अर्थात धर्म बिगहा गांव के रहने वाले थे। घटना के दिन वे वे अपने भाई विजय यादव के साथ घर लौट रहे थे। बथानी बाजार में ही विधायक कुंती देवी व उसके पुत्र ने जब इन्हें लाठी-डंडे से पिटना शुरू किया तब विजय यादव ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। सुमरिक के पुत्र बताते हैं कि विधायक के पुत्र व अन्य परिजन सुमिरक यादव को जब मरा समझकर भाग गए। इसके बाद मेरे परिजन बाथनी बाजार पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल मे भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने मगध मेडिकल रेफर कर दिया, जहां उनकी मौत हो गई। उस समय संजय 28 वर्ष के थे और बाहर में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। सुमिरक यादव हत्या मामले में उसके छोटे भाई विजय यादव के बयान पर नीमचक बथानी थाना में विधायक कुंती देवी व उनके पुत्र रंजीत यादव, विवेक यादव और रंजीत यादव के साला पंकज यादव सहित सात अन्य लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।

राजनीति के तहत फंसाया गया: कुंती देवी
गया। पूर्व विधायक कुंती देवी ने कहा कि मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मुझे राजनीति के तहत फंसाया गया है। सुरेन्द्र यादव ने एफआइआर की कॉपी फाड़ कर मुझे फंसाया है। मुझे न्यायालय पर भरोसा है। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। दुख इस बात का है कि मैं हमेशा बीमार रहती हूं। मेरी किडनी खराब हो गयी है। मेरे परिवार को बर्बाद करने के लिए राजनीति की गयी।

Ramswaroop Mantri

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