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अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार को उम्रकैद,फ्रांस पहुंचे पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ बाजवा को गालियां

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 जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को अवधेश राय हत्याकांड में दोषी करार दिया गया। वाराणसी की MP MLA कोर्ट ने अंसारी को उम्रकैद की सजा सुनाई। 3 अगस्त 1991 को कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की वाराणसी में अजय राय के घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्‍ली में अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात की। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच एमक्यू-9बी आर्म्ड ड्रोन के सौदे पर बात हुई। भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक आज से शुरू हुई। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय MPC की बैठक छह से आठ जून तक होनी है। निर्णयों की घोषणा आठ जून यानी गुरुवार को होगी।

कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ धरना देने वाले पहलवानों की रही। इनका कहना है कि अगर नौकरी इंसाफ की राह में रोड़ा बनी, तो इसे छोड़ने में 10 सेकेंड भी नहीं लगाएंगे। वहीं वाराणसी कोर्ट ने कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में 32 साल बाद फैसला सुनाया, परिवार का कहना है- इंसाफ की जीत हुई है।

आज का प्रमुख इवेंट

  1. जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम, सबमरीन और ड्रोन्स टेक्नोलॉजी में सहयोग पर बात होगी। पिस्टोरियस रक्षा मंत्री बनने के बाद एशिया के पहले दौरे पर हैं। दौरे से ठीक पहले उन्होंने कहा कि रूसी हथियारों पर भारत की निर्भरता जर्मनी के हित में नहीं है।

 रेसलर्स बोले- हमारे लिए नौकरी छोटी चीज, डर मत दिखाइए, 10 सेकेंड में छोड़ देंगे

तस्वीर तब की है, जब पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। 23 अप्रैल को शुरू हुआ धरना पुलिस ने 28 मई को खत्म करा दिया था।

तस्वीर तब की है, जब पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। 23 अप्रैल को शुरू हुआ धरना पुलिस ने 28 मई को खत्म करा दिया था।

कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल रेसलर्स बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने रेलवे की नौकरी छोड़ने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर नौकरी इंसाफ के रास्ते में रूकावट बनी तो इसे छोड़ने में 10 सेकेंड भी नहीं लगाएंगे, नौकरी का डर मत दिखाइए।

पहलवानो ने कहा, ‘हमारी जिंदगी दांव पर लगी हुई है, उसके आगे नौकरी तो बहुत छोटी चीज है।’ दरअसल, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सोमवार को रेलवे की नौकरी पर लौटे थे। जिसके बाद अफवाह उड़ी कि उन्होंने बृजभूषण के खिलाफ आंदोलन वापस ले लिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट में सिसोदिया की जमानत दूसरी बार खारिज; पत्नी से मिलने की इजाजत मिली
दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब नीति केस के आरोपी मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज कर दी है। उन्होंने पत्नी की खराब सेहत का हवाला देते हुए 6 हफ्ते की जमानत मांगी थी। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि वे किसी एक दिन घर या अस्पताल जाकर पत्नी से मिल सकते हैं।

जस्टिस दिनेश शर्मा ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए उन्हें 6 हफ्ते के लिए रिहा करना मुश्किल है। कोर्ट ने सिसोदिया की अर्जी पर शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था। वे शराब नीति केस में 6 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं।
अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार को उम्रकैद; 61 क्रिमिनल केस, 9 महीने में 5वीं सजा मिली

तस्वीर अवधेश राय के छोटे भाई अजय राय (नीले कुर्ते में) की है। वे हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा- 32 साल के इंतजार और इंसाफ की जीत हुई है।

तस्वीर अवधेश राय के छोटे भाई अजय राय (नीले कुर्ते में) की है। वे हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा- 32 साल के इंतजार और इंसाफ की जीत हुई है।

वाराणसी कोर्ट ने 32 साल पुराने अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अंसारी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 61 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। उसे 9 महीने में 5 मामलों में सजा हो चुकी है। लेकिन ये अब तक की सबसे बड़ी सजा है।

3 अगस्त 1991 को कांग्रेस नेता अवधेश की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या की गई थी। अवधेश के भाई और कांग्रेस पूर्व MLA ने मुख्तार सहित 4 और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। मऊ दंगे के बाद मुख्तार ने 25 अक्टूबर, 2005 को गाजीपुर कोर्ट में सरेंडर किया था। तब से वह जेल में है।

MP/MLA कोर्ट के फैसले के बाद मुख्तार के वकील अखिलेश उपाध्याय ने कहा, “इस फैसले में कई कमियां हैं। इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।” वहीं, अभियोजन के वकील अनुज यादव ने कहा, “फांसी की सजा की उम्मीद थी, लेकिन हम फैसले से संतुष्ट हैं। अगर मुख्तार पक्ष हाईकोर्ट जाएगा तो हम वहां भी इसी दम-खम के साथ केस लड़ेंगे।”

  • अब पढ़िए 3 अगस्त, 1991 को उस दोपहर का घटनाक्रम, जब अवधेश राय की हत्या हुई थी

ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग, वैन छोड़कर भाग गए थे हमलावर
वाराणसी के लहुराबीर इलाके में अवधेश राय का घर था। 3 अगस्त, 1991 को दोपहर 1 बजे अवधेश अपने भाई अजय राय के साथ घर के बाहर खड़े थे। उसी वक्त अचानक मारुति वैन से 5 हमलावर पहुंचे। उन्होंने ऑटोमैटिक वेपंस से अवधेश राय पर फायरिंग की। वारदात के बाद अजय राय ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, तो वे अपनी वैन छोड़कर मौके से भाग गए। खून से लथपथ भाई को अजय राय, उसी वैन से नजदीकी कबीर चौरा अस्पताल ले गए, जिस वैन से हमलावर आए थे। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि अवधेश राय को 4 गोली लगी थी। इस हत्याकांड की वजह वर्चस्व की जंग बताई गई थी। दरअसल, वाराणसी में उस वक्त बृजेश सिंह और मुख्तार अंसारी में अदावत चलती थी। अवधेश राय का परिवार बृजेश सिंह का करीबी था। इसी के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। अजय राय ने इस मामले में चेतगंज थाने में मुख्तार को मुख्य हमलावर बताते हुए भीम सिंह, कमलेश सिंह, राकेश के साथ पूर्व MLA अब्दुल कलाम के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।

वहीं, फैसले के बाद अजय राय ने कहा, मेरे विधायक होने से काफी मजबूती मिली। मैं इतने बड़े माफिया के खिलाफ 32 साल से डटा रहा। मुख्तार को चुनौती देना ही मेरे राजनीतिक जीवन का मकसद था।”

यह फोटो अवधेश राय के छोटे भाई अजय राय की है। हत्याकांड के वे चश्मदीद गवाह थे। कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा- 32 साल के इंतजार और इंसाफ की जीत हुई है।

यह फोटो अवधेश राय के छोटे भाई अजय राय की है। हत्याकांड के वे चश्मदीद गवाह थे। कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा- 32 साल के इंतजार और इंसाफ की जीत हुई है।

अवधेश राय हत्याकांड के दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
मुख्तार इस समय बांदा जेल में बंद है। जबकि दूसरे आरोपी भीम सिंह को गैंगस्टर के एक मामले में 10 साल की सजा हुई है। वह गाजीपुर जेल में बंद है। दो अन्य आरोपी कमलेश सिंह और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम की मौत हो चुकी है। पांचवें आरोपी राकेश ने इस मामले में अपनी फाइल मुख्तार से अलग करवा ली थी। उसका केस प्रयागराज सेशन कोर्ट में चल रहा है।

मुख्तार ने जब वारदात को अंजाम दिया था, उस दौरान वह विधायक नहीं था। जब केस में फैसला आया, तब भी वह विधायक नहीं है। लगभग 9 महीनों में मुख्तार को 5 मामलों में सजा हो चुकी है। मऊ में दंगे के बाद मुख्तार ने 25 अक्टूबर, 2005 को गाजीपुर कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद से यानी करीब 18 साल से वह जेल में बंद है

कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व विधायक अजय राय के घर में अवधेश राय को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के लोग पहुंचे।

कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व विधायक अजय राय के घर में अवधेश राय को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के लोग पहुंचे।

फैसले से पहले मुख्तार ने जताया था हमले का डर
अवधेश राय हत्याकांड का फैसला आने से पहले मुख्तार ने खुद पर हमले की आशंका व्यक्त की थी। मुख्तार के वकील ने 29 अप्रैल को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें आशंका व्यक्त की थी कि मुख्तार पर जेल में हमला हो सकता है। कई लोग इसकी कोशिश में लगे हैं। वकील के मुताबिक, मुख्तार ने उनको बताया था कि जेल में उनकी बैरक में कुछ अनजान लोगों ने घुसने की कोशिश की थी।

इस केस की डायरी हो गई थी गायब
अवधेश राय हत्याकांड केस की सुनवाई के दौरान मूल केस डायरी गायब हो गई थी। इस साल जून में इसका पता तब चला जब चेतगंज थाना प्रभारी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में फोटो स्टेट केस डायरी दाखिल की थी। कोर्ट में फोटो स्टेट दाखिल करने पर मुख्तार के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने आपत्ति जताई थी। जबकि अभियोजन ने फोटो स्टेट के आधार पर सुनवाई की मांग की थी। अभियोजन द्वारा तर्क दिया कि मूल केस डायरी गायब कराने में मुख्तार ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया है।

दरअसल, इस केस की सुनवाई वाराणसी के एडीजे कोर्ट में ही चल रही थी, लेकिन 2007 में सुनवाई के दौरान अदालत के बाहर बम ब्लास्ट हो गया था। इसे लेकर आरोपी राकेश सुरक्षा को खतरा बताते हुए हाईकोर्ट चला गया था। बाद में प्रयागराज में एमपी/एमएलए कोर्ट का गठन हुआ तो मुख्तार के विधायक बन जाने के चलते प्रयागराज में सुनवाई हुई। हालांकि बाद में जब वाराणसी में एमपी/एमएलए कोर्ट बनी, तो सिर्फ मुख्तार के खिलाफ सुनवाई वाराणसी में शिफ्ट कर दी गई थी।

यह फोटो पूर्व विधायक अजय राय के घर का है। यहीं पर 32 साल पहले वारदात हुई थी। घटना के वक्त अजय राय 22 साल के थे। बाद में 1996 में अजय राय पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज करके विधायक बने। वह 5 बार विधायक रहे हैं।

यह फोटो पूर्व विधायक अजय राय के घर का है। यहीं पर 32 साल पहले वारदात हुई थी। घटना के वक्त अजय राय 22 साल के थे। बाद में 1996 में अजय राय पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज करके विधायक बने। वह 5 बार विधायक रहे हैं।

9 महीने में मुख्तार को 5वीं सजा, उम्रकैद पहली बार
लगभग 9 महीनों में मुख्तार को 5 बार सजा सुनाई जा चुकी है। 22 सितंबर, 2022 को मुख्तार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 7 साल और अगले ही दिन गैंगस्टर मामले में 5 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद, 15 दिसंबर 2022 को मुख्तार को एडिशनल एसपी पर हमले समेत कुल 5 मामलों में 10 साल की सजा सुनाई गई थी।

इसके बाद, गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने 29 अप्रैल, 2023 को मुख्तार को दो गैंगस्टर केस में सजा सुनाई। पहला केस 1996 में दर्ज हुआ था। इसमें मुख्तार और उसके सह आरोपी भीम सिंह को 10-10 साल की सजा सुनाई थी। वहीं, गैंगस्टर का दूसरा केस 2007 का था। इसमें मुख्तार को 10 साल और उसके भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई थी। सोमवार को मुख्तार को 5वीं बार सजा सुनाई गई है।


मणिपुर में फिर हिंसा; ​​​​​100 घरों में लगाई आग, कांग्रेस विधायक का घर भी फूंका
मणिपुर के काकचिंग जिले में उपद्रवियों ने कांग्रेस विधायक के आवास समेत 100 घरों में आग लगा दी। विधायक और उनका परिवार बाल-बाल बच गया। आग लगने के बाद लोगों को घरों से रेस्क्यू किया गया। उन्हें रिलीफ कैंप में पहुंचाया गया है।

उधर, वेस्ट इंफाल जिले में दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हो गई। राज्य में 3 मई को शुरू हुई हिंसा में अब तक 101 लोग मारे जा चुके हैं। 37 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है। पुलिस से लूटे गए 790 हथियार और 10,648 गोला-बारूद बरामद हुए हैं।​​​​​​​

पाक के पूर्व आर्मी चीफ को फ्रांस में गालियां दी; अफगान नागरिक बोला- तुमने मेरा मुल्क बर्बाद कर दिया

वायरल वीडियो का वो हिस्सा, जिसमें बाजवा अपनी पत्‍नी के साथ नजर आ रहे हैं। वे 2016 से नवंबर 2022 तक पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे।

वायरल वीडियो का वो हिस्सा, जिसमें बाजवा अपनी पत्‍नी के साथ नजर आ रहे हैं। वे 2016 से नवंबर 2022 तक पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे।

पाकिस्तान पूर्व आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा को अफगान नागरिक से फ्रांस में गालियां सुनने को मिलीं। बाजवा पत्नी के साथ छुट्टियां मनाने पेरिस पहुंचे हैं। अफगान नागरिक ने बाजवा से कहा कि तुमने तालिबान के साथ मिलकर हमारा मुल्क तबाह कर दिया।

ये शख्स बाजवा पर जिहाद को बढ़ावा देने और ह्लयूमन राइट्स वॉयलेशन के आरोप लगाता है। कुछ देर में बाजवा उठकर चल देते हैं। ये शख्स पीछे चलता है और फिर उन्हें गालियां देता है।

8 महीने पहले तक पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स रहे पूर्व आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को फ्रांस में गालियां सुनने को मिलीं। बाजवा यहां पत्नी आयशा अमजद के साथ छुट्टियां मनाने के लिए पहुंचे हैं।

पेरिस में बाजवा एक जगह पत्नी के साथ बैठे थे। यहां एक अफगान नागरिक आता है। वो बाजवा को खुलेआम गालियां देता है। इन्हें लिखा या सुनाया नहीं जा सकता। बाजवा उसे पुलिस बुलाने की धमकी देते हैं। इस पर वो कहता है- बुलाओ पुलिस।

यह अफगान नागरिक बाजवा से कहता है कि तुमने तालिबान के साथ मिलकर हमारा मुल्क तबाह कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अब पूरा मामला तफसील से समझिए

  • नवंबर 2022 तक जनरल बाजवा आर्मी चीफ थे। ये वही दौर था जब अफगानिस्तान से NATO फौज की वापसी हुई और तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। अमेरिका ने खुलेआम पाकिस्तान पर धोखा देने के आरोप लगाए।
  • जनरल बाजवा और तब के ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की जोड़ी ने ही इमरान खान को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनवाने में अहम रोल निभाया था। बहरहाल, जनरल बाजवा रिटायर होने के बाद से पाकिस्तान के बजाय यूरोप में ज्यादा नजर आ रहे हैं।
  • बाजवा पत्नी आयशा के साथ पेरिस के एक बाजार में घूम रहे थे। कुछ देर के लिए एक जगह पर बैठे। इसी वक्त एक अफगान नागरिक वहां पहुंचा। वीडियो में उसका चेहरा नजर नहीं आता। सिर्फ आवाज सुनाई देती है।
  • वो पहले बाजवा को गालियां देता है। इस पर बाजवा कहते हैं- यहां से चले जाओ, नहीं तो मैं पुलिस बुला लूंगा। वो कहता है- बुलाओ पुलिस, जल्दी बुलाओ। बाजवा और आयशा फिर मोबाइल देखने लगते हैं। 2 मिनट 17 सेकेंड के इस वीडियो में साफ सुनाई और दिखाई पड़ता है कि अफगान शख्स बाजवा को क्या कह रहा है। वो ज्यादातर बातें पश्तो (अफगानिस्तान के बड़े हिस्से में बोली जाने वाली लोकल लैंग्वेज) में कहता है।
  • ये शख्स बाजवा पर तालिबान की मदद करने, जिहाद को बढ़ावा देने और ह्लयूमन राइट्स वॉयलेशन के आरोप लगाता है। कुछ देर में बाजवा उठकर चल देते हैं। ये शख्स पीछे चलता है और फिर उन्हें गालियां देता है।

अक्टूबर 2018 में बाजवा के बेटे की शादी हुई थी। तब बहू मनहूर साबिर के पास पर्सनल एसेट्स नहीं थे। 1 हफ्ते बाद ही नवंबर में उनकी घोषित संपत्ति 120 करोड़ रुपए हो गई।

इमरान से दोस्ती और दुश्मनी

  • जनरल बाजवा 2016 में 3 साल के लिए आर्मी चीफ बने। 2019 में जब उनका टेन्योर पूरा हो गया तो इमरान ने उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन दिया। हैरानी की बात ये रही कि इसके लिए संविधान में संशोधन करना पड़ा।
  • बहरहाल, बाजवा और इमरान के रिश्ते 2022 की शुरुआत में तल्खी में बदल गए। इसकी वजह यह थी कि इमरान अपने चहेते ISI चीफ फैज हमीद को आर्मी चीफ बनवाना चाहते थे। ये आर्मी रूल के हिसाब से मुमकिन नहीं था। बाजवा ने फैज को ISI चीफ के ओहदे से हटाया और उन्हें कोर कमांडर पेशावर बना दिया। लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम नए ISI चीफ बने।
  • इस दौरान इमरान की सरकार भी गिर गई। जनरल बाजवा रिटायर हुए तो जनरल आसिम मुनीर ने फौज की कमान संभाली। अब खुफिया एजेंसी और फौज दोनों इमरान के सख्त खिलाफ हैं। खान अब बाजवा को धोखेबाज और गद्दार बता रहे हैं।
  • इमरान ने पिछले दिनों अल जजीरा टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था- बाजवा को एक्सटेंशन देना मेरी सबसे बड़ी भूल थी। वो गद्दार और धोखेबाज निकला। वैसे भी पाकिस्तान में दिखावे की डेमोक्रेसी है। यहां 70 साल से किसी न किसी तौर पर फौज की ही हुकूमत रही है।
  • पाकिस्तान में कई दूसरे जनरलों की तरह बाजवा के दोनों बेटे भी अमेरिका में सेटल हैं। दोनों के पास दोहरी नागरिकता है।

6 साल में अरबपति हो गया परिवार

  • पिछले साल पाकिस्तान मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बाजवा का परिवार 6 साल में अरबपति हो गया था। नवंबर 2022 में बाजवा के रिटायरमेंट से पत्रकार अहमद नूरानी ने ‘फैक्ट फोकस’ के लिए लिखी अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी।
  • नूरानी के मुताबिक 6 साल में बाजवा के रिश्तेदारों और करीबियों ने कराची, लाहौर समेत पाकिस्तान के बड़े शहरों में फॉर्म हाउस बनाए, इंटरनेशनल बिजनेस और कॉमर्शियल प्लाजा शुरू किए। दूसरे देशों में प्रॉपर्टी भी खरीदी। इसकी कीमत 12.7 अरब डॉलर से ज्यादा है। ये सारी डील बाजवा की पत्नी आयशा अमजद, बहू महनूर साबिर और परिवार के कुछ करीबी लोगों के नाम पर हुई हैं।
  • आयशा अमजद के नाम पर 2016 में आठ नई प्रॉपर्टी खरीदी गई। इन्हें 17 अप्रैल 2018 को फाइनेंशियल स्टेटमेंट में दर्ज करवाया गया। उस वक्त भी बाजवा आर्मी चीफ थे। 2015 में आयशा के नाम पर एक भी प्रॉपर्टी नहीं थी। 2016 में तमाम प्रॉपर्टी को मिलाकर उनकी इनकम जीरो से 2.2 अरब रुपए हो गई।
  • इसी तरह बाजवा की बहू महनूर साबिर के नाम पर भी कई प्रॉपर्टीज खरीदी गईं। 2018 में शादी के एक हफ्ते के अंदर ही महनूर की इनकम जीरो से करीब एक अरब हो गई।
  • टैक्स रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट का हवाला देते हुए नूरानी ने रिपोर्ट में कहा- 2013 से 2017 तक आर्मी चीफ रहते हुए बाजवा की इनकम स्टेटमेंट्स में 3 बार बदलाव हुए।
पत्नी आयशा अमजद के साथ जनरल बाजवा का फाइल फोटो। आयशा का फौजी परिवार से ताल्लुक है। वो बेटों के साथ अमेरिका में रहती हैं।

पत्नी आयशा अमजद के साथ जनरल बाजवा का फाइल फोटो। आयशा का फौजी परिवार से ताल्लुक है। वो बेटों के साथ अमेरिका में रहती हैं।

दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालासोर में हुए रेल दुर्घटना के बाद राहत बचाव कार्य और रेलवे लाइन को बहाल करने के बाद दिल्ली लौटे। देखिए वीडियो

मॉनसून में देरी, देश के इन राज्यों में चलेगी हीट वेव, मौसम पर IMD का ताजा अपडेट पढ़ लीजिए

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Ramswaroop Mantri

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