अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

सत्ता सुख वापसी की प्रत्याशा में है, मलैया परिवार

Share

सुसंस्कृति परिहार दमोह विधानसभा उपचुनाव की कवायद मलैया परिवार में तब से प्रारंभ हो चुकीं थी जब से पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने भाजपा का दामन थामा । गांव गांव राहुल के विरुद्ध विरोध के स्वर मलैया परिवार ने मुखर किए । कांग्रेस भी इस अभियान में सक्रिय तो नहीं रही लेकिन राहुल की खिलाफत तबियत से की गई जहां उसे मौका मिला ।अब पेंच फंस गया जब मुख्यमंत्री राहुल लोधी को भाजपा प्रत्याशी घोषित कर गए ।मलैया परिवार को पूरी उम्मीद थी कि टिकिट उन्हें ही मिलेगा ।जिसकी आधारशिला तभी रखी गई थी जब वे जयंत के पिताजी की मातमपुर्सी में दमोह आए थे और मलैया के समर्थकों ने मुख्यमंत्री को घेरकर मलैया को टिकिट हेतु जोर-शोर से नारेबाजी की थी। मुख्यमंत्री का चेहरा बता रहा था कि वे इस व्यवहार से नाखुश रहे । 

              इसके बाद भी मुख्यमंत्री का दो बार आगमन हुआ जिसमें मलैया जी साथ रहे पर उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जो मिलता रहा । राष्ट्रपति के आगमन पर तो यह साफ़ हो गया कि उनकी जबरदस्त उपेक्षा हुई।उसी के बाद से जयंत पुत्र सिद्धार्थ की सक्रियता को पंख लग लग गए उड़ान भरने को पूरी तरह तैयार है। पत्रकारों से अनौपचारिक भेंट, आशीर्वाद यात्रा और पत्रकार वार्ता के जरिए पथरिया विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह कथित चोरसिया कांड के आरोपी के खिलाफ किए अपने कामों की फाइलें दिखाकर अपनी सक्रियता यही दर्शाती है।अभी भी वे न्यूज़ चैनल में साक्षात्कार देकर यह जता रहे हैं कि भाजपा टिकिट उन्हें ही मिलेगा ।कहा जा रहा था कि जयंत के  बेटे को भाजपा से टिकिट नहीं मिलता है तो कांग्रेस से चुनाव लड़ने में दिलचस्पी लेते रहे हैं ।उनकी यात्राएं और सम्पर्क दोनों पार्टियों में जारी थे। कांग्रेस को वे अपना खानदानी आधार मानते हैं जो सागर में उनका परिवार कांग्रेसी रहा है ,उनके दादाजी स्व०विजय कुमार मलैया भी कांग्रेस में रहे हैं लेकिन अजय टंडन को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस से उन्हें निराशा हाथ आई है  ज्ञातव्य हो जयंत और अजय टंडन के बीच काफी घरोबा है चाचा को टिकट मिल जाने से मलैया परिवार विचित्र स्थिति में है वह अजय को जिताने में कोर कसर नहीं छोड़ेगा क्योंकि राहुल को हराकर ही दमोह पर आगत चुनाव में मज़बूत दावेदारी के साथ टिकिट मांगी जा सकती है ।            

  मलैया परिवार का यह अंतिम संघर्ष काल है जब वे हताश नज़र आ रहे हैं लेकिन  यदि वे सिद्धार्थ को मैदान में उतारते हैं तो वंशवाद , सत्तालोलुपता और भाजपा से बगावत के कारण अपना भविष्य अंधकारमय कर सकते हैं ।इस बीच जैसा कि चर्चाओं में है  कोई सर्वदलीय दमदार प्रत्याशी ताल ठोक देता है  तो जबरदस्त उलटफेर की संभावना बन सकती है ।इस हाट सीट पर कांग्रेस यदि पिछड़ती है तो सर्वदलीय प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित होगी । बशर्ते वह अमीर खरीदार नेताओं से बच पाएं। हालांकि कांग्रेस नये जोश के साथ है अजय टंडन की खासियत यह है कि उनके कार्यकर्ता और वोटर पक्के हैं जब एक अंजान राहुल लोधी को जिता सकते हैं तो अजय टंडन भले ही दो बार हारे हों जीत का सेहरा बांधते नज़र आ रहे हैं ।    मुश्किल में फंसे मलैया को कूट रणनीति का सहारा लेते हुए इस बार सिर्फ राहुल की हार की प्रतीक्षा करनी चाहिए तभी आगे उनकी राह आसान होगी अन्यथा भाजपा से घमासान में वे बहुत कुछ खो देंगे। भाजपा के हैं और रहेंगे तो ठीक है परिवार को भी नियंत्रित करना उनी ही जिम्मेदारी बनती है ।

ReplyReply to allForward

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें