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कई ग्रामीण क्षेत्र आएंगे इन्दौर की शहरी जद में

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इंदौर।  प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर इंदौर विकास की नई राह पर हमेशा अग्रसर रहा है। पूर्वी क्षेत्र में विकास के साथ रिंग रोड और बायपासदोनों को बने तकरीबन दो दशक हो जाएंगे, लेकिन पश्चिम क्षेत्र में विकास की रफ्तार अब नई ऊंचाइयों को छूने वाली है। अब इस क्षेत्र में रिंग रोड और उज्जैन-पीथमपुर फोरलेन दो बड़े प्रोजेक्ट का सर्वे हो रहा है।

पश्चिमी रिंग रोड की दरकार एक लंबे अरसे से इंदौर को बनी हुई है। दरअसल इसमें सबसे बड़ा रोड़ा निजी जमीन अधिग्रहण को लेकर रहा है, लेकिन एक बार फिर केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने विकास के नए रास्ते इंदौर के लिए खुलने के साथ ही पश्चिमी रिंग रोड नए सर्वे की बात कही है, वहीं गडकरी ने राज्य सरकार को जमीन अधिग्रहण मामले को भी तुरंत निपटाने के लिए मंच से ही निर्देश दिए। इसके बाद यहां के लिए नए सर्वे की कवायद शुरू हो गई है। पश्चिमी रिंग रोड  उज्जैन रोड, एरोड्रम होते हुए हुकमाखेड़ी और राऊ चौराहे को जोड़ेगा। इसमें तकरीबन 21 किलोमीटर का मार्ग है। इसके साथ ही इसका एक हिस्सा एबी रोड रेती मंडी, फूटी कोठी और बाणगंगा होते हुए आएगा। कुल मिलाकर पश्चिम में कनेक्टिविटी तो बढ़ेगी, वहीं धार और उज्जैन रोड से आने वाले ट्रैफिक की भी सीधी कनेक्टिविटी शहर से बाहर की रहेगी। इसके साथ ही पश्चिम में एक और महत्वपूर्ण सर्वे चल रहा है, जो उज्जैन-पीथमपुर फोरलेन का है, जो हातोद से रोजड़ी होते हुए गुजारना है। इससे यह तो साफ है कि अब पश्चिम क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार जरूर बनेगी। बताया तो यह जा रहा है कि इंदौर से हातोद और इंदौर से समानांतर 20 से 25 किलोमीटर तक के बीच में ग्रामीण और बड़ी सडक़ों का नया जाल बिछ जाएगा। फोरलेन के लिए सर्वे नेशनल हाईवे कर रहा है तो पश्चिमी रिंग रोड के लिए संभवत: आईडीए एक नया सर्वे जल्द ही पूरा कर देगा। नया सर्वे होने से शहर सीमा (city limits) से लगे हुए कुछ नए गांव (village) भी इस रिंग रोड में शामिल होना तय माना जा रहा है।
बढ़ते शहर में ग्रामीणों के विकास की राह खुलेगी
नए पश्चिम रिंगरोड के सर्वे के साथ ही शहरी सीमा से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की नई राह घुलेन के अवसर भी मिलेंगे। नए सर्वे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उम्मीद जाग गई है। हालांकि सुपर कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा बना हुआ है, लेकिन उज्जैन और धार रोड के बीच में कनेक्टिविटी के लिए नए गांवों (villages) को शामिल करना ही पड़ेगा। इसलिए अभी ग्रामी तो खुश हैं।

राऊ से धार रोड की कनेक्टिविटी होगी
पश्चिमी रिंगरोड   के लिए एक बड़ा हिस्सा एबी रोड, राऊ, रेती मंडी से फूटी कोठी क्षेत्र को पीछे की ओर से जोडऩे की नई कवायद अब फिर से शुरू हो गई है। नए सर्वे में इसे शामिल किया जाएगा तो एयरपोर्ट से नावदापंथ और उसके आसपास के तकरीबन एक दर्जन गांव भी रिंगरोड की जद में आ जाएंगे। कुल मिलाकर पश्चिमी क्षेत्र (West Zone)  का नया स्वरूप रिंगरोड के बनने के बाद नजर आएगा।

Ramswaroop Mantri

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