नितिनमोहन शर्मा
छावनी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल का नाम बदलकर प्रखर नेता दिवंगत उमेश शर्मा के नाम पर करने के नगर निगम के फैसले का विरोध हो गया है। इस मसले पर शहर का धनगर मराठी समाज मुखर हुआ है। समाज से जुड़े पूर्व एमआइसी सदस्य सुधीर देड़गे ने इस मामले में विरोध का बिगुल बजाया है। देड़गे पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के प्रबल समर्थक है। इस मूददे पर महाजन की भी नाराजगी भी बताई जा रही है।
खुलासा फर्स्ट ने इस मूददे पर सीधे देड़गे से बात की ओर वस्तुस्थिति जानी। देड़गे ने खुलासा से कहा कि
जिस होलकर राजवंश से इंदौर को गौरव मिला आज उनके ही परिवार के सदस्य का नाम इंदौर से हटाया जा रहा है। देवी अहिल्या बाई हवाई अड्डा, यशवंत सागर, महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय जैसे कई सौगातें इंदौर को मिली हैं। उन्हीं के परिवार के सदस्यों के नाम हटाना उनके प्रति अनादर है। हमने महापोर जी से ईदौर की जनता की तरफ से अनुरोध किया है कि हमारे लिए जो आदरणीय है उनका नाम न मिटाया जाएं।
महाराजा यशवंत राव होल्कर की पत्नी इंदौर की महारानी संयोगिता राजे होलकर के नाम से संयोगितागंज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इस का नाम बदलकर उमेश शर्मा जी के नाम से करना यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। महापौर जी से निवेदन है कि इस पर पुनर्विचार किया जाए।
उधर बताया जा रहा है कि इस मामले में शहर की 8 बार की सांसद सुमित्रा महाजन भी नाराज ओर आहत है। इस मूददे पर उनकी महापौर भार्गव से सकारात्मक चर्चा भी हुई है। जल्द ही ये निर्णय बदल सकता है।
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संस्कृत कॉलेज हो उमेश शर्मा के नाम
सुधीर देड़गे के मुताबिक उमेश शर्मा का कद ज्ञान ,अध्यन, संस्कृत में काफी ऊँचा था। उनके नाम से प्राथमिक विद्यालय नही अपितु संस्कृत महाविद्यालय का नाम उचित है। शहर की भावनात्मक पहलू का निराकरण के लिए ऐसी ही कोई सकारात्मक पहल करना होगी ,जिससे निराकरण भी हो उसके प्रतिफल से सभी पक्ष सहमत भी हो। स्व. उमेश शर्मा के स्वभाव , उनके ज्ञान , उनके अध्ययन , उनकी संस्कृत के श्लोकों पर पकड़ को ध्यान में रख कर संस्कृत कालेज का नामकरण करे तो उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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