निर्मल कुमार शर्मा
किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए नित नये-नये घृणित,अमानवीय हथकंडे आजमा रही मोदी ऐंड कंपनी सरकार अब सारी मानवीय मूल्यों,उसकी गरिमा और मनुष्यता या इंसानियत की सारी हदें पार करती दिख रही है। इसी अक्टूबर 2021के महीने की 3 तारीख को लखीमपुर खीरी में मोदी ऐंड कंपनी की सरकार में गृहराज्यमंत्री के पद पर बैठा एक शख्स और उसका नालायक बेटा अपनी दो बड़ी गाड़ियों को 70 या 80 की स्पीड में चलाकर 4 किसानों और एक स्थानीय पत्रकार को रौंदकर नृशंस हत्या कर चुका था,अभी इस देश की आम जनता उस हैवानियत भरी घटना को भूली भी नहीं थी कि दिल्ली की सीमा के बाहर इस देश के अन्नदाताओं को उनकी फसलों की जायज कीमत की माँग को खारिज करते हुए,जहाँ उन्हें पिछले 11 महीनों से रोक रखा गया है,उन्हें आंतकवादी, पाकिस्तानपरस्त,खालिस्तानी,उग्रवादी,नकली किसान,विपक्ष द्वारा भटकाए लोग,टुकड़े-टुकड़े गैंग,मंहगी कारों में बैठनेवाले,पिज्जा और बर्गर खानेवाले तथा जींस पहनने वाले,मसाज कराने वाले आदि अपमानित करने वाले गालियों से भारतीय किसानों को गोदी और भांड़ मिडिया तथा खुद कथित प्रधानजनसेवक जी और उनके मंत्रीमंडल के अन्य मंत्रियों द्वारा बदनाम किया जाता रहा था कि अचानक सिंधु बॉर्डर से 15 अक्टूबर को सुबह-सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सुनकर पूरा देश हतप्रभ,चकित और अत्यंत दुःखी है,क्योंकि इस घटना में मोदीसरकार के एक और मंत्री,वह भी कृषिमंत्री की इस रोंगटे खड़े कर देनेवाली इस घटना में संलिप्तता की खबर आ रही है ! इस घटना में पंजाब राज्य के तरन-तारन जिले के चीमाखुर्द गांव का एक निहायत ही गरीब,दलित,बेरोजगार,35 वर्षीय युवक की वहाँ जबरन बैठे निहंगों की एक कैंप में उनके द्वारा उसके हाथ-पाँव काटकर उसकी निर्ममतापूर्वक जघन्यतम् हत्या करके अपने डेरे के बाहर लकड़ी के बेरिकेड्स पर लटका दिया गया !
बिस्मित करने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि उस युवक के हत्यारे निहंगों ने इस जघन्यतम् हत्याकांड की संपूर्ण जिम्मेदारी तुरंत ले लिए हैं,इस लेख के लिखे जाने तक 2 हत्यारे निहंगों ने खुद को दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिए हैं,2 हत्यारों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के दोषी निहंगों ने बाकायदा इस घटना से पूर्व की विडिओ बनाकर सोशल मिडिया पर उसे वायरल किए हैं ! उस विडिओ में निहंगों द्वारा यह कहते हुए सुना जा सकता है,जिसमें वे कह रहे हैं कि इस शख्स ने पवित्र गुरूग्रंथ साहब के पावन स्वरूप की बेअदबी करने की कोशिश की ! जब यह बात पता चली,तब उन निहंग हत्यारों ने उस शख्स को पकड़कर लगभग घसीटते हुए अपने मंच पर ले जाकर उससे उसका नाम,गाँव का नाम,उसे किसने भेजा ? इसके लिए उसे कितने रूपये दिए गए ?आदि प्रश्नों को पूछने के बाद उसके जीते-जी ही किसी तेज धारदार हथियार से सबसे पहले उसका एक हाथ काट दिया,फिर पैर काटा उसके बाद उसके पेट में किसी धारदार हथियार को घोंपकर हत्या कर दी गई ! उस गरीब,कमजोर दलित युवक के शव को देखकर एक सामान्य भारतीय नागरिक के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं ! इस दुःस्वप्निल और रोंगटे खड़े कर देनेवाली घटना में सबसे संशयात्मक बात अभी भी रहस्यमय बनी हुई है कि हत्यारे निहंग जो उस गरीब और दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या करने से पूर्व दर्जनों विडिओ सोशल मीडिया पर वायरल करते रहे हैं,उनमें से एक भी ऐसी विडिओ नहीं, जिसमें यह दर्शाया गया हो कि उस दलित युवक ने आखिर सिखों के पवित्र गुरूग्रंथ साहब की क्या बेअदबी किया था ?
पुलिस के अनुसार लखबीर सिंह की हत्या करने से पूर्व निहंगों ने एक विडिओ जारी किया है,जिसमें लखबीर सिंह का चेहरा लहूलुहान है,उसके दोनों पैर बंधे हुए हैं,लेकिन उसके हाथ-पैर अभी कटे हुए नहीं हैं और वह लड़खड़ाते हुए,भय से कांपते हुए कह रहा है कि उसे 30 हजार रुपये देकर सिखों के पवित्र गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी करने के लिए भेजा गया है,लेकिन पुलिस का मानना है कि लखबीर हत्यारे निहंगों की मार से भयभीत होकर,अपनी मौत के आसन्न भय से तथा अपना पिंड छुड़ाने के लिए 30 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार किया और जिस खेत के मालिक के यहाँ वह मेहनत-मजदूरी करता था,उसी का फोन नंबर निंहग हत्यारों को दे दिया होगा,क्योंकि लखबीर के परिवार और रिश्तेदार सभी बहुत गरीब हैं,लखबीर की बहन और रिश्तेदारों के अनुसार लखबीर सिंह खुद बहुत ही गरीब था,वह जैसे-तैसे दो वक्त की अपनी रोटी का जुगाड़ कर पाता था ! वह अपने गाँव चीमाखुर्द से अपने तरन-तारन जिले तक भी कभी नहीं गया था,इस स्थिति में वह अकेले सिंधु बॉर्डर या सोनीपत तक जा ही नहीं सकता था,उसे तो किसी गंभीर साजिश के तहत उसे ले जाया गया है और उस पर फर्जी पवित्र गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी का आरोप लगाकर, किसान आंदोलन और सिख धर्म दोनों को एकसाथ बदनाम करने की सुनियोजित साजिश के अंतर्गत उसकी नृशंसता पूर्वक हत्या की गई है ! उसके सभी रिश्तेदारों के अनुसार लखबीर सिंह किसी भी सूरत में सिखों के पवित्रतम् गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी कर ही नहीं सकता था ! उस पर पवित्रतम् गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी का यह आरोप बिल्कुल झूठ और कल्पित है !
सबसे बड़े दुःख,अफसोस व चिंता की बात यह है कि इस दुष्कृत्य को अंजाम देनेवाले निहंगों के प्रमुख बाबा अमन सिंह,जो निहंग संप्रदाय के कनाडा में स्थित एक सिख समूह का प्रमुख है,इस बीते जुलाई महीने के अंत में भारत सरकार के कृषिमंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ नई दिल्ली स्थित कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के बंगले पर,पंजाब में पचासों अपराधों में बुरी तरह संलिप्त पंजाब पुलिस का बर्खास्त और बदनाम अधिकारी गुरमीत सिंह पिंकी,भारत-तिब्बत संघ का राष्ट्रीय महासचिव सौरभ भारद्वाज,लुधियाना का भाजपा किसान मोर्चा का राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदर पाल सिंह ग्रेवाल और बिहार का बीजेपी सांसद सुशील कुमार आदि के साथ खूब मजे में दावत उड़ा रहा है ! इससे भी शर्मनाक बात यह है कि भारत का अगंभीर, किसान विरोधी कृषिमंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर इस देश के अन्नदाताओं को उनकी फसलों की सही कीमत या न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात को अब सिरे से नकार चुका है,वह अब किसानों के खिलाफ साजिश रचनेवालों यथा निहंगों के मुखिया कथित बाबा अमन सिंह को सिरोपा भेंटकर उसे सम्मानित करने के शर्मनाक कुकृत्य करने से भी बाज नहीं आ रहा है ! संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं के अनुसार इसी महीने 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में एक गुँडे बीजेपी सांसद और इस देश के गृहराज्य मंत्री के पद पर बैठे शख्स के कुपुत्र द्वारा अपनी गाड़ियों से 4 किसानों और एक स्थानीय पत्रकार को बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार देनेवाली घटना की तस्वीर को मिडिया से और लोगों के जहन से धुंधली कर देने की साजिश के तहत ही सिंधु बॉर्डर पर लखबीर सिंह नामक दलित युवक की जानबूझकर हत्या करवाया गया है,सिंधु बॉर्डर पर हुए इस कत्लेआम को अंजाम देने वाले निहंगों के नेता और मुखिया कथित बाबा अमन सिंह ने इस घटना के बाद स्पष्टता से यह बयान देकर बता दिया है कि वह अकेले नहीं अपितु अपने अन्य निहंग नेताओं के साथ अरसे से बीजेपी नेताओं से मुलाकातें करता रहा है ! वहीं पंजाब में पचासों अपराधों में बुरी तरह संलिप्त पंजाब पुलिस का बर्खास्त और बदनाम अधिकारी गुरमीत सिंह पिंकी ने कहा कि वह निहंग बाबा अमन सिंह को बहुत दिनों से जानता है,लुधियाना के भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदर पाल सिंह ग्रेवाल ने कृषिमंत्री के साथ फोटो वायरल होने के बाद सफाई देते हुए कहा कि हमने पंजाब में साम्प्रादायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाले कृषि आंदोलन को सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए बैठकें की हैं,वह भी चाहते हैं कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए, कनाडा स्थित ओंटारियो सिख और गुरूद्वारा परिषद इस प्रयास में हमारी मदद कर रही है ! क्या गजब-गजब तर्क हैं ! लेकिन भारत सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी और कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी जी इस मामले में अभी तक रहस्यमय रूप से चुप्पी साधे हुए हैं ! यह भी सम्भव है एक हफ्ते बाद मोदी ऐंड कंपनी सरकार इस सिधु बॉर्डर वाली इस अतिदुःखद और दरिंदगी की घटना को नेपथ्य में धकेलने के लिए किसी और बड़े और लोमहर्षक कुकृत्य को अंजाम देने की योजना बना रही हो !
‘निहंग ‘एक फारसी का शब्द है,जिसका अर्थ मगरमच्छ होता है। मुगलों के समय में उनकी फौज में उस आत्मघाती दस्ते को जो नीले वस्त्र धारण किए रहते थे,निहंग कहा जाता था, गुरू गोविंद सिंह की सेना में भी निहंगों के दस्ते होते थे,निहंग किसी की भी सत्ता को मानने से इनकार करते हैं। कश्मीर फतह करने के युद्ध में महाराजा रणजीत सिंह की सेना में निहंगों का विशेष योगदान रहा है, लेकिन सिख इतिहासकारों के अनुसार निहंगों के आचार-विचार में रोजाना गुरबाणी का पाठ,बाणे में रहना,शस्त्र धारण किए रहना,किसी अबला,असहाय, मजबूर व कमजोर पर हाथ न उठाना पूर्णतः नियमविरुद्ध है,उन्हें तो उक्तवर्णित सभी असहाय व कमजोर लोगों की रक्षा करना सिखाया जाता है, लेकिन सिंधु बॉर्डर पर इन कायर व धर्मभीरु तथा बर्बर निहंगों द्वारा जिस दलित युवक लखबीर सिंह पर बेपनाह जुल्म करके बर्बर हत्या की गई है,वह युवक तो हर तरह से निःसहाय, बेबस,लाचार, अकेला, दलित, गरीब और मजबूर था ! यह तो और भी विस्मित,दुःखी और हतप्रभ करनेवाली बात है ! इस पूरे षड्यंत्र से पर्दा उठना ही चाहिए और इसके क्रूर, बर्बर,दरिंदे के उसके किए कुकृत्य की सजा मिलनी ही चाहिए ।
इस लेख का सार यह है कि वर्तमानसमय में दिल्ली की सत्ता पर काबिज मोदी ऐंड कंपनी सरकार चाहे खरबों रूपये अनाप-शनाप,व्यर्थ की चोंचलेबाजी वाले मदों पर भले ही खर्च कर देगी, परन्तु इस देश के अन्नदाताओं को उनकी फसलों की न्यायोचित न्यूनतम समर्थन मूल्य हर्गिज नहीं देगी,इसके उलट अन्नदाताओं को बदनाम करने, उनकी हत्या करने के नित नये-नये हथकंडे जरूर प्रयोग करती रहेगी ! इसीलिए हमारा देश भारत महान,विश्वगुरू और अध्यात्मिक गुरू है !
–निर्मल कुमार शर्मा, ‘गौरैया एवंम् पर्यावरण संरक्षण तथा सशक्त,निष्पृह,बेखौफ व स्वतंत्र लेखन ‘,गाजियाबाद, उप्र. -9910629632,ईमेल-nirmalkumarsharma3@gmail.com





