अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

मोदी जी! मिजोरम की आर्थिक नाकेबंदी क्यों?

Share

ष्ट्रीय राजमार्ग-306 पर असम सरकार द्वारा आर्थिक नाकेबंदी के कारण मिजोरम की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। इसे लेकर मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ललथंगलियाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह और स्वास्थ्य मंत्रियों से असम के साथ चल रही तनातनी के बीच हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

बता दें कि हिमंता विस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम की भाजपा सरकार ने मिजोरम की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है। जिसके चलते मिजोरम जीवन रक्षक और कोविड-19 संबंधित दवाओं सहित अन्य ज़रूरी दवाओं के गंभीर संकट का सामना कर रहा है। 

मिजोरम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री आर. ललथंगलियाना ने मंगलवार को आइजोल में कहा है कि पहाड़ी राज्य महत्वपूर्ण दवाओं के गंभीर संकट का सामना कर रहा है और प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से किसी भी स्वास्थ्य संकट को रोकने के लिए जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, जो जल्द ही मिजोरम को अपनी चपेट में ले सकता है और जो किसी के भी नियंत्रण की स्थिति से बाहर होगा।

ललथंगलियाना ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अलग-अलग पत्र लिखा है। जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-306 पर आर्थिक नाकाबंदी के कारण दवा संकट का विवरण दिया गया है। बता दें कि यह राजमार्ग पहाड़ी राज्य को असम के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। ललथंगलियाना ने कहा कि 26 जुलाई को सीमा विवाद और संघर्ष के बाद, असम सरकार ने 29 जुलाई को उन सभी ट्रांसपोर्टरों (गुवाहाटी में) को बुलाया, जो दोनों राज्यों के बीच सुरक्षा चिंताओं के कारण मिजोरम में किसी भी सामान के परिवहन को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।

Directed police to withdraw FIR against all accused in violence at border  with Assam: Zoramthanga । असम सीमा पर हिंसा के सभी आरोपियों के खिलाफ  प्राथमिकी वापस लेने का निर्देश दिया ...

मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ललथंगलियाना ने कहा है कि – “इससे राज्य में आने वाले किसी भी प्रकार के सामान पर पूरी तरह से रोक लग गई, जिसमें बुनियादी दवाएं, जीवन रक्षक दवाएं और कोविड -19 दवाएं भी शामिल हैं। यहां तक कि ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन संयंत्र सामग्री और कोविड-19 परीक्षण किट भी अवरुद्ध कर दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि इस देश के इतिहास में पहले कभी किसी ने अपने साथी नागरिकों के साथ इस तरह के कठोर और अमानवीय कृत्य का सहारा नहीं लिया है।

जीवन रक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा

मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ललथंगलियाना ने संविधान और मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि- “भारतीय संविधान द्वारा गारंटीकृत जीवन के मूल मौलिक अधिकार, जिसमें बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल और दवाओं का अधिकार शामिल है, को असम सरकार की जुझारू गतिविधियों के कारण वंचित कर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि, – “इस देश के प्रत्येक नागरिक को चिकित्सा देखभाल और दवाओं का अधिकार है और इस अधिकार से इनकार करना इस देश के मूल कानूनों के विपरीत है। मिजोरम के किसी भी नागरिक को दवाओं की अनुपलब्धता के कारण अपनी जान नहीं गंवानी चाहिए, जो कि मनुष्य हैं – जैसा कि असम सरकार द्वारा किया जा रहा है।”

मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ललथंगलियाना ने असम पर अपने राज्य की आर्थिक नाकेबंदी जारी रखने का आरोप लगाते हुये बताया कि 81 फीसदी आबादी को पहली और 32 फीसदी को दूसरी खुराक (कोविड-19) मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि तीन लाख डोज का स्टॉक तैयार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि 13 लाख की जनसंख्या वाले मिजोरम में 39,363 कोविड संक्रमण मामले सामने आए हैं और अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है।

विवाद के एक सप्ताह बाद भी केंद्र ने नहीं किया हस्तक्षेप

मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार पर गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुये कहा है कि – “लगभग एक सप्ताह तक इस समस्या को झेलने के बावजूद इस मोर्चे पर केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उन्होंने आगे कहा कि “देश के सच्चे नागरिकों के रूप में, हम इस महत्वपूर्ण समय में केंद्र सरकार से सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक प्रतिक्रिया और हस्तक्षेप के हकदार हैं।

मिजोरम की 95 फीसदी आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग-306 से होकर जाती है

वहीं मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआंगो ने मीडिया से कहा है कि – “मिजोरम की 95 फीसदी आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग-306 से होकर जाती है, जो हमारे राज्य की जीवन रेखा है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ आर्थिक नाकेबंदी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय (एमएचए) असम सरकार को दक्षिणी असम में नाकाबंदी हटाने के लिए मनाने में सक्षम होगा।

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को लिखे पत्र में, गृह सचिव ने यह भी अनुरोध किया कि केंद्र हस्तक्षेप करे और असम सरकार को नाकाबंदी हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह असम और मिजोरम के बीच एक बड़े तनाव के बाद, असम के छह पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे और दोनों पक्षों के 60 से अधिक अन्य घायल हो गए थे।

वहीं मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि – “कल 05 अगस्त, 2021 वरिष्ठ मंत्री के नेतृत्व में असम सरकार के प्रतिनिधि, वरिष्ठ मंत्री के नेतृत्व में मिजोरम सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने आगे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को टैग करके कहा है कि – “मुझे विश्वास है कि सीमा समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।”

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें