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चंद ग्रहण —8-11-22 कार्तिक मास   शुक्ल पक्ष पूर्णिमा

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पं राजाराम शर्मा

 पं बद्री प्रसाद जी पुजारी ज्योतिष संस्थान

08–11-22 मंगलवार को चंद  ग्रहण चंद्रोदय के साथ शाम 5-42   मिनट से प्रारंभ होकर  सायं -6-18 मिनट तक रहेगा । –36 मिनट का यह ग्रहण हमे दिखेगा । 

🚩ग्रहण का सूतक काल – 3   प्रहर पूर्व  9  घंटे पुर्व  08- -11-22:   —सुबह 8-42   मिनट से प्रारंभ हो जायेगा । 

🙏🚩👏   कार्तिक मास में  व्यतिपात योग में गृह अद्भुत संयोग–:जप मंत्र सिद्धि  ध्यान का दिव्य योग—- चंद्रग्रहण में–

🌹यह इन्दौर शहर के सूर्योदय अनुसार है आप जिस राज्य शहर मे रहते हे वहा के सूर्यास्त अनुसार ग्रहण निर्णय करे ।

🙏🏻कार्तिक मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा का व्रत — देव दीपावली व त्रिपुरात्सोव — सत्यनारायण कथा की पूर्णिमा–दीप दान की प्रदोष कालीन पूर्णिमा यह –7-11-22 सोमवार को है । 

🙏🏻पूर्णिमा तिथि-7-11-22 :को शाम 4-15 से  लगकर 8-11-22 मंगलवार को शाम 4-31 तक है । 

🙏🏻कार्तिक मास का व्रत पूजन करने वाले –तीर्थ  स्नान व गुरू नानक जंयती आदि उदयात पूर्णिमा का पूजन सभी लोग 8- 11-22 मंगलवार को सुबह सूर्योदय से 8-42  सूतक काल प्रारंभ के पूर्व  पूर्ण कर ले।  

🙏🏻श्राद्ध की पूर्णिमा भी मंगलवार को ही है । आप सूतक के पहले ही ब्राह्मण पूजन व कच्चा अन्न श्राद्ध के निमित्त सूतक काल 8-42 के पहले कर दीजिये।  

 सूतक काल मे  श्राद्ध करना हो तो – कच्चे अन्न व स्वर्ण से श्राद्ध कर सकते है ।  ब्राह्मण देव को दे सकते हे जिससे आप का पूर्णिमा  श्राद्ध पूर्ण होगा । 

🙏🏻चंदग्रहण हमारे यहा आंशिक रूप से दिखेगा — हमारे शास्त्रो मे वर्णित है कि जो ग्रहण दिखता हे किसी भी रूप मे तो हमे उसका दोष –सूतक हमे लगता है । 

🌹इस वर्ष चंद ग्रहण को लेकर विभिन्न भ्रान्तियाँ– को सामना हमे पंचांगो के मत भेद से सामना करना पड़ रहा है । 

🌹बहुत से पंचांग सिर्फ़ पूर्वोत्तर राज्यों  मे ही  चंद ग्रहण दर्शन को बता कर अन्य राज्यो मे ग्रहण दर्शन को नही बता रहे हे । 

🌹बहुत से पंचांग पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा भारत के पश्चिमी दक्षिण  मध्य राज्यो में भी चंद्र ग्रहण का ग्रस्त दर्शन होगा।  

🌹आम जन संदेह मे हे कि हमे चंद ग्रहण का सूतक यम नियम संयम मानना हे कि नही —किस आधार को हम सत्य माने । 

🌹पंचांग का निर्माण हमारे यहा दो प्रकार की पद्धति से होता है । 

👉1) प्रथम है— दुक्प्रत्यय । 👉  2) द्वितीय हे — दुक्तुल् । 

👉हमारे शास्त्रो मे पुराणों मै हमैं दुक्तुल्य पद्धति से ही धार्मिक उत्सव व तिथि नक्षत्र मास आदि का निर्णय करने का बताया है । 

👉हमे आज ही जो पंचांग पूर्ण रूप से दुक्तुल्य दृश्य गणित के अनुसार हो वही उपयोग मे  करना है । 

🌹हम ग्रह राघव मे चंद ग्रहण अधिकार व्याख्यान में– चंद  ग्रहण संभव आलेख देखे तो स्पष्ट सूर्य अंश मे राहु के अंश राशि -अंश-कला – विकला को घटायें तो — इसका भुजाशं-14 अंश की अपेक्षा कम हो तो उस जगह ग्रहण संभव है । ग्रहण  दिखेगा । उसका स्वरूप –खग्रास– खण्ड ग्रास– आंशिक ग्रहण — किसी रूप मे दिखेगा । यह भौगोलिक दृष्टि से होगा । हमारे यहा ग्रहण राहु दर्शन होगा । 

🌹🙏🏻हमारे विभिन्न ग्रंथो मे ग्रहण साधन — आदि का विस्तृत गणित है । विभिन्न मनीषियों ने बहूत से साधन गणित ग्रहण हेतु लिखे है । 

🙏🏻🔥इस निर्णय के अनुसार हमे चंद्र ग्रहण  हमारे यहा मान्य होगा । 

💥पूर्वोत्तर राज्यों  मे व उत्रोतर राज्यो मे  खग्रासचंद ग्रहण व हमारे यहा दक्षिण,-पश्चिमी  राज्यो मे खण्ड ग्रास–आंशिक   चंद ग्रहण रहेगा  । यह आंशिक चंद्र ग्रहण- है । 

🚩 8-11-22 को – ग्रहण मोक्ष तक  सूतक यम नियम लागू होगा ।  

🙏🏻इस वर्ष–  ग्रहण का वेध –चंद्र ग्रहण के बाद मोक्ष तक रहेगा। इस ग्रहण की विरल लाल छाया –हमे शाम प्रदोष काल 7-25 तक दिखेगी । 

🌑ग्रहण मोक्ष के बाद आप स्नान इत्यादि करे  –चंद्र देव के दर्शन करके ही वेध दोष दूर होता हे चंद्र दर्शन आपको शाम  7-25  –मि के बाद दर्शन करके देव पूजन– दान भोजन आदि करना है ।

🙏🏻दूध— दही — मट्ठा— घी व  घी से पके अन्न व मणि मे स्थित जल— ग्रहण से दूषित नही होता है । 

🌹आप घर के जल दूध दही व अन्य वस्तुओं मे कुशा ओर तिल को डाल कर रखे — इससे कोई भी वस्तुओ को ग्रहण दोष नही लगेगा। 

🚩वृद्ध जन  बालक रोगी जन  व  गर्भवती को  सूतक काल का दोष  सिर्फ  1 प्रहर है । 8-11-22; मंगलवार  को दोपहर 2-42  मिनट – से ग्रहण शुद्धि  सायं काल 7-25  मिनट  तक  नियम पालन करे । 

🌑” ग्रस्मयाने भवेत्स्नानं, ग्रस्ते होमो विधीयते । 

      मुच्यमाने भवेद्दानं, मुक्ते स्नानं विधीयते ।।

🚩  ग्रहण ग्रस्मयाने पर व मुक्ति पर  स्नान करना चाहिए । 

       ग्रहण मे ग्रस्त होने पर हवन करना चाहिए । 

       ग्रहण मुक्त होने पर दान करना चाहिए । 

         दान के बाद स्नान करना चाहिए । 

🚩ग्रहण काल मे हमे गुरू मंत्र  इष्ट मंत्र व जो मंत्र हमे सिद्ध करना हो उसका जाप करना चाहिए । 

🚩ग्रहण के मध्य मे  हवन करने का विधान है । शास्त्र नियमो से होम करे । 

🚩ग्रहण काल  हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण  समय होता हे । ग्रहण काल मे  सामूहिक जप तप हवन दान न करते हुए स्वयं का अकेले ही जप तप पाठ हवन दान करना चाहिए । ग्रहण काल के होम जप पाठ  इत्यादि के ब्राह्मण,देव को भी आप नियुक्त करके मार्गदर्शन मे अनुष्ठान कर  सकते हे । 

🚩ग्रहण काल के पूर्ण होने के बाद  स्नान करके नूतन  जनेऊ धारण करके सूर्य अर्घ प्रदान करे ।    मंदिर व  घर की ठाकुर वाडी के देवताओं का स्नान पूजा भोग आरती करे ।  गौ सेवा करे । 

🚩चंद्र  ग्रहण मे गोदावरी तट  पर तीर्थ स्नान जप तप मंत्र सिद्धी दान  पुण्य का महा पुण्य बताया गया है । 

🚩महापर्व का पुण्य लाभ ले । 

🚩पं राजाराम शर्मा 9826057023

Ramswaroop Mantri

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