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नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका मुरैना जिला अस्पताल

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मुरैना

जिला अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जबकि कोरोना की तीसरी लहर आने की बात कही जा रही है। जिला अस्पताल को नए भवन में दो माह पहले ही शिफ्ट किया जाना था, लेकिन अभी तक शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इसके पीछे अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा न होना बताया जा रहा है। यहां बता दें, कि नवीन भवन में सबसे अधिक आईसीयू व बैड हैं। सेन्ट्रलाइलज एसी की सुविधा है। हर पलंग पर ऑक्सीजन की सुविधा है। अगर समय रहते जिला अस्पताल को शिफ्ट कर दिया जाता तो कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी पूरी मान ली जाती। लेकिन ऐसा नहीं हो सका, अभी तक नए भवन का काम पूरा नहीं हो सका है।

मरीज के बंगल में रखा उसका घर से लाया पंखा

मरीज के बंगल में रखा उसका घर से लाया पंखा

बेड की क्षमता से कहीं अधिक मरीज
बता दें कि जिला अस्पताल में जितने बेड हैं, उनके मुकाबले मरीजों की संख्या अधिक है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज आ रहे हैं, उनके लिए पर्याप्त पंखे तक नहीं है। लोग अपने घरों से टेबल फैन लेकर आ रहे हैं और अस्पताल में लगा रहे हैं। अगर नए भवन में अस्पताल शिफ्ट हो गया होता तो यह नौबत नहीं आती।

एक दूसरे मरीज के बगल में रखा उसका स्वयं का पंखा

एक दूसरे मरीज के बगल में रखा उसका स्वयं का पंखा

जमीन पर बैठे रहते अटेण्डर
जिला अस्पताल में मरीज तो पलंग पर लेटा रहता है लेकिन अटेण्डरों के बैठने तक को जगह नहीं है। अटेण्डर मरीज के पलंग के नीचे चादर िबछा कर बैठे रहते हैं। यह स्थिति हर वार्ड में है। एक मरीज के साथ तीन से चार तक अटेण्डर रहते हैं। अटेण्डरों के लिए अस्पताल के बाहर बैंच बनी हुई हैं लेकिन वहां न पंखे की व्यवस्था है न ही कूलर ही। गर्मी व उमस की वजह से अटेण्डर वहां नहीं बैठते। सबसे खास बात यह है कि लगभग 50 अटेण्डरों के लिए जगह है लेकिन अस्पताल में आने वाले अटेण्डरों की संख्या इससे कहीं अधिक है।

जमीन पर बैठे अटेण्डर

जमीन पर बैठे अटेण्डर

लोगों को भर्ती करने के लिए नहीं आईसीयू
अस्पताल के आईसीयू में जितने पलंग है वह लगभग फुल रहते हैं। बल्कि यह स्थित रहती है कि अगर कोई गंभीर मरीज आ जाए तो उसके लिए पलंग पर पहले से मौजूद मरीज को हटाना पड़ जाता है। ऐसे में तीसरी लहर में सैकड़ों की संख्या में मरीज आएंगे, उनके लिए पलंग की व्यवस्था तक नहीं है।
इस संबंध में सिविल सर्जन विनोद गुप्ता का कहना है कि नई इमारत में काम चल रहा है। जैसे ही काम पूरा होगा अस्पताल उसमें शिफ्ट हो जाएगा।

Ramswaroop Mantri

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