इन्दौर। सरवटे टू गंगवाल की आधी अधूरी सडक़ें अब निगम के लिए परेशानियां बढ़ा रही है और इसी के चलते निगम अधिकारियों के साथ महापौर और क्षेत्रीय विधायकों के साथ कल इसका निरीक्षण किया और बाधाएं हटाने के लिए अफसरों से चर्चा की गई। पंढरीनाथ क्षेत्र में नगर निगम का मार्केट भी सडक़ की चपेट में आ रहा है और 80 फीट के दायरे में वहां कई दुकानें साफ होनेे की कगार पर है।
सरवटे टू गंगवाल सडक़ वर्षों से अब तक पूरी तरह बन पाई है। हाथीपाला से चंद्रभागा तक और चंद्रभागा से पंढरीनाथ होते हुए मच्छी बाजार तक सबसे ज्यादा बाधाएं हैं। इन स्थानों पर नगर निगम पहले भी नपती और निशान लगाने की कार्रवाई कर चुका है, मगर कुछ मामलों को लेकर न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया था, जिसके चलते मामला उलझन में पड़ गया था। कल महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, गोलू शुक्ला, निगमायुक्त शिवम वर्मा, एमआईसी मेंबर और कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान गंगवाल बस स्टैंड से सिलावटपुरा मच्छी बाजार होते हुए पंढरीनाथ तक बाधाओं के मामले में अधिकारियों से चर्चा की गई।
अधिकांश रहवासियों ने अपने स्तर पर बाधाएं हटा ली है, लेकिन धर्मस्थलों की बाधाएं बरकरार है, जिन्हें हटाने का काम आने वाले दिनों में शुरू होगा। सडक़ का काम पूरा करने के लिए शासन स्तर पर 9 करोड़ का विशेष पैकेज इसके लिए मिला है। सरवटे टू गंगवाल की सडक़ा काम पूरा होन के बाद ट्रैफिक जाम से न केवल मुक्ति मिलेगी, बल्कि एक नया मार्ग भी वाहन चालकों के लिए तैायर हो जाएगा। महापौर भार्गव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ निर्माण को लेकर अब टाइम टेबल बनाकर काम शुरू किया जाए और अब सेंटर लाइन बनाकर शेष बचे मकानों के बाधकों पर निशान लगाए जाएं। इस सडक़ में पंढरीनाथ क्षेत्र में बना निगम का मार्केट भी बाधा बन रहा है। वहां कई दुकानें बनी है, जो 80 फीट चौड़ाई के मान से सडक़ की चपेट में आ रही है।





