योगेश दीवान
होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम हो जाने के बाद नर्मदा की रेत गॉड पार्टिकल ( भगवत कण ) में बदल जाएगी . फिर रेत का वैध और अवैध उत्खनन ईश्वरी कार्य हो जाएगा . अभी ठेकेदार जिस काम को अपराध मानकर कर रहे थे वे अब उसी कार्य को पूर्ण भक्ति भाव से सम्पन्न करेंगे l उनके ईश्वरीय कार्य को रोकने टोकने से उनकी आस्था को को ठेस पहुंच सकती है . इसलिए कोई उन्हें रोकने टोकने की कोशिश नहीं करेगा l
शिवराज जी के कार्यकाल में में रेत के अंधाधुंध खनन ने मां नर्मदा की छाती को छलनी कर दिया है l नर्मदा तट की रेत के अलावा अब तो जल धारा के मध्य से भी रेत उलीचने के लिए मशीनें लगाई गई हैं l नदी की जलधारण क्षमता में अत्यधिक कमी हो गई है l
नर्मदा की सहायक नदियों की स्थिति इससे भी बदतर है l बारह महीने बहने वाली नदियाँ अब सिर्फ बरसाती नदी बनकर रह गई है l
पुण्यसलिला नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवन रेखा है l नर्मदा की स्थिति यह हो गई है कि अमावस पूर्णिमा में स्नान के लिए ऊपर डेम से पानी छोड़ा जाता है l नर्मदा की इस दुर्दशा के लिए कोई और नहीं सिर्फ भाजपा की शिवराज सिंह सरकार दोषी है क्योंकि पिछले डेढ़ दशक से ज़्यादा समय से प्रदेश में उनका ही राज है l
होशंगाबाद का नाम बदलने से पाप अगर पुण्य में बदल जाये तो अच्छा है l बिना कुछ किए धरे रंग चोखा हो गया l
नाम बदला तो क्या बदला ?





