महंगेभाव भाव पर बीज दिया और अब फसल खरीदने से किया इनकार*
*अधिकारियों की धोखाधड़ी *के खिलाफ किसानों में भारी आक्रोश, दो माह से भटक रहे हैं किसान*
*इंदौर।लहसुन बेचने के लिए मारे मारे फिर रहे किसानों के साथ ठगी करने में सरकारी संस्थान भी पीछे नहीं हैं इंदौर के धरमपुरी स्थित हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की बीज अनुसंधान संस्थान राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास संस्थान जोकि भारत सरकार की एक एजेंसी है ने भी महंगे भाव में किसानोंं को लहसुन बीज दिया और अब उसे खरीदनेेेे से इंकार कर रही है जबकि बीज बेचते वक्त संस्थान के अधिकारियोंं ने विश्वास दिलाया थाा कि आप की उपज को उचित मूल्य पर खरीदा जाएगा*।

संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री और बबलू जाधव ने बताया कि इंदौर संभाग के सैकड़ों किसानों ने हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की इस अनुसंधान संस्थान से उन्नत बीज 10000 से ₹12000 प्रति क्विंटल पर खरीदा और वो आई कि जब फसल पक गई तो उन्होंने डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बार-बार आग्रह किया कि वे उनकी फसल को खरीदें लेकिन अधिकारियों ने अपने वादे को तोड़ते हुए फसल खरीदने से इंकार कर दिया, इससे ठगाए किसान अब भटकने को मजबूर है।
किसान व्यापारियों से तो ठगाते ही हैं लेकिन सरकारी एजेंसी भी ठगने और धोखा देने में पीछे नहीं है। सरकार भले ही कितने ही दावे करें कि वे किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयास कर रहे हैं , लेकिन सरकार के बारे में यह कहावत चरितार्थ हो रही है की हाथी के दांत देखने के दूसरे और खाने के दूसरे । हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें सरकारी बीज अनुसंधान एजेंसी राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास संस्थान धरमपुरी नेे किसानों को ऊंचे मूल्य पर लहसुन का बीज यह कह कर दिया कि आप की फसल हमारा संस्थान खरीदेगा । लेकिन जब फसल तैयार हुई और किसान संस्थान के संचालकों और अधिकारियों से फसल लेने का आग्रह करने गए तो 2 माह टालमटोल करने के बाद फसल लेने से इनकार कर दिया। एसे ही किसान गांव माता बरोड़ी के राजेश मकवाना ,महेश सिसोदिया सहित सैकडों किसान भटक रहे हैं । अधिकारियों का कहना है कि सरकार हमें खरीदने की अनुमति नहीं दे रही है । इस तरह से इस सरकारी संस्थान ने उन किसानों के साथ ठगी की*।
*इंदौर, देवास ,उज्जैन के कई किसानोंं ने संयुक्तत किसान मोर्चा से संपर्क किया और उनके साथ हुई घटना की जानकारी दी । किसानोंं ने संयुक्त किसान मोर्चा को संस्थान से खरीदे गए लहसुन बीच की पावती बिल आदि भी दिए । इस पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बबलू जाधव, रामस्वरूप मंत्री और अन्य ने संस्थान में जाकर जानकारी निकाली तो उनका कहना थाा कि लहसुन बीज हमने बेचा जरूर है ।लेकिन अलग-अलग योजनाओं में बीज बेचा जाता है और जिस योजना में किसानों ने लहसुन बीज खरीदा है उसमें हमने कोई वापसी खरीदी की गारंटी नहीं दी । इस तरह संस्थान के अधिकारियों ने भी किसानों के साथ व्यापारिक रुख अख्तियार करते हुए उनका लहसुन खरीदने से इंकार कर दिया*





