बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर से खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए मंगलवार को तीन ग्रामीणों की बेरहमी से हत्या कर दी, साथ ही 10 लोगों का अपहरण भी करके ले गए। यह वारदात बीजापुर थाना क्षेत्र के पेद्दा कोरमा गांव में हुई। इस दौरान नक्सलियों ने सात ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई भी की और उन्हें अधमरा करके छोड़ गए। घटना की पुष्टि बीजापुर के एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने की है। पुलिस अधिकारी के अनुसार नक्सलियों ने ग्रामीणों को कथित रूप से पुलिस मुखबिरी के शक में निशाना बनाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के पेद्दाकोरमा गांव में हुई इस वारदात में एक छात्र समेत 3 लोगों की नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों के नाम झींगु मोडियम, सोमा मोडियम और अनिल माड़वी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा नक्सलियों ने 7 ग्रामीणों के साथ बेरहमी पूर्वक मारपीट भी की और उनको घायल अवस्था में छोड़ दिया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सली 10 ग्रामीणों को अपने साथ भी ले गए हैं। ऐसी खबर है कि माओवादियों ने आत्मसमर्पित नक्सली के रिश्तेदारों को टार्गेट किया है।
नक्सलियों के हाथों मारे गए तीन में से दो ग्रामीण सरेंडर कर चुके नक्सली नेता दिनेश मोडियम के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। नक्सली नेता वेल्ला और उसकी टीम ने मंगलवार की शाम 4 से 5 बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया। इसके लिए हथियारबंद नक्सली गांव पहुंचे थे। हालांकि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी मृतकों के परिजन शाम साढ़े सात बजे तक पुलिस के पास नहीं पहुंचे थे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नक्सली गतिविधियां क्षेत्र में अभी भी सक्रिय हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। साथ ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। अधिकारी घटनास्थल पर अभी नहीं पहुंचे हैं। पुलिस के पहुंचने के बाद ही मामले से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ पाएगी।
नक्सल ऑपरेशन से बौखलाहट
बता दें कि मार्च 2026 तक बस्तर संभाग से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके बाद से लगातार एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों के जवानों ने इस साल हुई मुठभेड़ में टॉप कैडर के सात नक्सलियों को मार गिराया है। लगातार नक्सलियों के मारे जाने से माओवादी संगठन में बौखलाहट है। नक्सली इसी वजह से आम ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं।





