एस पी मित्तल, अजमेर
पाकिस्तान के मुख्यमंत्री इमरान खान का कहना है कि उनकी पार्टी पीटीआई के 40 सांसदों को अमेरिका ने 25-25 करोड़ रुपए में खरीद लिया है, इसलिए ये सांसद मेरे खिलाफ हो गए हैं। हालांकि सांसदों के बिकने का इमरान के पास कोई सबूत नहीं है और पाकिस्तान की सेना ने भी विदेशी साजिश से इंकार किया है। इमरान के आरोपों के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। इमरान की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर दिया है और डिप्टी स्पीकर के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पाकिस्तान के नागरिकों ने भी विदेशी साजिश के आरोपों को नकार दिया है। इमरान खान के आरोप वैसे ही हैं, जैसे जुलाई 2020 में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के असंतुष्ट नेता सचिन पायलट के समर्थक विधायकों पर 35-35 करोड़ रुपए में बिकने के लगाए थे। पायलट के नेतृत्व में जब कांग्रेस के 18 विधायक दिल्ली चले गए थे, तब गहलोत ने कई बार कहा कि हमारे विधायकों के 35-35 करोड़ रुपए में बिकने की सूचनाएं हैं। तब गहलोत ने पायलट को निकम्मा, धोखेबाज, नकारा तक कहा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं पायलट सहित दिल्ली गए सभी विधायकों पर देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज कर लिया। सरकार गिराने के आरोप में गली कूचों के दो नेताओं को गिरफ्तार भी कर लिया। हालांकि एक माह के बाद पायलट और उनके समर्थक विधायक दिल्ली से लौट आए और गहलोत ने विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित कर दिया। गहलोत ने जिन विधायकों पर 35-35 करोड़ रुपए में बिकने का आरोप लगाया था, उनमें से हेमाराम चौधरी, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा अब गहलोत सरकार में मंत्री हैं। पायलट समर्थक कई विधायकों को अन्य तरीकों से समायोजित किया गया है।
हालांकि जुलाई 2020 की घटना के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच संबंध सामान्य नहीं हुए हैं, लेकिन विधायकों के बिकने के सबूत गहलोत ने आज तक नहीं दिए हैं। देशद्रोह के जिस मुकदमे में विधायकों को नोटिस जारी हुए, वह मुकदमा भी अब ठंडे बस्ते में चला गया है। पाकिस्तान में इन दिनों जो कुछ भी हो रहा हे, वैसा ही राजनीतिक माहौल राजस्थान में 2020 में हो चुका है। फर्क इतना है कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री की लड़ाई है तो राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की। गहलोत ने ऐसे ही मनगढ़ंत आरोपों से अपनी सरकार बचा ली तो पाकिस्तान में इमरान खान ने विपक्ष को सत्ता में आने से रोक रखा है। विदेशी साजिश का आरोप लगाकर इमरान ने फिलहाल संसद को भंग करवा दिया है। जुलाई 2020 के राजस्थान के वीडियो का मिलान पाकिस्तान के ताजा वीडियोज से किया जाए तो अशोक गहलोत और इमरान खान का अंदाज और बॉडी लैंग्वेज एकसी लगेगी।





