भोपाल। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल में प्रदेश की सियासत में नया रंग नजर आ रहा है। भाजपा उन मुद्दों को कानून की शक्ल दे रही है, जिन पर विवाद होते रहे हैं। इसके लिए रणनीतिक तौर पर काम किया जा रहा है। पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता या मंत्री किसी विषय पर बयान देते हैं। फिर उसे लेकर समाज की मंशा जानी जाती है और माहौल अनुकूल बनता देख कानून बना दिया जाता है। शुरुआत हुई लव जिहाद से, जिसको लेकर बयान दिए गए और उस पर कानून भी बन गया। पत्थरबाजी को लेकर भी इसी रणनीति के तहत कानून बनाने की रूपरेखा तैयार है।
अब बारी आदिवासियों को गैर हिंदू कहने वालों पर राजद्रोह का कानून बनाने की है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा इस कार्यकाल में उन मुद्दों को कानूनी शक्ल देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिन पर हमेशा विवाद होते रहे हैं। नाम बदलकर प्यार के नाम पर धोखा देने का विवाद काफी पुराना है। कुछ माह पहले भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने इसे लेकर बयान देकर कानून बनाने की मांग की। फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कानून बनाने पर सहमति दी। माहौल अनुकूल होते ही कानून बनाने की दिशा में तेजी से काम किया गया और शनिवार को यह कानून बन भी गया। पथराव की घटनाएं हमेशा से कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए चुनौती रही है। हाल ही में इसे लेकर कानून बनाने की मांग हुई तो अब कड़े प्रविधान करने की बात कही जा रही है।
आदिवासियों को बहकाने वालों पर भी टेढ़ी नजर
आदिवासी समुदाय के बीच काम करने वालों पर मतांतरण के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में आदिवासी मामलों की मंत्री ने आदिवासियों को गैर हिंदू कहने वालों पर राजद्रोह के तहत कार्रवाई करने का बयान दिया। अब इस पर भी बहस होगी और गलतबयानी करने वालों को कानूनी कठघरे में खड़ा किया जाएगा। ऐसा एक और मामला पाइपलाइन में है। भोपाल में एक स्थान का नाम बदलने को लेकर बयान दिया गया था। मामले ने तूल भी पकड़ा। हालांकि रणनीतिक तौर पर इस पर जोर नहीं दिया गया।
यह अच्छी बात है कि माफियाओं और देशविरोधी गतिविधियां करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। जब लव जिहाद पर चर्चा हुई तो उन्होंने लव जिहाद में हमारी दस साल की सजा की मांग पर भी सहमति दी। मोदी-शाह ने कश्मीर के पत्थर बंद कराए और शिवराज ने मध्य प्रदेश में। – रामेश्वर शर्मा, सामयिक अध्यक्ष, मप्र विधानसभा





