पटना
रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
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रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
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रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
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रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
पटना
रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
पटना
रविवार की देर रात राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात की है। आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। रविवार को नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा की तीसरी मुलाकात थी। नीतीश कुमार से मुलाकात कर लौटते उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो कभी नीतीश कुमार से अलग हुए ही नही थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी। वहीं जेडीयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जेडीयू मजबूत होगी।
NDA में शामिल होगी उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी !
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी रालोसपा का विलय जेडीयू में कर सकते हैं। हालांकि बिहार के राजनीतिक गलियारों में चल रहे हैं ऐसे कयास को रालोसपा नेताओं द्वारा सिरे से खारिज किया जा रहा है। हालांकि आरएलएसपी (RLSP) नेताओं ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने के कयास पर कुछ नहीं कहा। रविवार की देर रात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद कयास यह भी लगाया जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए (NDA) में शामिल हो सकती हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।
लव-कुश समीकरण के तहत जेडीयू कोटे से MLC बनाए जा सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा !
विधानसभा चुनाव 2020 के चुनाव परिणाम से नाखुश नीतीश पार्टी को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं। गौरतलब है कि 2015 में जब वह लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तब जेडीयू को 70 सीटें मिली थी। लेकिन घर वापसी करते हुए जब नीतीश कुमार ने एनडीए में रहते चुनाव लड़ा तो उनकी पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट कर रह गई। यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव – कुश यानी कुर्मी – कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लगें हैं। इसी के तहत नीतीश कुमार ने खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से आने वाले अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 10 जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हार चुके उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी में लव कुश समीकरण के तहत ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर चुके हैं। अब कयास यह लगाया जा रहा है कि जेडीयू एक बार फिर लव – कुश समीकरण के तहत, उपेंद्र कुशवाहा को अपने कोटे से बिहार विधान परिषद भेज सकती है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह भी दे सकते हैं। यानी कुछ दिनों में होने वाले नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्री पद की शपथ लेते हुए नजर आ सकते हैं।





