शशिकांत गुप्ते
प्रायः कहा जाता है कि, सगेसम्बंधियो से ज्यादा नजदीक तो आसपडोस के लोग मतलब पडोसी सहयोगी सिद्ध होतें हैं।
अच्छा पडोसी भाग्यवान लोगों को मिलता है।
एक कहावत यह भी प्रचलित है कि,अधिकांश लोग इसलिए दुःखी रहतें हैं कि,पडोसी सुखी है। यह मनोचिकित्सक का विषय हो सकता है?
इनदिनों अपने देश के पडोसी देश का जिक्र बहुत हो रहा है। नाम तो पाक है, लेकिन आचरण विपरीत है। यह पडौसी छोटी मोटी खुरापात तो करता ही रहता है,लेकिन अब तो हद कर दी,अब यह अपने देश की आबोहवा भी प्रदूषित भी कर रहा है।
इस विषय पर लेखक ने अपने व्यंगकार मित्र सीतारामजी की राय जानना चाही तो सीतारामजी ने इस विषय पर कोई भी किसी भी तरह की चर्चा करने के लिए सीधे मना कर दिया।चर्चा नहीं करने का कारण पूछने पर सीतारामजी कहने लगे मेरे पास मतलब सीतारामजी के पास पासपोर्ट भी नहीं है।
लेखक ने पूछा सिर्फ चर्चा करने के लिए पासपोर्ट का क्या सम्बंध?
सीतारामजी ने कहा इनदिनों देश की बुनियादी समस्याओं से ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा पडोसी देश हो गया है। अपने देश मे राष्ट्रवादियों और आस्थावान लोगों तादाद बढ़ गई है। अपने देश में कहीं भी कमल मुरझाने लगता है तो पडोसी देश में पटाखें जलाएं जातें हैं,ऐसा आरोप लगाया जाता है।कभी अनजाने में भी कोई बात मुँह से निकल जाएं तो सीधे पडोसी देश में भेजने की बात कही जाती है।
पडोसी देश में जाने के लिए पासपोर्ट लगता है?
शायद आपको आंदजा नहीं है,किसान आंदोलन के समय भी किसानों की जायज मांगों पर देश में विचारविमर्श होने बजाए पडोसी देश पर आरोप ज्यादा लगे हैं?
सीतारामजी ने लेखक से वार्तालाभ करते हुए यकायक प्रख्यात व्यंग्यकार स्व. शरद जोशीजी का स्मरण किया। शरद जोशी के एक व्यंग्य को याद करते हुए सीतारामजी ने कहा शरद जोशीजी ने एक व्यंग्य में लिखा है कि ,अपने देश की व्यवस्था यदि पुल नहीं बनाती तो नदियां किसके नीचें से निकलती?
ठीक इसी तरह यदि यह पडोसी देश नहीं होता तो हमारे देश में विरोधियों को कहाँ भेजने की बात होती? पडोसी देश का नाम भलेही पाक हो लेकिन उसके इरादे हमेशा नापाक ही होतें हैं। अभीतक छोटी मोटी बचकानी हरक़त करने से बाज नहीं आ रहा था, अब तो हद कर दी भारत में प्रदूषण फैलाने लग गया है। प्रदूषण भी उस प्रदेश में फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रहा है जहाँ के प्रमुख योगीजी हैं।योगी कौन बनता है?योगी बनने के लिए कितना त्याग करना पड़ता है? पड़ोसी देश क्या जाने?
योगी का मतलब वह व्यक्ति जो आचरण से पाकसाफ होता है। जब से योगीजी ने प्रदेश की कमान संभाली है,कानून व्यवस्था एकदम सख्त कर दी है।योगीजी असामाजिक तत्वों पर लंबे समय तक की कानूनी प्रक्रिया नहीं चंलने देतें हैं। सीधे एनकाउंटर की कार्यवाही करतें हैं?
ऐसे योग्य व्यक्ति के प्रदेश के न्यायविद को प्रदेश में फैल रहे प्रदूषण को लेकर न्यायालय में सीधे पडोसी पर आरोप लगाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है?
योगीजी के प्रदेश के द्वारा दी गई दलील को सुनकर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्यन्यायाधीश को यह कहना पड़ा कि क्या पाकिस्तान के उद्योगों को भी बंद करवा चाहतें हैं?
अब तो पाक को सबक सिखाना हो पड़ेगा।
एक ओर भारत में सफाई अभियान चरम पर है, दूसरी ओर पडोसी देश द्वारा प्रदूषण फैलाना गम्भीर समस्या है?
सीतारामजी ने बहुत ही विनम्रतापूर्वक लेखक को सलाह दी कि इनदिनों किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के पूर्व बहुत ही गम्भीरता से सोच समझकर ही चर्चा करनी चाहिए।यदि पासपोर्ट बना हुआ भी तो तब भी,महामारी का दौरे चल रहा है। यह ध्यान में रखना चाहिए।
महामारी की जांच नाक में प्लास्टिक की तीली डाल कर ही की जाती है।
ध्यान में रखना बहुत गम्भीर बात है,नाक सवाल है?
शशिकांत गुप्ते इंदौर





