VRS की नोटिस में सेंचुरी ने लिखा था कि सेंचुरी कंपनी, मनजीत ग्लोबल को बेच दी गई है और उसमें सेंचुरी के किसी भी श्रमिक और कर्मचारी को नहीं रखा जाएगा, लेकिन सेंचुरी कम्पनी ने जिन श्रमिकों को 2017 में फर्जी घोषित करके कम्पनी से निकाल दिया था। आज उन्ही श्रमिको को फोन करके काम करने के लिए बुलाया जा रहा है । ऐसा सुनने में आ रहा है कि सेंचुरी कम्पनी को चेतन अग्रवाल और मनजीत दोनों साथ मिलकर खरीद रहे है, लेकिन रजिस्ट्री में तो केवल मनजीत के ही नाम है। वर्तमान में जो अधिकारी और कर्मचारी VRS ले चुके हैं उनमें से कई कर्मचारी और अधिकारी स्टाफ कॉलोनी के क्वार्टर में आज भी मौजूद हैं। जिन मजदूरों ने VRS नहीं लिया है, उनके खाते में जबरन पैसा डालते समय दो लाख रुपए से ऊपर की राशि सेंचुरी कंपनी ने यह बोलते हुए अपने पास रखा है कि जब क्वार्टर खाली होगा उस समय वह राशि वापस की जाएगी, लेकिन उसके बावजूद भी कई श्रमिकों को श्रमिक कॉलोनी के अंदर जाने से वंचित कर दिया गया है।
सेंचुरी और मनजीत के संयुक्त गुंडों ने कंपनी के बाउंड्री पर लगे झंडे और बैनर को लूट कर ले गए। एसडीएम महोदय ने उन झंडे और बैनर को वापस कराने का आश्वासन दिया है।नर्मदा बचाओ आंदोलन के आंदोलनकारी पन्नालाल जी पाटीदार द्वारा आंदोलन स्थल पर श्रमिकों का हौसला बुलंद किया गया। उन्होंने बताया कि नर्मदा से सेंचुरी की लड़ाई एक है आज जो मजदूर है, वे किसान के ही बेटे है।
संजय चौहान, सत्येंद्र यादव, नवीन मिश्रा, राजेश खेते9098662253





