भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है. भागीरथपुरा की चाय की दुकानों पर बोतलबंद पानी का इस्तेमाल इस बात का साफ संकेत है कि जल आपूर्ति व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा डगमगा चुका है.
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के संकट के बाद अब लोगों का नलों और टैंकर के पानी से भरोसा पूरी तरह उठ गया है. हालात ऐसे हैं कि आम नागरिकों के साथ-साथ अब चाय की दुकानों पर भी बोतल बंद पानी का इस्तेमाल शुरू हो गया है और वहीं मिनरल वॉटर की डिमांड भी काफी बढ़ गई हैं. एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि जितना एक महीने में मिनरल वॉटर बिकता था, अभी एक हफ्ते में ही बिक गया. स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, पानी की बोतलों की बिक्री में अचानक भारी इजाफा हुआ है. पहले एक दुकान पर जहां रोजाना महज दो पेटी पानी की बोतलें बिकती थीं, अब वही संख्या बढ़कर 10 पेटी तक पहुंच गई है. लोग न सिर्फ पीने के लिए बल्कि चाय और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए भी बोतलबंद पानी का ही उपयोग कर रहे हैं.
दूषित पानी से बीमारियों और मौतों की खबरों के बाद क्षेत्रवासियों में डर का माहौल है. रहवासी साफ तौर पर कह रहे हैं कि उन्हें अब सप्लाई किए जा रहे पानी की शुद्धता पर भरोसा नहीं रहा. भागीरथपुरा की चाय की दुकानों पर बोतलबंद पानी का उपयोग इस बात का साफ संकेत है कि जल आपूर्ति व्यवस्था पर लोगों का विश्वास डगमगा चुका है. वहीं लोग प्रशासन से स्थायी और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.
घटना के बाद लगवा रहे आरओ सिस्टम
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत होने के मामले में अब इलाके के लोगों में पीने के पानी को लेकर डर बना हुआ है. लोग पीने के पानी के लिए अब घर में आरओ सिस्टम लगवा रहे हैं. न्यूज 18 की टीम ऐसे ही इलाके में एक घर पर पहुंची, जहां पर एक मध्यमवर्गीय परिवार ने भी घटना के बाद आरो सिस्टम लगवाया है. परिवार की एक महिला को पहले से बीमारियां हैं. ऐसे में अब परिवार डरा हुआ है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनके घर में भी कोई बीमार न पड़ जाए, इसलिए मदद लेकर घर में आरओ सिस्टम लगवाए जा रहे हैं.
पूरी तरह मुफ्त नहीं इलाज
बताते चलें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से उल्टी-दस्त, इंफेक्शन और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं. हालात इतने खराब हैं कि कुछ बुजुर्गों की किडनी तक फेल हो चुकी है. उनके लिए सबसे बड़ी फिक्र की बात यह है कि इलाज भी पूरी तरह मुफ्त नहीं है. गरीब परिवारों को अस्पताल, दवाइयों और जांच के लिए भारी खर्च उठाना पड़ रहा है. मजबूरी में लोग अपने घरों में आरओ सिस्टम लगवा रहे हैं. कोई इसके लिए ज्वेलरी गिरवी रख रहा है, तो कोई ब्याज पर पैसे ले रहा है. स्वच्छ जल अब भागीरथपुरा के लोगों के लिए सबसे महंगी जरूरत बन चुका है.





