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*नीरजकांत की जगह सुशांत पर लगा दिया एनएसए,बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी एसीएस होम को*

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भोपाल। करे कोई और भरे कोई की तर्ज पर मप्र में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिससे सरकार की फजीहत हुई है। दरअसल, शहडोल में जिला प्रशासन की गलती के कारण हाईकोर्ट में सरकार का फटकार सुननी पड़ी और हाईकोर्ट में गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस)को बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।
दरअसल, नीरजकांत द्विवेदी के नाम पर की गई सिफारिश के बाद सुशांत बैस को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत हिरासत में लेने के मामले पर गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरीशिवशेखर शुक्ला ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर बिना शर्त माफी मांगी है। उनका कहना है कि यह पूरी गलती शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के लिपिक द्वारा टाइपिंग के दौरान हुई है और इसके लिए उसे नोटिस भी जारी किया गया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने एसीएस द्वारा दिए गए 7 पन्नों के हलफनामे का अवलोकन करने याचिकाकर्ता के वकील को समय देकर सुनवाई एक सप्ताह बाद करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, यह मामला शहडोल जिले की ब्यौहारी तहसील के ग्राम समन में रहने वाले हीरामणि बैस ने दायर करके अपने पुत्र सुशांत को एनएसए के तहत हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ब्रम्हेन्द्र प्रसाद पाठक ने बेंच को बताया था कि शहडोल पुलिस अधीक्षक ने नीरजकांत द्विवेदी पर एनएसए लगाने की सिफारिश की थी, जबकि कलेक्टर ने सुशांत बैस के नाम पर आदेश जारी कर दिया। इस बयान पर कोर्ट ने शहडोल कलेक्टर और एसपी को तलब किया था। 24 सितंबर को हुई सुनवाई में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और एसपी रामजी श्रीवास्तव का पक्ष सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने सुशांत बैस को अवैध हिरासत में रखने पर एसीएस को शपथ पत्र पेश करने कहा था।

Ramswaroop Mantri

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