नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली में करारी हार के दो दिन बाद, पार्टी के पूर्व नेता आशुतोष ने कहा कि पार्टी बहुत पहले ही खत्म हो चुकी थी। 8 फरवरी को बस नतीजे दिखाई दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को पंजाब में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, क्योंकि उसने क्रांति की नैतिकता खो दी है। आशुतोष कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बुरी तरह हार हुई है। AAP को 22 सीटें मिली हैं। वहीं 48 सीटों के साथ बीजेपी ने शानदार सीट हासिल की है।AAP के पूर्व नेता आशुतोष ने दिल्ली में पार्टी की हार के बाद कहा कि पार्टी बहुत पहले ही खत्म हो चुकी थी। उन्होंने AAP पर चार्टर्ड फ़्लाइट और Z+ सिक्योरिटी जैसी सुविधाओं का उपयोग करके नैतिकता खोने का आरोप लगाया। अगले चुनावों में पंजाब में अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती पर जोर दिया।

आशुतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आम आदमी पार्टी तो उसी दिन खत्म हो गई थी जिस दिन इस पार्टी के लोग चार्टर्ड फ़्लाइट से चलने लगे, Presidential suite में रहने लगे, अपने लिए शीश महल बनाने लगे, Z+ security लेने लगे, चुनाव लड़ने के लिये कहने लगे कि हरियाणा ने पानी में जहर मिला दिया Genocide के लिए, पत्रकारों को धमकाने लगे और मोदी की नकल पर Planted interviews करने लगे। 8 तारीख को तो बस नतीजा निकला है।’
आशुतोष ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन बीजेपी के हर्षवर्धन से हार गए। उन्होंने 2018 में निजी कारणों का हवाला देते हुए AAP छोड़ दी। आशुतोष ने कहा कि ‘AAP को हार का सामना करना पड़ा क्योंकि उसने अपनी नैतिकता खो दी।’ उन्होंने कहा ‘AAP चुनाव लड़ने वाली पार्टी बन गई। यह कुर्सी से चिपक गई। AAP की पूंजी उसकी नैतिकता थी। जब वह खो गई, तो सरकार भी खो गई। पंजाब को बचाना भी मुश्किल होगा।’