भोपालः जहां एक ओर शिक्षा को समाज में जागरूकता और विकास का माध्यम माना जाता है. वहीं, दूसरी ओर कुछ जगहों पर यह विवाद और डर का कारण बनती जा रही है. हम बात कर रहे हैं एक ऐसे कॉलेज की जिसे तत्कालीन शिक्षा मंत्री रहे उमाशंकर गुप्ता ने एक हफ्ते में शिफ्ट करने का आदेश दे दिया था और कॉलेज को एक हफ्ते में शिफ्ट भी कर दिया गया. दरअसल, उन तक लगातार अलग-अलग माध्यम से हिंदू बेटियों के साथ धर्मांतरण और लव जिहाद शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद मंत्री जी ने कॉलेज को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला लिया.
महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय जिसे(MLB) नाम से जाना जाता है. पुराना भोपाल के गिन्नौरी पर था और कैंपस तक पहुंचने के लिए एक ही रास्ता था जहां से लड़कियों को होकर गुजरना पड़ता है. ये इलाका 90 % मुस्लिम बाहुल्य इलाका है. तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा और वरिष्ठ एडवोकेट देवेन्द्र रावत का दावा है कि यहां पढ़ने वाली छात्राओं को दूसरे समुदाय के युवक बहला फुसलाकर धीरे-धीरे धर्मांतरण की ओर उकसाते थे. तकरीबन 400 से ज्यादा हिंदू बेटियां शिकार हुई थीं.
शिफ्ट करना पड़ा था कॉलेज
मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की सरकार में शिक्षा मंत्री और पूर्व विधायक उमाशंकर गुप्ता उस समय को याद करते हुए कहते हैं कि उस समय कुछ ऐसी परिस्थियां बनीं की हम दिया कॉलेज गिन्नौरी और MLB कॉलेज को प्रोफेसर कॉलोनी में शिफ्ट करना पड़ा. कई छात्राओं को कैंपस तक पहुंचने में समस्या आ रही थी, कई समाजसेवियों ने मिलकर बात रखी थी जिस पर अधिकारियों से चर्चा करके फैसला लिया गया.
लव जिहाद करने वालों को सबक सिखाने का दौर
अब कॉलेज को शहर के बीचों-बीच प्रोफेसर कॉलोनी स्थित इलाके में शिफ्ट कर दिया गया. युवा नेता भक्ति शर्मा का कहना है पहले का दौर अलग था अभी के समय में अब कॉलेज शिफ्ट नहीं किया जाएगा, बल्कि जो लोग इस तरह की मानसिकता रखते हैं उन्हें सबक सिखाया जाएगा. साल 2004-05 की घटना उस समय को याद कर सिरहन पैदा कर देती है, लेकिन अभी मासूम बच्चियां और उनके अभिभावक निश्चिंत होकर उनके भविष्य को देख पा रहे हैं.




