केंद्र सरकार की ओर से पिछले गुरुवार को देशभर में जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमें मध्यप्रदेश में केवल भोपाल में ट्रिब्यूनल गठित करने के आदेश दिए गए। ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर को इससे अछूता रखा गया। ग्वालियर और इंदौर के कई कर सलाहकारों के संगठनों ने जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन करने की मांग उठाई थी, बावजूद इसके सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके चलते शहर के करदाताओं के साथ कर सलाहकारों के समूह में असंतोष है।

ये होंगे फायदे
-व्यापारी और प्रोफेशनल्स को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी।
-ग्वालियर चंबल अंचल में बड़े स्तर के व्यापारियों व औद्योगिक इकाइयों को सुगमता प्राप्त होगी।
इंदौर में टीपीए ने दायर की याचिका
इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल स्थापित नहीं करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (टीपीए) ने बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ट्रिब्यूनल कोर्ट इंदौर में खोलने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि जब 18 दिसंबर 2019 को जीएसटी काउंसिल की बैठक में तय कर दिया गया था, इसके बावजूद इंदौर के लिए नोटिफिकेशन नहीं करना न्यायोचित नहीं है।
31 ट्रिब्यूनल का गठन किया गया
वित्त मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए देश में 31 ट्रिब्यूनल के गठन को नोटिफाई किया है। इसमें कई राज्यों में एक से अधिक जीएसटी ट्रिब्यूनल गठित किए गए हैं। जैसे राजस्थान में दो, उत्तरप्रदेश में तीन और महाराष्ट्र में पांच ट्रिब्यूनल रहेंगे। ट्रिब्यूनल का गठन होने के बाद करदाताओं को उनके विरुद्ध पारित किए गए आदेश को चुनौती देने के लिए प्रथम अपील के बाद द्वितीय अपील दायर करने का एक सरल एवं सुगम स्थान उपलब्ध हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भी सहमति दी थी
टैक्स बार एसोसिएशन ग्वालियर के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य की राजधानी में जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है, लेकिन कई राज्यों में एक से अधिक बेंचों का गठन किया गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में जीएसटी ट्रिब्यूनल की बेंच का गठन ग्वालियर में न करते हुए भेदभाव किया गया है। 1956 में जब मध्यप्रदेश का गठन हुआ था तब सैद्धांतिक सहमति बनी थी कि राजधानी भोपाल होगी, हाईकोर्ट जबलपुर रहेगा और रेवेन्यू का मुख्यालय ग्वालियर रहेगा। पूर्व में सेल्स टैक्स की अपीलों की सुनवाई रेवेन्यू बोर्ड में ग्वालियर में ही होती थीं। बाद में मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड बनने के बाद अपीलों की सुनवाई भोपाल में होने लगी और ग्वालियर में कैंप लगने लगा। ग्वालियर टैक्स बार की ओर से पूर्व में भी कई बार पत्राचार किया गया कि जब रेवेन्यू बोर्ड ग्वालियर में है, तो मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर अपील बोर्ड भी ग्वालियर में ही होना चाहिए। इसके लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया को भी पत्र लिखा गया था, इस पर ङ्क्षसधिया ने जीएसटी ट्रिब्यूनल ग्वालियर के लिए सहमति भी व्यक्त की थी।
ग्वालियर में भी स्थापित हो ट्रिब्यूनल
ग्वालियर-चंबल अंचल के दृष्टिकोण से ग्वालियर महानगर में भी अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की जानी चाहिए। अंचल के व्यापारियों के लिए इससे बहुत सरलता हो जाएगी। ट्रिब्यूनल में जाने के लिए अंचल के व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को लंबी दूरी तय करके भोपाल तक जाना होगा, जिससे कठिनाई आएगी। मध्यप्रदेश में भी 1 से अधिक अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाया जाना चाहिए।
पंकज शर्मा, सचिव, दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ग्वालियर ब्रांच





